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छत्तीसगढ़

रायपुर : हरेली तिहार पर मुख्यमंत्री निवास में साकार हुई छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, कृषि परंपरा और ग्रामीण जीवन की जीवंत झांकी

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कृषि औजारों और गौवंश की पूजा कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, अच्छी वर्षा और भरपूर फसल की कामना की

हरेली प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, पशुधन के सम्मान और खेती-किसानी के गौरव का पर्व – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

पारंपरिक वेशभूषा में पिंक ऑटो से कार्यक्रम स्थल पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह

पौधरोपण से दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने लगाया पारिजात का पौधा

लोकगीत-लोकनृत्य, गेड़ी-बिल्लस जैसे पारंपरिक खेल और छत्तीसगढ़ी व्यंजनों से मुख्यमंत्री निवास में उतरा गांव का रंग

ड्रोन दीदी से किया संवाद: किसान को हार्वेस्टर सब्सिडी का 16 लाख रुपए का चेक सौंपा

हरेली तिहार पर मुख्यमंत्री निवास में साकार हुई छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, कृषि परंपरा और ग्रामीण जीवन की जीवंत झांकी
हरेली तिहार पर मुख्यमंत्री निवास में साकार हुई छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, कृषि परंपरा और ग्रामीण जीवन की जीवंत झांकी
हरेली तिहार पर मुख्यमंत्री निवास में साकार हुई छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, कृषि परंपरा और ग्रामीण जीवन की जीवंत झांकी
हरेली तिहार पर मुख्यमंत्री निवास में साकार हुई छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, कृषि परंपरा और ग्रामीण जीवन की जीवंत झांकी
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
हरेली तिहार पर मुख्यमंत्री निवास में साकार हुई छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, कृषि परंपरा और ग्रामीण जीवन की जीवंत झांकी
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हरेली तिहार पर मुख्यमंत्री निवास में साकार हुई छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, कृषि परंपरा और ग्रामीण जीवन की जीवंत झांकी

रायपुर। छत्तीसगढ़ की मिट्टी की सोंधी महक, खेत-खलिहानों की परंपराएं, लोकगीतों की स्वर लहरियां, मांदर की थाप, गेड़ी का उल्लास और पारंपरिक व्यंजनों की खुशबू – प्रदेश के प्रथम लोक पर्व हरेली तिहार पर आज नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति और ग्रामीण जीवन की जीवंत झांकी में बदल गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधि-विधान से भगवान शिव, गौमाता और कृषि औजारों की पूजा-अर्चना कर प्रदेश में अच्छी वर्षा, भरपूर फसल, किसानों की समृद्धि और सभी परिवारों की सुख-खुशहाली की कामना की। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सहित मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि, विभिन्न निगम-मंडल एवं आयोगों के पदाधिकारी, किसान और बड़ी संख्या में नागरिक इस उत्सव के साक्षी बने।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों, विशेषकर किसान भाई-बहनों को हरेली तिहार की गाड़ा-गाड़ा बधाई देते हुए कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति, प्रकृति और ग्रामीण जीवन के बीच आत्मीय रिश्ते का उत्सव है। यह पर्व हमें अपनी धरती, पशुधन, कृषि उपकरणों और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर देता है। छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है और प्रदेश की बड़ी आबादी की आजीविका खेती-किसानी से जुड़ी है। किसान की समृद्धि ही गांव और प्रदेश की खुशहाली का मजबूत आधार है।

पारंपरिक वेशभूषा में पिंक ऑटो से पहुंचे मुख्यमंत्री

हरेली के उत्सव में मुख्यमंत्री श्री साय पूरी तरह छत्तीसगढ़ी रंग में रंगे नजर आए। पारंपरिक वेशभूषा धारण कर वे विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के साथ महिला ऑटो चालक श्रीमती संगीता यादव के पिंक ऑटो में मुख्यमंत्री निवास परिसर से कार्यक्रम स्थल पहुंचे। इस अनूठे अंदाज ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया और उत्सव के माहौल में आत्मीयता का रंग घोल दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत गौरी-गणेश एवं नवग्रह पूजन के साथ हुई। मुख्यमंत्री ने मंत्रोच्चार के बीच शिवलिंग का अभिषेक किया और नांगर, रापा, कुदाल, फावड़ा सहित खेती-किसानी में उपयोग आने वाले कृषि औजारों की विधि-विधान से पूजा की। इसके बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा को नमन किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हरेली के समय तक खेती के अनेक प्रमुख कार्य पूरे हो चुके होते हैं और किसान प्रकृति एवं अपने कृषि साधनों की पूजा कर अच्छे कृषि वर्ष की कामना करते हैं। यह परंपरा हमारे पुरखों की प्रकृति के प्रति गहरी समझ और सम्मान को दर्शाती है।

गौमाता को खिलाई पारंपरिक लोंदी, पशुधन संरक्षण का दिया संदेश

मुख्यमंत्री श्री साय ने मुख्यमंत्री निवास परिसर में निर्मित गौशाला पहुंचकर गौमाता की आरती और पूजा-अर्चना की। उन्होंने गाय और बछड़े को हरा चारा, चना-गुड़ तथा पारंपरिक ‘लोंदी’ खिलाई। हरेली पर पशुधन को लोंदी खिलाने की लोक परंपरा पशुओं के बेहतर स्वास्थ्य और रोगों से बचाव की कामना से जुड़ी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण जीवन में पशुधन परिवार और कृषि व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा है। हमारी लोक संस्कृति हमें पशुओं के प्रति संवेदनशीलता, सम्मान और संरक्षण की सीख देती है। आधुनिकता के साथ अपनी ऐसी उपयोगी और प्रकृति-सम्मत परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी हमारी जिम्मेदारी है।

किसानों की समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है सरकार

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार ने अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में शुरू हुए किसान क्रेडिट कार्ड ने किसानों को खेती के लिए सहज रूप से पूंजी उपलब्ध कराने का रास्ता खोला। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने सहकारी कृषि ऋण की ब्याज दरों को चरणबद्ध ढंग से कम करते हुए अंततः शून्य प्रतिशत तक पहुंचाया। आज किसानों को सहकारी बैंकों से शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण उपलब्ध हो रहा है।

उन्होंने कहा कि फसल बीमा को सरल बनाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक कृषि तकनीक को किसानों तक पहुंचाने की दिशा में भी निरंतर काम किया जा रहा है। राज्य सरकार किसानों से 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीद रही है। इससे प्रदेश के लाखों किसान परिवारों को सीधा लाभ मिल रहा है।

पारिजात का पौधा लगाकर दिया हरियाली बढ़ाने का संदेश

हरेली के प्रकृति संरक्षण के संदेश को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने मुख्यमंत्री निवास परिसर में पारिजात का पौधा लगाया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भी पारिजात का पौधा रोपा। मंत्रीगण तथा विभिन्न निगम-मंडल और आयोगों के पदाधिकारियों ने भी विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हरेली हमें प्रकृति से केवल लेने की नहीं, उसे सहेजने और लौटाने की भी सीख देती है। पौधरोपण के साथ पौधों का संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। अधिक से अधिक पौधे लगाकर और उन्हें वृक्ष बनने तक सहेजकर आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित और सुरक्षित भविष्य तैयार किया जा सकता है।

आधुनिक कृषि तकनीक से रू-ब-रू हुए मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम में लगाए गए कृषि एवं अन्य विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया। कृषि अभियांत्रिकी विभाग के स्टॉल पर उन्होंने आधुनिक कृषि यंत्रों की उपयोगिता और विशेषताओं की जानकारी ली। 

मुख्यमंत्री ने रायपुर के किसान इंद्र कुमार वर्मा को हार्वेस्टर पर मिलने वाली सब्सिडी के रूप में 16 लाख रुपए का चेक प्रदान किया। उन्होंने कहा कि खेती में आधुनिक तकनीक और यंत्रीकरण से किसानों की लागत और श्रम कम करने के साथ उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिल रही है।

ड्रोन दीदी चंद्रकली की सफलता को मुख्यमंत्री ने सराहा

कृषि विभाग के स्टॉल पर मुख्यमंत्री ने ड्रोन दीदी श्रीमती चंद्रकली वर्मा से आत्मीय संवाद किया। श्रीमती वर्मा ने बताया कि वे ड्रोन के माध्यम से खेतों में नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और कीटनाशकों का छिड़काव करती हैं तथा प्रति एकड़ 300 रुपए पारिश्रमिक प्राप्त करती हैं। वे अब तक ढाई हजार एकड़ से अधिक क्षेत्र में ड्रोन से छिड़काव कर चुकी हैं और पिछले दो वर्षों में लगभग 7 लाख रुपए की आय अर्जित की है।

मुख्यमंत्री ने उनकी उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि कृषि में तकनीक का उपयोग महिलाओं के लिए भी आय और आत्मनिर्भरता के नए अवसर पैदा कर रहा है। ड्रोन दीदियां आधुनिक कृषि और महिला सशक्तीकरण की एक प्रेरक कड़ी बन रही हैं।

नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के स्टॉल पर मुख्यमंत्री ने किसानों को अरहर और उड़द दाल के मिनी किट वितरित किए। उन्होंने कृषि मित्रों द्वारा तैयार ब्रह्मास्त्र, नीमास्त्र और मधुमक्खी के मोम से बने लिप बाम जैसे उत्पादों के बारे में जानकारी ली। उद्यानिकी विभाग के स्टॉल पर किसान रामविशाल निषाद ने मुख्यमंत्री को नीम का पौधा भेंट किया।

गेड़ी, बिल्लस, गोटी और बाटी ने ताजा की गांव की यादें

मुख्यमंत्री निवास को हरेली के अनुरूप नीम और आम के पत्तों, गेंदे के फूलों और पारंपरिक ग्रामीण अलंकरण से सजाया गया था। परिसर में कदम रखते ही छत्तीसगढ़ के गांवों और मेलों जैसा वातावरण महसूस हो रहा था। हरियाली और लोक सज्जा के बीच गेड़ी, बिल्लस, गोटी और बाटी जैसे पारंपरिक खेल विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।

गेड़ी पर चढ़े कलाकारों और प्रतिभागियों ने हरेली की पहचान को जीवंत किया, वहीं ग्रामीण खेलों ने बच्चों और युवाओं को अपनी परंपरागत खेल संस्कृति से परिचित कराया। रहचुली ने भी लोगों को खूब आकर्षित किया और पूरे आयोजन में गांव के मेले जैसा आनंद घोल दिया।

लोकधुनों पर कलाकारों के साथ झूमे मुख्यमंत्री श्री साय

मांदर, ढोलक और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप के बीच लोक कलाकारों ने छत्तीसगढ़ी गीत और नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। हरेली के उल्लास में मुख्यमंत्री श्री साय भी कलाकारों के बीच पहुंचे और उनके साथ पारंपरिक लोकधुनों पर झूमे। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर कलाकारों का उत्साह दोगुना हो गया।

ठेठरी, खुरमी, बड़ा सहित विभिन्न छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के स्टॉलों ने आयोजन में पारंपरिक खानपान का रंग भरा। मुख्यमंत्री ने स्टॉलों का अवलोकन करते हुए नागरिकों और कलाकारों से संवाद किया तथा हरेली की खुशियां साझा कीं।

किसान की खुशहाली से ही छत्तीसगढ़ की समृद्धि : डॉ. रमन सिंह

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की कृषि परंपरा, संस्कृति और प्रकृति से जुड़ा महत्वपूर्ण लोक पर्व है। कृषि औजारों, गौमाता और प्रकृति की पूजा हमारी कृतज्ञता की संस्कृति को अभिव्यक्त करती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर काम किया जा रहा है। किसानों को 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान का मूल्य मिल रहा है और महतारी वंदन योजना से माताओं-बहनों को आर्थिक संबल प्राप्त हो रहा है। किसान का घर खुशहाल और गांव मजबूत होगा, तभी छत्तीसगढ़ की समृद्धि का मार्ग और प्रशस्त होगा।

किसान समृद्ध होगा तो प्रदेश और देश समृद्ध होंगे : कृषि मंत्री

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की खेती-किसानी, हरियाली और प्रकृति के प्रति आस्था का महापर्व है। हमारी संस्कृति प्रकृति के संरक्षण, पशुधन के सम्मान और अन्नदाता के श्रम के प्रति आदर का संदेश देती है। हरेली अपनी परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और खेती को अधिक समृद्ध बनाने का संकल्प लेने का अवसर है। किसान समृद्ध होगा तो प्रदेश और देश दोनों समृद्ध होंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की लोक अस्मिता और हमारी जड़ों का उत्सव है। आधुनिक विकास की तेज यात्रा के बीच अपनी संस्कृति, परंपरागत ज्ञान, ग्रामीण खेल, लोककला और खानपान को सहेजकर रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बाबा भोलेनाथ, गौमाता और प्रकृति से प्रदेश पर कृपा बनाए रखने की प्रार्थना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के खेत लहलहाएं, किसानों के घर खुशहाली आए और प्रदेश निरंतर समृद्धि के पथ पर आगे बढ़े।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायकगण, विभिन्न निगम-मंडल एवं आयोगों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी, प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए किसान तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़

वनमंत्री की पत्नी को 20-करोड़ का प्लॉट देने का आरोप:कांग्रेस बोली- कम कीमत की जमीन देकर प्रीमियम लैंड लिया, स्कीम निरस्त की जाए

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रायपुर, एजेंसी। रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) की लाभांडी-कचना-सड्डू नगर विकास योजना में प्रस्तावित जमीन आवंटन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्राधिकरण की वेबसाइट पर प्लॉट्स की जानकारी अपलोड होने के बाद कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने कचना की जमीन के बदले मंत्री केदार कश्यप की पत्नी की कंपनी को सड्डू में करीब 23 हजार वर्गफीट का प्लॉट दिए जाने का आरोप लगाया है।

उनके मुताबिक प्लॉट की कीमत करीब 20 करोड़ रुपए बताई गई है। उन्होंने आवंटन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मुख्य सचिव से इसकी जांच कराने और योजना को निरस्त करने की मांग की है। वहीं, RDA अधिकारियों का कहना है कि अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है और दावा-आपत्ति आने पर मामले की जांच कराई जाएगी।

कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने आरडीए योजना में भूखंडों के प्रस्तावित आवंटन पर सवाल खड़े किए हैं।

कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने आरडीए योजना में भूखंडों के प्रस्तावित आवंटन पर सवाल खड़े किए हैं।

कचना की जमीन के बदले सड्डू में प्लॉट देने का दावा

कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता का आरोप है कि डॉक्यूमेंट के अनुसार साय कैबिनेट के मंत्री केदार कश्यप की पत्नी शांति कश्यप की कंपनी राधिका पैलेस प्राइवेट लिमिटेड को सड्डू में प्लॉट नंबर 25 दिया जा रहा है। यह प्लॉट 2,168 वर्गमीटर यानी करीब 23,327 वर्गफीट का है।

डॉ. गुप्ता के मुताबिक, यह प्लॉट प्रस्तावित 150 फीट चौड़ी एमआर-43 सड़क के पास है। उन्होंने अनुमान लगाया है कि भविष्य में यहां जमीन की कीमत करीब 10 हजार रुपए प्रति वर्गफीट हो सकती है। इस हिसाब से उन्होंने प्लॉट की कीमत करीब 20 करोड़ रुपए बताई है।

कांग्रेस नेता का दावा है कि कंपनी के पास कचना के नालापारा इलाके में करीब 1.33 एकड़ जमीन है। उनके मुताबिक, इस जमीन तक पहुंचने के लिए संकरी सड़क है। इसलिए इसकी बाजार कीमत कुछ लाख रुपए ही थी।

डॉ. गुप्ता का आरोप है कि नगर विकास योजना में कचना की इस जमीन को शामिल करने के बाद कंपनी को इसके बदले सड्डू में अलग प्लॉट दिया जा रहा है।

कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने आरडीए योजना में भूखंडों के प्रस्तावित आवंटन पर सवाल खड़े किए हैं।

कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने आरडीए योजना में भूखंडों के प्रस्तावित आवंटन पर सवाल खड़े किए हैं।

एक किलोमीटर दूर प्लॉट मिलने पर उठाए सवाल

डॉ. राकेश गुप्ता ने छत्तीसगढ़ नगर और ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 50 का हवाला दिया है। उनका कहना है कि नियम के मुताबिक नया भूखंड मूल जमीन या उसके आसपास के इलाके में दिया जाना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी की कचना वाली जमीन के बदले सड्डू में प्लॉट दिया जा रहा है, जो मूल जमीन से करीब एक किलोमीटर दूर है।

कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने भू-आवंटन को लेकर उठाए सवाल।

कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने भू-आवंटन को लेकर उठाए सवाल।

प्रमुख सड़क से हटाकर अंदरूनी प्लॉट देने का आरोप

डॉ. राकेश गुप्ता ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ अन्य भू-स्वामियों को एमआर-43 जैसी प्रमुख सड़क पर मिलने वाले भूखंडों के बजाय योजना के अंदरूनी हिस्सों में जमीन दी गई। उन्होंने पूरे भूखंड आवंटन की प्रक्रिया की जांच की मांग की है।

इन आरोपों पर मंत्री केदार कश्यप की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, RDA अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अभी तक इस मामले में कोई शिकायत नहीं मिली है। अधिकारियों का कहना है कि दावा आपत्ति आने पर मामले में जांच कराई जाएगी।

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कोरबा

छत्तीसगढ़ में 125 अफसरों का ट्रांसफर:अपर-डिप्टी और संयुक्त कलेक्टर भी बदले, पुलक भट्टाचार्य को सूडा के अतिरिक्त CEO का प्रभार

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य प्रशासनिक सेवा के 125 अधिकारियों का तबादला किया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार को तबादला आदेश जारी किया। अधिकारियों को प्रशासनिक आधार पर नई पदस्थापना दी गई है।

तबादला सूची में अपर कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर और प्रवर श्रेणी के अधिकारी शामिल हैं। कई जिलों के संयुक्त कलेक्टर भी बदले गए हैं। जिलों से लेकर मंत्रालय स्तर तक अधिकारियों का फेरबदल किया गया है।

पुलक भट्टाचार्य को सूडा के अतिरिक्त CEO का प्रभार दिया गया है।

पुलक भट्टाचार्य को सूडा के अतिरिक्त CEO का प्रभार दिया गया है।

पुलक भट्टाचार्य को सूडा के अतिरिक्त CEO का प्रभार

पुलक भट्टाचार्य सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव के पद पर पदस्थ हैं। वे पीएमओटी मिशन कर्मयोगी के समन्वयक और नगरीय प्रशासन-विकास संचालनालय में अपर संचालक के अतिरिक्त प्रभार में हैं।

आदेश के अनुसार, वर्तमान दायित्वों के साथ उन्हें राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा), रायपुर के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

विपुल गुप्ता को कर्मकार मंडल का अतिरिक्त प्रभार

विपुल कुमार गुप्ता श्रम विभाग में उप सचिव के पद पर पदस्थ हैं। उन्हें वर्तमान दायित्वों के साथ सचिव, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल, रायपुर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

विनायक शर्मा को नवा रायपुर विकास प्राधिकरण में प्रबंधक बनाया

विनायक शर्मा छत्तीसगढ़ राज्य शिष्टाचार कार्यालय में राज्य शिष्टाचार अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं। उनके पास उप सचिव, खनिज साधन विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी है।

आदेश के अनुसार, उन्हें नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में प्रबंधक के पद पर पदस्थ किया गया है।

डॉ. ऋतु वर्मा को उच्च शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार

डॉ. ऋतु वर्मा सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव (कक्ष-6 एवं 7) के पद पर पदस्थ हैं। उन्हें वर्तमान दायित्वों के साथ उच्च शिक्षा विभाग के उप सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

वैभव कुमार क्षेत्रज्ञ को छत्तीसगढ़ संवाद के प्रभार से हटाया

वैभव कुमार क्षेत्रज्ञ कृषि विकास-किसान कल्याण और जैव प्रौद्योगिकी विभाग में अवर सचिव के पद पर पदस्थ हैं। वे छत्तीसगढ़ संवाद में उप महाप्रबंधक का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।

आदेश के अनुसार, उन्हें छत्तीसगढ़ संवाद के उप महाप्रबंधक के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है। उनके शेष दायित्व यथावत रहेंगे।

पुष्पेन्द्र शर्मा बने राज्य शिष्टाचार अधिकारी

पुष्पेन्द्र कुमार शर्मा छत्तीसगढ़ राज्य शिष्टाचार अधिकारी के कार्यालय में सत्कार अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं। आदेश के अनुसार, उन्हें राज्य शिष्टाचार अधिकारी, मंत्रालय, नवा रायपुर अटल नगर के पद पर पदस्थ किया गया है।

गौतम सिंह को मार्कफेड के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया

गौतम सिंह सुशासन-अभिसरण विभाग में अवर सचिव के पद पर पदस्थ हैं और मार्कफेड का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।

आदेश के अनुसार, उन्हें मार्कफेड के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है। उनके शेष दायित्व यथावत रहेंगे।

मोनिका जयनशीने बनीं डिप्टी कलेक्टर

मोनिका जयनशीने माध्यमिक शिक्षा मंडल, रायपुर में उप सचिव के पद पर पदस्थ हैं। वे नवाचार आयोग का अतिरिक्त प्रभार संभाल रही थीं।

आदेश के अनुसार, उन्हें डिप्टी कलेक्टर, दुर्ग के पद पर पदस्थ किया गया है।

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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में 19 नायब तहसीलदार बने तहसीलदार:नई पोस्टिंग भी मिली, 10 दिन में ज्वाइन करना होगा, किसे कहां मिली नई जिम्मेदारी

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने 19 नायब तहसीलदारों को तहसीलदार पद पर पदोन्नति दी है। प्रमोशन के साथ ही इन अधिकारियों की नई पदस्थापना भी की गई है। कुछ अधिकारियों को दूसरे जिलों में भेजा गया है। जबकि कुछ को वर्तमान जिले में ही नई जिम्मेदारी दी गई है।

पदोन्नत अधिकारियों को वर्तमान जगह से कार्यमुक्त होने के दिन से 10 दिन के भीतर नई पदस्थापना वाली जगह पर कार्यभार संभालना होगा। तय समय में ज्वाइन नहीं करने पर पदोन्नति आदेश अपने आप निरस्त माना जाएगा।

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