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छत्तीसगढ़

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से निर्माता-निर्देशक डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने की सौजन्य मुलाकात

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मुख्यमंत्री साय ने शॉल एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर किया आत्मीय अभिनंदन

भारतीय इतिहास, संस्कृति और साहित्य को जन-जन तक पहुंचाने में डॉ. द्विवेदी का योगदान उल्लेखनीय: मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में प्रसिद्ध निर्माता-निर्देशक एवं अभिनेता  पद्मश्री डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने डॉ. द्विवेदी का शॉल एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर आत्मीय अभिनंदन किया। इस दौरान दोनों के बीच भारतीय इतिहास, संस्कृति, साहित्य तथा सिनेमा सहित विभिन्न विषयों पर आत्मीय चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारतीय सिनेमा और टेलीविजन ने हमारी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने अपने सृजन के माध्यम से भारतीय इतिहास, संस्कृति और साहित्य को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से जन-जन तक पहुंचाया है। उनके द्वारा ऐतिहासिक और साहित्यिक विषयों को गंभीर शोध, संवेदनशीलता और सशक्त प्रस्तुति के साथ पर्दे पर उतारने का कार्य उल्लेखनीय है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने दूरदर्शन के लोकप्रिय धारावाहिक ‘चाणक्य’ का उल्लेख करते हुए कहा कि आचार्य चाणक्य के व्यक्तित्व, उनके राष्ट्रबोध और राजनीतिक दर्शन को डॉ. द्विवेदी ने जिस प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया, उसने देशभर के दर्शकों पर अमिट छाप छोड़ी। उन्होंने कहा कि इतिहास और संस्कृति से जुड़ी ऐसी रचनाएं नई पीढ़ी को अपनी सभ्यता, विरासत और राष्ट्रीय मूल्यों से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम बनती हैं।

डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने मुख्यमंत्री श्री साय के आत्मीय स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया। चर्चा के दौरान छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराओं, साहित्य और ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख हुआ। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और जनजातीय परंपराएं प्रदेश की विशिष्ट पहचान हैं। राज्य की लोककला, लोकसाहित्य और गौरवशाली विरासत में सृजन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती प्रियंवदा सिंह जूदेव तथा प्रबल प्रताप सिंह जूदेव उपस्थित थे।

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कोरबा

विभाजन विभीषिका एक बड़ी त्रासदी की कहानी हैः मंत्री लखनलाल देवांगन

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विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का किया गया आयोजन

छायाचित्रों के माध्यम से विभाजन की विभीषिका और वंदेमातरम् की स्मृतियों को किया गया प्रदर्शित

कोरबा । भारत विभाजन की विभीषिका की स्मृति में आज पंडित जवाहरलाल नेहरू सभागार में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उद्योग, वाणिज्य, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखनलाल देवांगन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, कलेक्टर कुणाल दुदावत, जनप्रतिनिधि एवं वक्ता गोपाल मोदी, निगमायुक्त आशुतोष पांडेय तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन सहित डॉ. राजीव सिंह, पार्षद नरेंद्र देवांगन, अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर राष्ट्र गान और राष्ट्रीय गीत भी गाया गया। 

विभाजन की विभीषिका को एक बड़ी त्रासदी बताते हुए मुख्य अतिथि लखनलाल देवांगन ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद का दायित्व संभालने के बाद इस महत्वपूर्ण दिवस को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस त्रासदी को याद रख सकें। उन्होंने कहा कि देश की आजादी से पहले विभाजन के दौरान अनेक परिवारों को अपना घर-द्वार और रिश्तेदारों को छोड़कर विस्थापित होना पड़ा। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग ज्यादती और जुल्म के शिकार भी हुए। उन्होंने विभाजन से पीड़ित परिवारों को नमन करते हुए कहा कि हम सभी देशवासी मिल-जुलकर रहें और विकसित भारत के संकल्प को पूरा करते हुए देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएं। साथ ही देश की एकता और अखंडता को सदैव कायम रखें।

कार्यक्रम में वक्ता के रूप में गोपाल मोदी ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने विभाजन के दौरान घटित घटनाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि नई पीढ़ी के लिए यह जानना जरूरी है कि देश की आजादी से पहले किस तरह लोगों को विभाजन का दंश झेलना पड़ा। उन्होंने कहा कि विभाजन की पीड़ा और उससे जुड़े अनुभवों को स्मरण करना हमें सामाजिक सौहार्द, एकता और भाईचारे के महत्व का बोध कराता है।

कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि विभाजन के बाद नई सीमारेखा और नए नक्शे के आधार पर देश की सीमाएं निर्धारित हुईं। विभाजन के दौरान लाखों परिवारों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उन्होंने सभी नागरिकों से देश में सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारा बनाए रखने का आह्वान किया। साथ ही स्वतंत्रता दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने कोसाबाड़ी से आईटीआई चौक तक पैदल मार्च भी किया। इस दौरान लोगों को विभाजन की त्रासदी और देश की एकता-अखंडता के महत्व का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम स्थल पर आयोजित छायाचित्र प्रदर्शनी में विभाजन विभीषिका से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंगों एवं वंदेमातरम् की स्मृतियों को चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विभाजन के दौरान पीड़ित परिवारों के संघर्ष एवं विस्थापन की पीड़ा को दर्शाने वाले छायाचित्रों के माध्यम से इतिहास को समझा।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में आम नागरिक, जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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कोरबा

तेज बारिश के बीच उत्साह से निकली स्वतंत्रता दौड़, सद्भावना एवं एकता का दिया संदेश

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कलेक्टर दुदावत एवं एसपी श्री तिवारी ने हरी झंडी दिखाकर दौड़ को किया रवाना, प्रतिभागियों का बढ़ाया उत्साह

कोरबा। जिला प्रशासन एवं खेल एवं युवा कल्याण विभाग कोरबा के संयुक्त तत्वावधान में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सद्भावना, एकता एवं भाईचारे का संदेश देने के लिए 14 अगस्त को स्वतंत्रता दौड़ का आयोजन किया गया। तेज बारिश के बीच भी जिले के जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों-कर्मचारियों, खिलाड़ियों, युवाओं एवं नागरिकों ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ स्वतंत्रता दौड़ में सहभागिता निभाई।

कलेक्टर कुणाल दुदावत एवं पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने सीएसईबी फुटबॉल ग्राउंड कोरबा से स्वतंत्रता दौड़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। दौड़ सीएसईबी फुटबॉल ग्राउंड से प्रारंभ होकर ट्रांसपोर्ट नगर चौक होते हुए वापस सीएसईबी ग्राउंड में पहुंचकर संपन्न हुई। इस दौरान कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने दौड़ में शामिल सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।

कलेक्टर श्री दुदावत एवं पुलिस अधीक्षक श्री तिवारी ने कहा कि आज की स्वतंत्रता दौड़ में जिस उत्साह और उमंग के साथ सभी ने सहभागिता निभाई है, उसी प्रकार सभी के जीवन में भी उत्साह, उमंग और भाईचारा बना रहे। देश की एकता एवं अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखने में प्रत्येक नागरिक की महत्वपूर्ण भूमिका है। सभी आपसी भाईचारे, सौहार्द और परस्पर सहयोग की भावना को मजबूत करते हुए समाज में एकता एवं सद्भावना का वातावरण बनाए रखने में अपना योगदान दें।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रतीक जैन ने कहा कि तेज बारिश में भी सभी प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह और जोश के साथ स्वतंत्रता दौड़ में सहभागिता निभाई। यह युवाओं के राष्ट्रप्रेम का प्रतीक है।  उन्होंने कहा कि देश को आजादी स्वतंत्रता सेनानियों के कठिन संघर्ष, त्याग और वीरता से प्राप्त हुई है। स्वतंत्रता का यह अमूल्य उपहार हमें राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझने और देश की एकता एवं अखंडता को मजबूत करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने स्वतंत्रता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए उत्साहपूर्वक दौड़ में शामिल सभी प्रतिभागियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

नगर पालिक निगम कोरबा के आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने कहा कि तेज बारिश के बीच भी सद्भावना एवं एकता के संदेश के साथ आयोजित स्वतंत्रता दौड़ में लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। यह आयोजन सभी के लिए यादगार रहेगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन सद्भावना और सामाजिक एकता की भावना को निरंतर मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने नागरिकों से नगर को स्वच्छ रखने में सहभागिता निभाने, पानी बचाने तथा बारिश के पानी का संरक्षण कर उसे सहेजने की अपील की।

स्वतंत्रता दौड़ में सहायक कलेक्टर इशांत जायसवाल, ओएसडी तरुण कुमार किरण, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल,  एसडीएम सरोज महिलांगे सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। अधिकारियों ने धावकों का उत्साह बढ़ाते हुए समाज में परस्पर प्रेम, भाईचारे और सामाजिक एकता की भावना को सुदृढ़ करने का संदेश दिया।

इस अवसर पर जिला क्रीड़ा अधिकारी दीनू पटेल, नगर पालिक निगम एवं यातायात विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के पत्रकारगण, व्यायाम शिक्षकगण, जिला स्तरीय अधिकारीगण, विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी, खिलाड़ी, छात्र-छात्राएं तथा बड़ी संख्या में नागरिक एवं युवा उपस्थित रहे।

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कोरबा

सौर ऊर्जा से रोशन राहें, स्वच्छ पेयजल से आसान हुई जिंदगी

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जिला खनिज संस्थान न्यास कोरबा से दूरस्थ क्षेत्रों में विकास की नई पहल

कोरबा। जिले के दूरस्थ, दुर्गम और पहुंचविहीन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) की पहल अब ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। सौर ऊर्जा आधारित योजनाओं के माध्यम से जहां रात के अंधेरे में आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम हुआ है, वहीं सोलर ड्यूल पंपों से दूरस्थ गांवों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

रात के अंधेरे में अब सुरक्षित सफर
जिला खनिज संस्थान न्यास मद से जिले के विभिन्न स्थानों पर 09 सोलर हाईमास्ट संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें कुदरीचौली से भैंसमा राष्ट्रीय राजमार्ग, उरगा से भैंसमा राष्ट्रीय राजमार्ग तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पसान जैसे महत्वपूर्ण स्थान शामिल हैं।
सौर ऊर्जा आधारित इन हाईमास्ट संयंत्रों से राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख आवागमन मार्गों पर रात के समय पर्याप्त रोशनी उपलब्ध होगी। इससे लगभग 08 हजार से 10 हजार राहगीरों को प्रत्यक्ष सुविधा मिलने की उम्मीद है। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पसान में रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था से मरीजों, उनके परिजनों और स्वास्थ्य कर्मियों को भी लाभ मिलेगा।
20 दूरस्थ गांवों में सौर ऊर्जा से पहुंचेगा स्वच्छ पेयजल
कोरबा जिले के दूरस्थ, दुर्गम एवं पहुंचविहीन ग्रामों में पेयजल की समस्या को दूर करने के लिए 20 स्थानों पर सोलर ड्यूल पंप स्थापित किए जा रहे हैं। इन संयंत्रों के माध्यम से सौर ऊर्जा का उपयोग कर ग्रामीणों तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाने की व्यवस्था विकसित की जा रही है।
इस पहल का सबसे बड़ा लाभ लगभग 500 परिवारों को मिलेगा। अब ग्रामीणों को पेयजल के लिए दूर तक जाने की आवश्यकता नहीं होगी और गांव में ही स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।
खराब पड़े 50 सोलर पंपों को फिर मिलेगी नई जिंदगी

पेयजल व्यवस्था को निरंतर सुचारू बनाए रखने के लिए जिले में पहले से स्थापित ऐसे 50 सोलर ड्यूल पंपों को भी पुनः कार्यशील करने की पहल की गई है, जो स्थापना के पांच वर्ष पूरे होने के बाद वारंटी अवधि से बाहर हो चुके हैं।
वारंटी समाप्त होने के बाद पंप खराब होने से संबंधित गांवों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही थी। अब चिन्हांकित 50 सोलर ड्यूल पंपों में नए पंप लगाए जाकर उन्हें पुनः कार्यशील किया जाएगा। इससे ग्रामीणों को नियमित रूप से पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और सौर ऊर्जा आधारित पेयजल व्यवस्था को लंबे समय तक बनाए रखने में भी सहायता मिलेगी।
विकास की ऐसी पहल, जो सीधे जीवन को आसान बनाती है
कोरबा में डीएमएफ की इन पहलों का उद्देश्य केवल अधोसंरचना तैयार करना नहीं, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और आत्मनिर्भर बनाना है। एक ओर सोलर हाईमास्ट से रात के अंधेरे में सुरक्षित आवागमन और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी, वहीं दूसरी ओर सोलर ड्यूल पंप ग्रामीण परिवारों के लिए गांव में ही स्वच्छ पेयजल की सुविधा सुनिश्चित करेंगे।
सौर ऊर्जा से रोशनी और पानी डीएमएफ की यह पहल कोरबा के दूरस्थ क्षेत्रों में विकास की ऐसी कहानी लिख रही है, जिसका सीधा असर लोगों के रोजमर्रा के जीवन पर दिखाई देगा।

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