एक वर्ष में 12 एपिसोड के माध्यम से हजारों महिलाओं तक पहुँची सफलता की कहानियां
मुख्यमंत्री ने ‘दीदी के गोठ’ कॉफी टेबल बुक, ‘बिहान वाणी’ त्रैमासिक पत्रिका एवं ‘मोर गांव मोर पानी’ पुस्तक का किया विमोचन
सफलता की कहानी साझा करने वाली दीदियों का किया सम्मान, प्रदर्शनी का अवलोकन कर जाना नवाचारों का सफर
रायपुर। ‘दीदी के गोठ’ कार्यक्रम प्रदेश की माताओं-बहनों के लिए प्रेरणा का सशक्त माध्यम बन गया है। इस कार्यक्रम के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भरता, आजीविका, नवाचार और स्वरोजगार से जुड़ी अत्यंत रोचक एवं प्रेरक जानकारियां मिल रही हैं। एक सफल दीदी की कहानी हजारों अन्य महिलाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रही है और यही इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी सफलता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित ‘दीदी के गोठ’ वार्षिकोत्सव-2026 एवं संकुल स्तरीय संगठन सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर ‘दीदी के गोठ’ कॉफी टेबल बुक, ‘बिहान वाणी’ त्रैमासिक पत्रिका तथा ‘मोर गांव मोर पानी’ पुस्तक का विमोचन किया। उन्होंने अपनी सफलता की कहानी साझा करने वाली दीदियों को सम्मानित किया तथा ‘दीदी के गोठ’ के 12 एपिसोड पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन कर महिलाओं से संवाद भी किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ऑडिटोरियम परिसर में आयोजित ‘दीदी के गोठ’ फोटो गैलरी का अवलोकन किया तथा स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से संवाद कर उनके नवाचारों एवं आजीविका गतिविधियों की जानकारी ली और उन्हें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान दुर्ग जिले से वर्चुअल माध्यम से जुड़ीं लखपति दीदी श्रीमती विद्या निषाद से चर्चा की। श्रीमती निषाद ने बताया कि कोरोना काल में पति के निधन के बाद उन्हें बिहान समूह से प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन मिला। उन्होंने कपड़े एवं फैंसी स्टोर का व्यवसाय शुरू किया और आज प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने उनकी सफलता की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘दीदी के गोठ’ ने एक वर्ष का सफल सफर पूरा कर लिया है और अब तक 12 एपिसोड प्रसारित हो चुके हैं। प्रत्येक माह के दूसरे गुरुवार को एक सफल दीदी अपनी संघर्ष एवं सफलता की कहानी स्वयं अपनी बोली में साझा करती है, जिससे प्रदेशभर की महिलाओं को नई दिशा और प्रेरणा मिलती है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को देवी स्वरूप माना गया है। वेदों में कहा गया है – “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता।” आज महिलाएं बिहान से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। कोई ड्रोन दीदी बनी है, कोई राजमिस्त्री, कोई ऑर्गेनिक खेती कर रही है, तो कोई सेटरिंग प्लेट , पशुपालन एवं अन्य आजीविका गतिविधियों के माध्यम से अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि आज की लखपति दीदियां आने वाले समय में करोड़पति बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं और विकसित भारत तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने सुशासन तिहार के दौरान आरंग क्षेत्र के भ्रमण का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां मातृशक्ति द्वारा संचालित ‘गोट यूनिट’ में बकरी, मुर्गी एवं मछली पालन का एकीकृत मॉडल विकसित किया गया है, जिससे वह लखपति बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे नवाचार पूरे प्रदेश की महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को ढाई वर्षों में पूरा किया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रदेश को 18 लाख आवासों की स्वीकृति मिली, जिनमें से 11 लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं तथा प्रतिदिन लगभग 1600 आवासों का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में प्रतिमाह एक-एक हजार रुपये की राशि अंतरित की जा रही है। अब तक 28 किश्तों के माध्यम से लगभग 18 हजार करोड़ रुपये महिलाओं के खातों में पहुंचाए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 प्रारंभ की है, जहां नागरिक बिजली, पानी, राजस्व, पुलिस सहित विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए लगभग 8 हजार अधिकारी कार्य कर रहे हैं तथा वे स्वयं इसकी नियमित समीक्षा करते हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के माध्यम से दो वर्षों से बकाया बिजली उपभोक्ताओं को सरचार्ज में राहत प्रदान की जा रही है, जिसके तहत अब तक 700 करोड़ रुपये से अधिक की राशि माफ की जा चुकी है।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि ‘दीदी के गोठ’ महिलाओं के लिए ज्ञान, नवाचार और प्रेरणा का मंच बन चुका है। राज्य सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में बिहान समूहों की महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रदेश में 11 लाख प्रधानमंत्री आवास पूर्ण हो चुके हैं तथा इसके लिए राज्य सरकार ने 26 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से ‘36 कला’ ब्रांड विकसित किया गया है। राज्य सरकार सभी समूहों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में कार्य कर रही है, जिससे महिलाएं अपने उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचा सकें और उन्हें अपने परिश्रम का पूरा लाभ मिले। उन्होंने खैरागढ़ की ड्रोन दीदी का उदाहरण देते हुए बताया कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से महिलाएं बेहतर आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद समाप्त होने के बाद बैंक सखी, पशु सखी, सीएससी संचालन तथा अन्य गतिविधियों के माध्यम से स्व-सहायता समूहों की भूमिका और अधिक बढ़ेगी।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि आज प्रदेश की महिलाएं समूहों के माध्यम से आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बन रही हैं। महिलाओं का सशक्तिकरण ही समाज, प्रदेश और राष्ट्र के विकास का आधार है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं को लखपति से करोड़पति बनाने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।
कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है। ‘दीदी के गोठ’ के माध्यम से प्रदेशभर की महिलाओं तक नवाचार, सफलता और स्वरोजगार की प्रेरक कहानियां पहुंच रही हैं, जिससे वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
एक वर्ष में 12 एपिसोड, प्रेरणा और नवाचार का सशक्त मंच
‘दीदी के गोठ’ कार्यक्रम का प्रसारण 31 अगस्त 2025 से प्रत्येक माह के दूसरे गुरुवार को किया जा रहा है। कार्यक्रम से प्रदेश के 25 जिलों की 38 दीदियां जुड़ी हुई हैं, जो अपनी स्थानीय बोली में नवाचार, आजीविका और सफलता की कहानियां साझा करती हैं। आज 9 जुलाई को कार्यक्रम का 12वां एपिसोड प्रदेशभर में प्रसारित किया गया।
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत अब तक प्रसारित 12 एपिसोड में लखपति दीदी, नियद नेल्ला नार, वनोपज संग्रहण, प्रधानमंत्री आवास योजना में महिलाओं की भागीदारी, सरस मेला, ड्रोन दीदी, कृषि सखी एवं पशु सखी, नई चेतना 4.0, वित्तीय समावेशन, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी, जनप्रतिनिधि बनीं महिलाओं की सफलता की कहानियां, लाइवस्टॉक, साइबर अपराध एवं बैंकिंग फ्रॉड से बचाव, ‘छत्तीसगढ़ कला’ ब्रांड तथा ‘दीदी के गोठ’ की एक वर्ष की प्रेरणादायी यात्रा जैसे विषयों पर जानकारी प्रसारित की गई है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन कुमार अग्रवाल, उपाध्यक्ष संदीप यदु, गुरु सौरभ साहेब, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के संचालक तारन प्रकाश सिन्हा, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के मिशन संचालक अश्वनी देवांगन सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में बिहान की दीदियां उपस्थित थीं।
प्रशासन को गुमराह करने और SDM नोटिस के विरोध में एकजुट हुआ पूरा गांव, स्कूली बच्चे भी हक की लड़ाई में उतरे
8 सूत्रीय मांगों पर लिखित समझौते से मुकरने का आरोप, कटघोरा विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर पहुंचने की अपील
कोरबा/कटघोरा। एसईसीएल कोरबा प्रबंधन और आउटसोर्सिंग टीएमसी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा की गई वादाखिलाफी और आदिवासियों के अधिकारों के हनन के विरोध में ग्राम भेजीनारा और लालपुर के ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। पूर्व में तय हुई 8 सूत्रीय लिखित सहमति से मुकरने और स्थानीय प्रशासन को गलत जानकारी देकर ग्रामीणों को एसडीएम अनुविभागीय अधिकारी कटघोरा के माध्यम से नोटिस दिलवाए जाने से आक्रोशित ग्रामीणों ने भारी बारिश के बावजूद विवादित स्थल पर अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है, इस आंदोलन में अपने भविष्य और अधिकारों की रक्षा के लिए स्कूली बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है ।
ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि 70% से अधिक आदिवासी आबादी वाले इन गांवों की जमीन 1987 में सिंघाली खदान के लिए अधिग्रहित की गई थी, उस वक्त रोजगार के नाम पर किसानों से भू-राजस्व पर्चियां ले ली गईं, जो आज तक नहीं लौटाई गईं। पर्ची न होने के कारण गांव के आदिवासी बच्चों का जाति प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है, जिससे वे उच्च शिक्षा और सरकारी योजनाओं से वंचित हो रहे हैं ।
ग्रामीणों की 8 सूत्रीय प्रमुख मांगें
रोजगार व मुआवजा विवरण
सिंघाली खदान में 275 ग्रामीणों को दिए गए रोजगार और मुआवजे की संपूर्ण लिखित जानकारी एसईसीएल कोरबा प्रबंधन तत्काल जारी करे । मुख्य मार्ग की बहाली
लालपुर और भेजीनारा को जोड़ने वाले पुराने मुख्य मार्ग को बाधित करने के बजाय सुव्यवस्थित किया जाए । तालाब पाटने की जांच
निस्तारी के लिए उपयोग किए जा रहे सार्वजनिक तालाब को किसकी अनुशंसा से पाटा गया इसकी आधिकारिक जानकारी दी जाए । पेयजल व्यवस्था
ग्राम लालपुर एवं भेजीनारा में स्थायी शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए । वैकल्पिक रोजगार
स्थानीय भू-विस्थापितों को टी.एम.सी. प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में प्राथमिकता के आधार पर वैकल्पिक रोजगार दिया जाए । अवैध कब्जे पर कार्रवाई
खसरा नंबर 217/16क, 217/16ख, और 217/16ग की निजी जमीनों पर टीएमसी कंपनी द्वारा जबरन कब्जा कर बनाए गए रास्ते के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए । मुक्तिधाम ध्वस्तीकरण पर मामला दर्ज
पूर्वजों के पवित्र मुक्तिधाम को जबरन ध्वस्त कर जन-भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली कंपनी पर तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई हो । भू-राजस्व पर्ची की वापसी
1987 से रोकी गई किसानों की मूल-पर्चियां तत्काल वापस की जाएं और अर्जित भूमि का रिकॉर्ड दुरुस्त किया जाए ताकि बच्चों के जाति प्रमाण पत्र बन सकें ।
समाचार लिखे जाने तक विवादित स्थल पर शासन या प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा था ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारी और कटघोरा विधानसभा क्षेत्र के स्थानीय विधायक स्वयं मौके पर आकर जमीनी हकीकत का मुआयना करें और समस्याओं का न्यायसंगत निराकरण निकालें जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं आंदोलन जारी रहेगा ।
फसल विविधीकरण, उर्वरक दुकानों की जांच, प्राकृतिक खेती और किसान उत्पादक संगठनों की प्रगति पर विशेष जोर कोरबा, 24 अगस्त 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में कृषि, पशुधन चिकित्सा, मत्स्य, उद्यानिकी एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करने तथा योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने फसल क्षेत्राच्छादन एवं फसल विविधीकरण की समीक्षा करते हुए किसानों को अधिक लाभदायक एवं उपयुक्त फसलों के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने रागी के फसल क्षेत्र में 25 प्रतिशत वृद्धि तथा रामतिल के क्षेत्र को दोगुना करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने को कहा। साथ ही बीज मिनीकिट के अंतर्गत दलहन फसलों के बीज वितरण में वृद्धि करने के निर्देश दिए। जिले की सभी 198 उर्वरक दुकानों की होगी जांच
कलेक्टर श्री दुदावत ने जिले की सभी 198 उर्वरक दुकानों की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने शासकीय एवं निजी उर्वरक दुकानों की ब्लॉकवार सूची तैयार कर प्रत्येक दुकान से नमूना लेकर उसकी जांच सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि नमूना संकलन एवं जांच की प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने विगत वर्ष की तुलना में अऋणी किसानों के फसल बीमा में अधिक से अधिक प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों को योजना की जानकारी देकर बीमा के लिए प्रोत्साहित करने को कहा। तीन वर्षों में सभी किसानों को स्वायल हेल्थ कार्ड देने का लक्ष्य कलेक्टर ने स्वायल हेल्थ कार्ड की समीक्षा करते हुए निर्धारित क्षमताओं के अनुरूप मिट्टी की जांच कराने तथा प्रत्येक वर्ष लगभग 25 हजार किसानों का लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आगामी तीन वर्षों में जिले के सभी किसानों को स्वायल हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराने के लिए कार्ययोजना बनाकर कार्य करने को कहा। उन्होंने वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारियों एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को किसानों से सतत समन्वय स्थापित कर बारिश समाप्त होने के बाद निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप उपलब्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्राकृतिक खेती और एफपीओ विस्तार पर विशेष जोर कलेक्टर ने राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन की समीक्षा करते हुए क्लस्टर रिसोर्स पर्सन (सीआरपी) से शत-प्रतिशत कार्य लेने के निर्देश दिए। उन्होंने मैदानी अमले के प्रशिक्षण, किसानों से निरंतर संपर्क तथा जैविक प्रमाणीकरण की प्रक्रिया सितंबर माह तक पूर्ण कराने को कहा। उन्होंने परंपरागत कृषि विकास योजना, दलहन आत्मनिर्भरता मिशन एवं खाद्य तेल मिशन की भी समीक्षा की। किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) में किसानों की सदस्यता बढ़ाने के लिए सभी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों को सितंबर माह तक विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि क्षेत्र में 1200 तथा उद्यानिकी क्षेत्र में 400 एफपीओ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कृषक चौपाल आयोजित कर किसानों को एफपीओ से जोड़ने को कहा। कलेक्टर ने नलकूप खनन, जैविक खेती प्रशिक्षण एवं बीज उत्पादन के लिए किसानों के पंजीयन की जानकारी ली। उन्होंने कृषक उन्नति योजना से अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित करने, दलहन एवं तिलहन फसल प्रदर्शन के निर्धारित लक्ष्य हासिल करने तथा कोदो, कुटकी सहित अन्य फसलों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने 30 सितंबर तक किसानों का पंजीयन सुनिश्चित करने को कहा। एग्रीस्टैक के अंतर्गत वनपट्टाधारी किसानों के आधार नंबर, वनपट्टे में दर्ज नाम सहित अन्य आवश्यक जानकारी तहसील के माध्यम से प्रेषित करने के निर्देश दिए। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड निर्माण के निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।
मत्स्य एवं पशुधन विभाग की योजनाओं की भी समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने मत्स्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए एक्वा पार्क, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत केज कल्चर को प्रोत्साहित करने, मत्स्य बीज वितरण, मत्स्य पालकों के प्रशिक्षण एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के निर्देश दिए। उन्होंने मत्स्य पालकों के किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन बढ़ाने तथा जल क्षेत्र आवंटन में प्रगति लाने को कहा। पशुधन चिकित्सा विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कृत्रिम गर्भाधान के निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने, टीकाकरण अभियान पूर्ण करने तथा अधिक से अधिक शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पशु उपचार, बधियाकरण, औषधि वितरण एवं राज्य पोषित व्यक्तिमूलक योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। मोबाइल वेटेरिनरी वैन में लक्ष्य से पीछे चल रहे कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। रेशम उत्पादन और कृषि विज्ञान केंद्र की गतिविधियों की समीक्षा कलेक्टर ने रेशम विभाग की समीक्षा करते हुए जमीन धागाकरण के कार्य को बढ़ाने तथा इस कार्य से जुड़े लोगों को आवश्यक प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र की गतिविधियों की भी समीक्षा की और कृषि कार्यों में किसानों को तकनीकी सलाह एवं परामर्श उपलब्ध कराने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बैठक में उप संचालक कृषि देवेन्द्र सिंह कंवर, रेशम अधिकारी बलभद्र सिंह भंडारी, पशुधन चिकित्सा विभाग से एस.एन.मिश्रा सहित मत्स्य पालन, कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारी, संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
प्रमुख अभियंता कार्यालय द्वारा पदस्थापना आदेश जारी, 15 दिनों में ज्वाइनिंग के निर्देश
उच्चतम न्यायालय में स्थगन के निराकरण के दो दिनों के भीतर विभाग ने जारी किए नियुक्ति आदेश
बड़ी संख्या में युवा इंजीनियरों की नियुक्ति से जल जीवन मिशन एवं अन्य कार्यों में आएगी और गति – उप मुख्यमंत्री अरुण साव
रायपुर. 24 अगस्त 2026। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने 111 उप अभियंताओं की नियुक्ति के आदेश जारी किए हैं। इनमें 101 सिविल अभियंता और 10 विद्युत/यांत्रिक अभियंता शामिल हैं। प्रमुख अभियंता कार्यालय द्वारा नियुक्ति के साथ ही सभी चयनित उप अभियंताओं की पदस्थापना के आदेश भी जारी किए गए हैं। चयनितों को नियुक्ति आदेश जारी होने के 15 दिनों के भीतर पदस्थापना कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने कहा गया है। निर्धारित तिथि तक उपस्थित नहीं होने की स्थिति में नियुक्ति स्वयंमेव निरस्त मानी जाएगी।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में उप अभियंता (सिविल) के 118 पदों तथा उप अभियंता (विद्युत/यांत्रिकी) के 10 पदों पर भर्ती के लिए व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) द्वारा अप्रैल-2025 में लिखित परीक्षा ली गई थी। परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद जुलाई-2025 में विभाग द्वारा व्यापम की मेरिट सूची के अनुसार अभ्यार्थियों के दस्तावेज परीक्षण और पदस्थापना विकल्प के संबंध में कांउसलिंग के बाद उच्चतम न्यायालय में दायर स्थगन के कारण नियुक्ति प्रक्रिया विलंबित रही। उच्चतम न्यायालय द्वारा 20 अगस्त 2026 को याचिका के निराकरण के बाद उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव के निर्देश पर विभाग ने तत्काल 22 अगस्त को प्रथम चरण में अनुशंसित चयन सूची के अनुसार सिविल के 101 उप अभियंताओं तथा विद्युत/यांत्रिकी के 10 उप अभियंताओं के पदस्थापना आदेश जारी कर दिए हैं।
उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव ने एक साथ इतनी बड़ी संख्या में नियुक्ति पर खुशी जताते हुए कहा कि युवा इंजीनियरों की विभाग में नियुक्ति से विभागीय कार्यों, विशेषकर जल जीवन मिशन के कार्यों में गति आएगी। उच्चतम न्यायालय से प्रकरण के निराकरण के तत्काल बाद हमने नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर पदस्थापना आदेश जारी किए हैं। इन युवा इंजीनियरों की ऊर्जा और तकनीकी दक्षता का लाभ लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को मिलेगा।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने सभी चयनितों को पदस्थापना कार्यालय में उपस्थिति देते समय शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र, स्थाई जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, सक्षम मेडिकल बोर्ड का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र एवं अन्य प्रमाण पत्रों की मूल प्रति अनिवार्यतः प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मूल तकनीकी शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र के साथ कक्षा दसवीं की अंकसूची जिसमें जन्मतिथि अंकित हो या मूल जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है।