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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के राजशेखर अंतरिक्ष में जाएंगे:कहा- पढ़ाई के दौरान NASA को भेजा था ई-मेल, अब अमेरिकी कंपनी ने स्पेस-मिशन के लिए चुना

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रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ के पेंड्रा के रहने वाले राजशेखर पैरी जल्द अंतरिक्ष में जाने वाले हैं। एक निजी अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी टाइटंस स्पेस इंडस्ट्रीज ने अपने पहले मिशन के लिए भारतीय छात्र के तौर राजशेखर को चुना है।

अपने सिलेक्शन और उन्हें कैसे मौका मिला, इस बारे में राजशेखर बताते हैं कि उन्होंने 19 साल की उम्र में NASA को एक मेल किया था। केवल ये जानने के लिए कि एस्ट्रोनॉट बनने की प्रोसेस क्या होता है। उम्मीद तो थी नहीं, लेकिन 4 दिन बाद जो जवाब आया, उससे न सिर्फ उनके सवालों के जवाब मिले, बल्कि उनके सपनों को एक नई दिशा भी दी।

NASA ने उन्हें एस्ट्रोनॉट बनने की प्रक्रिया, योग्यता और रिस्क फैक्टर्स की पूरी जानकारी दी और साथ ही बधाई दी कि आप नासा के एस्ट्रोनॉट बनने की इच्छा रखते हैं। राजशेखर कहते हैं, उस मेल ने मेरा आत्मविश्वास और भी बढ़ा दिया। तभी से तय कर लिया था-अब तो स्पेस में जाना ही है।

निजी अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी टाइटंस स्पेस इंडस्ट्रीज ने अपने पहले मिशन के लिए भारतीय छात्र के तौर राजशेखर को चुना है।

निजी अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी टाइटंस स्पेस इंडस्ट्रीज ने अपने पहले मिशन के लिए भारतीय छात्र के तौर राजशेखर को चुना है।

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कोरबा

तेज रफ्तार बाइक कार से टकराई, युवक डिवाइडर पार गिरा:कोरबा में हादसा CCTV में कैद, युवक स्कूटी से भी टकराया, इलाज जारी

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कोरबा। कोरबा शहर के ट्रांसपोर्ट नगर मुख्य मार्ग पर सड़क हादसे का सीसीटीवी वीडियो सामने आया है। वीडियो में कार से टक्कर के बाद बाइक सवार युवक हवा में उछलकर डिवाइडर पार करते हुए सड़क की दूसरी लेन में गिरता दिखाई दे रहा है।

इसके बाद वह वहां से गुजर रहे एक अन्य दोपहिया वाहन से भी टकरा गया। हादसे में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।

कार से टक्कर के बाद डिवाइडर पार कर दूसरी लेन में गिरा

घटना सीएसईबी चौकी क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार, देर शाम रिमझिम बारिश के दौरान बाइक सवार युवक मुख्य मार्ग से गुजर रहा था। इसी दौरान सामने से आ रही कार से उसकी बाइक की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर के कारण युवक उछलकर डिवाइडर पार कर सड़क की दूसरी लेन में जा गिरा।

इसी दौरान दूसरी लेन से गुजर रहे एक अन्य दोपहिया वाहन से भी उसकी टक्कर हो गई। उस वाहन पर एक दंपती सवार थे। अचानक हुए हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों ने घायल युवक को संभाला और पुलिस को सूचना दी।

हेलमेट नहीं पहनने से सिर में गंभीर चोट

जानकारी के मुताबिक, बाइक सवार युवक ने हेलमेट नहीं पहना था। हादसे में उसके सिर में गंभीर चोट आई है। उसे तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

पुलिस ने वाहन जब्त कर शुरू की जांच

सीएसईबी चौकी पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है। दोनों वाहनों को जब्त कर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

घटना के बाद ट्रांसपोर्ट नगर मुख्य मार्ग पर तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने मार्ग पर स्पीड ब्रेकर और सुरक्षा संकेतक लगाने की मांग की है। बारिश के दौरान सड़क पर फिसलन की आशंका को देखते हुए वाहन चालकों से गति नियंत्रित रखने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गई है।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : राष्ट्रीय एकता दिवस विशेष लेख : अखंडता का संकल्प: सरदार पटेल और मजबूत भारत का सपना

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कता केवल देश की सीमाओं से नहीं, बल्कि आपसी विश्वास, समान अवसर और सामाजिक सद्भाव से होती है

  • धनंजय राठौर, संयुक्त संचालक, जनसंपर्क
  • अशोक कुमार चन्द्रवंशी, सहायक जनसंपर्क अधिकारी

भारत की पहचान उसकी विविधता और एकता में है। यहाँ अनेक भाषाएँ बोली जाती हैं, अलग-अलग संस्कृतियों और परंपराओं का पालन किया जाता है, फिर भी देशवासियों को एक सूत्र में बाँधने वाली भावना है-राष्ट्रीय एकता। यह एकता केवल देश की सीमाओं की रक्षा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इस बात से भी जुड़ी है कि हर नागरिक स्वयं को देश के साझा भविष्य का महत्वपूर्ण हिस्सा महसूस करे।

               हर वर्ष 31 अक्टूबर को लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है। यह दिवस हमें उनके ऐतिहासिक योगदान को याद करने के साथ-साथ आज के भारत में एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की जिम्मेदारी का एहसास कराता है।

सरदार पटेल ने रखी एकीकृत भारत की मजबूत नींव

              वर्ष 1947 में देश की स्वतंत्रता के समय भारत के सामने अनेक चुनौतियाँ थीं। अंग्रेजी शासन समाप्त होने के बाद देशी रियासतों को भारतीय संघ में शामिल करना एक बड़ी चुनौती थी। ऐसे समय में देश के पहले उपप्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने वी. पी. मेनन और अन्य अधिकारियों के सहयोग से संवाद, समझदारी और दृढ़ नेतृत्व के माध्यम से रियासतों के एकीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया,  जिन्होंने 560 से अधिक रियासतों का भारत संघ में विलय कर देश को एक सूत्र में पिरोया। देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा को मजबूत करने तथा आंतरिक एवं बाहरी चुनौतियों का सामना करने के लिए राष्ट्रीय संकल्प को मजबूत किया।

              सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रयासों ने एक मजबूत और एकीकृत भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वर्ष 2014 से उनकी जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में विशेष रूप से मनाया जा रहा है। इस अवसर पर ‘रन फॉर यूनिटी’, राष्ट्रीय एकता की शपथ और विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से देश की एकता और अखंडता का संदेश दिया जाता है। सरदार पटेल की विरासत हमें सिखाती है कि विभिन्न विचारों, हितों और पहचानों के बीच तालमेल बनाकर ही एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण किया जा सकता है।

आज विकास के साथ एकता को मजबूत करना भी जरूरी

            आज भारत के सामने चुनौती रियासतों को एकजुट करने की नहीं, बल्कि विकास के लाभों को देश के प्रत्येक क्षेत्र और नागरिक तक पहुँचाने की है। सड़क, रेल, बिजली, संचार और डिजिटल सुविधाओं का विस्तार दूरस्थ क्षेत्रों को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ता है। इससे लोगों को शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं और व्यापार के बेहतर अवसर मिल सकते हैं। हालाँकि, केवल बुनियादी ढाँचे का विकास ही राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए पर्याप्त नहीं है। इसके लिए यह भी जरूरी है कि विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को विकास के समान अवसर मिलें, सार्वजनिक सेवाएँ सुलभ हों और उनकी आवश्यकताओं को उचित महत्व दिया जाए।

              लोकतंत्र की स्थिरता, स्वतंत्रता की रक्षा और राष्ट्र के सर्वांगीण विकास के लिए राष्ट्रीय एकता और एकीकरण अत्यंत आवश्यक है। जब तक पूरा राष्ट्र एकता की भावना से बंध नहीं जाता, तब तक देश में कोई विकास या आर्थिक प्रगति संभव नहीं है। इसलिए, राष्ट्रीय एकीकरण को सुदृढ़ करने के लिए राष्ट्रवाद को बढ़ावा देना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। राष्ट्रीय एकीकरण की रक्षा के लिए हमें एक मजबूत राष्ट्र की आवश्यकता है। अतः जाति, क्षेत्रवाद, धर्म आदि पर केंद्रित संकीर्ण सोच से दूर रहकर हमें विघटनकारी तत्वों का दमन करना चाहिए।

             प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, जल जीवन मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और अन्य जनकल्याणकारी योजनाएँ लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में योगदान देती हैं। जब शासन की योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुँचता है और लोगों को आगे बढ़ने के अवसर मिलते हैं, तब व्यवस्था के प्रति विश्वास बढ़ता है। यही विश्वास राष्ट्रीय एकता की नींव को मजबूत करता है।

सहकारी संघवाद से मजबूत होगा देश

            भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय अत्यंत महत्वपूर्ण है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार, उद्योग और आंतरिक सुरक्षा जैसे विषयों पर मिलकर काम करने से विकास को गति मिलती है। लोकतंत्र में राजनीतिक विचारों और क्षेत्रीय आकांक्षाओं में अंतर होना स्वाभाविक है। महत्वपूर्ण यह है कि इन मतभेदों का समाधान संवाद, संवैधानिक मूल्यों और आपसी सम्मान के माध्यम से किया जाए। जब विभिन्न सरकारें और संस्थाएँ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए जनहित को प्राथमिकता देती हैं, तब राष्ट्रीय एकता और मजबूत होती है। विकास की योजनाओं में स्थानीय जरूरतों का ध्यान रखना भी आवश्यक है, ताकि दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों के नागरिक स्वयं को देश की विकास यात्रा से जुड़ा हुआ महसूस करें।

विविधता का सम्मान ही भारत की असली ताकत

            भारत की एकता का अर्थ यह नहीं है कि सभी लोग एक जैसी भाषा बोलें, एक जैसी परंपराएँ अपनाएँ या एक जैसे विचार रखें। भारत की वास्तविक ताकत इस बात में है कि अलग-अलग पहचान और जीवनशैली वाले लोग एक-दूसरे का सम्मान करते हुए साथ रह सकें। डिजिटल संचार के इस दौर में सूचनाएँ तेजी से फैलती हैं। ऐसे में अफवाहों से बचना, किसी भी सूचना की सत्यता जाँचना और जिम्मेदारी के साथ अपनी बात रखना पहले से अधिक जरूरी हो गया है। समाज में अविश्वास और तनाव बढ़ाने वाली गतिविधियों के बजाय संवाद, सहयोग और भाईचारे को बढ़ावा देना चाहिए।

             राष्ट्रीय एकता केवल सरकारी कार्यक्रमों या संदेशों से कायम नहीं रह सकती। इसे मजबूत बनाने के लिए नागरिकों के दैनिक व्यवहार में समानता, संवेदनशीलता और परस्पर सम्मान का होना आवश्यक है।

‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’से बढ़ेगी आपसी समझ

            देश की सांस्कृतिक विविधता को समझने और राज्यों के बीच आपसी संबंध मजबूत करने के उद्देश्य से वर्ष 2015 में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ पहल शुरू की गई। इसके माध्यम से विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान तथा पारस्परिक समझ को बढ़ावा दिया जाता है। शैक्षणिक गतिविधियाँ, सांस्कृतिक कार्यक्रम, अंतरराज्यीय यात्राएँ और विभिन्न क्षेत्रों की कला एवं परंपराओं से परिचित कराने वाले आयोजन विशेष रूप से युवाओं में राष्ट्रीय एकता की भावना विकसित कर सकते हैं। 1 से 15 नवंबर 2026 तक एक भारत श्रेष्ठ भारत की थीम पर भारत पर्व का आयोजन भी किया जाएगा।

            युवा देश का भविष्य हैं। शिक्षा, खेल, सामाजिक सेवा, स्वच्छता और जनजागरूकता जैसे कार्यों में उनकी भागीदारी समाज को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। जब युवा क्षेत्रीय और भाषाई भेदभाव से ऊपर उठकर देशहित को प्राथमिकता देते हैं, तब एक मजबूत और समावेशी भारत का मार्ग प्रशस्त होता है।

राष्ट्रीय एकता एक निरंतर जिम्मेदारी

            राष्ट्रीय एकता दिवस हमें याद दिलाता है कि देश की एकता और अखंडता बनाए रखना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का साझा कर्तव्य है। देश की सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक सद्भाव, विकास के समान अवसर, सार्वजनिक सेवाओं तक पहुँच और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर विश्वास भी स्थायी शांति के लिए आवश्यक हैं। सरदार वल्लभभाई पटेल ने भारत के राजनीतिक एकीकरण में ऐतिहासिक योगदान दिया। वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि वह समावेशी विकास, सामाजिक न्याय, आपसी सम्मान और संवैधानिक मूल्यों के माध्यम से इस एकता को और मजबूत बनाए।

            राष्ट्रीय एकता का वास्तविक अर्थ यह नहीं है कि देश का प्रत्येक नागरिक एक जैसा सोचे, बल्कि यह है कि अलग-अलग विचारों, भाषाओं और संस्कृतियों के बावजूद सभी एक साझा भविष्य के निर्माण के लिए साथ खड़े हों। सरदार पटेल की विरासत से प्रेरणा लेकर एकता, सद्भाव और सहयोग को जीवन का हिस्सा बनाना ही राष्ट्रीय एकता दिवस का सच्चा संदेश है।

           राष्ट्रीय एकता राष्ट्र को मजबूत और संगठित बनाती है। यह विभिन्न धर्मों, संप्रदायों, जातियों, पहनावे, सभ्यता और संस्कृति के लोगों को एक साथ बांधे रखती है। अनेक भिन्नताओं के बावजूद, सभी लोग एक-दूसरे के साथ पारस्परिक सद्भाव में रहते हैं। हमारे देश जैसी विविधता अन्य देशों में नहीं पाई जाती। यहाँ विभिन्न जातियों और समुदायों, धर्मो के लोग, जिनकी जीवनशैली, संस्कृति, भाषाएँ और रीति-रिवाज बिल्कुल भिन्न हैं, फिर भी एक साथ रहते हैं। भारत में ये सभी राष्ट्रीय एकता के धागे से बंधे हुए हैं।

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कोरबा

कोरबा में 31 अक्टूबर को गूंजेगा लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल का जयघोष

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कुर्मी समाज मनाएगा भारत रत्न सरदार पटेल की 151वीं जयंती, सुबह 10:30 बजे होगा गरिमामय आयोजन

कोरबा। देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय एकीकरण के महान शिल्पकार, भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर 31 अक्टूबर 2026, शनिवार को कोरबा में कुर्मी समाज द्वारा सादगीपूर्ण एवं गरिमामय जयंती समारोह का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम सुबह 10:30 बजे तुलसी नगर चौक के पास, पंप हाउस रोड, कोरबा में आयोजित होगा। इस अवसर पर सरदार पटेल के राष्ट्रनिर्माण में दिए गए अतुलनीय योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।

सरदार वल्लभभाई पटेल भारतीय इतिहास के ऐसे महान व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, अदम्य साहस और दूरदर्शी नेतृत्व से देश की एकता को नई मजबूती प्रदान की। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देशी रियासतों के भारतीय संघ में एकीकरण में उनकी ऐतिहासिक भूमिका ने उन्हें ‘लौह पुरुष’ के रूप में विशिष्ट पहचान दिलाई। उनका जीवन राष्ट्रसेवा, कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और राष्ट्रीय एकता के प्रति अटूट समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण है।

कुर्मी समाज द्वारा आयोजित इस जयंती समारोह का उद्देश्य महान राष्ट्रनायक के विचारों और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना तथा समाज में एकता, आपसी सद्भाव, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को सुदृढ़ करना है। सरदार पटेल का जीवन संदेश देता है कि सामूहिक एकजुटता, दृढ़ संकल्प और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण से बड़े से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।

समाज की ओर से जयंती समारोह को सादगी और गरिमा के साथ संपन्न कराने की तैयारी की जा रही है। कुर्मी समाज के समस्त सम्माननीय पदाधिकारियों, सदस्यों एवं समाजबंधुओं से अपील की गई है कि वे निर्धारित समय पर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धासुमन अर्पित करें और उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लें।

कार्यक्रम की जानकारी

आयोजन: लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती
दिनांक: 31 अक्टूबर 2026, शनिवार
समय: सुबह 10:30 बजे
स्थान: तुलसी नगर चौक के पास, पंप हाउस रोड, कोरबा, छत्तीसगढ़

आर. के. वर्मा
अध्यक्ष, कुर्मी क्षत्रिय कल्याण समिति

पवन सिन्हा
मीडिया प्रभारी, कुर्मी क्षत्रिय कल्याण समिति

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छत्तीसगढ़ के राजशेखर अंतरिक्ष में जाएंगे:कहा- पढ़ाई के दौरान NASA को भेजा था ई-मेल, अब अमेरिकी कंपनी ने स्पेस-मिशन के लिए चुना

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रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ के पेंड्रा के रहने वाले राजशेखर पैरी जल्द अंतरिक्ष में जाने वाले हैं। एक निजी अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी टाइटंस स्पेस इंडस्ट्रीज ने अपने पहले मिशन के लिए भारतीय छात्र के तौर राजशेखर को चुना है।

अपने सिलेक्शन और उन्हें कैसे मौका मिला, इस बारे में राजशेखर बताते हैं कि उन्होंने 19 साल की उम्र में NASA को एक मेल किया था। केवल ये जानने के लिए कि एस्ट्रोनॉट बनने की प्रोसेस क्या होता है। उम्मीद तो थी नहीं, लेकिन 4 दिन बाद जो जवाब आया, उससे न सिर्फ उनके सवालों के जवाब मिले, बल्कि उनके सपनों को एक नई दिशा भी दी।

NASA ने उन्हें एस्ट्रोनॉट बनने की प्रक्रिया, योग्यता और रिस्क फैक्टर्स की पूरी जानकारी दी और साथ ही बधाई दी कि आप नासा के एस्ट्रोनॉट बनने की इच्छा रखते हैं। राजशेखर कहते हैं, उस मेल ने मेरा आत्मविश्वास और भी बढ़ा दिया। तभी से तय कर लिया था-अब तो स्पेस में जाना ही है।

निजी अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी टाइटंस स्पेस इंडस्ट्रीज ने अपने पहले मिशन के लिए भारतीय छात्र के तौर राजशेखर को चुना है।

निजी अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी टाइटंस स्पेस इंडस्ट्रीज ने अपने पहले मिशन के लिए भारतीय छात्र के तौर राजशेखर को चुना है।

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रायपुर में रात 8:18 बजे दिखेगा करवा चौथ का चांद:कई जगह छाए रहेंगे बादल, न दिखे तो क्या करें

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रायपुर, एजेंसी। करवा चौथ पर गुरुवार (29 अक्टूबर) को महिलाएं पति की लंबी उम्र की कामना के साथ व्रत रखेंगी। दिनभर निर्जला उपवास रखने के बाद रात में चांद के दर्शन कर व्रत खोलेंगी। चंद्रोदय के अनुमानित समय के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में सबसे पहले बलरामपुर में रात 8:02 बजे चांद निकलने की उम्मीद है। इसके बाद अंबिकापुर में रात 8:03 बजे और कोरबा में रात 8:06 बजे चंद्रमा के दर्शन हो सकते हैं।

राजधानी रायपुर में रात 8:18 बजे चांद निकलने का अनुमान है। वहीं, जगदलपुर में रात 8:17 से 8:22 बजे के बीच चंद्रमा के दर्शन हो सकते हैं। इस बार चक्रवात ‘अर्नब’ के असर से कई जगहों पर बादल छाए रहने की आशंका है।

ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज शुक्ला के अनुसार, यदि करवा चौथ पर चंद्रमा के दर्शन नहीं हो पा रहे हैं, तो भगवान शिव और गणेश जी के मंदिर जाकर मानसिक दर्शन कर सकते हैं। भगवान शिव की जटाओं में चंद्रदेव विराजमान हैं। चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत का पारण करें।

बादलों के कारण देर से होंगे चांद के दर्शन

चक्रवात के प्रभाव से प्रदेश के कुछ हिस्सों में आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। ऐसे में चंद्रमा क्षितिज से ऊपर आने के बाद भी दिखाई नहीं दे सकता। ऊंची इमारतों, पहाड़ियों और स्थानीय मौसम के कारण भी चांद देखने में 10 से 15 मिनट की देरी हो सकती है।

सुबह सरगी से शुरू होगा व्रत

करवा चौथ पर महिलाएं सुबह सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण करती हैं। परंपरा के अनुसार, सास अपनी बहू को सरगी देती हैं। इसमें फल, मिठाई, मेवे और फेनी जैसी चीजें शामिल होती हैं। इसके बाद महिलाएं दिनभर व्रत रखती हैं।

शाम को करवा चौथ माता और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने और पूजा करने के बाद व्रत खोलने की परंपरा है। इस दौरान महिलाएं करवा चौथ की कथा भी सुनती हैं।

करवा चौथ पर महिलाएं हाथों में मेहंदी लगाकर सोलह शृंगार करती हैं। इस मौके पर दुल्हन मेहंदी, अरेबिक मेहंदी, मंडला आर्ट और बेल-पत्ती वाली डिजाइन काफी पसंद की जाती हैं। कई महिलाएं हथेलियों पर चांद, छलनी और पति-पत्नी की आकृति भी बनवाती हैं। मेहंदी के गहरे रंग को प्रेम और सुहाग से जोड़कर देखा जाता है।

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एपेक्स इंटरनेशनल स्कूल, पाली के विद्यार्थियों ने किया विशाखापट्टनम और अराकू वैली का शैक्षणिक भ्रमण

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व्यावहारिक ज्ञान, आधुनिक शिक्षा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विद्यालय का विशेष जोर

पाली/कोरबा। विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने तथा उनके सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से एपेक्स इंटरनेशनल स्कूल, पाली द्वारा विशाखापट्टनम (वाइजैग) एवं अराकू वैली का शैक्षणिक एवं मनोरंजक भ्रमण आयोजित किया गया। इस यात्रा में विद्यालय के छात्र-छात्राओं के साथ अनुभवी शिक्षकों का दल भी शामिल रहा। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक धरोहरों, आधुनिक तकनीक और देश की रक्षा प्रणाली से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कीं।बोर्रा केव्स में प्राकृतिक संरचनाओं को करीब से जानाअराकू वैली भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने प्रसिद्ध बोर्रा केव्स का अवलोकन किया। यहाँ उन्होंने लाखों वर्षों में निर्मित प्राकृतिक चूना पत्थर की अद्भुत संरचनाओं को करीब से देखा।

इस अनुभव के माध्यम से विद्यार्थियों को भूगोल एवं प्राकृतिक इतिहास से संबंधित विषयों को समझने का अवसर मिला। इसके अतिरिक्त, बच्चों ने अराकू की मनमोहक वादियों, कॉफी बागानों और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया।नौसेना और आधुनिक तकनीक से हुए परिचितविशाखापट्टनम में विद्यार्थियों ने प्रसिद्ध कुरसुरा सबमरीन म्यूजियम एवं टीयू-142 एयरक्राफ्ट म्यूजियम का भ्रमण किया। यहाँ बच्चों को भारतीय नौसेना के गौरवशाली इतिहास, देश की सुरक्षा व्यवस्था तथा आधुनिक सैन्य तकनीक के बारे में जानने का अवसर मिला। विद्यार्थियों ने इन संग्रहालयों के माध्यम से देश की रक्षा में योगदान देने वाले जवानों के साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा को भी समझा। इसके साथ ही बच्चों ने ऋषिकोंडा बीच पर समुद्र की विशालता और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया।किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक शिक्षा पर जोरविद्यालय प्रबंधन के अनुसार, शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, टीम भावना और आत्मनिर्भरता विकसित करना भी है। ऐसे शैक्षणिक भ्रमण बच्चों को कक्षा में पढ़े गए विषयों को वास्तविक जीवन से जोड़कर समझने का अवसर प्रदान करते हैं।विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि एपेक्स इंटरनेशनल स्कूल, पाली विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उनके बौद्धिक, सामाजिक और व्यावहारिक विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस प्रकार की गतिविधियाँ बच्चों में नई चीजें सीखने की जिज्ञासा बढ़ाती हैं तथा उन्हें व्यापक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रेरित करती हैं।विद्यार्थियों में दिखा उत्साह, अभिभावकों ने की सराहनाभ्रमण से लौटे विद्यार्थियों में विशेष उत्साह और आत्मविश्वास देखने को मिला। बच्चों ने इस यात्रा को ज्ञानवर्धक, रोचक और यादगार अनुभव बताया। वहीं, अभिभावकों ने बच्चों के शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत विकास के लिए विद्यालय द्वारा किए गए इस प्रयास की सराहना की और विद्यालय प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया।एपेक्स इंटरनेशनल स्कूल, पाली का यह प्रयास इस बात को रेखांकित करता है कि आधुनिक शिक्षा में पुस्तकीय अध्ययन के साथ-साथ अनुभव आधारित शिक्षण और वास्तविक जीवन से जुड़ी गतिविधियों का भी महत्वपूर्ण स्थान है।

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रायपुर में ट्रक ने मां-बेटी को कुचला, दोनों की मौत:कोरिया में बस-बोलेरो की टक्कर, महिला की गई जान; 4 बच्चों समेत 14 घायल

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रायपुर/ कोरिया, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में रविवार को दो अलग-अलग सड़क हादसों में मां-बेटी समेत 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 14 लोग घायल हो गए। पहला हादसा रायपुर के VIP चौक पर हुआ, जहां ट्रक ने स्कूटी सवार मां-बेटी को रौंद दिया। मां ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। 9 साल की बच्ची को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।

वहीं, दूसरा हादसा कोरिया जिले के जमदुआरी घाट पर हुआ, जहां तेज रफ्तार बस और बोलेरो की टक्कर में एक महिला की मौत हो गई। इस हादसे में चार बच्चों समेत 14 लोग घायल हुए हैं। इनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है।

रायपुर VIP चौक पर ट्रक ने स्कूटी सवार मां-बेटी को रौंद दिया।

रायपुर VIP चौक पर ट्रक ने स्कूटी सवार मां-बेटी को रौंद दिया।

घटना के बाद लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई थी।

घटना के बाद लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई थी।

कोरिया में रांची से चिरमिरी जा रही बस और बोलेरो के बीच टक्कर हो गई।

कोरिया में रांची से चिरमिरी जा रही बस और बोलेरो के बीच टक्कर हो गई।

केस 1: रायपुर में ट्रक ने मां-बेटी को रौंदा

टेमरी गांव की रहने वाली गंगा साहू (35) और उनकी बेटी रितिका साहू (9) स्कूटी पर सवार होकर रायपुर शहर की तरफ आ रही थीं। दोपहर में VIP चौक पर ट्रक (नंबर MH15EG7219) ने उन्हें रौंद दिया।

हादसा इतना गंभीर था कि मां ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। गंभीर हालत में बेटी को मेकाहारा लाया गया, जहां उसकी भी मौत हो गई। पुलिस ने ट्रक ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है।

घटना के बाद चौक पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर तेलीबांधा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। हादसा कैसे हुआ, इसकी जांच की जा रही है।

VIP चौक पर पहले भी हुए कई बड़े हादसे

VIP रोड पर हुआ यह हादसा पहला नहीं है। इससे पहले भी यहां ट्रक की चपेट में आने से कई बड़े हादसे हो चुके हैं, जिनमें लोगों की जान जा चुकी है। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं को लेकर ग्रामीण प्रदर्शन भी कर चुके हैं।

कोरिया हादसे में टक्कर के बाद बोलेरो की हालत।

कोरिया हादसे में टक्कर के बाद बोलेरो की हालत।

केस 2 : कोरिया में बस-बोलेरो की टक्कर, महिला की मौत

दूसरा हादसा कोरिया जिले में रविवार सुबह नेशनल हाईवे-43 पर हुआ। चरचा थाना क्षेत्र के नगर जंगल में रांची से चिरमिरी जा रही राजहंस बस और बोलेरो के बीच टक्कर हो गई। हादसे में बोलेरो सवार महिला रितु सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 14 लोग घायल हो गए। घायलों में चार बच्चे भी शामिल हैं।

जानकारी के मुताबिक, मनेंद्रगढ़ के खोंगापानी निवासी श्रद्धालु रविवार सुबह बोलेरो में सवार होकर कुदरगढ़ जा रहे थे। इसी दौरान जमदुआरी घाट के पास उनकी बोलेरो की बस से टक्कर हो गई। टक्कर के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

चार बच्चों समेत 14 लोग घायल, 2 की हालत गंभीर

हादसे की सूचना मिलने पर चरचा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। सभी घायलों को बैकुंठपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। इनमें से दो घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची। पुलिस हादसे के कारणों का पता लगाने में जुटी है।

पहले भी हो चुके हैं कई हादसे

कोरिया जिले में जिस जमदुआरी घाट पर यह हादसा हुआ, वहां पहले भी कई सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इस जगह को नेशनल हाईवे ने ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित किया है। इसके बावजूद यहां एक बार फिर बड़ा हादसा हो गया। पुलिस दोनों सड़क हादसों की जांच कर रही है।

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