अभूतपूर्व उमंग एवं उल्लास के माहौल में स्वस्थ आयु के लिए योग थीम पर जिला स्तरीय योग कार्यक्रम का हुआ भव्य आयोजन विधानसभा अध्यक्ष ने मल्लखंब प्रदर्शन की सराहना की, बच्चों को प्रोत्साहन स्वरूप स्वेच्छानुदान मद से 51 हजार रूपए प्रदान करने की घोषणा की योगाभ्यास करने के साथ ही योग की विभिन्न विशेषताओं से नागरिकों को कराया गया परिचित
राजनांदगांव। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अभूतपूर्व उमंग एवं उल्लास के माहौल में स्वस्थ आयु के लिए योग थीम पर जिला स्तरीय योग कार्यक्रम का भव्य आयोजन आज सुबह दिग्विजय स्टेडियम राजनांदगांव में किया गया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में जिला स्तरीय योग कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने सभी को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए सभी के स्वस्थ और निरोग जीवन की कामना की। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति और प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने सभी नागरिकों से इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि योग केवल एक वार्षिक आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सार्थक जीवन का मार्ग है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं प्रतिदिन योग करते हैं तथा हाल ही में हुई सर्जरी के कारण कार्यक्रम में योगाभ्यास नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि योग के माध्यम से वे शीघ्र ही पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर अगले वर्ष योगाभ्यास में शामिल होंगे।
उन्होंने अबूझमाड़ से आए बच्चों द्वारा प्रस्तुत मल्लखंब प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि इन बच्चों ने अद्भुत संतुलन और कौशल का परिचय दिया है। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहन स्वरूप स्वेच्छानुदान मद से 51 हजार रूपए प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि योग में केवल शारीरिक अभ्यास नहीं है। योग मन को स्थिर करता है और सर्वाेच्च स्थान पर पहुंचाता है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में किए गए प्रस्ताव के बाद आज योग विश्व के 177 से अधिक देशों तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि योग भारत की उस परंपरा का प्रतीक है जो पूरी दुनिया को एक साथ जोडऩे का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि योग मन, शरीर और आत्मा का समन्वय है। योग व्यक्ति को प्रकृति, समाज और ईश्वर से जोडऩे का माध्यम है। उन्होंने नागरिकों से केवल 21 जून को ही नहीं, बल्कि पूरे वर्ष नियमित रूप से योग करने का संकल्प लेने का आग्रह किया। कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को स्वयं को समझने, आत्मचिंतन करने और जीवन को सकारात्मक दिशा देने की प्रेरणा देता है। आज के समय में जब लोग बाहरी दुनिया और परिस्थितियों पर अधिक ध्यान केंद्रित करते हैं, योग हमें अपने भीतर झांकने और स्वयं को बेहतर बनाने का अवसर प्रदान करता है। कलेक्टर ने कहा कि स्वयं की सेवा और आत्मविकास ही समाज सेवा की मजबूत आधारशिला है, क्योंकि जब व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होता है, तभी वह दूसरों की बेहतर सेवा कर सकता है। उन्होंने कहा कि योग जीवन का अभिन्न हिस्सा है और सभी नागरिकों से इसे नियमित दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। योगाभ्यास की विभिन्न विशेषताओं से नागरिकों को कराया गया परिचित- मंगलाचरण वंदन प्रार्थना के साथ योग सत्र प्रारंभ किया गया। प्रशिक्षकों ने बताया कि योग-प्राणायाम ध्यान की त्रिवेणी है। योग प्रशिक्षक ने बताया कि योग शरीर को तथा प्राणायाम मन एवं बुद्धि को मजबूत बनाते हैं। योग अंतर्गत शिथलीकरण की प्रक्रिया, कड़ी संचालन, गर्दन के लिए योगाभ्यास सिखाया गया। जो सर्वाइकल स्पांडिलाइटिस की बीमारी के लिए फायदेमंद है। नागरिकों को ताड़ासन कराया गया। ताड़ासन मानसिक तनाव दूर करने में उपयोगी है। ताड़ासन से शरीर का संतुलन बना रहता है। वृक्ष की तरह प्रणाम की मुद्रा में आसन करना होता है। त्रिकोणासन कराया गया। साथ ही यह जानकारी दी गई की यह मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। भद्रासन से पैरों की मांसपेशियां तथा घुटने मजबूत बनते हैं। वज्रासन से पेट की तकलीफ, मानसिक तनाव दूर होता है। योग प्रशिक्षकों ने बताया कि वज्रासन स्ट्रेस मैनेजमेंट के लिए कार्य करता है। वक्रासन डायबिटीज की बीमारी के लिए उपयोगी है। इस अवसर पर मकरासन, सेतुबंध आसन, पवनमुक्तासन, शवासन किया गया। प्रशिक्षकों ने बताया कि ज्ञानमुद्रा से जोड़ों का दर्द दूर होता है। कपालभाति प्राणायाम मास्टर प्राणायाम है, जिससे 99 प्रतिशत बीमारियां दूर होती है। कपालभाति प्राणायाम से शरीर की प्रत्येक कोशिका में ऑक्सीजन की आपूर्ति होती है। इस आसन से तनाव दूर होता है तथा स्वस्थ होने की अनुभूति होती है। योग करने से शरीर की नकारात्मकता दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का स्तर बढ़ता है। इससे शुगर, ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां दूर होती हैं। मास्टर प्राणायाम अनुलोम-विलोम प्राणायाम से शरीर में शक्ति जाग्रत होती है और विभिन्न तरह की व्याधियां दूर होती हैं। इसके साथ ही निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है। इस प्राणायाम से एकाग्रता एवं जीवन शक्ति बढ़ती है तथा तनाव कम होता है। शीतलीकरण प्राणायाम से मस्तिष्क को शीतलता मिलती है तथा इससे रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। सामूहिक योगाभ्यास के पश्चात अबूझमाड़ मल्लखंब अकादमी के बच्चों द्वारा विशेष मल्लखंब योग प्रदर्शन एवं योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। योग से निरोग रहने के लिए तथा नियमित योग अभ्यास से शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का संदेश दिया। आयुष विभाग राजनांदगांव की ओर से कार्यक्रम में उपस्थित सभी नागरिकों को रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले स्वास्थ्यवर्धक काढ़ा का वितरण किया गया। इस दौरान अंकुरित मंूग, चना, मूंगफल्ली एवं केला का नाश्ता दिया गया। कार्यक्रम में पतंजलि, उदयाचल एवं अन्य स्वयं सेवी संस्थाओं की भी सहभागिता रही। इस अवसर पर महापौर मधुसूदन यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल नीलू शर्मा, अध्यक्ष जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित सचिन बघेल, अध्यक्ष राजगामी संपदा न्याय श्रीमती पूर्णिमा साहू, पूर्व विधायक रामजी भारती, खूबचंद पारख, कोमल सिंह राजपूत, संतोष अग्रवाल, आईजी बालाजी राव, पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा, वनमंडलाधिकारी आयुष जैन, जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर प्रेम प्रकाश शर्मा, एसडीएम गौतम पाटिल सहित अन्य पार्षद, जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में बच्चे, खिलाड़ी, नागरिकगण उपस्थित थे।
कोरबा/कटघोरा। करीब 02 साल से अधिक समय तक कटघोरा वनमंडल में पदस्थ रहे आईएफएस कुमार निशांत का स्थानांतरण मरवाही डीएफओ के रूप में हो गया है। उनके स्थान पर शासन ने आईएफएस जितेन्द्र कुमार उपाध्याय को पोस्टिंग दी है। श्री उपाध्याय इसके पूर्व धरमजयगढ़ में डीएफओ थे। निशांत का भ्रष्टाचार और तानाशाही से रहा नाता कटघोरा में पदस्थ कुमार निशांत का कटघोरा डीएफओ बनते ही तानाशाही और भ्रष्टाचार से नाता रहा। कटघोरा डीएफओ रहते कैम्पा मद में भारी गड़बड़ी की शिकायत रही और विधानसभा तक इसकी गूंज रही। एक विधायक के सवाल के जवाब में छत्तीसगढ़ के उन आईएफएस अधिकारियों का नाम वनमंत्री केदार कश्यप ने बताया, जिनके खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत और जांच चल रही है, जिनमें कटघोरा डीएफओ कुमार निशांत का नाम शामिल है। भ्रष्टाचार की शिकायत और जांच चलने के बाद भी कुमार निशांत को सालों तक अभयदान मिलता रहा और काफी समय कटघोरा डीएफओ के रूप में बिताने के बाद 08 अगस्त को उनका स्थानांतरण मरवाही वनमंडल में डीएफओ के रूप में हुआ है। भ्रष्टाचार में जहां वे चर्चा में रहे, वहीं वे तानाशाही के लिए भी चर्चित रहे। जब जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा-कटघोरा डीएफओ कार्यालय में जा कर लेंगे बैठक उनकी हिटलरशाही आम जनता के लिए तो चर्चा का विषय रहा ही, वे जनप्रतिनिधियों के निर्देशों की भी अवहेलना करने में भी चर्चित रहे। त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव को एक साल से अधिक हो गए। एक साल में जिला पंचायत की सामान्य सभा जितनी बार हुई, उसमें एक बार भी कटघोरा डीएफओ कुमार निशांत नहीं पहुंचे। जिला पंचायत सीईओ एवं अध्यक्ष डॉ. पवन के निर्देशों को भी वे हवा में उड़ा देते रहे और अपने अधीनस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों के बीच कहते-फिरते रहे कि उनका कोई कुछ बिगाड़ नहीं सकता। हुआ भी यही, वे राजा की तरह दम्भ के साथ कटघोरा में अपना पूरा कार्यकाल बिताया और अब 08 अगस्त को शासन स्तर पर हुए तबादला आदेश में वे मरवाही जा रहे हैं।
एक साल की एक भी सामान्य सभा में डीएफओ कुमार निशांत की उपस्थिति न होने पर कई बार कटघोरा डीएफओ को नोटिस दिया गया, लेकिन कोई प्रभाव नहीं पड़ा, इससे खिन्न हो कर जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह ने कहा कि अबकी बार कटघोरा डीएफओ उपस्थित नहीं होते, तो वे सभी सदस्यों के साथ कटघोरा वनमंडल कार्यालय में डीएफओ की बैठक लेंगे, लेकिन ऐसा नहीं कर सके। सीएम तक हुई शिकायत, लेकिन नौकरशाही हावी रही डॉ. पवन सिंह सहित जिला पंचायत सदस्यों, भाजपा नेताओं ने कटघोरा डीएफओ कुमार निशांत की तानाशाही एवं भ्रष्टाचार की शिकायत लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के पास पहुंचे, लेकिन महीनों-महीनों बीत गए, लेकिन उन पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। जिला पंचायत सीईओ के आदेश को मानने के लिए वे अपने आपको बाध्य नहीं मानते थे, क्योंकि वे फ्रेश आईएफएस हैं, जबकि जिला पंचायत सीईओ प्रमोटिव एडीएम/जिला पंचायत सीईओ थे।
सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से सरकारी स्कूल में शराब और चिकन पार्टी का वीडियो सामने आया है। वीडियो में 5 शिक्षक और 1 स्वीपर स्कूल कैंपस में शराब और चिकन पार्टी करते नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों ने इसका वीडियो बनाया था, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
वीडियो वायरल होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी कुमुदिनी द्विवेदी ने नरेंद्र कुमार लहरें (लेक्चरर), राजू कुमार साहू (लेक्चरर), राजेश धीरी (लेक्चरर), दिनेश चक्रधारी (लेक्चरर), रात्रे (स्वीपर) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
डीईओ ने कहा कि कर्मचारियों से जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामला मालखरौदा ब्लॉक के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल किरारी का है।
छुट्टी के बाद स्कूल में कर रहे थे पार्टी
बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो करीब एक सप्ताह पुराना है। स्कूल की छुट्टी के बाद कुछ शिक्षक और स्वीपर परिसर में शराब और नॉनवेज के साथ पार्टी कर रहे थे। इसी दौरान कुछ ग्रामीण वहां पहुंच गए और उन्होंने पूरी घटना का वीडियो बना लिया।
वायरल वीडियो में टेबल पर शराब की बोतल और प्लेट में नॉनवेज साफ नजर आ रहा है। वहीं, गिलास में शराब का पैक भी दिखाई दे रहा है। वीडियो में कुछ शिक्षक टेबल के आसपास बैठे हुए नजर आ रहे हैं।
ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर किया वायरल
ग्रामीणों ने स्कूल परिसर में पार्टी का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। इसके बाद वीडियो तेजी से वायरल हो गया। ग्रामीणों का दावा है कि इससे पहले भी शिक्षक स्कूल कैंपस में इस तरह की पार्टी कर चुके हैं।
5 शिक्षकों और स्वीपर को नोटिस
जिला शिक्षा अधिकारी कुमुदिनी द्विवेदी ने मामले में एक्शन लेते हुए वीडियो में नजर आ रहे पांच शिक्षकों और एक स्वीपर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सभी को तीन दिन के भीतर अपना जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।
शिक्षा विभाग ने संबंधित कर्मचारियों से घटना को लेकर अपना पक्ष मांगा है। जवाब मिलने के बाद मामले की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ वन विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। शासन ने 24 IFS अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापनाओं के आदेश जारी किए हैं। अधिकारियों को अलग-अलग वनमंडलों और विभागीय संस्थानों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जारी आदेश के मुताबिक, गणवीर धम्मशील को वन और जलवायु परिवर्तन विभाग का विशेष सचिव बनाया गया है। जबकि उत्तम कुमार गुप्ता को इंद्रावती टाइगर रिजर्व का प्रभारी मुख्य वन संरक्षक (CCF) बनाया गया है।
दुलेश्वर प्रसाद साहू को मनेन्द्रगढ़ वनमंडल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पंकज राजपूत को रायपुर का नया वन उप संरक्षक (DCF) बनाया गया है। प्रभाकर खलखो को सरगुजा कार्य आयोजना वनमंडल का प्रभारी वन संरक्षक बनाया गया है।
वन विकास निगम में 3 अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति
संजय यादव, गीष्मी चांद और ऋषभ जैन को छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम में प्रतिनियुक्ति दी गई है। वहीं, पंकज कुमार कमल को वन विकास निगम से वापस लेते हुए बलौदाबाजार वन उप संरक्षक बनाया गया है।
लघु वनोपज संघ और PCCF कार्यालय में भी बदलाव
अभिषेक जोगावत को छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ में उप महाप्रबंधक की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं रौनक गोयल को PCCF कार्यालय में वन उप संरक्षक बनाया गया है।