कच्छ,एजेंसी। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को दशहरे पर भुज में एक मिलिट्री बेस का दौरा किया। यहां L-70 गन डिफेंस सिस्टम समेत शस्त्र पूजा से पहले सैनिकों को संबोधित किया। इस गन का इस्तेमाल ऑपरेशन सिंदूर में किया गया था।
L-70 गन एक मिनट में 300 गोले दागती है। 3,500 मीटर तक टारगेट कर सकती है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी ड्रोन को मार गिराने में L-70 सिस्टम ने अहम भूमिका निभाई थी।
इस दौरान राजनाथ सिंह ने सर क्रीक इलाके में सीमा विवाद को लेकर पाकिस्तान को चेतावनी दी। रक्षा मंत्री ने कहा- आजादी के 78 साल बाद भी सर क्रीक में सीमा को लेकर विवाद खड़ा किया जाता है। भारत ने कई बार बातचीत के जरिए इसे सुलझाने की कोशिश की है, लेकिन पाकिस्तान की नीयत में खोट है, उसकी नीयत साफ नहीं है।
रक्षा मंत्री ने कहा- जिस तरह से हाल में पाकिस्तान ने सर क्रीक से सटे इलाकों में अपना मिलिट्री इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ाया है, वह उसकी नीयत बताता है। अगर सर क्रीक क्षेत्र में पाकिस्तान की ओर से कोई हिमाकत की गई, तो उसे ऐसा करारा जवाब मिलेगा कि इतिहास और भूगोल दोनों बदल जाएंगे।
राजनाथ बोले- भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के अपने लक्ष्य हासिल किए
रक्षा मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान लेह से सर क्रीक तक, भारत के डिफेंस सिस्टम में सेंध लगाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सका। वहीं, भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह से बेनकाब कर दिया।
उन्होंने कहा- भारत की सेना ने दुनिया को यह संदेश दिया कि वह जब चाहे और जहां चाहे पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचा सकती है। भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर में अपने सभी मकसद को सफलतापूर्वक हासिल कर लिया। हालांकि सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ उसकी लड़ाई जारी रहेगी।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारी आर्म्ड फोर्सेस ने दिखा दिया कि भारत की संप्रभुता को चुनौती देने वाली ताकतें चाहे जहां भी छिपी हों, हम उन्हें ढूंढकर उनका खात्मा करने की शक्ति रखते हैं। दुनिया की कोई भी ताकत अगर हमारी संप्रभुता को चुनौती देती है तो भारत चुप नहीं बैठेगा।
रक्षा मंत्री ने भुज में शस्त्र पूजा की और जवानों को तिलक लगाया।
रक्षा मंत्री ने कहा- भारत समय आने पर शस्त्रों का इस्तेमाल करना जानता है
रक्षा मंत्री ने शस्त्र पूजा का महत्व बताते हुए कहा- शस्त्रों के प्रति समर्पण, असुर शक्तियों पर दैवी शक्ति की विजय की महानता को दर्शाता है। इसलिए जब हम किसी शस्त्र की पूजा करते हैं, तो हम इस शक्ति का इस्तेमाल केवल धर्म और न्याय की रक्षा के लिए करने का संकल्प भी लेते हैं।
उन्होंने कहा- भगवान राम ने जब रावण से युद्ध किया तो उनका मकसद जीतना नहीं था। वे धर्म की स्थापना करना चाहते थे। शस्त्रों की पूजा इस बात का प्रतीक है कि भारत न सिर्फ शस्त्रों की पूजा करता है, बल्कि समय आने पर उनका इस्तेमाल करना भी जानता है।
सर क्रीक भारत और पाकिस्तान के बीच 96 किलोमीटर लंबी एक ज्वारीय खाड़ी (जल की पट्टी) है। यह कच्छ की खाड़ी से अरब सागर में जाकर मिलता है। यह क्षेत्र पाकिस्तान के सिंध प्रांत और भारत के गुजरात राज्य के बीच दलदली इलाके में स्थित है। इलाके में पानी और दलदल की वजह से बॉर्डर तय करना मुश्किल है।
सर क्रीक विवाद की टाइमलाइन, 8 पॉइंट्स
आजादी से पहले, लगभग 1908 में कच्छ और सिंध के शासकों के बीच सर क्रीक खाड़ी के किनारे जलाऊ लकड़ी के ढेर को लेकर विवाद शुरू हुआ था।
1914 में कच्छ राजा और सिंध प्रांतीय सरकार ने बॉम्बे प्रेसीडेंसी के प्रस्ताव पर साइन किए, जिसके अनुसार पाकिस्तान पूरी खाड़ी पर दावा करता है।
कच्छ और सिंध के बीच सीमा तय करने वाले इस प्रस्ताव में क्रीक को सिंध का हिस्सा बताया गया था। हालांकि दस्तावेज में सीमा स्पष्ट नहीं की गई।
1947 में भारत और पाकिस्तान अलग हुए। पाकिस्तान ने पूरी सर क्रीक पर दावा किया और कहा कि 1914 के समझौते में पूर्वी किनारे पर बॉर्डर है।
भारत ने थलवेग सिद्धांत को मानते हुए कहा कि बॉर्डर लाइन सर क्रीक के बीचों-बीच है। थलवेग सिद्धांत नदी और खाड़ी में इंटरनेशनल बॉर्डर तय करने का मानक है।
1965 में भारत-पाकिस्तान के बीच रन ऑफ कच्छ क्षेत्र में झड़पें हुईं। इससे सर क्रीक सीमा विवाद बढ़ा। भारत ने सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी।
1968 में भारत और पाकिस्तान ने कच्छ विवाद इंटरनेशनल ट्रिब्यूनल को भेजा। ट्रिब्यूनल ने कच्छ का बड़ा हिस्सा भारत को दे दिया, लेकिन सर क्रीक पर फैसला नहीं हुआ।
1990 से 2000 के दौरान दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत हुईं, एक जॉइंट सर्वे भी हुआ, पर क्रीक सीमा विवाद का हल नहीं निकला।
नई दिल्ली, एजेंसी। उत्तराखंड के सभी जिलों में कल से भारी बारिश हो रही है। ऋषिकेश में गंगा वॉर्निंग लेवल के पार पहुंच गई है और घाटों पर जाने पर रोक लगा दी गई है। वहीं, रुद्रप्रयाग में केदारनाथ यात्रा मार्ग पर लैंडस्लाइड हुई है। इससे करीब 4 हजार श्रद्धालु फंस गए हैं। खराब मौसम को देखते हुए आज केदारनाथ यात्रा पर रोक लगा दी गई और हेली सेवाएं भी बंद हैं।
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नारी गांव में महानदी किनारे के शराब दुकान में बाढ़ का पानी घुसने से शराब की बोतलें नदी में बह गईं। इसकी जानकारी मिलते ही गांव वाले नदी किनारे बने ब्रिज पर पहुंच गए और मछली पकड़ने वाले जाल से बोतलें निकालते नजर आए।
यूपी के लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, बाराबंकी, अयोध्या और जौनपुर समेत 45 शहरों में 70 घंटे से बारिश हो रही है। 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। 22 जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है। आंधी-बारिश की वजह से 2 दिनों में 62 लोगों की मौत हो चुकी है।
बिहार में साइक्लोन अर्नब का असर अब कमजोर पड़ गया है। राज्य में पिछले 72 घंटे से लगातार बारिश हो रही है। नेपाल के तराई क्षेत्र में हो रही बारिश के चलते गंडक और कोसी नदियां उफान पर हैं। इससे 17 जिलों के करीब 6 हजार गांव टापू बन गए हैं, जबकि करीब 500 घर बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। सुपौल के 50 गांवों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है।
उत्तराखंड के उत्तरकाशी के सीमांत क्षेत्र नेलांग-जादुंग में शनिवार को भारी बर्फबारी हुई।
बिहार के सुपौल के 50 गांवों में बाढ़ के हालात हैं।
ओडिशा के बालेश्वर के सहदेवखुंटा में भारी बारिश के बाद एक अधिकारी ने बाढ़ से प्रभावित लोगों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया।
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी उफान पर है। जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गया है। घाटों की सीढ़ियां डूब गई हैं।
उत्तराखंड: राज्य में रेड अलर्ट, 4 जिलों में बर्फबारी
उत्तराखंड के सभी जिलों में कल से ही तेज बारिश हो रही है। आईएमडी ने आज प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। देहरादून, टिहरी, हरिद्वार और पौड़ी में रेड अलर्ट, उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल और रुद्रप्रयाग में ऑरेंज अलर्ट, जबकि बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत, ऊधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ में यलो अलर्ट है।
हिमाचल: किन्नौर में बर्फबारी शुरू, 5 जिलों में बारिश का अलर्ट
हिमाचल की राजधानी समेत राज्य के अधिकांश भागों में दोपहर बाद अचानक मौसम बदला और कई जगह बारिश हुई। कल्पा में सबसे ज्यादा 20.5 मिलीमीटर और शिमला में 9 मिमी बारिश हुई। वहीं किन्नौर की ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात दर्ज किया गगया। पूह के कुन्नू और छितकुल में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई।
बिहार: कोसी-गंडक उफान पर, 17 जिलों में 6 गांव बने टापू
बिहार में साइक्लोन अर्नब का असर अब कमजोर पड़ गया है। बीते 72 घंटे से लगातार हो रही बारिश और तेज हवा के चलते राज्य में अधिकतम तापमान करीब 25 डिग्री तक पहुंच गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, आज कुछ जिलों में बारिश हो सकती है। 30 सितंबर तक बारिश का दौर कमजोर पड़ने की संभावना है। कई जिलों में धूप निकलने के भी आसार हैं। इधर, नेपाल के तराई क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के चलते गंडक और कोसी नदियां उफान पर हैं। इससे 17 जिलों के करीब 6 हजार गांव टापू बन गए हैं, जबकि करीब 500 गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं।
उत्तर प्रदेश: लखनऊ में 65 घंटे से बारिश, पेड़-पोल उखड़े
यूपी में बारिश से हालात बिगड़ने लगे हैं। लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, बाराबंकी, अयोध्या और जौनपुर समेत 45 शहरों में 65 घंटे से बारिश हो रही है। 30-40 किमी की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। 22 जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। आंधी-बारिश की वजह से 2 दिन में 29 लोगों की मौत हो चुकी हैं।
मध्य प्रदेश: कोटे की 95.4% बारिश, यह सामान्य बारिश से कम
सितंबर के आखिरी दिनों में मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में भारी बारिश का दौर रहा। इससे अब तक मानसून की औसत 35.6 इंच बारिश हो चुकी है। यह कोटे की 95.4 प्रतिशत है। यह सामान्य बारिश’ की कैटेगिरी से पीछे है। 96 से 104% तक होने वाली बारिश को ही ‘सामान्य बारिश’ माना जाता है।
राजस्थान: 16 जिलों में आज बारिश का अलर्ट, कोटा-जैसलमेर में ओले गिरे
राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और बंगाल की खाड़ी से आए चक्रवात के असर से मौसम में बदलाव हुआ है। 16 जिलों में रविवार को बारिश का यलो अलर्ट है। शनिवार को कोटा जिले के मंडाना और जैसलमेर के मोहनगढ़ सहित कई इलाकों में बारिश के साथ ओले गिरे।
अगले 2 दिन के मौसम का हाल
28 सितंबर
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र में बारिश का यलो अलर्ट है।
मध्य महाराष्ट्र, रायलसीमा और तटीय आंध्र प्रदेश में तेज हवाओं के चलने की संभावना है।
29 सितंबर
जम्मू-कश्मीर, असम, मेघालय, मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र, तमिलनाडु, रायलसीमा और तटीय आंध्र प्रदेश में बारिश का यलो अलर्ट है।
कर्नाटक में बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। इसके अलावा रायलसीमा और तटीय आंध्र प्रदेश में तेज हवाओं के चलने की संभावना है।
न्यूयॉर्क, एजेंसी। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि आतंकवाद के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी।
सीमा पार कोई सरकार इसमें शामिल तो उसे जिम्मेदार ठहराना होगा। यह पूरी दुनिया के लिए चुनौती है।
आतंकवाद के खिलाफ आत्मरक्षा के भारत के अधिकार का इस्तेमाल किया जाएगा। आतंकवाद और दोस्ती-सद्भावना साथ नहीं चल सकते। आतंकवाद फैलाने वाले को अपना रवैया बदलना होगा।
जयशंकर न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सेशन को संबोधित कर रहे थे।
जयशंकर ने फिलिस्तीन के लिए अलग देश बनाने का समर्थन किया
जयशंकर ने फिलिस्तीन के लिए अलग देश बनाने का समर्थन किया। उन्होंने टू-नेशन सॉल्यूशन यानी दो-राष्ट्र समाधान की बात कही। इसके तहत इजराइल और फिलिस्तीन, दोनों के लिए अलग-अलग स्वतंत्र देश बनाने का प्रस्ताव है, ताकि दोनों के लोग शांति और सुरक्षा के साथ रह सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत फिलिस्तीनी लोगों के लिए मानवीय सहायता और राहत प्रयासों में योगदान दे रहा है। जयशंकर के इस भाषण का वीडियो फिलिस्तीन भी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया।
जयशंकर की स्पीच की बड़ी बातें, कहा- समुद्र में जहाजों को निशाना बनाया जाना स्वीकार नहीं
संघर्ष और टकराव हमारी सबसे बड़ी चिंता
संघर्ष और टकराव हमारी सबसे बड़ी चिंता बने हुए हैं। शांति बनाए रखने में असमर्थता न केवल सुरक्षा को कमजोर कर रही है, बल्कि प्रगति के लिए खतरा पैदा कर रही है। पूरी दुनिया में इसका असर देखा जा सकता है।
जहाजों को निशाना बनाया जाना स्वीकार नहीं
इस साल हम खाड़ी क्षेत्र में एक संघर्ष देख रहे हैं, जो पहले से ही कठिन स्थिति को और गंभीर बना रहा है। हम आपस में जारी इस लड़ाई को लेकर बेहद चिंतित हैं। अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से गुजरने वाले जहाजों और समुद्री यात्रियों को निशाना बनाया जाना पूरी तरह अस्वीकार्य है।
दुनिया लगातार खतरों का सामना कर रही
भारत इस स्थिति को सुधारने के लिए हरसंभव प्रयास करने को तैयार है, खासकर खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा के संबंध में। हमें यह समझना होगा कि शांति का मतलब केवल युद्ध की अनुपस्थिति नहीं है। यदि दुनिया लगातार खतरों और दबावों का सामना करती रहेगी, तो हम वास्तव में एक खाई के किनारे खड़े होंगे।
पिछले 3 महीने में 7 भारतीयों की मौत, 1 लापता
8 जुलाई- ब्लैक सी में MV ओमोर्फी पर हमले में भारतीय चीफ ऑफिसर की मौत हुई।
19 जुलाई- MV गोल्डन लियो पर हमले में चार भारतीय नाविक मारे गए।
9 सितंबर- होर्मुज स्ट्रेट में एल गैया टैंकर पर हमला हुआ, जिसके बाद एक भारतीय क्रू सदस्य लापता हो गया।
17 सितंबर- ओमान की खाड़ी में MV केप डाओ पर हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हुई।
जयशंकर ने एक दिन पहले पाकिस्तानी पत्रकार को फटकारा था
जयशंकर ने कहा, कल आतंकवाद के समर्थक देश से जुड़े एक व्यक्ति ने इस महासभा के सामने तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया। आतंकवाद को सामान्य बनाने और उसके परिणामों से बचने के लिए तर्क दिए गए, लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।
आतंकवाद के खिलाफ आत्मरक्षा के भारत के अधिकार का इस्तेमाल किया जाएगा। आतंकवाद और दोस्ती-सद्भावना साथ नहीं चल सकते। इसलिए आतंकवाद के आधार पर बनी किसी भी समझ की समीक्षा स्वाभाविक रूप से होगी। आतंकवाद फैलाने वाले को अपना रवैया बदलना होगा।
दरअसल शुक्रवार को एक पाकिस्तानी रिपोर्टर ने भारत पर पाकिस्तान में आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
इस पर जयशंकर ने कहा, एक आतंकवादी देश मुझसे यह सवाल पूछ रहा है। रिपोर्टर के सवाल का जवाब देने के बाद वे मुस्कुराए और वहां से निकल गए।
भारत-पाकिस्तान के बीच आतंकवाद बड़ा विवाद
भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाता रहा है। पाकिस्तान इन आरोपों से इनकार करता है। दोनों देशों के बीच आतंकवाद का मुद्दा लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठता रहा है।
भारत ने अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले का भी मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाया है। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था।
भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान में मौजूद या वहां से संचालित होने वाले आतंकी संगठनों और आतंकवाद की फंडिंग का मुद्दा भी उठाया है। वहीं, पाकिस्तान भारत के आरोपों को खारिज करता रहा है।
नई दिल्ली, एजेंसी। पीएम मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड में कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रहा है। आतंकवादी अगर भारत की तरफ आंख उठाकर देखेंगे, तो उन्हें करारा जवाब दिया जाएगा।
मोदी ने कहा कि 28-29 सितंबर 2016 को हुई सर्जिकल स्ट्राइक के 10 साल पूरे होने वाले हैं। भारतीय सेना ने LoC पार कर पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी। भारतीय जवानों की इस कार्रवाई को देखकर दुनिया हैरान रह गई थी।
प्रधानमंत्री ने बालाकोट एयरस्ट्राइक से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने बार-बार साफ संदेश दिया है कि आतंकवाद का मजबूत और निर्णायक जवाब दिया जाएगा।
पीएम मोदी के भाषण की बड़ी बातें
1. जनगणना को बताया राष्ट्रीय दायित्व
पीएम मोदी ने कहा कि जनगणना हम सबका राष्ट्रीय दायित्व है। उन्होंने लोगों से अपनी और परिवार की जानकारी खुद ऑनलाइन दर्ज करने की अपील की। मोबाइल से यह प्रक्रिया आसानी से पूरी की जा सकती है। मोदी ने बताया कि जनगणना का पहला चरण सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग पूरा हो चुका है। 32 करोड़ से ज्यादा परिवारों का डेटा भी दर्ज किया जा चुका है।
2. स्वच्छता के महत्व पर जोर
पीएम मोदी ने 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने जीवन के कई मंत्र दिए, जिनमें स्वच्छता भी शामिल है। उन्होंने सोशल मीडिया पर स्वच्छता से जुड़े फोटो, वीडियो और रील्स का भी जिक्र किया और कहा कि छोटे-छोटे प्रयासों से पूरा समाज जुड़ रहा है।
3. नशे के खिलाफ युवाओं की मुहिम
मोदी ने बताया कि देशभर के युवा नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चला रहे हैं। ‘मेरा भारत’ के तहत एंथम, स्लोगन राइटिंग और नुक्कड़ नाटक जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। युवा सोशल मीडिया के जरिए भी नशा मुक्त रहने का संदेश लोगों तक पहुंचा रहे हैं।
4. 100 शहरों में स्वास्थ्य जांच और ध्यान शिविर
‘नशा मुक्त युवा अभियान’ के तहत 100 शहरों में स्वास्थ्य जांच और ध्यान शिविर जैसी गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। मोदी ने कहा कि इस अभियान में युवा खुद नशे से दूर रहने के साथ दूसरों को भी जागरूक करने की जिम्मेदारी उठा रहे हैं।
5. थाईलैंड में भगवान गणेश की लोकप्रियता बताई
पीएम मोदी ने कहा कि भगवान गणेश की भक्ति सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। थाईलैंड में गणेश जी की पूजा ‘फ्रा फिकानेट’ के रूप में की जाती है। उन्होंने बताया कि गणेश से जुड़ी परंपराओं पर शोध करने वाले श्रद्धालुओं के प्रयासों से वहां अष्टविनायक यात्रा भी लोकप्रिय हुई है।
6. असम में पिग्मी हॉग की संख्या 190 से ज्यादा हुई
मोदी ने असम में पिग्मी हॉग के संरक्षण कार्यक्रम का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कभी इस छोटे जीव के अस्तित्व पर खतरा था। संरक्षण कार्यक्रम के बाद अब इसकी संख्या 190 से ज्यादा हो गई है।
7. सोनाई रूपाई में फिर लौटे हाथी
असम के सोनाई रूपाई वन्यजीव अभयारण्य का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि यहां कभी हाथी रहते थे, लेकिन जंगल की जमीन पर इंसानी दखल बढ़ने से वे दूर चले गए थे। करीब तीन साल पहले अतिक्रमण हटाए जाने के बाद हाथी फिर इस इलाके में लौट आए हैं और अब उनके झुंड दिखाई दे रहे हैं।
8. सर्जिकल स्ट्राइक के 10 साल का जिक्र
पीएम मोदी ने 28-29 सितंबर 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उरी में सेना के कैंप पर आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने LoC पार कर आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी। मोदी ने इसे आतंकवाद के खिलाफ भारत की निर्णायक कार्रवाई और नई नीति का उदाहरण बताया।
9. 9/11 और अशोक सिंघल को याद किया
मोदी ने कहा कि इस साल अमेरिका में हुए 9/11 आतंकी हमले को 25 साल पूरे हो रहे हैं। उन्होंने हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी और 2014 में न्यूयॉर्क जाकर पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने की बात भी बताई। इसके अलावा उन्होंने विश्व हिंदू परिषद के नेता अशोक सिंघल की 100वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और राम जन्मभूमि आंदोलन में उनके योगदान का जिक्र किया।
10. स्वच्छता को गांधी जी के जीवन-मंत्र से जोड़ा
पीएम मोदी ने 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती का जिक्र करते हुए कहा कि बापू ने जीवन के कई मंत्र दिए, जिनमें स्वच्छता भी शामिल है। उन्होंने सोशल मीडिया पर स्वच्छता से जुड़े फोटो, वीडियो और रील्स का भी जिक्र किया। मोदी ने कहा कि देश में स्वच्छता को लेकर कई तरह के प्रयास हो रहे हैं। लोगों के छोटे-छोटे प्रयासों से पूरा समाज इससे जुड़ रहा है।