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रूस बोला-भारत किसी से भी तेल खरीदने के लिए आजाद:इसमें कुछ भी गलत नहीं, भारत ने तेल खरीद रोकने की आधिकारिक जानकारी नहीं दी
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6 days agoon
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Divya Akashमॉस्को,एजेंसी। रूस ने कहा कि भारत किसी भी देश से क्रूड ऑयल खरीदने के लिए पूरी तरह आजाद है। रूस के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूस कभी भी भारत का एकमात्र एनर्जी पार्टनर नहीं रहा है। अगर भारत तेल की खरीद किसी और देश से करता है, तो इसे गलत नहीं माना जाना चाहिए।
पेस्कोव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद कर रहा है, इस तरह की कोई भी ऑफिशियल जानकारी भारत की ओर से नहीं दी गई है। उन्होंने एक दिन पहले भी यही बात कही थी कि नई दिल्ली से ऐसा कोई मैसेज नहीं आया है।
ट्रम्प का दावा- भारत रूसी तेल खरीदना बंद करेगा
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने सोमवार को कहा था कि भारत, अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील के तहत रूस से तेल खरीद रोकने को तैयार हो गया है।
उन्होंने कहा था कि अमेरिका और भारत के बीच एक व्यापार समझौता हुआ है। इसके तहत भारतीय सामानों पर लगने वाला टैरिफ 50% से घटकर 18% हो गया है।
उन्होंने दावा किया कि इसके बदले में भारत, रूस से तेल खरीदना बंद करेगा और व्यापार से जुड़ी टैरिफ की रुकावटें भी कम करेगा।
रूसी प्रवक्ता बोलीं- तेल खरीदी दोनों देशों के लिए फायदेमंद
रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने बुधवार को रूस और भारत के बीच हाइड्रोकार्बन व्यापार जारी रखने की बात कही। उन्होंने कहा
भारत की रूसी हाइड्रोकार्बन की खरीद दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद है। यह वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता बनाए रखने में मदद करती है। हम अपने भारतीय साझेदारों के साथ निकट सहयोग जारी रखने के लिए तैयार हैं।
इस बीच रूस के एनर्जी एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत के लिए रूसी तेल को पूरी तरह छोड़कर किसी और देश का तेल लेना आसान नहीं है।
नेशनल एनर्जी सिक्योरिटी फंड के विशेषज्ञ इगोर युशकोव ने बताया कि अमेरिका जो तेल बेचता है, वह हल्का होता है, जबकि रूस, भारत को भारी और सल्फर वाला यूराल्स क्रूड सप्लाई करता है जिसका इस्तेमाल भारतीय रिफाइनरियां करती हैं।
उन्होंने कहा कि अगर भारत अमेरिका से हल्का तेल खरीदेगा, तो उसे दूसरे तेलों के साथ ब्लेंड (मिक्स) करना पड़ेगा, ताकि मशीनें ठीक से चल सकें। ऐसा करने पर भारतीय कंपनियों की लागत बढ़ जाएगी। यानी कि भारत को अमेरिकी तेल खरीदना ज्यादा महंगा पड़ेगा।

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चे तेल का उपभोक्ता है। भारत अपनी कुल जरूरत का लगभग 88% कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है
भारत बोला- 140 करोड़ लोगों को ध्यान में रखकर फैसला लेंगे
वहीं भारत सरकार ने गुरुवार को कहा कि देश की ऊर्जा सुरक्षा उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है और तेल खरीद से जुड़े सभी फैसले राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखकर किए जाते हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि सरकार के लिए 140 करोड़ लोगों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना मेन टारगेट है। उन्होंने कहा कि भारत की एनर्जी पॉलिसी का आधार अलग-अलग देशों से तेल और गैस खरीदना है, ताकि आपूर्ति बनी रहे।
रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बाजार की स्थिति और बदलते अंतरराष्ट्रीय हालात को ध्यान में रखते हुए फैसले करता है। उन्होंने साफ किया कि भारत के सभी फैसले इसी सोच के तहत लिए जाते हैं।
वेनेजुएला लंबे समय से भारत का एनर्जी साझेदार
वेनेजुएला से तेल खरीद पर पूछे गए सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि वेनेजुएला भारत का लंबे समय से ऊर्जा साझेदार रहा है। उन्होंने बताया कि भारत 2019-20 तक वेनेजुएला से कच्चा तेल इंपोर्ट करता था, लेकिन उसके बाद इसे रोकना पड़ा।
रणधीर जायसवाल ने कहा कि 2023-24 में भारत ने वेनेजुएला से फिर से कच्चा तेल खरीदा, लेकिन जब दोबारा प्रतिबंध लगाए गए तो आयात फिर से बंद हो गया। उन्होंने बताया कि भारतीय पब्लिक सेक्टर की कंपनियां 2008 से वेनेजुएला की राष्ट्रीय तेल कंपनी PDVSA के साथ साझेदारी में काम कर रही हैं और वहां उनकी मौजूदगी बनी हुई है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत की नीति साफ है और देश वेनेजुएला या किसी भी अन्य देश से तेल खरीदने के लिए तैयार है, बशर्ते वह व्यावसायिक रूप से फायदेमंद हो। भारत अलग-अलग क्षेत्रों से कच्चे तेल की उपलब्धता का आकलन करता रहता है।
एक्सपर्ट बोले- रूस जितना तेल सप्लाई करना अमेरिका के लिए मुश्किल
एनर्जी एक्सपर्ट इगोर युशकोव ने यह भी कहा कि रूस भारत को रोजाना 1.5 से 2 मिलियन बैरल तक तेल भेजता है। यह बहुत बड़ी मात्रा है। अमेरिका इतनी बड़ी मात्रा में तेल आसानी से भारत को नहीं सप्लाई कर सकता। अमेरिका के पास इतनी क्षमता या तैयार सप्लाई चेन नहीं है जो इतनी जल्दी और इतने बड़े वॉल्यूम में मैच कर सके।
अगर भारत अचानक रूसी तेल खरीदना पूरी तरह बंद कर दे और अमेरिका या किसी और से तेल लेने की कोशिश करे, तो अमेरिका के लिए इतना ज्यादा तेल उपलब्ध करा पाना मुश्किल होगा। इससे भारत को तेल की कमी हो सकती है या कीमतें बहुत बढ़ सकती हैं।
एनर्जी एक्सपर्ट बोले- रूसी तेल बंद हुआ तो कीमतें बढ़ेंगी
युशकोव ने कहा कि भारत का रूसी तेल खरीदना कोई ‘एक झटके में’ होने वाला काम नहीं है। ट्रम्प यह दिखाना चाहते हैं कि उनकी वजह से भारत रूसी तेल छोड़ देगा, लेकिन हकीकत इतनी सरल नहीं है।
युशकोव ने याद दिलाया कि 2022 में जब रूस ने यूक्रेन पर हमला किया, तो पश्चिमी देशों ने रूसी तेल खरीदना कम कर दिया या बंद कर दिया।
रूस ने अपने तेल को यूरोप-अमेरिका से हटाकर भारत जैसे देशों की तरफ मोड़ दिया। इस दौरान रूस ने अपना तेल उत्पादन लगभग 10 लाख बैरल प्रतिदिन (1 मिलियन बैरल/दिन) कम कर दिया।
इस वजह से वैश्विक स्तर पर तेल की सप्लाई में कमी आई। तेल की मांग ज्यादा और सप्लाई कम होने से दुनिया भर में क्रूड ऑयल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं। इससे अमेरिका में पेट्रोल और डीजल की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गईं, जिससे वहां आम लोगों को तेल बहुत महंगा पड़ा।
यूक्रेन जंग शुरू होने के बाद बढ़ी रूसी तेल की खरीद
फरवरी 2022 में रूस ने यूक्रेन पर सैन्य हमला किया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच युद्ध शुरू हो गया, जो अब तक जारी है। इस युद्ध के कारण रूस पर अमेरिका और यूरोपीय देशों ने कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए, खासकर उसके तेल और गैस सेक्टर पर।
इन प्रतिबंधों की वजह से रूस को अपना कच्चा तेल सस्ते दामों पर बेचने के लिए नए खरीदार ढूंढने पड़े। इसी दौरान भारत ने रूस से रियायती दरों पर तेल खरीदना शुरू किया।
वित्त वर्ष 2024–25 में भारत और रूस का द्विपक्षीय व्यापार बढ़कर 68.7 अरब डॉलर तक पहुंच गया, लेकिन इसमें बड़ा हिस्सा कच्चे तेल का था। भारत ने अकेले 52.73 अरब डॉलर का कच्चा तेल रूस से खरीदा था।
तेल खरीदी बंद होने से रूस-भारत का व्यापार घट सकता है
भारत अगर रूसी तेल का आयात पूरी तरह बंद कर देता है, तो भारत-रूस का कुल द्विपक्षीय व्यापार घटकर 20 अरब डॉलर से भी नीचे आ सकता है।
भारत के पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पिछले महीने कहा था कि रूस से कच्चे तेल के आयात में आगे भी गिरावट आने की संभावना है। पुरी ने ब्लूमबर्ग को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि रूस से तेल खरीद में आई कमी की वजह किसी राजनीतिक या विदेशी दबाव की वजह से नहीं, बल्कि बाजार की परिस्थितियों का नतीजा है।
उन्होंने कहा था कि भारत अब तेल आपूर्ति के लिए किसी एक देश पर निर्भर नहीं रहना चाहता और इसी वजह से अलग-अलग देशों से तेल खरीदकर आपूर्ति के स्रोतों में विविधता लाई जा रही है।
हालांकि पुरी ने रूसी तेल आयात में कटौती को लेकर किसी अमेरिकी दबाव का जिक्र नहीं किया, लेकिन ट्रम्प खुले तौर पर यह दावा कर रहे हैं कि उन्होंने भारत को रूस से तेल खरीदने से रोका है।
भारत रूसी तेल का तीसरा सबसे बड़ा खरीदार
दिसंबर 2025 में भारत रूस से तेल खरीदने में तीसरे नंबर पर आ गया। तुर्किये दूसरा सबसे बड़ा खरीदार बन गया। तुर्किये ने 2.6 बिलियन यूरो का तेल खरीदा।
भारत ने दिसंबर में रूस से 2.3 बिलियन यूरो यानी लगभग 23,000 करोड़ रुपए का तेल खरीदा। नवंबर में भारत ने 3.3 बिलियन यूरो यानी करीब 34,700 करोड़ रुपए का तेल खरीदा था।
चीन अब भी सबसे बड़ा खरीदार बना हुआ है, उसने दिसंबर में रूस से 6 बिलियन यूरो यानी करीब 63,100 करोड़ रुपए का तेल खरीदा। भारत की खरीद कम होने की सबसे बड़ी वजह रिलायंस इंडस्ट्रीज रही। रिलायंस की जामनगर रिफाइनरी ने रूस से तेल खरीद करीब आधी कर दी।
पहले रिलायंस पूरी सप्लाई रूस की कंपनी रोसनेफ्ट से लेती थी, लेकिन अमेरिका के प्रतिबंधों के डर से अब कंपनियां रूस से तेल कम खरीद रही हैं। रिलायंस के अलावा सरकारी तेल कंपनियों ने भी दिसंबर में रूस से तेल खरीद करीब 15% घटा दी।
रूस ने छूट घटाई, भारत को पहले जैसा फायदा नहीं
यूक्रेन युद्ध के बाद रूस ने 20-25 डॉलर प्रति बैरल सस्ता क्रूड ऑयल बेचना शुरू किया। तब अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कच्चे तेल की कीमत 130 डॉलर प्रति बैरल थी, ऐसे में ये छूट भारत के लिए किफायती थी।
अब स्थिति बदल गई है। फरवरी 2026 में ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 68 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय रिफाइनरियों को रूसी उराल्स क्रूड ब्रेंट से 10-11 डॉलर प्रति बैरल (कुछ मामलों में 10 डॉलर से ज्यादा, शिपिंग और अन्य खर्चों सहित) सस्ता मिल रहा है, जो जनवरी के अंत में 9.15 डॉलर था।
यह छूट पहले के 20-25 डॉलर से कम है, इसलिए भारत को पहले जैसा बड़ा फायदा नहीं मिल रहा। इसके अलावा रूस से तेल लाने में शिपिंग, फ्रेट और बीमा का खर्च ज्यादा पड़ता है, क्योंकि पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण “शैडो फ्लीट” (पुराने टैंकर) का इस्तेमाल होता है, जिससे लागत बढ़ जाती है।
वहीं, सऊदी अरब, यूएई, इराक या अमेरिका जैसे स्थिर सप्लायर्स से तेल लाना सस्ता और कम रिस्क वाला है। इसी वजह से भारत अब दोबारा दूसरे सप्लायर्स से तेल खरीदने पर विचार कर रहा है।
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खेल
टी-20 वर्ल्डकप में भारत-पाकिस्तान मैच होगा:श्रीलंका के राष्ट्रपति से बातचीत के बाद मानी शहबाज सरकार, 15 फरवरी को मुकाबला
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14 hours agoon
February 10, 2026By
Divya Akashनई दिल्ली,एजेंसी। टी-20 वर्ल्ड कप में 15 फरवरी को भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला होगा। पाकिस्तान सरकार ने सोमवार रात अपने X अकाउंट पर पोस्ट कर इसकी पुष्टि की।
पोस्ट में बताया गया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने फोन कर भारत के खिलाफ मैच खेलने की अपील की थी। इसके अलावा बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम ने भी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) से मुकाबला खेलने की सिफारिश की थी।
दरअसल, बांग्लादेश को टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर किए जाने के विरोध में पाकिस्तान ने 1 फरवरी को भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने का ऐलान किया था। हालांकि उसने टूर्नामेंट के बाकी मुकाबले खेलने पर सहमति जता दी थी।
पाकिस्तान सरकार की पोस्ट

पोस्ट की खास बातें
- पाकिस्तान पीएम शहबाज शरीफ और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुर कुमार दिसानायके के बीच फोन पर बातचीत हुई। श्रीलंकाई राष्ट्रपति ने श्रीलंका में प्रस्तावित भारत-पाकिस्तान मैच खेलने का अनुरोध किया।
- श्रीलंका के राष्ट्रपति ने कहा कि आतंकवाद के मुश्किल दौर में पाकिस्तान ने श्रीलंकाई क्रिकेट का पूरा समर्थन किया था। उसी भावना से पाकिस्तान से सहयोग की अपील करते हैं।
- प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने श्रीलंकाई राष्ट्रपति की भावनाओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों से चर्चा के बाद अंतिम फैसला श्रीलंका को बता दिया जाएगा। श्रीलंका मुश्किल समय में पाकिस्तान के साथ मजबूती से खड़ा रहा। हाल ही में श्रीलंका टीम ने पाकिस्तान दौरा रद्द न कर अहम सहयोग दिखाया।
- PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी ने पीएम को भारत-पाकिस्तान मैच पर हुई हालिया बैठकों की जानकारी दी। इन बैठकों में ICC और BCB के प्रतिनिधि भी शामिल थे।
- पाकिस्तान सरकार ने BCB के औपचारिक अनुरोध और श्रीलंका, यूएई सहित अन्य देशों के समर्थन पर विचार किया।
- सभी पक्षों से चर्चाओं और मित्र देशों के अनुरोधों को देखते हुए पाकिस्तान सरकार ने फैसला लिया। पाकिस्तान टीम 15 फरवरी 2026 को ICC मेंस टी-20 वर्ल्ड कप मैच खेलेगी।
PAK मीडिया का दावा- शर्तें मानी गईं
पाकिस्तान की मीडिया का दावा है कि PCB की शर्तें ICC ने मान ली गई हैं, लेकिन इंडिया टुडे की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ICC ने पाकिस्तान की तीनों मांगे खारिज कर दी हैं। ICC ने इस पर कोई बयान नहीं दिया है, लेकिन उनकी ओर से जारी विज्ञप्ति में यह कहा गया है कि बांग्लादेश पर कोई जुर्माना नहीं लगेगा। उन्हें भविष्य में एक ईवेंट भी दिया जाएगा।
पाकिस्तान ने ICC के सामने 3 शर्तें रखी थीं
बैठक में ICC की ओर से CEO संजोग गुप्ता वर्चुअल तरीके से जुड़े। भारत से खेलने के मुद्दे पर पाकिस्तान ने तीन शर्तें रखीं। पहली, ICC की कुल कमाई में पाकिस्तान का हिस्सा बढ़ाया जाए। दूसरी, भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज बहाल कराई जाए। तीसरी, मैदान पर हैंडशेक प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू किया जाए।
दरअसल, एशिया कप के दौरान पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय टीम ने पाकिस्तान खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया था। फिलहाल ICC रेवेन्यू मॉडल में पाकिस्तान चौथा सबसे बड़ा हिस्सेदार बोर्ड है। उसे कुल कमाई का करीब 5.75 फीसदी हिस्सा मिलता है। इससे ऊपर ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और भारत के बोर्ड हैं।
हमें रेवेन्यू में भारी नुकसान होगा- SLC
7 फरवरी को श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (SLC) ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) से इस मैच पर दोबारा विचार करने की अपील की थी। इसके बाद श्रीलंका क्रिकेट ने PCB को मेल लिखा। इसमें कहा गया है कि भारत-पाकिस्तान मैच नहीं होने से श्रीलंका क्रिकेट को आर्थिक नुकसान होगा और टूर्नामेंट की इमेज को भी नुकसान होगा।
मेल पर श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने PCB से कहा कहा, हम भारत के साथ मिलकर इस टूर्नामेंट को होस्ट कर रहे हैं। अगर भारत-पाकिस्तान मैच नहीं होता है तो हमें रेवेन्यू में भारी नुकसान होगा।
पाकिस्तान सरकार ने कहा था- वर्ल्डकप खेलेंगे, लेकिन भारत से नहीं
पाकिस्तान ने 1 फरवरी को घोषणा की कि वह टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा लेगा, लेकिन भारत के खिलाफ मैच का बॉयकॉट करेगा। पाकिस्तान सरकार ने यह फैसला इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के बांग्लादेश को टूर्नामेंट से हटाने के बाद लिया। बांग्लादेश सरकार ने भारत में खेलने को लेकर सुरक्षा चिंता जताई थी।
सरकार ने X पर एक पोस्ट में कहा, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान की सरकार, पाकिस्तान क्रिकेट टीम को ICC वर्ल्ड T20 2026 में हिस्सा लेने की मंजूरी देती है। हालांकि, पाकिस्तान क्रिकेट टीम 15 फरवरी 2026 को भारत के खिलाफ होने वाले मैच में मैदान पर नहीं उतरेगी।

भारतीय टीम तय समय पर श्रीलंका जाएगी
टी-20 वर्ल्ड कप को लेकर BCCI सूत्रों ने साफ किया है कि भारतीय टीम तय कार्यक्रम के अनुसार ही श्रीलंका दौरे पर जाएगी। टीम 15 फरवरी से पहले श्रीलंका पहुंचेगी और ICC के सभी प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करेगी। हालांकि, मैच को लेकर अंतिम फैसला मैदान पर मौजूद मैच रेफरी द्वारा ही लिया जाएगा।

देश
भारत-PAK मैच, दिल्ली–मुंबई से कोलंबो फ्लाइट 5 गुना महंगी हुई:₹1.45 लाख तक खर्च करने होंगे, होटल का किराया ₹1.13 लाख तक पहुंचा
Published
14 hours agoon
February 10, 2026By
Divya Akashनई दिल्ली,एजेंसी। भारत और पाकिस्तान के बीच टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप 2026 का मैच 15 फरवरी को श्रीलंका के कोलंबो में शाम 7 बजे से खेला जाएगा। अगर आप इस मैच को देखने के लिए 14 और 15 फरवरी को फ्लाइट से कोलंबो जाना चाहते हैं, तो आपको 5 गुना तक किराया चुकाना पड़ेगा।
मेकमायट्रिप की वेबसाइट पर मंगलवार (10 फरवरी) को 14 और 15 फरवरी को दिल्ली-मुंबई से कोलंबो फ्लाइट का किराया एक पैसेंजर के लिए रू.1.45 लाख तक दिखा रहा है। आम दिनों में कोलंबो की डायरेक्ट फ्लाइट का किराया 30 हजार रुपए के आस-पास तक रहता है। वहीं कोलंबो में बड़े होटलों का किराया भी रू.1.14 लाख तक पहुंच गया है।
दिल्ली से कोलंबो फ्लाइट को 4 घंटे लगते हैं
दिल्ली से कोलंबो जाने में डायरेक्ट फ्लाइट से करीब 4 घंटे लगते हैं। मैच से एक दिन पहले 14 फरवरी को एअर इंडिया की नॉनस्टॉप फ्लाइट का किराया रू.90 हजार से रू.1.09 लाख तक है। वहीं श्रीलंकन एयरलाइंस का किराया रू.65 हजार से ₹1.45 लाख तक दिखा रहा है।
मैच के दिन रविवार (15 फरवरी) को शाम 7 बजे से पहले एअर इंडिया की नॉनस्टॉप फ्लाइट का किराया रू.1.09 लाख है। वहीं श्रीलंकन एयरलाइंस का किराया रू.66 हजार दिखा रहा है।

मुंबई से कोलंबो फ्लाइट को 3 घंटे लगते हैं
वहीं मुंबई से कोलंबो तक पहुंचने में डायरेक्ट फ्लाइट को करीब 3 घंटे लगते हैं। 14 फरवरी को एअर इंडिया की नॉनस्टॉप फ्लाइट का किराया रू.90 हजार तक है। वहीं श्रीलंकन एयरलाइंस का किराया रू.56 हजार तक दिखा रहा है।
15 फरवरी को शाम 7 बजे से पहले एअर इंडिया की नॉनस्टॉप फ्लाइट का किराया रू.28 हजार है। वहीं श्रीलंकन एयरलाइंस का किराया रू.66 हजार दिखा रहा है।
होटल का किराया रू.1.14 लाख तक पहुंचा
वहीं अगर आप 14 फरवरी और 15 फरवरी को कोलंबो में 3 स्टार, 4 स्टार या 5 स्टार जैसे बड़े होटलों में 2 लोगों के लिए रूम बुक करते हैं, तो एक नाइट का किराया रू.1.14 लाख तक है। आम दिनों में कोलंबो में बड़े होटलों का किराया रू.40 हजार तक रहता है। हालांकि, छोटे होटलों और गेस्ट हाउस में 2 से 3 हजार रुपए तक में भी रूम मिल जाएगा।
श्रीलंका की टूरिज्म इंडस्ट्री को सपोर्ट मिलेगा
श्रीलंका की टूरिज्म इंडस्ट्री इस समय संकट से गुजर रही है। श्रीलंका के सेंट्रल बैंक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, श्रीलंका में पर्यटकों की बढ़ती संख्या के बाद भी कमाई में कमी आई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि जनवरी 2026 में श्रीलंका आने वाले पर्यटकों से होने वाली कमाई में सालाना आधार पर करीब 5.6% की गिरावट आई है।
श्रीलंका को जनवरी 2025 में टूरिज्म से 400 मिलियन डॉलर यानी 3,622 करोड़ रुपए की कमाई हुई थी। वहीं जनवरी 2026 में यह कमाई गिरकर 378 मिलियन डॉलर यानी 3,423 करोड़ रुपए रह गई। ऐसे में श्रीलंका को उम्मीद है कि भारत-पाकिस्तान मैच के कारण काफी संख्या में लोग श्रीलंका पहुंचेंगे और वहां की टूरिज्म इंडस्ट्री को सपोर्ट मिलेगा।

खेल
ICC ने पाकिस्तान की तीनों शर्तें खारिज कीं:फाइनल अल्टीमेटम दिया, PCB यू-टर्न लेगा, भारत से वर्ल्ड कप मुकाबला खेलना लगभग तय
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1 day agoon
February 9, 2026By
Divya Akashनई दिल्ली,एजेंसी। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने टी-20 वर्ल्ड कप में भारत से मैच ना खेलने पर अड़े पाकिस्तान की तीनों मांगे खारिज कर दी हैं। आईसीसी ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के साथ हुई मीटिंग के बाद उसे फाइनल अल्टीमेटम दे दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब PCB यू-टर्न लेगा और उनकी टीम 15 फरवरी को कोलंबो में भारत का सामना भी करेगी।
पाकिस्तान ने भारत से प्रस्तावित मैच के बॉयकॉट का ऐलान किया था। इसी सिलसिले में ICC के दो प्रतिनिधि इमरान ख्वाजा और मुबाशिर उस्मानी रविवार सुबह लाहौर पहुंचे, जहां उन्होंने PCB अधिकारियों के साथ चर्चा की।
दैनिक भास्कर को भी ICC में मौजूद सूत्रों ने बताया कि सभी मसले सुलझा लिए जाएंगे। श्रीलंका बोर्ड मैच की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है और मुकाबला तय शेड्यूल पर ही खेला जाएगा।
पाकिस्तानी PM को लेना है अंतिम फैसला
लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में हुई बैठक में PCB प्रमुख मोहसिन नकवी, ICC के डिप्टी चेयरमैन इमरान ख्वाजा और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम शामिल रहे। यह बैठक करीब पांच घंटे तक चली।
बैठक के बाद अब अंतिम फैसला पाकिस्तान सरकार के स्तर पर होना है। PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी पूरे मामले की जानकारी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को देंगे, जिसके बाद बोर्ड अगले 24 घंटे में अपना फैसला सुना सकता है।

लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में हुई बैठक में PCB प्रमुख मोहसिन नकवी, ICC के डिप्टी चेयरमैन इमरान ख्वाजा और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम शामिल रहे।
पाकिस्तान ने ICC के सामने 3 शर्तें रखीं
बैठक में ICC की ओर से CEO संजोग गुप्ता वर्चुअल तरीके से जुड़े। भारत से खेलने के मुद्दे पर पाकिस्तान ने तीन शर्तें रखीं। पहली, ICC की कुल कमाई में पाकिस्तान का हिस्सा बढ़ाया जाए। दूसरी, भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज बहाल कराई जाए। तीसरी, मैदान पर हैंडशेक प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू किया जाए।
दरअसल, एशिया कप के दौरान पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय टीम ने पाकिस्तान खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया था। फिलहाल ICC रेवेन्यू मॉडल में पाकिस्तान चौथा सबसे बड़ा हिस्सेदार बोर्ड है। उसे कुल कमाई का करीब 5.75 फीसदी हिस्सा मिलता है। इससे ऊपर ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और भारत के बोर्ड हैं।
हमें रेवेन्यू में भारी नुकसान होगा- SLC
7 फरवरी को श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (SLC) ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) से इस मैच पर दोबारा विचार करने की अपील की थी। इसके बाद श्रीलंका क्रिकेट ने PCB को मेल लिखा। इसमें कहा गया है कि भारत-पाक मैच नहीं होने से श्रीलंका क्रिकेट को आर्थिक नुकसान होगा और टूर्नामेंट की इमेज को भी नुकसान होगा।
मेल पर श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने PCB से कहा कहा, हम भारत के साथ मिलकर इस टूर्नामेंट को होस्ट कर रहे हैं। अगर भारत-पाकिस्तान मैच नहीं होता है तो हमें रेवेन्यू में भारी नुकसान होगा।
पाकिस्तान सरकार ने कहा था- वर्ल्डकप खेलेंगे, लेकिन भारत से नहीं
पाकिस्तान ने 1 फरवरी को घोषणा की कि वह टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा लेगा, लेकिन भारत के खिलाफ मैच का बॉयकॉट करेगा। पाकिस्तान सरकार ने यह फैसला इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के बांग्लादेश को टूर्नामेंट से हटाने के बाद लिया। बांग्लादेश सरकार ने भारत में खेलने को लेकर सुरक्षा चिंता जताई थी।
सरकार ने X पर एक पोस्ट में कहा, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान की सरकार, पाकिस्तान क्रिकेट टीम को ICC वर्ल्ड T20 2026 में हिस्सा लेने की मंजूरी देती है। हालांकि, पाकिस्तान क्रिकेट टीम 15 फरवरी 2026 को भारत के खिलाफ होने वाले मैच में मैदान पर नहीं उतरेगी।

ICC बोला- पाकिस्तान अपने फैसले पर विचार करे
ICC ने एक फरवरी को ही देर रात 11 बजे मीडिया रिलीज में कहा, हम पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के ऑफिशियल कन्फर्मेशन का इंतजार कर रहे हैं। ICC सरकार के फैसलों का समर्थन करता है, लेकिन पाकिस्तान का फैसला दुनियाभर में क्रिकेट के इकोसिस्टम को प्रभावित करने वाला है।
ICC उम्मीद कर रहा है कि PCB अपने फैसले पर फिर से विचार करेगा ताकि दुनियाभर में क्रिकेट का सिस्टम प्रभावित न हो। पाकिस्तान खुद ICC का सदस्य है। हम चाह रहे हैं कि पाकिस्तान किसी तरह सभी स्टेकहोल्डर्स को ध्यान में रखते हुए आखिरी फैसला ले।

मोहसिन नकवी ने 26 जनवरी को पीएम शाहबाज शरीफ से मुलाकात की थी।
भारतीय टीम तय समय पर श्रीलंका जाएगी
टी-20 वर्ल्ड कप को लेकर BCCI सूत्रों ने साफ किया है कि भारतीय टीम तय कार्यक्रम के अनुसार ही श्रीलंका दौरे पर जाएगी। टीम 15 फरवरी से पहले श्रीलंका पहुंचेगी और ICC के सभी प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करेगी। हालांकि, मैच को लेकर अंतिम फैसला मैदान पर मौजूद मैच रेफरी द्वारा ही लिया जाएगा।


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कोरबा1 year agoग्राम पंचायत पोड़ी के पूर्व सरपंच सचिव पर गबन के आधार पर अधिरोपित राशि 3341972/- रुपये शीघ्र वसूल हो- कय्युम बेग
कोरबा2 years agoकुसमुंडा खदान में डंपर पलट कर लगी आग, सरकारी गाड़ी में कोयला और डीजल चोर सवार थे, जलने से दोनों गंभीर
कोरबा2 years agoश्रीमती स्वाति दुबे का निधन
कोरबा2 years agoकटघोरा जनपद की 25 करोड़ की जमीन उनके करीबी कांग्रेसियों की 25 लाख में कैसे हो गई?
छत्तीसगढ़2 years agoबिलासपुर में अपोलो अस्पताल के 4 सीनियर डॉक्टर अरेस्ट
कोरबा2 years agoदर्री में 1320 मेगावाट विद्युत परियोजना के लिए नई सरकार गठन के बाद होगी पर्यावरणीय जनसुनवाई