डॉ मिश्रा के कार्यकाल में एसईसीएल ने लगातार दो वर्षों में 25 मिलियन टन के ऊपर 20 मिलियन टन की ग्रोथ हासिल कर उत्पादन, डिस्पैच एवं ओबीआर में रचे नए कीर्तिमान
कोरबा/बिलासपुर। 31.01.2025 को कोलइण्डिया/एसईसीएल से सेवानिवृत्त होने वाले अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक डा. प्रेम सागर मिश्रा के सेवानिवृत्त होने पर एसईसीएल मुख्यालय स्थित आडिटोरियम में निदेशक तकनीकी (संचालन/योजना-परियोजना ) एन फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक (कार्मिक) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी सुनील कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन, पूर्व निदेशक तकनीकी सीआईएल बिनय दयाल, पूर्व निदेशक (वित्त) एस.एम. चौधरी, पूर्व निदेशक (कार्मिक) देबाशीष आचार्या, पूर्व निदेशक (वित्त) जी. श्रीनिवासन, पूर्व निदेशक तकनीकी (संचालन) एस.एन.कापरी, एसईसीएल संचालन समिति के नाथूलाल पाण्डेय (एचएमएस), हरिद्वार सिंह (एटक), सुजीत कुमार सिंह (बीएमएस), गोपाल नारायण सिंह (एसईकेएमसी), एके पांडे (सीएमओएआई), एसईसीएल परिवार की प्रथम महिला एवं श्रद्धा महिला मण्डल की अध्यक्षा श्रीमती पूनम मिश्रा, मार्गदर्शिकाएं-श्रीमती अनिथा फ्रेंकलिन, श्रीमती इप्शिता दास, श्रीमती हसीना कुमार, श्रीमती विनिता जैन, श्रीमती राजी श्रीनिवासन, श्रीमती सारदा आचार्या, श्रीमती संगीता कापरी, विभिन्न विभागाध्यक्षों, क्षेत्रीय महाप्रबंधकों, संचालन समिति, सुरक्षा समिति, कल्याण मण्डल के पदाधिकारियों, एससी/एसटी/ओबीसी/सिस्टा, सीएमओएआई एवं विभिन्न श्रमसंघ प्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों की उपस्थिति में भावभीनी विदाई दी गई।
अपने उद्बोधन में सीएमडी डॉ प्रेम सागर मिश्रा ने कहा कि आज का दिन मेरे लिए धन्यवाद ज्ञापित करने का दिन है। एसईसीएल में जेट के रूप में शुरुआत करने वाले व्यक्ति को आपने कंपनी के सर्वोच्च पद – सीएमडी – पर काम करने का अवसर दिया इसके लिए मैं एसईसीएल का दिल से आभार प्रकट करता हूँ। उन्होने कहा कि एसईसीएल को उत्कृष्ट से उत्कृष्टतम के शिखर पर ले जाने के लिए आप सभी ने जो भी योगदान दिया है, एक समर्पण की भावना से जो भी आपने काम किया है, इसके लिए मैं इस माध्यम से आप सभी को धन्यवाद देना चाहता हूँ।
निदेशक तक. (संचालन सह योजना/परियोजना) एन फ्रैंकलिन जयकुमार ने कहा कि सीएमडी डॉ मिश्रा को उनके योगदान एवं गौरवशाली कार्यकाल के लिए धन्यवाद देने का सबसे अच्छा माध्यम यह होगा कि हम सभी उनके मिशन एवं विज़न को आगे बढ़ाएँ और उनके दिखाए मार्ग पर चलें।
निदेशक (कार्मिक) बिरंची दास ने अपने सम्बोधन में कहा कि सीएमडी डॉ प्रेम सागर मिश्रा ने कोयला उद्योग एवं एसईसीएल को इस मुकाम पर पहुंचाने के लिए अतुलनीय योगदान दिया है। सर की यात्रा में उनकी सहधर्मिणी श्रीमती पूनम मिश्रा ने भी अहम भूमिका निभाई है।
निदेशक (वित्त) डी. सुनील कुमार ने कहा डा. प्रेम सागर मिश्रा के साथ मुझे 6 माह कार्य करने का अवसर मिला, वह मेरे लिए अमूल्य है । आपके निर्देशन में बहुत कुछ सीखने को मिला । आपमें बेस्ट लीडरशिप क्वालिटी है ।
इस अवसर पर सीवीओ हिमांशु जैन ने कहा कि सीएमडी डॉ प्रेम सागर मिश्रा द्वारा एसईसीएल को मजबूत कंपनी के रूप में स्थापित करने में अमूल्य योगदान दिया गया है जिसकी तुलना नहीं की जा सकती।
श्रद्धा महिला मण्डल अध्यक्षा श्रीमती पूनम मिश्रा ने अपने संबोधन में एसईसीएल में बिताए अपने प्रत्येक पल को खुले मन से साझा करते हुए एसईसीएल द्वारा दिए गए इस आत्मीय सम्मान के लिए सभी का आभार व्यक्त किया एवम कम्पनी एवम यहाँ कार्यरत कर्मियों के उतरोत्तर प्रगति की कामना की ।
डॉ प्रेम सागर मिश्रा के कनिष्ठ पुत्र प्रतीक सागर मिश्रा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पापा का कार्यकाल कई व्यस्तताओं से भरा रहा लेकिन उन्होने अपने परिवार के लिए हमेशा समय निकाला
Karyrkam कार्यक्रम में पधारे सीआईएल एवं एसईसीएल के पूर्व निदेशकगणों ने अपने-अपने सम्बोधन में कहा कि डॉ प्रेम सागर मिश्रा कर्मदक्षता की मूर्ति, ज्ञान के धनी, कारपोरेट जगत के बेस्ट सीईओ हैं । अपने मेहनत व् लगन से कैसे अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं यह सभी उनसे सीख सकते हैं। इनके साथ कार्य करते हुए कार्य के दौरान पूर्ण सहयोग, गाइडेंस मिला ।
इस अवसर पर श्रमसंघ पदाधिकारीगणों ने अपने-अपने सम्बोधन में कहा कि डा. प्रेम सागर मिश्रा ने एसईसीएल को देश ही नहीं बल्कि विश्व में एक नयी पहचान दी है । वे हर क्षेत्र के ज्ञानी, विद्वान हैं । वे रोज नई ऊर्जा, नई प्लानिंग के साथ आते थे व उसी एनर्जी से कार्य कर शाम को वापस जाते थे । सभी अधिकारियों-कर्मचारियों पर विश्वास कर कम्पनी को आगे बढाया ।
इस अवसर पर स्वागत भाषण महाप्रबंधक (वित्त) सीडीएन सिंह ने प्रस्तुत किया जबकि मानपत्र का पठन उप महाप्रबंधक (कार्मिक-प्रशासन/जनसंपर्क/राजभाषा) मनीष श्रीवास्तव ने किया जिसे निदेशक मण्डल द्वारा डा. प्रेम सागर मिश्रा को भेंट किया गया। कार्यक्रम में जनसंपर्क विभाग द्वारा संग्रहित फोटो एलबम व प्रेस कतरनें प्रस्तुत की गयी जिसे निदेशक मण्डल द्वारा डा. प्रेम सागर मिश्रा को भेंट किया गया।
कार्यक्रम का संचालन डा. सनीश चन्द्र, जनसंपर्क अधिकारी एवम सी. अनुराधा उप प्रबंधक (ई/एम) ने किया जबकि अंत में उपस्थितों को धन्यवाद ज्ञापित प्रबंधक (कार्मिक प्रशासन) संभ्रांत पाण्डेय ने किया।
अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक डा.प्रेम सागर मिश्राजी का परिचय विद्धता से परिपूर्ण, निर्णय शक्ति व साहसिक प्रवृत्तियों के धनी, अत्यंत कर्मठ श्रीयुत डा.प्रेम सागर मिश्राजी का जन्म दिनांक 15.01.1965 को उत्तरप्रदेश के देवरिया जिला अंतर्गत देवघाट के एक सुसंस्कृत एवं प्रतिष्ठित परिवार में हुआ । आपके पिताजी का नाम स्व. रामनाथ मिश्रा तथा माताजी का नाम स्व. श्रीमती भागी मिश्रा है । आप मे बचपन से ही चुनौतियों से लोहा लेने तथा अपनी दिशा तय कर उस पर टिके रहने की विलक्षण प्रतिभा रही । आपने सुभाष इंटर कॉलेज भटनी देवरिया से हाईस्कूल, गवर्नमेंट इंटर कॉलेज देवरिया से इंटरमिडिएट की प्रारंभिक शिक्षा हासिल की। आपने इण्डियन स्कूल आफ माईन्स, धनबाद से वर्ष 1987 में बी.टेक (माईनिग) की डिग्री प्राप्त की है । आपकी त्वरित निर्णय क्षमता, संवेदनशीलता, टीम को साथ ले चलने का कौशल, विविध विषयों का प्रकांड ज्ञान, ओजस्वी वक्तृत्व क्षमता, दृढ़ता, कार्यकुशलता, निरंतर लगनशील बने रहने की प्रवृत्ति, सभी के संवाद की अद्भुत कला, सबके लिए न्याय और हक सुनिश्चित करने की अदम्य इच्छाशक्ति तथा दूरदर्शी सोच के फलस्वरुप आपने सभी क्षेत्रों में अपनी जिम्मेदारियों को कुशलतापूर्वक निष्पादित किया । आपको कोयला उद्योग में लगभग 37 वर्षों का दीर्घ अनुभव है तथा आपकी छवि आधुनिकीकरण, अवसंरचनात्मक विकास तथा तकनीक के पैरोकार के रूप में रही है । आपमें सही व्यक्ति व सही टीम से सटीक काम लेने की अद्भुत कला है । आपने 24 अगस्त 1987 को जेट माईनिंग के रूप में कोल इंडिया लिमिटेड में कार्यभार ग्रहण किए उपरांत आपकी पदस्थापना एसईसीएल सोहागपुर क्षेत्र अंतर्गत बुढ़ार नंबर-3 माईन में हुई, पश्चात आप धनपुरी यूजीए न्यू अमलाई यूजी, राजेन्द्रा यूजी माईन, बंगवार यूजी, चचाई यूजी में कालरी मैनेजर, सेफ्टी आफिसर के पद पर कार्य किए । सोहागपुर क्षेत्र के राजेन्द्रा यूजी माईन में वर्ष 1995 में लांगवाल टेक्नॉलॉजी लगाए जाने के लिए आपको स्पेशल एसाइनमेंट पर राजेन्द्रा यूजी माईन पदस्थापित किया गया । मई 2001 में आपकी पदस्थापना बिश्रामपुर क्षेत्र में हुई, जहॉं जयनगर 3 एवं 4 यूजी, बिश्रामपुर ओसी में कालरी मैनेजर, सुपरिटेण्डेन्ट आफ माईन्स के पद पर कार्य किए, उपरांत वर्ष 2003 में आप डिप्टी चीफ माईनिंग इंजीनियर पद पर पदोन्नत होकर सेन्ट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड स्थानान्तरित हुए, जहाँ आपने बरका सयाल एरिया अंतर्गत ऊरीमारी ब्लाक, एनके एरिया केडीएच ओपनकास्ट, परेज ईस्ट ओपनकास्ट हजारीबाग एरिया में प्रोजेक्ट आफिसर के पद पर कार्य किया । जून 2008 में आप बीसीसीएल स्थानांतरित होकर ब्लाक-2 और बरोरा एरिया के एरिया जनरल मैनेजर, प्रोजेक्ट आफिसर रहे । आप वर्ष 2015 में उड़ीसा मिनरल डेव्हलपमेंट कारपोरेशन (ओएमडीसी) के डायरेक्टर प्रोडक्शन एण्ड प्लांनिंग रहे । निरंतर सीखते रहने की प्रवृत्ति ने आपके व्यक्तित्व को बेहद ख्याति दी है । वर्ष 1990 में आपने फर्स्ट क्लास माईन मैनेजर काम्पिटेन्सी सर्टिफिकेट प्राप्त किया । देश के प्रसिद्ध माईनिंग व मैनेजमेंट जर्नल्स में आपके आलेख प्रकाशित हुए हैं । आपने नेशनल यूनिवर्सिटी आफ ज्यूडिशियल साईंसेस, कोलकाता से बिजनेस लॉ में पीजी डिप्लोमा, आईआईटी-आईएसएम धनबाद से मैनेजमेंट स्टडीज में पीएचडी की है । आपने आईआईएम कोलकाता से एडवान्सड मैनेजमेंट प्रोग्राम, यूनिवर्सिटी आफ सेन्ट गेलन स्वीटजरलैंड तथा ईसेक बिजनेस स्कूल, पेरिस से प्रबंधन में प्रशिक्षण प्राप्त किया है । आप वर्ल्ड माईनिंग कांग्रेस, इस्तांबुल टर्की, आस्ट्रेलिया सहित कई देशों में कोलइण्डिया व भारत-सरकार के द्वारा भेजे गए दलों में नामित प्रतिनिधि रहे । आप देश के प्रतिष्ठित प्रोफेशनल संस्थानों जैसे एनआईपीएम, आईआईएमएम, आईएमएमए, एनजीएमआई, आईआईपीए, एफआईई, इण्डियन माईनिंग एण्ड इंजीनियरिंग जर्नल आदि के सक्रिय सदस्य हैं । आप 20 अगस्त 2018 को ईसीएल के सीएमडी का पदभार ग्रहण किए, ईस्टर्न कोलफील्ड के कार्यकाल में कम्पनी ने वित्तीय वर्ष 2018-19 व 2019-20 में अब तक का सर्वाधिक उत्पादन, ओबीआर व ऑफटेक का कीर्तिमान स्थापित किया । आपके कार्यकाल में वर्ष 2020-21 में ईसीएल की झॉंझरा अण्डरग्राऊण्ड माईन ने 3.56 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया जो कि देश के किसी भी अण्डरग्राऊण्ड माईन का सर्वाधिक कोयला उत्पादन रहा तथा यह इस खदान के शुरूआत से किसी भी वर्ष में सर्वाधिक उत्पादन था । आपके कार्यकाल में रानीगंज फील्ड में कोल बेड मिथेन हेतु एमओए पर हस्ताक्षर किए गए तथा परियोजना को वैश्विक ख्याति मिली । वर्ष 2018 से 2022 के बीच में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के नेटवर्थ में 4.3 गुना ईजाफा हुआ । आपने ईसीएल में 10-आर, देशी, इन्द्रधनुष, संजीवनी जैसे कई मिशन शुरू किए जिसका बेहद सकारात्मक लाभ कम्पनी को प्राप्त हुआ । आपने दिनांक 28.01.2022 को एसईसीएल के सीएमडी का पदभार ग्रहण किया । आपके नेतृत्व में एसईसीएल ने लगातार 2 वर्षों में 25 मिलियन टन के ऊपर 20 मिलियन टन की ग्रोथ हासिल करते हुए अपने इतिहास का सर्वाधिक कोयला उत्पादन, डिस्पैच एवं ओबीआर दर्ज किया । आपके नेतृत्व में एसईसीएल की गेवरा एवं कुसमुंडा खदान ने विश्व की दूसरी एवं चौथी सबसे बड़ी कोयला खदान बन छत्तीसगढ़ को विश्व पटल पर ख्याति दिलाई । आपने संवेदनशील प्रबंधन-संवादशील प्रबंधन की नीति को लागू किया जिसके फलस्वरूप भू-अधिग्रहण को गति मिली एवं 2000 से अधिक भू-स्वामियों को रोजगार स्वीकृत किए गए । कंपनी ने कई वर्षों बाद अंडरग्राउंड उत्पादन में बढ़ोत्तरी हासिल की और अपने इतिहास का सर्वाधिक यूजी उत्पादन दर्ज किया । भूमिगत खदानों में रिकार्ड संख्या में कांटीनुअस माइनर मशीन लगाये गए । सीएसआर के तहत कंपनी ने फ्री नीट कोचिंग की पहल एसईसीएल के सुश्रुत एवं जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित बच्चों के इलाज के लिए एसईसीएल धड़कन योजना की शुरुआत हुई । जनवरी 2025 में माननीय उपराष्ट्रपति महोदय के करकमलों से एनआईटी, रायपुर में एसईसीएल गर्ल्स हॉस्टल की नींव रखी गयी है । आपके कार्यकाल में एसईसीएल को नेट पाजिटिव कम्पनी बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए जिसमें भटगांव एवं बिश्रामपुर क्षेत्र में 40 मेगावाट के ग्राऊण्ड माऊण्टेड ग्रीड कनेक्टेड सोलर प्रोजेक्ट की स्थापना के साथ-साथ अन्य कई सौर परियोजनाएँ, इलेक्ट्रिक व्हीकल के प्रयोग को बढ़ावा तथा एनर्जी इफीसिएन्ट उपकरणों के प्रयोग की दिशा में कई निर्णय लिए गए । एसईसीएल ने प्रत्येक वर्ष रिकार्ड पौधरोपण किया तथा एसईसीएल में पहली बार, गेवरा व रायगढ़ क्षेत्र में मियावाकी पद्धत्ति से वनरोपण की शुरूआत की गयी। आपके कार्यकाल में एसईसीएल की नेटवर्थ लगभग 5 हजार करोड़ से बढ़कर 18 हजार करोड़ तक जा पहुची, वहीं कम्पनी के प्राफिट आफटर टैक्स में तीन गुना से अधिक की वृद्धि हुई है । कम्पनी के सीआईसी कोलफील्ड्स से कोयला उत्पादन 40-45 हजार टन प्रतिदिन से बढ़कर 90-95 हजार टन प्रतिदिन हुआ है जो कि अभूतपूर्व है। आपके कार्यकाल में पारदर्शी टेण्डरिंग व वस्तुओं के क्रय को बढ़ावा दिया गया जिसके तहत ऑनलाईन जेम पोर्टल के जरिए क्रय करने में गत् वर्ष एसईसीएल देश की टाप 5 कम्पनियों में शामिल हुई तथा इस वर्ष अब तक 14 हजार करोड़ से अधिक रिकार्ड क्रय के आदेश जारी किए गए हैं । सीएमडी डॉ मिश्रा द्वारा कंपनी में यंग टेलेन्ट को प्रमोट करने के लिए मेंटर-मेंटी स्कीम एवं कई मिशनों की शुरुआत की गई जिससे कंपनी की कार्यसंस्कृति ने नए आयाम छूए । लर्निंग कल्चर को बढ़ावा देने के लिए मिशन नचिकेता, सुरक्षित व हरित खनन के लिए मिशन सुदेश, सतर्कता जागरूकता हेतु मिशन फाईट व जटायु, सुरक्षित कार्यस्थल हेतु मिशन मितवा, आईटी टुल्स के उपयोग हेतु मिशन सुमित तथा स्टेक होल्डर के साथ बेहतर समन्वय हेतु मिशन संबंध की शुरूआत की गयी । आपके नेतृत्व में कम्पनी ने कोयला मंत्रालय एवं भारत सरकार के विभिन्न अभियानों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कई अवार्ड हासिल किए । आपको विभिन्न संस्थाओं द्वारा प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया जिसमें प्रमुख रूप से IIT-ISM धनबाद द्वारा प्रतिष्ठित एलुमनी पुरस्कार, लगातार दो बार बिजनेस लीडर ऑफ दी इयर अवार्ड, कोयला खनन के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित “एमजीएमआई अवार्ड फॉर एक्सीलेंस इन कोल माइनिंग”, इंडियन माइनिंग एंड इंजीनियरिंग जर्नल (2025) द्वारा “लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड”, वर्ल्ड HRD कांग्रेस (2024) में “सीईओ विद एचआर ओरिएंटेशन अवार्ड” जैसे प्रतिष्ठित सम्मान शामिल हैं । आपकी इस गौरवशाली जीवनयात्रा में आपकी जीवन संगिनी श्रीमती पूनम मिश्रा की अत्यंत महत्वपूर्णं भूमिका रही । श्रीमती पूनम मिश्रा बेहद सक्रिय व ऊर्जावान व्यक्तित्व की धनी हैं, उनकी जीवटता सभी को प्रेरित करती है । उनके नेतृत्व में श्रद्धा महिला मण्डल व एसईसीएल के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत महिला समितियों ने बेहद उल्लेखनीय कार्य किए, जिनमें महिलाओं के लिए स्कील डेव्हलपमेंट की ट्रेनिंग, दिव्यांगजनों को सहायता, महिलाओं के लिए सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण केन्द्र का संचालन आदि कई पुनीत कार्य शामिल हैं । वास्तव में आपने महिला-मण्डल के कार्य संचालन को नई दिशा तथा श्रद्धा महिला मण्डल के नाम को नयी ख्याति दी है । आपके दो पुत्र हैं । आपके ज्येष्ठ पुत्र पीयूष सागर मिश्रा अपनी पत्नी दीक्षा के साथ सिंगापुर की एक बड़ी मल्टी नेशनल कम्पनी में कार्य कर रहे हैं, वहीं कनिष्ठ पुत्र प्रतीक सागर मिश्रा बेंगलोर में एक स्टार्टअप के संस्थापक हैं । एसईसीएल परिवार आपके दिए नेतृत्व का सदैव ऋणी रहेगा । हमारी ईश्वर से प्रार्थना है कि आप सपरिवार सदैव आनंदित, स्वस्थ्य व प्रसन्नचित्त बने रहें । यश व कीर्ति सदैव आपका गुणगान करें । आप इसी प्रकार ऊर्जावान व गुणवान व्यक्तित्व के रूप में समाज व राष्ट्र की सेवा करते रहें ।
कोरबा। कोरबा में नशे में धुत ASI अश्वनी वर्मा ने जमकर हंगामा किया। आरोप है कि उन्होंने सड़क किनारे खड़ी एक कार को पहले टक्कर मारी और फिर गाड़ी पीछे लेकर दोबारा उसी कार को ठोंक दिया। विरोध करने पर ASI कार मालिक से ही बहस करने लगे। मौके पर भीड़ जुटने के बाद पुलिस अधिकारी पहुंचे और मामला शांत कराया।
बताया जा रहा है कि ASI की हालत इतनी खराब थी कि उनकी कार दूसरे पुलिसकर्मी को चलाकर ले जानी पड़ी। मामले में ASI के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत कार्रवाई की गई है। यह घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के पावर हाउस रोड स्थित मस्जिद के पास हुई।
ड्यूटी से लौटते वक्त कार को टक्कर मारी
जानकारी के मुताबिक, कुसमुंडा थाने में पदस्थ ASI अश्वनी वर्मा देर रात ड्यूटी खत्म करके घर लौट रहे थे। इसी दौरान उन्होंने सड़क किनारे खड़ी एक कार को टक्कर मार दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर के बाद ASI ने गाड़ी पीछे की और उसी कार को दोबारा टक्कर मार दी। आवाज सुनकर कार मालिक और आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों ने जब इसका विरोध किया तो ASI कार से उतरे और कार मालिक से बहस करने लगे।
बताया जा रहा है कि ASI नशे में इतने धुत थे कि ठीक से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे और बार-बार लड़खड़ा रहे थे। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने पुलिसकर्मी की इस हरकत पर नाराजगी जताई।
सूचना मिलने पर कोतवाली थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाइश देकर मामला शांत कराया। बताया जा रहा है कि ASI की हालत को देखते हुए उनकी कार दूसरे पुलिसकर्मी ने चलाकर वहां से ले गया, जबकि ASI को दूसरे वाहन में बैठाकर ले जाया गया।
कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि ASI अश्वनी वर्मा के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत कार्रवाई की गई है।
बताया जा रहा है कि ASI अश्वनी वर्मा से जुड़ा यह पहला विवाद नहीं है। इससे पहले भी कोतवाली थाना क्षेत्र में उनके खिलाफ मारपीट का मामला सामने आ चुका है।
कोरबा। कोरबा के बालको थाना क्षेत्र के तिलाईडांड गांव में रविवार (27 सितम्बर) को एक युवक का शव नाले में संदिग्ध हालत में मिला। मृतक की पहचान गांव निवासी 25 वर्षीय सुरेश कुमार कुजूर के रूप में हुई है। पुलिस और डीडीआरएफ टीम ने शव को पानी से बाहर निकाला। मौत की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है।
परिजनों के मुताबिक, सुरेश रविवार सुबह नहाने के लिए नाले की ओर गया था। काफी देर तक उसके घर नहीं लौटने पर परिजनों को चिंता हुई। उन्होंने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान परिजनों ने नाले में सुरेश का शव तैरता हुआ देखा। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।
डीडीआरएफ टीम ने शव बाहर निकाला
डीडीआरएफ ने पानी से निकाला शव
सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई की। इसके बाद डीडीआरएफ की टीम ने शव को नाले से बाहर निकाला। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
शुरुआती जांच में डूबने की आशंका
डूबने से मौत की आशंका, सभी पहलुओं पर जांच
पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में डूबने से मौत होने की आशंका है। हालांकि मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद स्थिति साफ होगी। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। वहीं, परिजनों ने किसी तरह की गड़बड़ी की आशंका से इनकार किया है।
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में- निर्धारित सीमा से अधिक आवाज में डीजे बजाने वालों पर कड़ी कार्रवाई
कोरबा। कोरबा पुलिस द्वारा गणेश उत्सव के दौरान निर्धारित ध्वनि सीमा का उल्लंघन करने वाले डीजे संचालकों के विरुद्ध लगातार प्रभावी एवं कठोर कार्रवाई की गई।
कार्रवाई की प्रमुख उपलब्धियां
18 प्रकरण — कोलाहल अधिनियम के तहत दर्ज। 14 डीजे वाहन — डीजे सिस्टम सहित जब्त। 84 डीजे बॉक्स — जब्त। 32 अन्य उपकरण — मिक्सर मशीन, एम्पलीफायर एवं अन्य डीजे उपकरण जब्त।
नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई
डीजे संचालकों द्वारा निर्धारित ध्वनि सीमा से अधिक आवाज में डीजे बजाने तथा कोलाहल अधिनियम, उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों तथा एनजीटी के निर्देशों का उल्लंघन पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई।
परंपरागत वाद्य यंत्रों एवं लोक कलाकारों को मिला प्रोत्साहन
अधिकांश गणेश उत्सव समितियों द्वारा नियमों का पालन करते हुए पारंपरिक वाद्य यंत्रों एवं लोक नृत्यों को प्राथमिकता दी गई।
ढोल, ताशा, नगाड़ा एवं मांदर जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ राउत नाचा, कर्मा एवं अन्य लोक नृत्यों का प्रदर्शन किया गया। इससे स्थानीय कलाकारों को अपनी कला प्रस्तुत करने का अवसर एवं छत्तीसगढ़ संस्कृति को बढ़ावा मिला। गणेश उत्सव समितियों द्वारा बैंड पार्टियों को भी अवसर दिए जाने से उन्हें प्रोत्साहन मिला ।
इस सकारात्मक पहल से स्थानीय कलाकारों एवं बैंड पार्टियों में हर्ष एवं उत्साह का वातावरण रहा और गणेश उत्सव का आयोजन शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
केवल नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई
कोरबा पुलिस द्वारा स्पष्ट किया गया है कि नियमों का पालन करते हुए गणेश उत्सव मनाने वाली समितियों के प्रति पुलिस का पूर्ण सहयोगात्मक रवैया रहा है। कार्रवाई केवल उन्हीं व्यक्तियों/डीजे संचालकों के विरुद्ध की गई, जो निर्धारित ध्वनि सीमा एवं लागू नियमों/दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते पाए गए।
कोरबा पुलिस की अपील
सभी गणेश उत्सव समितियां एवं डीजे संचालक निर्धारित ध्वनि सीमा तथा शासन, न्यायालय एवं एनजीटी द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
नियमों का पालन करते हुए उत्सव मनाएं — परंपरा, संस्कृति एवं स्थानीय कलाकारों को बढ़ावा दें।
कोरबा पुलिस
शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित गणेश उत्सव के लिए प्रतिबद्ध।