Connect with us

छत्तीसगढ़

लोरमी राजघराने का बेटा ATR कोर जोन में घुसा,चलाई गोलियां

Published

on

जीजा संग हथियार लहराते घूमा, आग जलाई, दबंग अंदाज में फोटो खिंचवाई, रीलबाजी से फंसे

मुंगेली,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में स्थित अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) के कोर एरिया में 4 हथियारबंद युवक घुस गए। वहां फायरिंग करते हुए वीडियो भी बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। प्रतिबंधित क्षेत्र में युवकों ने आग भी जलाई। दबंग और शिकारी के अंदाज में पोज मारकर फोटो खिंचवाई।

वायरल वीडियो में म्यूजिक और पुलिस सायरन बजते भी सुनाई दे रहा है। मामला संज्ञान में आने के बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए बैरियर गार्ड को हटा दिया है। रेंजर को नोटिस जारी किया है। वहीं वन विभाग ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। एक नाबालिग आरोपी फरार है।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अजीत दास (26), अनिकेत मौर्य (27), विक्रांत वैष्णव (32) शामिल है। आरोपियों से 2 एयर राइफल और एक टाटा सफारी वाहन जब्त किया गया है। अजीत दास लोरमी राजघराने का बेटा है। विक्रांत वैष्णव अजीत का जीजा है। बाकी आरोपी उसके दोस्त बताए जा रहे हैं।

जब्त की गई टाटा सफारी गाड़ी अजीत दास की है। जानकारी के मुताबिक आरोपी अक्सर ATR के कोर जोन में जाते थे, लेकिन इस बार रीलबाजी के चक्कर में फंस गए।

अचानकमार टाइगर रिजर्व में आरोपी रात तक रहे। फायरिंग करते हुए शूट किया।

अचानकमार टाइगर रिजर्व में आरोपी रात तक रहे। फायरिंग करते हुए शूट किया।

आरोपियों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया।

आरोपियों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया।

वीडियो में तीनों के हाथ में अलग-अलग एयर राइफल दिखा।

वीडियो में तीनों के हाथ में अलग-अलग एयर राइफल दिखा।

जांच नाके पर भी की दबंगई

वायरल वीडियो के मुताबिक 4 हथियारबंद युवकों ने जांच नाके में भी दबंगई करते हुए शूट किया है। जिस नाबालिग युवक ने वीडियो शूट किया है वह पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। हालांकि, वीडियो में दिख रहे तीनों युवकों को पकड़ा गया है।

वीडियो वायरल होने के बाद वन्यजीव प्रेमियों ने नाराजगी जताई है। बता दें कि एक जनवरी से अचानकमार टाइगर रिजर्व के कोर जोन में घूमने आने वाले सैलानियों की संख्या काफी बढ़ गई है। बफर को छोड़कर कोर जोन में शाकाहारी और मांसाहारी वन्यप्राणियों के अलावा टाइगर भी हैं।

जानकारी के अनुसार सुरही और जाखड़बांधा वन परिक्षेत्र के कोर जोन में ये वीडियो बनाया गया है। वीडियो में युवक बेखौफ होकर फायरिंग करते दिख रहे हैं, जो वन्यजीव संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन है।

कोर जोन में फायरिंग के 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

कोर जोन में फायरिंग के 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

बैरियर गार्ड को भी हटाया गया

पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस घटना के बाद एक बैरियर गार्ड को हटा दिया गया है, जबकि एक रेंजर को नोटिस जारी किया गया है।

युवकों ने जांच नाके में भी रस्सी खींचकर दबंगई की।

युवकों ने जांच नाके में भी रस्सी खींचकर दबंगई की।

हथियार लेकर कैसे घुसे, इसकी जांच होगी?

पूरे मामले में अचानकमार टाइगर रिजर्व प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। यह जांच का विषय है कि हथियारबंद युवक एटीआर के कोर एरिया में हथियारों के साथ कैसे प्रवेश कर गए। उनकी जांच क्यों नहीं की गई। जिम्मेदार अधिकारी इस मामले पर मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं।

टाइगर रिजर्व में युवक सुबह से रात तक हथियार के साथ मौजूद थे।

टाइगर रिजर्व में युवक सुबह से रात तक हथियार के साथ मौजूद थे।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी कोरबा पूर्व में मातृ संगोष्ठी एवं शिशु नगरी का भव्य आयोजन

Published

on

220 मातृशक्तियों की सहभागिता, नन्हे भैया-बहनों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दिया पारिवारिक संस्कारों का संदेश
कोरबा। सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी, कोरबा पूर्व में मातृ संगोष्ठी एवं शिशु नगरी का भव्य, सुव्यवस्थित एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्राचार्य राजकुमार देवांगन रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में दीपक सोनी (कोरबा विभाग समन्वयक) एवं संजय कुमार देवांगन (प्रधानाचार्य, पूर्व माध्यमिक) उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत विद्यालय परिवार द्वारा पारंपरिक रीति से किया गया।


अपने संबोधन में अतिथियों ने मातृशक्ति की भूमिका को बाल संस्कार एवं राष्ट्र निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रारंभिक शिक्षा में माता का योगदान सबसे निर्णायक होता है। इस अवसर पर विद्यालय के नन्हे भैया-बहनों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। बच्चों ने आकर्षक नृत्य, गीत एवं लघु प्रस्तुतियों के माध्यम से पारिवारिक वातावरण, नैतिक मूल्यों, अनुशासन एवं संस्कारों का संदेश दिया। बच्चों की सहज एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने उपस्थित माताओं एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।


कार्यक्रम में कुल 220 मातृशक्तियों की गरिमामयी सहभागिता रही, जिससे मातृसंगोष्ठी अत्यंत सफल रही। माताओं ने विद्यालय की शिक्षण पद्धति, संस्कार आधारित शिक्षा एवं गतिविधियों की सराहना की। शिशु नगरी कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय की 12 शैक्षिक व्यवस्थाओं एवं सहयोगी संस्थाओं की जीवंत प्रदर्शनी लगाई गई। इन प्रदर्शनियों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास, कौशल निर्माण, संस्कार शिक्षा एवं व्यवहारिक ज्ञान को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया गया। अभिभावक बंधुओं के सहयोग से आनंद मेले का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्राथमिक विभाग के भैया-बहनों ने विभिन्न खेलों, गतिविधियों एवं मनोरंजन कार्यक्रमों में भाग लेकर भरपूर आनंद उठाया। आनंद मेला बच्चों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।


कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रधानाचार्य पंकज तिवारी ने सभी अतिथियों, मातृशक्तियों एवं अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से विद्यालय एवं परिवार के बीच सहयोग और विश्वास और अधिक मजबूत होता है। उप-प्रधानाचार्य श्रीमती सीमा त्रिपाठी सहित समस्त आचार्य परिवार ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

Continue Reading

कोरबा

बॉयोफ्लॉक तकनीक से मछली पालन कर संजय सुमन ने कमाए साल में 3.20 लाख

Published

on

कोरबा। विकासखंड करतला के ग्राम बड़मार निवासी संजय सुमन ने मछली पालन को अपना मुख्य व्यवसाय बनाकर सफलता की नई मिसाल कायम की है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत नवीन बॉयोफ्लॉक तकनीक अपनाकर उन्होंने कम भूमि में अधिक उत्पादन कर उल्लेखनीय आय अर्जित की है।
संजय सुमन ने अपनी 25 डिसमिल भूमि पर बॉयोफ्लॉक तालाब का निर्माण कराया। इस तकनीक में तालाब में लाइनर बिछाकर पानी भरा जाता है और तेजी से बढ़ने वाली उन्नत प्रजाति की मछलियों का पालन किया जाता है। इसकी विशेषता है कि वर्ष में दो बार उत्पादन लेकर अधिक आय प्राप्त की जा सकती है।
सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत उन्हें 8.40 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया गया। पिछले वर्ष संजय सुमन ने बॉयोफ्लॉक तालाब से 6 मैट्रिक टन मछली उत्पादन किया, जिसे बेचकर 07 लाख 20 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई। उत्पादन लागत निकालने के बाद उन्हें 03 लाख 20 हजार रुपये का शुद्ध लाभ हुआ।
सफलता से उत्साहित संजय सुमन इस वर्ष अपने कार्य का विस्तार कर उत्पादन एवं आय को दुगुना करने की योजना बना रहे हैं। बॉयोफ्लॉक तकनीक की खासियत यह है कि कम भूमि में अधिक उत्पादन संभव होता है, जिससे किसानों की आय में अभूतपूर्व वृद्धि होती है।
संजय सुमन की यह कहानी क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है।

Continue Reading

कोरबा

सुशासन सरकार की नीतियों से किसान हुआ आत्मनिर्भर और निश्चिंत

Published

on

सुगम व्यवस्था और सर्वाधिक समर्थन मूल्य, किसानों की आर्थिक ढाल

कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की सुशासन आधारित नीतियों का सकारात्मक प्रभाव अब प्रदेश के खेतों तक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। शासन की पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था और सर्वाधिक समर्थन मूल्य से छोटे एवं बड़े सभी किसानों को समान रूप से उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल रहा है, जिससे किसानों का जीवन स्तर सुदृढ़ हो रहा है।
कोरबा जिले के ग्राम कल्दामार निवासी कृषक अरुण कुमार इसकी मिसाल हैं, उन्होंने उपार्जन केंद्र भैंसमा में इस वर्ष 190 क्विंटल धान का विक्रय बिना किसी असुविधा के किया। गत वर्ष भी उन्होंने लगभग 350 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक विक्रय किया था। उन्होंने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती टिकैतिन बाई के नाम से टोकन कटवा कर धान विक्रय की प्रक्रिया पूर्ण की।
कृषक कुमार का कहना है कि शासन की पहल से उपार्जन केंद्रों में सभी आवश्यक सुविधाएं सुचारू रूप से उपलब्ध हैं। उच्च समर्थन मूल्य मिलने से अब किसानों को अगली फसल के लिए आर्थिक चिंता नहीं रहती और उन्हें उधार लेने की मजबूरी से भी मुक्ति मिली है। खेत से लेकर धान विक्रय तक की पूरी प्रक्रिया आज किसानों के लिए सहज, सुरक्षित और तनावमुक्त हो गई है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान व्यवस्था ने किसानों को आत्मनिर्भर बनाया है और वे अब समृद्धि की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। किसानों के हित में संचालित योजनाओं और प्रभावी नीतियों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार एवं मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

Continue Reading
Advertisement

Trending