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छत्तीसगढ़

रक्षाबंधन पर कल से चलेगी स्पेशल ट्रेन:रायपुर-बिलासपुर, रायगढ़ और दुर्ग के यात्रियों को मिलेगी सुविधा, 27 से 29 अगस्त तक लगाएगी तीन-तीन फेरे

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बिलासपुर, एजेंसी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे यानी बिलासपुर रेलवे ने रक्षाबंधन पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए दुर्ग-रायगढ़-दुर्ग के बीच स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। यह ट्रेन 27, 28 और 29 अगस्त को दोनों दिशाओं में 3-3 फेरे लगाएगी। सभी मध्यवर्ती स्टेशनों पर ट्रेन का ठहराव रहेगा। इससे रक्षाबंधन पर्व पर यात्रा करने वाले भाई-बहनों को आने-जाने में सुविधा होगी।

रेलवे अफसरों के मुताबिक, भाई-बहन के स्नेह और विश्वास के पर्व रक्षाबंधन पर यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है। ट्रेन चलने से रक्षाबंधन पर परिवार और प्रियजनों से मिलने जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त रेल सुविधा मिलेगी।

27 से 29 अगस्त तक चलेगी रक्षाबंधन स्पेशल ट्रेन

गाड़ी संख्या 08834 दुर्ग-रायगढ़ रक्षाबंधन स्पेशल 27, 28 और 29 अगस्त को दुर्ग से रायगढ़ के लिए चलेगी। वहीं, गाड़ी संख्या 08833 रायगढ़-दुर्ग रक्षाबंधन स्पेशल 27, 28 और 29 अगस्त को रायगढ़ से दुर्ग के लिए चलेगी। इस स्पेशल ट्रेन का दुर्ग-रायगढ़-दुर्ग के सभी मध्यवर्ती स्टेशनों पर ठहराव रहेगा।

इससे सभी स्टेशनों के यात्रियों को यात्रा की सुविधा मिलेगी। इस स्पेशल ट्रेन में 8 सामान्य श्रेणी के कोच और 2 एसएलआरडी कोच सहित कुल 10 कोच रहेंगे।

जानिए रक्षाबंधन स्पेशल ट्रेन का टाइम-टेबल

गाड़ी संख्या 08834 दुर्ग-रायगढ़ रक्षाबंधन स्पेशल 27, 28 और 29 अगस्त 2026 को दुर्ग से सुबह 10.30 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन मार्ग के सभी मध्यवर्ती स्टेशनों पर रुकते हुए बिलासपुर 14.45 बजे, अकलतरा 15.27 बजे, जांजगीर-नैला 15.44 बजे, चांपा 15.55 बजे, बाराद्वार 16.13 बजे, सक्ती 16.59 बजे और खरसिया 17.16 बजे पहुंचेगी। इसके बाद रायगढ़ 19.00 बजे पहुंचेगी।

गाड़ी संख्या 08833 रायगढ़-दुर्ग रक्षाबंधन स्पेशल 27, 28 और 29 अगस्त को रायगढ़ से शाम 19.40 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन मार्ग के सभी मध्यवर्ती स्टेशनों पर रुकते हुए खरसिया 20.13 बजे, सक्ती 20.30 बजे, बाराद्वार 20.43 बजे, चांपा 21.00 बजे, जांजगीर-नैला 21.12 बजे, अकलतरा 21.25 बजे और बिलासपुर 22.20 बजे पहुंचेगी। इसके बाद अगले दिन दुर्ग 2.00 बजे पहुंचेगी।

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त्रिकुंडा बांध में ग्रामीण को लीकेज ठीक करने उतारा, मौत:परिजन बोले- सिंचाई विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही से गई जान, लाइफ जैकेट नहीं दी

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बलरामपुर, एजेंसी। बलरामपुर जिले के त्रिकुंडा थाना क्षेत्र के नावाडीह गांव में सिंचाई विभाग के जलाशय में लीकेज ठीक करने के दौरान 55 वर्षीय राजकुमार मरावी की डूबने से मौत हो गई। परिजनों ने सिंचाई विभाग के टाइमकीपर और चौकीदार पर राजकुमार को बिना लाइफ जैकेट या अन्य सुरक्षा उपकरण के करीब 22 फीट गहरे पानी में उतारने का आरोप लगाया है। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है।

मामले में पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह और कांग्रेस नेता संतोष यादव ने जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं बड़ी संख्या में ग्रामीण भी निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

22 फीट गहरे पानी में उतरे मजदूर की डूबने से मौत

22 फीट गहरे पानी में उतरे मजदूर की डूबने से मौत

एक महीने से जलाशय में हो रहा था पानी का रिसाव

जानकारी के अनुसार, त्रिकुंडा जलाशय से पिछले करीब एक महीने से पानी का रिसाव हो रहा था। लीकेज को ठीक कराने के लिए सिंचाई विभाग के टाइमकीपर अनिल गुप्ता और चौकीदार अहमद अली मौके पर पहुंचे थे।

बताया जा रहा है कि जलाशय का निरीक्षण करने के बाद गांव के ही राजकुमार मरावी को काम के लिए बुलाया गया। परिजनों के मुताबिक, राजकुमार की तबीयत ठीक नहीं थी और उन्होंने पहले जलाशय पर जाने से मना कर दिया था।

परिजनों का आरोप- बार-बार बुलाया, 5 हजार रुपए देने की बात कही

मृतक की बहू देवंती मरावी ने आरोप लगाया कि राजकुमार के मना करने के बावजूद उन्हें बार-बार लोगों को भेजकर बुलाया गया। परिजनों के अनुसार, पहले 500 रुपए, फिर 1000 रुपए और बाद में 5000 रुपए देने की बात कहकर उन्हें काम के लिए तैयार किया गया।

परिजनों का आरोप है कि इसके बाद राजकुमार को जलाशय के गहरे पानी में लीकेज ठीक करने के लिए उतारा गया।

बिना लाइफ जैकेट 22 फीट गहरे पानी में उतारने का आरोप

परिजनों और ग्रामीणों के मुताबिक, राजकुमार को करीब 22 फीट गहरे पानी में बिना लाइफ जैकेट और अन्य सुरक्षा उपकरणों के उतारा गया था। कुछ देर बाद जब वह बाहर नहीं आए तो उनकी तलाश शुरू की गई।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इस दौरान एक 15 वर्षीय बच्चे की कमर में रस्सी बांधकर उसे पानी में उतारा गया था। हालांकि बच्चा सुरक्षित बाहर निकल आया। घटना की सूचना पुलिस और एसडीआरएफ को दी गई। इसके बाद दोनों टीमों ने मौके पर पहुंचकर जलाशय में तलाश शुरू की।

अगले दिन नहर में मिला शव

राजकुमार की तलाश रात तक जारी रही। घटना के दूसरे दिन बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे उनका शव बांध की नहर में मिला। इसके बाद पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया। ग्रामीणों का आरोप है कि हादसे के बाद सिंचाई विभाग के जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी मौके से चले गए। इसको लेकर भी ग्रामीणों में नाराजगी है।

परिजन बोले- सुरक्षा इंतजाम होते तो बच सकती थी जान

परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि जलाशय में जोखिम भरे काम के लिए राजकुमार को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए। उनका कहना है कि अगर उन्हें लाइफ जैकेट और अन्य सुरक्षा इंतजाम उपलब्ध कराए जाते तो हादसा टाला जा सकता था।

घटना के बाद ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग के टाइमकीपर अनिल गुप्ता, चौकीदार अहमद अली और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

पूर्व विधायक ने की एफआईआर की मांग

पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह और कांग्रेस नेता संतोष यादव ने मामले को गंभीर बताते हुए दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

फिलहाल परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों और हादसे में जिम्मेदारी तय करने को लेकर जांच की मांग की जा रही है। घटना में सिंचाई विभाग के संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

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18 मवेशियों से भरा ट्रक पकड़ाया, तस्कर फरार:प्रेमनगर पुलिस को देखते ही वाहन छोड़कर भागे, नवापारा कला में गश्त के दौरान कार्रवाई

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सूरजपुर, एजेंसी। सूरजपुर जिले के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के नवापारा कला गांव में पुलिस ने मवेशी तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 18 मवेशियों से भरा ट्रक जब्त किया है। पुलिस को देखकर ट्रक में सवार तस्कर वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गए। पुलिस अब उनकी तलाश में जुटी है।

पुलिस टीम नवापारा कला क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान गांव के पास एक संदिग्ध ट्रक नजर आया। पुलिस ने ट्रक को रोकने की कोशिश की, लेकिन पुलिस को देखते ही उसमें सवार लोग वाहन से उतरकर फरार हो गए।

ट्रक में मिले 18 मवेशी

पुलिस ने ट्रक की तलाशी ली तो उसमें 18 मवेशी मिले। सभी मवेशियों को ट्रक से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। इसके बाद पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया।

कहां से लाए थे मवेशी, जांच जारी

पुलिस फरार आरोपियों की पहचान के लिए ट्रक के नंबर और अन्य माध्यमों से जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि मवेशियों को कहां से लाया गया था और उन्हें कहां ले जाया जा रहा था। मामले में पशु परिवहन से जुड़े नियमों के तहत कार्रवाई की जा रही है।

पहले भी पकड़े जा चुके हैं वाहन

प्रेमनगर क्षेत्र में मवेशी तस्करी के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। कुछ दिन पहले ग्रामीणों ने 25 मवेशियों समेत कई वाहनों को पकड़कर पुलिस को सौंपा था। ताजा घटना के बाद पुलिस ने इलाके में निगरानी और बढ़ा दी है।

तस्करों की तलाश में जुटी पुलिस

फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। आसपास के गांवों में पूछताछ के साथ ट्रक से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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रायपुर में ट्रेनी SI सस्पेंड,व्यापमं फर्जी आदेश से जुड़ा मामला:जांच के दौरान कोचिंग संचालक से मांगे 1 लाख, 80 हजार लेने का आरोप

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) परीक्षा के फर्जी आदेश की जांच के दौरान कोचिंग संचालक से कथित तौर पर रिश्वत मांगने के मामले में रायपुर पुलिस के ट्रैनी सब-इंस्पेक्टर को एसपी ने सस्पेंड कर दिया है।

सब-इंस्पेक्टर का नाम महेश कुमार ओगरे बताया जा रहा है। आरोप है कि उन्होंने मामले को रफादफा करने के नाम पर कोचिंग संचालक से 1 लाख रुपए की मांग की थी। शिकायत के मुताबिक, वह 80 हजार रुपए ले भी चुका था।

राखी पुलिस फर्जी आदेश मामले में जांच कर रही थी।

राखी पुलिस फर्जी आदेश मामले में जांच कर रही थी।

फर्जी परीक्षा आदेश की जांच में रिश्वत मांगने का आरोप

मामला राखी थाना क्षेत्र में दर्ज व्यापमं के फर्जी परीक्षा आदेश से जुड़ा है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी। इसी दौरान जांच अधिकारी महेश कुमार ओगरे पर कोचिंग संचालक को कार्रवाई का डर दिखाकर दबाव बनाने और रकम वसूलने का आरोप लगा।

मामले से कोई लेना-देना नहीं, फिर भी मांगे पैसे

बताया गया कि कोचिंग संचालक को बाद में जानकारी हुई कि फर्जी व्यापमं आदेश से जुड़े मामले में उसकी कोई भूमिका नहीं है। इसके बावजूद पुलिसकर्मी ने उसे कार्रवाई की बात कहकर डराया। आरोप है कि इसी दबाव में उससे 80 हजार रुपए लिए गए। इसके बाद संचालक ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से की।

जांच के बाद एसपी ने लिया एक्शन

शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों ने मामले की जांच कराई। जांच में पहली नजर में ट्रेनी सब-इंस्पेक्टर के खिलाफ जबरन दबाव बनाने, अवैध वसूली और पद के अनुचित इस्तेमाल के आरोप सामने आए। पुलिस विभाग ने इसे निष्पक्ष कार्यप्रणाली के अनुरूप आचरण नहीं माना। इसके बाद एसपी ने महेश कुमार ओगरे को निलंबित कर दिया।

रायपुर ग्रामीण एसपी ने प्रशिक्षु सब इस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया है।

रायपुर ग्रामीण एसपी ने प्रशिक्षु सब इस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया है।

फर्जी आदेश की जांच भी जारी

दरअसल, व्यापमं की सहायक शिक्षक और व्याख्याता भर्ती परीक्षा-2026 से संबंधित एक फर्जी परीक्षा निर्देश वॉट्सऐप और सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया था। व्यापमं ने ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया था। शिकायत के बाद राखी थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। अब पुलिस फर्जी आदेश और ट्रेनी SI पर लगे रिश्वत के आरोप, दोनों पहलुओं की जांच कर रही है।

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