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Starbucks Layoffs: स्टारबक्स में छंटनी, 300 कर्मचारियों की जाएगी नौकरी, कई सपोर्ट ऑफिस होंगे बंद

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मुंबई, एजेंसी। कॉफी दिग्गज कंपनी स्टारबक्स ने एक बार फिर बड़े स्तर पर छंटनी का ऐलान किया है। कंपनी ने अमेरिका में 300 कॉर्पोरेट कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की घोषणा की है। इसके साथ ही स्टारबक्स अटलांटा, बरबैंक और शिकागो समेत कई शहरों में अपने कुछ लोकल सपोर्ट ऑफिस भी बंद करने जा रही है।

इन कर्मचारियों पर नहीं पड़ेगा असर 

हालांकि कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस फैसले का असर उसके कॉफीहाउस या स्टोर कर्मचारियों पर नहीं पड़ेगा। यह कदम कंपनी की ‘बैक टू स्टारबक्स’ रणनीति के तहत उठाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य कारोबार को फिर से मुनाफे की राह पर लाना है।

स्टारबक्स के प्रवक्ता ने बताया कि कंपनी अपने विभिन्न विभागों की गहन समीक्षा कर रही है ताकि कामकाज को सरल बनाया जा सके, लागत कम की जा सके और परिचालन क्षमता बढ़ाई जा सके। कंपनी के मुताबिक छंटनी और ऑफिस स्पेस के पुनर्गठन पर कुल करीब 400 मिलियन डॉलर का खर्च आएगा।

छंटनी का तीसरा दौर 

गौरतलब है कि CEO ब्रायन निकोल के नेतृत्व में यह छंटनी का तीसरा दौर है। इससे पहले फरवरी 2025 में कंपनी ने 1,100 नौकरियों में कटौती और कई पदों पर हायरिंग रोकने की घोषणा की थी। इसके बाद पुनर्गठन योजना के तहत 900 और नॉन-रिटेल नौकरियां खत्म करने का फैसला लिया गया था।

स्टारबक्स को हाल के वर्षों में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और ग्राहकों की बदलती खर्च प्राथमिकताओं के कारण बिक्री में गिरावट का सामना करना पड़ा है। कंपनी अब अपने कैफे संचालन में सुधार, नए मेन्यू आइटम और स्टोर्स में अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति जैसे कदमों के जरिए कारोबार को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

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सुप्रीम कोर्ट बोला-पैलेट गन से घायल प्रदर्शनकारियों का इलाज कराएं:दिल्ली सरकार को आदेश, केंद्र जंतर-मंतर प्रोटेस्ट में इस्तेमाल हथियारों का रिकॉर्ड रखे

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नई दिल्ली, एजेंसी। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली सरकार को आदेश दिया कि 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च में बैलेट गन से घायल प्रदर्शनकारियों का इलाज कराया जाए।

वहीं कोर्ट ने केंद्र से कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान तैनात RAF के हथियारों और गोला-बारूद के इस्तेमाल का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए।

सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहन की बेंच ने पैलेट गन के इस्तेमाल पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि पुलिस विशेष स्थितियों में इसका इस्तेमाल कर सकती है।

कोर्ट ने कहा कि जब तक पैलेट गन के इस्तेमाल की परमिशन देने वाले पुलिस नियमों को चुनौती नहीं दी जाती, तब तक इस पर रोक लगाने का आदेश देना मुश्किल है। कोर्ट ने इसके इस्तेमाल से जुड़ी गाइडलाइन पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।

पूर्व आईपीएस अधिकारी यशोवर्धन आजाद, प्रशांत कुमार सिंह और शेख इरशाद मंसूरी (दोनों पीड़ित) ने याचिका में पैलेट गन पर बैन लगाने की मांग की थी। उन्होंने दावा किया था कि संसद मार्च में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने छात्रों पर पैलेट गन चलाई थी।

संसद मार्च में 100 से ज्यादा प्रदर्शनकारी घायल हुए

  • कॉकरोच जनता पार्टी ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकाला था। सुबह 8 से शाम 5 बजे तक प्रदर्शन में कई बार प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी।
  • कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़े, संसद की ओर मार्च किया। ये लोग जंतर-मंतर से संसद मार्ग, जनपथ चौराहा, वॉर मेमोरियल, कर्तव्य पथ, विजय चौक से संसद के करीब पहुंच गए थे।।
  • इन लोगों ने संसद में घुसने की कोशिश की थी। इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े थे। दावा किया गया कि छात्रों पर पैलेट गन भी चलाई गई। देर शाम को पथराव की तस्वीरें भी सामने आईं।

राहुल गांधी का आरोप- पैलेट गन से छात्र की आंख की रोशनी गई

  1. राहुल गांधी ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि अमित शाह ने छात्रों पर फायरिंग और पैलेट गन चलाने का आदेश दिया। एक छात्र की आंख की रोशनी चली गई।
  2. राहुल गांधी ने 24 जुलाई को अपने आवास 10 जनपथ पर संसद मार्च में घायल स्टूडेंट के हाथ, पीठ और छाती में लगे घाव दिखाए। उन्होंने कहा, ‘मैं यह बताना चाहता हूं कि यहां खड़ा मेरा भाई उस समय पैलेट गन से घायल हो गया था, जब वह तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध-प्रदर्शन कर रहा था।’

भाजपा ने आरोप खारिज किए

वहीं राहुल गांधी के आरोपों को भाजपा ने संसद में और प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खारिज किया। सरकार ने कहा कि संसद मार्च में गोली नहीं चली। मंत्री फायरिंग का आदेश नहीं दे सकता। यह अधिकार मजिस्ट्रेट का होता है।

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खड़गे बोले– शिक्षा संस्थानों में मनुस्मृति को मानने वाले बढ़े:शूद्र से पढ़ने का अधिकार छिना, नड्डा बोले- सबूत दें, सभापति ने रिकॉर्ड से हटाया

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नई दिल्ली, एजेंसी। राज्यसभा में पेपर लीक से जुड़े परीक्षा संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे के ‘मनुस्मृति’ बयान पर हंगामा हुआ। वे शैक्षणिक संस्थाओं पर RSS के दखल पर बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों में मनुस्मृति मानने वाले बढ़ गए हैं, इससे शूद्र को पढ़ने का अधिकार छिन गया है। इस पर सदन में हंगामा शुरू हो गया।

जेपी नड्डा ने टोकते हुए कहा कि खड़गे का बयान तथ्यों से परे है। इससे अशांति फैल सकती है। इसके बाद सभापति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि मनुस्मृति वाला बयान रिकॉर्ड से हटा दिया जाएगा।

यह पूरी बहस पेपर लीक से जुड़े पब्लिक एग्जामिनेशन (अनफेयर मीन्स की रोकथाम) संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान हुई।

इससे पहले, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में पेपर लीक से जुड़ा बिल पेश किया। लोकसभा में बुधवार को करीब 7 घंटे बहस के बाद पेपर लीक से जुड़ा बिल पारित हुआ था।

फैक्ट चैक: खड़गे ने जो सजाएं बताईं, वे मूल मनुस्मृति में नहीं, बल्कि ‘गौतम धर्मसूत्र’ (अध्याय 12, श्लोक 4-6) में लिखी हैं। हालांकि, खड़गे ने बाद में कहा कि गौतम ऋषि ने लिखा है।

सुधांशु त्रिवेदी ने जवाब में कहा- मैं उन्हें बताना चाहूंगा कि विलियम जोन्स कलकत्ता हाईकोर्ट के जज थे। उन्होंने 1790 मनु स्मृति का अनुवाद किया। आधुनिक युग के शेड्यूल कास्ट का मनु काल के वैदिक शूद्र के साथ कोई कनेक्शन नहीं है। विलियम जोन्स से पहले की 2 और मनुस्मृति कहीं अवेलेबल नहीं हैं।

मासिर-ए-आलमगीरी, शाहनामा, जहांगीरनामा, तुज़ुक-ए-बाबरी, फुतूहात-ए-फिरोजशाही और तहकीके हिंद भी उपलब्ध हैं। इसलिए मैंने कहा कि मुझे प्रमाण चाहिए, क्योंकि जो खड़गे ने कहा- उसे अंग्रेजों ने बनाया है। विलियम जोन्स से पहले का कोई टेक्स्ट अवेलेबल नहीं हैं।

फैक्ट चेक: विलियम जोन्स ने मनुस्मृति का पहला अंग्रेजी अनुवाद 1794 में ‘Institutes of Hindu Law, or the Ordinances of Menu’ नाम से पब्लिश किया था। यह किताब आज भी सार्वजनिक डोमेन में है। इसे गूगल बुक्स, इंटरनेट आर्काइव और ब्रिटिश लाइब्रेरी की वेबसाइटों पर मुफ्त में पढ़ा जा सकता है।

सुधांशु त्रिवेदी ने आगे कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर कि किताब ‘हू वर द शुद्राज’ के चैप्टर के पहले पेज के पैराग्राफ 3 में लिखा है कि आधुनिक अनुसूचित जातियों और प्राचीन वैदिक काल के शूद्रों के बीच कोई सीधा संबंध नहीं है।

फैक्ट चेक: अंबेडकर ने लिखा है कि आधुनिक शूद्र और प्राचीन वैदिक काल के शूद्र एक ही वर्ग नहीं थे। प्राचीन शूद्र मूल रूप से क्षत्रिय थे, जिन्हें ब्राह्मणों से विवाद के बाद ‘उपनयन संस्कार’ से वंचित कर दिया गया, जिससे वे चौथे वर्ण में गिर गए। वे आज की अनुसूचित जातियों से अलग थे।

प्रमोद तिवारी ने एक किताब दिखाते हुए कहा कि यह इनके कार्यकाल में छपी है, चल रही है, प्रतिबंधित नहीं है। अगर ये कह रहे हैं, दिखा रहे हैं, तो गलती इनकी है।12 साल से इनकी सरकार है।

जेपी नड्डा ने कहा कि ब्रिटिश टाइम से पहले का ओरिजिनल टेक्स्ट लाइए। सबूत दीजिए।

सरकार दबाव में झुकी

सरकार को छात्रों के आंदोलन और जनदबाव के आगे झुकना पड़ा। धर्मेंद्र प्रधान को हटाना और संशोधन बिल लाना छात्रों के हित में नहीं, बल्कि सरकार की कुर्सी बचाने की मजबूरी थी।

सिर्फ सजा बढ़ाने से नहीं रुकेगा पेपर लीक

जुर्माना 1 करोड़ से 10 करोड़ करना, सजा कड़ी करना, स्पेशल टास्क फोर्स और फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाना पर्याप्त नहीं है। असली जरूरत परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने की है।

152 परीक्षाओं के पेपर लीक

कुछ सालों में 152 परीक्षाओं के पेपर लीक हुए, लेकिन किसी दोषी को सजा नहीं मिली। NTA के कई पद खाली हैं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के बजाय RSS से जुड़े लोगों की नियुक्तियां की जा रही हैं।

अमित शाह जवाब दें

शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। अगर गृह मंत्री अमित शाह इस पर जवाब नहीं दे सकते तो इस्तीफा दें।

शूद्र वाले बयान पर हंगामा

नए सिलेबस में ऐसे संदर्भ जोड़े जा रहे हैं, जिनमें शूद्रों के वेदपाठ सुनने या बोलने पर कठोर दंड का उल्लेख है। उन्होंने कहा कि ऐसी सोच रखने वालों को शिक्षा व्यवस्था से बाहर किया जाना चाहिए। इस बयान पर सत्ता पक्ष ने जोरदार हंगामा किया।

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उत्तराखंड में भारी बारिश, चार धाम यात्रा रुकी:छत्तीसगढ़ में बिजली गिरने से 5 की मौत, राजस्थान में बाजारों में पानी भरा

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नई दिल्ली/भोपाल/लखनऊ/जयपुर/पटना, एजेंसी। देशभर में तेज बारिश का दौर जारी है। उत्तराखंड में भारी बारिश और लैंडस्लाइड के बाद चार धाम यात्रा 2 दिन के लिए रोक दी गई है। चंपावत, बागेश्वर और टिहरी में 12वीं तक के स्कूल-आंगनवाड़ी में छुट्टी कर दी गई है।

राजस्थान के धौलपुर में तेज बारिश से बाजारों में पानी भर गया। गुजरात में भारी बारिश और बाढ़ से टाटा मोटर्स के साणंद प्लांट और आसपास मौजूद कई सप्लायर की यूनिट बंद करानी पड़ीं।

छत्तीसगढ़ में बिजली गिरने की तीन घटनाओं में 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 11 लोग घायल हुए हैं। राज्य में अगले दो दिन भारी बारिश की चेतावनी है।

देशभर से बारिश-बाढ़ की तस्वीरें

राजस्थान में चित्तौड़गढ़ के बेगूं में मंगलवार शाम तेज बारिश से 150 फीट ऊंचाई से मेनाल झरना बहने लगा।

राजस्थान में चित्तौड़गढ़ के बेगूं में मंगलवार शाम तेज बारिश से 150 फीट ऊंचाई से मेनाल झरना बहने लगा।

राजस्थान के सवाई माधोपुर में रणथंभौर के शेरपुर झरेटीह पर पानी ओवर फ्लो हो गया।

राजस्थान के सवाई माधोपुर में रणथंभौर के शेरपुर झरेटीह पर पानी ओवर फ्लो हो गया।

यूपी के मेरठ में भारी बारिश की वजह से सड़कों पर पानी भर गया।

यूपी के मेरठ में भारी बारिश की वजह से सड़कों पर पानी भर गया।

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में नाला पार करते समय बाइक सवार तेज बहाव में गिर गया। लोगों ने उसे बचाया।

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में नाला पार करते समय बाइक सवार तेज बहाव में गिर गया। लोगों ने उसे बचाया।

बिहार के खगड़िया में बारिश का पानी सड़क पर भर गया, जिसमें बच्चे खेलते नजर आए।

बिहार के खगड़िया में बारिश का पानी सड़क पर भर गया, जिसमें बच्चे खेलते नजर आए।

लगातार हो रही भारी बारिश से गुजरात के महिसागर का सात कुंड वाटरफॉल छलक उठा।

लगातार हो रही भारी बारिश से गुजरात के महिसागर का सात कुंड वाटरफॉल छलक उठा।

देश के ऊपर दो सिस्टम करा रहे जोरदार बारिश

देश के ऊपर दो सिस्टम मौजूद हैं। बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ होते हुए आगे बढ़ रहा है। IMD ने 4-5 दिनों में उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में सामान्य से ज्यादा और पूर्वी भारत में भारी बारिश की चेतावनी दी है।

सैटेलाइट मैप में देखें देश में कहां-कहां बादल छाए

दिल्ली में मंगलवार को 50 मिमी से ज्यादा बारिश

दिल्ली में मंगलवार को 50 मिमी से ज्यादा बारिश हुई। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक 4 मानसूनी सिस्टम ने ये बारिश कराई। इसके चलते मेट्रो स्टेशन और कई सड़कों पर पानी भर गया, 36 पेड़ गिर गए। वाटरलॉगिंग की 136 शिकायतें दर्ज की गईं।

दिल्ली में भारी बारिश के बाद जनकपुरी मेट्रो स्टेशन में पानी भर गया। स्टेशन परिसर में भरे पानी के बीच यात्री आते-जाते नजर आए।

दिल्ली में भारी बारिश के बाद जनकपुरी मेट्रो स्टेशन में पानी भर गया। स्टेशन परिसर में भरे पानी के बीच यात्री आते-जाते नजर आए।

दिल्ली में आईटीओ इलाके में भारी बारिश के बाद सड़कें पानी में डूबी नजर आईं।

दिल्ली में आईटीओ इलाके में भारी बारिश के बाद सड़कें पानी में डूबी नजर आईं।

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