नई दिल्ली, एजेंसी। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि कोई भी संगठन प्रदर्शन के लिए किसी सार्वजनिक जगह पर अनिश्चितकाल तक कब्जा नहीं कर सकता। प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थलों पर भी एक तय समय-सीमा होनी चाहिए, ताकि दूसरे संगठनों को भी अपनी बात रखने का मौका मिल सके।
CJI सूर्यकांत ने कहा
आप हमेशा के लिए किसी जगह पर कब्जा नहीं कर सकते। वहां किसान, पत्रकार, मजदूर और दूसरे प्रदर्शनकारी कहां जाएंगे? सभी को प्रदर्शन करने का अधिकार है।
जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच दिल्ली में अक्टूबर में हुए CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शनों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। इनमें प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई, लोगों की हिरासत, निगरानी (सर्विलांस), प्रदर्शन स्थलों और कारोबारियों को हुए नुकसान से जुड़े मामले शामिल हैं।
व्यापारियों ने कहा- त्योहारों में 2000 करोड़ का नुकसान
सुनवाई के दौरान दिल्ली के व्यापारिक संगठनों की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने कहा कि प्रदर्शनों के कारण दिल्ली में कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। त्योहारों के सीजन में दुकानें बंद रहीं और बिक्री घट गई।
उन्होंने दावा किया कि कारोबारियों को करीब 2,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। अगर त्योहारों के सीजन में बिक्री नहीं होगी तो व्यापारियों और उनसे जुड़े लोगों को भारी नुकसान होगा। उन्होंने कोर्ट से अगले दो महीने तक किसी भी तरह के प्रदर्शन या धरने पर रोक लगाने की मांग की।
CJP को एक दिन की अनुमति मिली, 17 दिन तक बैठे रहे
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दिल्ली पुलिस की ओर से कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए सिर्फ एक दिन की अनुमति दी गई थी, लेकिन प्रदर्शनकारी 17 दिन तक वहां बैठे रहे।
मेहता ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने बिना अनुमति संसद की ओर मार्च भी किया। संसद देश की संप्रभुता का प्रतीक है। बिना अनुमति संसद या सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
उन्होंने कहा कि जो संगठन बंद या प्रदर्शन का आह्वान करता है, उसे उसके परिणामों की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए।
मेनका गुरुस्वामी ने कहा- 7 हजार लोगों को हिरासत में लिया गया
सुनवाई में सीनियर एडवोकेट मेनका गुरुस्वामी ने करीब 7 हजार लोगों को हिरासत में लिए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि क्या लोकतंत्र के रूप में हम इससे प्रभावित नहीं हो रहे हैं? इस पर तुषार मेहता ने कहा कि इन लोगों को हिरासत में नहीं लिया गया था, बल्कि प्रदर्शन स्थल से हटाया गया था।
प्रशांत भूषण ने पूछा- किस कानून के तहत निगरानी कर रहे
सीनियर एडवोकेट प्रशांत भूषण ने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि प्रदर्शनकारियों पर किस तरह की निगरानी की जा रही है और इसके लिए कौन-सा कानूनी प्रावधान है।
इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान केवल CCTV से निगरानी की गई। उन्होंने कहा कि सैकड़ों सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भी प्रदर्शन की लाइव रिकॉर्डिंग कर रहे थे, लेकिन सरकारी CCTV पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
10 अक्टूबर को CJP प्रदर्शन के कारण दिल्ली के कम से कम 7 प्रमुख बाजारों में दुकानें बंद रहीं या कारोबार लगभग ठप रहा। कुछ बाजारों में आंशिक बंदी थी।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट मेनका गुरुस्वामी ने हिरासत और पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। वहीं, व्यापारिक संगठनों की ओर से मुकुल रोहतगी, संजय पोद्दार और सचिन पुरी पेश हुए। उन्होंने प्रदर्शन के कारण कारोबारियों को हुए नुकसान का मुद्दा उठाया।
सीनियर एडवोकेट प्रशांत भूषण ने प्रदर्शनकारियों की निगरानी का मुद्दा उठाया। इसके अलावा, गोपाल शंकरनारायणन ने प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई से जुड़ी याचिकाओं पर पक्ष रखा, जबकि इंदिरा जयसिंह ने महिला पत्रकारों के संगठन नेटवर्क ऑफ विमेन इन इंडिया की ओर से पैरवी की।
सुप्रीम कोर्ट में इन मामलों पर एक साथ सुनवाई
मेट्रो और ट्रेन सेवाएं बंद करने का मामला: प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में मेट्रो स्टेशन बंद करने और दिल्ली आने-जाने वाली ट्रेनों पर पाबंदियां लगाने के फैसले को चुनौती दी गई है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना का मामला: आरोप है कि अधिकारियों ने 9 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट के मेट्रो और ट्रेन सेवाएं पूरी तरह बंद नहीं करने के निर्देश का पालन नहीं किया। इस मामले में कोर्ट के आदेश की अवमानना का मुद्दा उठाया गया है।
प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने का मामला: 10 अक्टूबर को प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया था। याचिकाकर्ताओं ने पुलिस की इस कार्रवाई और हिरासत की कानूनी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
वकीलों के साथ मारपीट: प्रदर्शन के दौरान वकीलों को हिरासत में लेने और पुलिस स्टेशन के अंदर उनके साथ मारपीट किए जाने के आरोपों से जुड़ी याचिकाओं पर भी सुनवाई होगी।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति: याचिकाकर्ताओं ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने के फैसले को चुनौती दी है। उनकी मांग है कि वहां दोबारा प्रदर्शन की अनुमति दी जाए।
धारा 163 के तहत लगाई गई पाबंदियां: दिल्ली में प्रदर्शन रोकने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा जारी की गई थी। याचिकाकर्ताओं ने इन पाबंदियों के आधार और उन्हें लागू करने के तरीके पर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने संबंधित आदेशों की प्रतियां पेश करने को कहा है।
रास्ते बंद करने और आवाजाही रोकने का मामला: प्रदर्शन के दौरान सड़कों पर बैरिकेडिंग करने, लोगों की आवाजाही रोकने और पुलिस की ओर से लगाई गई पाबंदियों को भी चुनौती दी गई है।
पहले दिए गए अदालती आदेशों के पालन का मामला: 11 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में नहीं लेने और मेट्रो, ट्रेन और इंटरनेट सेवाएं सामान्य रखने के निर्देश दिए थे। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि इन निर्देशों का पालन नहीं किया गया। इस पर भी कोर्ट सुनवाई करेगा।
कारोबारियों के नुकसान पर:व्यापारियों ने दिल्ली में होने वाले प्रदर्शनों के लिए रोकने के लिए याचिका लगाई है। इनका आरोप है कि इससे उन्हें करोड़ों का नुकसान होता है।
विकसित भारत के संकल्प के साथ पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी का संदेश देगा विकसित भारत संकल्प पार्क
‘People for Peepal’ अभियान के तहत लगभग 16 एकड़ में विकसित पार्क में लगाए गए 2,500 से अधिक पीपल और 500 से अधिक स्थानीय प्रजातियों के पौधे
नवा रायपुर को ‘पीपल सिटी’ के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
भावी पीढ़ियों को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करेगा पार्क
रायपुर, 3 नवंबर 2026। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-16 में विकसित भारत संकल्प पार्क का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा उपस्थित थे। केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने पार्क परिसर में पीपल का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य का संदेश भी दिया।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को चिरस्थायी बनाने और भावी पीढ़ियों तक राष्ट्र निर्माण का संदेश पहुंचाने के उद्देश्य से विकसित भारत संकल्प पार्क का निर्माण किया गया है। यह पार्क विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत की परिकल्पना का प्रतीक होने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश भी देगा।
नवा रायपुर को हरित, स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। लगभग 16 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस पार्क में अब तक 2,500 से अधिक पीपल और 500 से अधिक स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। यह पार्क नवा रायपुर को ‘पीपल सिटी’ के रूप में नई पहचान दिलाने के साथ ही शहर की हरियाली और पर्यावरणीय संतुलन को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, वन मंत्री केदार कश्यप तथा कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।
‘People for Peepal’ अभियान से पर्यावरण संरक्षण में बढ़ेगी जनभागीदारी
नवा रायपुर को हरित और पर्यावरण अनुकूल शहर के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से ‘People for Peepal’ अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य केवल पौधरोपण करना नहीं, बल्कि नागरिकों को पौधों के संरक्षण, संवर्धन और नियमित देखभाल से जोड़कर पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देना है।
इसी पहल के अंतर्गत विकसित भारत संकल्प पार्क को पर्यावरण संरक्षण, जनभागीदारी और सतत विकास के केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। भारतीय संस्कृति में पीपल के वृक्ष का विशेष आध्यात्मिक और पर्यावरणीय महत्व है। इस अभियान के माध्यम से पीपल के प्रति जनआस्था को प्रकृति संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता से जोड़ा जा रहा है।
विकसित भारत संकल्प पार्क आधुनिक शहरी विकास और प्रकृति के बीच संतुलन का उदाहरण प्रस्तुत करेगा। यह पहल आने वाली पीढ़ियों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने के साथ ही विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित करेगी।
रायपुर, एजेंसी। रायपुर में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि SIR के मुद्दे पर चर्चा के लिए संसद का स्पेशल सेशन बुलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने नकली संसद में SIR पर चर्चा करने का नाटक किया और संसद का मजाक बनाया। राहुल गांधी में हिम्मत है तो वे संविधान लेकर आएं और इस मुद्दे पर संसद में चर्चा करें।
शाह नवा रायपुर में राज्योत्सव के समापन समारोह में शामिल हुए। इससे पहले उन्होंने विकसित भारत संकल्प पार्क का लोकार्पण किया।
समारोह के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में योगदान देने वाली प्रदेश की विभूतियों को राज्य अलंकरण से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
अमित शाह ने नवा रायपुर में विकसित भारत संकल्प पार्क का लोकार्पण किया।
राज्य अलंकरण से सम्मानित हुई विभूतियां
राज्योत्सव के समापन समारोह में राज्य अलंकरण भी दिया गया। अलग-अलग क्षेत्रों में अच्छा काम करने वाली प्रदेश की प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। समारोह में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और संगीत की झलक भी देखने को मिली।
‘संसद में दो-दो हाथ करने की चुनौती’
अमित शाह ने कहा- राहुल गांधी में हिम्मत है तो आइए, हाथ में संविधान लेकर घूमने से संविधान का समर्थन नहीं होता। आचरण संवैधानिक होना चाहिए। आपने पार्लियामेंट को रोककर रखा है, पेन में लेकर रखा है। संसद चलने दीजिए, दो-दो हाथ करने दीजिए, देश की जनता को मालूम चल जाएगा कि सच कौन है और झूठ कौन है।
SIR पर चर्चा के लिए लाएंगे स्पेशल संसद – शाह
अमित शाह ने कहा- कांग्रेस के नेता राहुल गांधी भी नक्सलवाद का समर्थन करते हैं। गैर-संवैधानिक सरकारों का समर्थन करते थे। अभी-अभी उन्होंने नकली संसद बनाकर संसद का भी मखौल उड़ाया। वहां चर्चा का नाटक किया।
राहुल जी, मोदी सरकार हर इश्यू पर चर्चा के लिए तैयार है। हम स्पेशल सेशन बुलाकर SIR पर चर्चा के लिए तैयार हैं।
‘कांग्रेस पार्टी ने हमेशा से नक्सलवाद का समर्थन किया’
अमित शाह ने कहा- कांग्रेस पार्टी ने हमेशा से नक्सलवाद का समर्थन किया। 2010 में पी. चिदंबरम ने कहा था कि नक्सलियों को हथियार डालने की जरूरत नहीं है, आपस में सिर्फ बातचीत कीजिए, गोली मत चलाइए।
चिदंबरम साहब, इस तरह से हिंसा नहीं रुकती। जिसको भी सरेंडर करना है, वह हथियार डालकर सरेंडर करे। उन्हें हम मेनस्ट्रीम में लाएंगे, नहीं तो हमारे जवान दो-दो हाथ करेंगे।
आदिवासियों के मानवाधिकार पर बोले शाह
अमित शाह ने कहा- नक्सलवाद का समर्थन करने वाले और मानवाधिकारों के नाम पर आवाज उठाने वाले लोगों से पूछना चाहता हूं कि क्या मानवाधिकार हाथ में बंदूक लेकर विकास रोकने के लिए होता है? क्या गरीब आदिवासियों का मानवाधिकार नहीं होता है?
‘नक्सलवाद ने छीना बच्चों का बचपन’
अमित शाह ने कहा- जिस धरती पर सांस्कृतिक गलियारा होना था, वहां रेड कॉरिडोर बनाया गया था। जिस जंगल में महुआ, तेंदूपत्ता और लोकगीत निकलने चाहिए थे, वहां बारूदी सुरंगें बिछाई गई थीं।
जिस बच्चे के हाथ में कलम होनी चाहिए थी, उसे स्कूल से अगवा कर बंदूकें थमा दी गईं। स्कूल को उड़ा दिया गया। जिस सड़क से विकास का रास्ता बनना था, उसे उड़ा दिया गया।
‘नक्सलवाद को खत्म करने कांग्रेस की मंशा नहीं’
अमित शाह ने कहा- रमन सिंह के नेतृत्व में 15 साल तक विकास के काम हुए, लेकिन उस दौरान केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। नक्सलवाद को खत्म करने की उनकी कोई मंशा नहीं थी।
उसी वक्त आदिवासी क्षेत्र के विकास की कल्पना की गई थी, लेकिन वह अधूरी रह गई।
आपने फिर से छत्तीसगढ़ से कांग्रेस की सरकार को हटाकर भाजपा सरकार को मौका दिया। इसके 2 महीने में हमने नक्सल उन्मूलन का संकल्प लिया।
शाह बोले- रायपुर बनेगा पीपल सिटी
अमिल शाह ने कहा- वित्त मंत्री ओपी चौधरी के नेतृत्व में रायपुर में 5 लाख पीपल के पौधे लगाए जाएंगे। पीपल सिटी बनने के बाद हमारा रायपुर दुनिया का सबसे बड़ा पर्यावरण मित्र शहर बनने जा रहा है। इसके लिए अलग-अलग जगहों पर आयोजन हो चुके हैं।
‘छत्तीसगढ़ की लोककलाओं को दुनिया में पहचान दिलाई’
अमित शाह ने कहा – छत्तीसगढ़ की संस्कृति को जीवंत रखने के लिए पंडूम और बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया जाता है। करमा, राउत नाचा, पंडवानी जैसी कई लोककलाओं के साथ ढोकरा कला, बेलमेटल, काष्ठ शिल्प और कोसा कला को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
बस्तर दशहरा की 75 दिन चलने वाली अनोखी परंपरा को विष्णुदेव सरकार ने एक नई पहचान दी है।
बस्तर पंडूम और बस्तर ओलंपिक के जरिए लाखों युवा अपनी संस्कृति को पुनर्जीवित कर रहे हैं। यहां की वेशभूषा, खानपान और लोकगीतों को पूरी दुनिया में प्रसिद्ध किया जा रहा है।
‘छत्तीसगढ़ के संस्कार- समानता, सेवा और सच्चाई’
अमित शाह ने कहा, यह इतने सालों से लिए गए संकल्पों की सिद्धि है। नक्सलमुक्त भारत बनाने का संकल्प लिया गया था।
मोदी जी और विष्णुदेव के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के समर्पण और विकास में बड़ा योगदान देने वाले कई महानुभावों को यहां सम्मानित किया गया।
गुरु घासीदास का संदेश और गुरु नानक जी की सेवा का संदेश समानता, सेवा और सच्चाई का है। यही छत्तीसगढ़ के संस्कार हैं।
राम के ननिहाल को मिली अलग पहचान
अमित शाह ने छत्तीसगढ़वासियों और आदिवासी भाई-बहनों को बधाई दी। उन्होंने कहा, आज हमारा छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त हो गया है। CRPF और छत्तीसगढ़ पुलिस को भी बहुत साधुवाद देना चाहता हूं। आज अटल जी की विरासत का गौरव है, जिन्होंने राम के ननिहाल को एक अलग प्रदेश की पहचान दी।
शाह बोले- अटल जी ने छत्तीसगढ़ बनाया, मोदी जी ने संवारा
अमित शाह ने कहा, अटल जी ही थे, जिन्होंने 2000 में राज्य की स्थापना की। स्थापना के बाद कांग्रेस के मुख्यमंत्री आए, लेकिन हमने चिंता नहीं की। इस क्षेत्र का विकास रुका हुआ था। अटल जी ने छत्तीसगढ़ बनाया, मोदी जी ने संवारा।
हैदराबाद/भुवनेश्वर/अमरावती/चेन्नई, एजेंसी। आंध्रप्रदेश के तट से टकराया चक्रवाती तूफान मुरासु तेलंगाना की ओर चला गया है। राहत की बात ये है कि इसकी तीव्रता 100 किमी प्रति घंटा से कम होकर 60 किमी प्रतिघंटा हो गई है।
इसका एक हिस्सा अब भी आंध्र के तट से गुजर रहा है, जिससे विजयवाड़ा समेत कई जिलों में भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने मंगलवार शाम तक तेज हवाएं चलने और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मुरासु सोमवार रात करीब 1 बजे आंध्र प्रदेश के तट से टकराया था। इस दौरान 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। तेज हवाओं से हजारों पेड़ उखड़ गए और बिजली के सैकड़ों खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। कई नावों को भी नुकसान पहुंचा।
भारी बारिश से आंध्रप्रदेश के तटीय शहरों में सड़कें डूब गईं और हाईवे पर वाहन फंस गए। मंगलवार को विजयवाड़ा, विशाखापट्टनम, तिरुपति और चेन्नई एयरपोर्ट से 30 डॉमेस्टिक फ्लाइट्स रद्द रहीं।
तमिलनाडु में भारी बारिश; कुड्डालोर में स्कूल बंद
तमिलनाडु के कुड्डालोर में मंगलवार को स्कूल बंद कर दिए गए हैं। साइक्लोन मुरासु की वजह से भारी बारिश हुई है। कुड्डालोर डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर ने ये ऑर्डर तब जारी किए जब जिले के कई हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है।
IMD बोला- दोपहर बाद तूफान कमजोर हो सकता है
IMD की निदेशक मनोरमा मोहंती ने कहा, गहरा दबाव उत्तर-उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ने और दोपहर तक धीरे-धीरे चक्रवाती तूफान मुरासु कमजोर पड़ने की संभावना है। इसकी वजह से 48 घंटों में ओडिशा में हल्की से मध्यम बारिश होगी।
आंध्र प्रदेश के 3 जिलों में रेड अलर्ट; मछुआरों को 2 दिन समुद्र में न जाने की सलाह
विशाखापत्तनम मौसम विभाग के निदेशक पीएलएन मूर्ति के मुताबिक, चक्रवाती तूफान मुरासु मंगलवार सुबह 3:30 से 5:30 बजे के बीच ओंगोल के पास आंध्र प्रदेश के तट को पार कर गया। फिलहाल यह दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट के पास गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में मौजूद है। अगले 12 घंटे में इसके उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा में बढ़ने और मंगलवार दोपहर तक कमजोर होकर चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है।
मौसम विभाग ने राज्य के 3 जिलों में रेड अलर्ट और बाकी जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मछुआरों को अगले दो दिन तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
बंदरगाहों पर खतरे के संकेत जारी
निजामपट्टनम पोर्ट: ग्रेट डेंजर सिग्नल-10 (GD-10)
मछलीपट्टनम पोर्ट: ग्रेट डेंजर सिग्नल-9 (GD-9)
कृष्णपट्टनम पोर्ट: ग्रेट डेंजर सिग्नल-8 (GD-8)
अन्य बंदरगाह: लोकल कॉशनरी सिग्नल-3 (LC-3)
मौसम विभाग के मुताबिक, बंदरगाहों पर सोमवार को जारी किए गए खतरे के संकेत फिलहाल जारी रहेंगे।
बापटला में 222.4 mm, नरसापुर में 198.6 mm बारिश हुई
मौसम विभाग ने दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश में अगले 12 घंटे तक भारी बारिश जारी रहने का अलर्ट दिया है। सोमवार सुबह 8:30 बजे से मंगलवार सुबह 8:30 बजे तक बापटला में सबसे ज्यादा 222.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा नरसापुर में 198.6 मिमी, ओंगोल में 120.2 मिमी और मछलीपट्टनम में 83.9 मिमी बारिश हुई।
4 ट्रेनें डायवर्ट, विजयवाड़ा-ओंगोल-गुडूर रूट पर आवाजाही बंद
तूफान मुरासु के कारण आंध्र प्रदेश में विजयवाड़ा-ओंगोल-गुडूर रेल सेक्शन पर ट्रेनों की आवाजाही रोक दी गई है। तेज हवाओं और खराब मौसम को देखते हुए साउथ कोस्ट रेलवे (SCR) ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए कई ट्रेनों के रूट बदल दिए हैं। कुछ ट्रेनों को रास्ते में रोककर चलाया जा रहा है।
इन 4 ट्रेनों के रूट बदले गए
12625 केरल एक्सप्रेस: तिरुवनंतपुरम से नई दिल्ली जाने वाली ट्रेन को रेनिगुंटा-येर्रागुंटला-नंद्याल-गुंटूर-विजयवाड़ा के रास्ते चलाया जा रहा है।
18638 हटिया एक्सप्रेस: बेंगलुरु से हटिया जाने वाली ट्रेन मंगलवार से इसी बदले हुए रूट से चलेगी।
22863 सुपरफास्ट एक्सप्रेस: हावड़ा से बेंगलुरु जाने वाली ट्रेन को गुंटूर-नंद्याल-येर्रागुंटला-रेनिगुंटा के रास्ते डायवर्ट किया गया है।
04131 स्पेशल ट्रेन: कानपुर सेंट्रल से बेंगलुरु जाने वाली इस ट्रेन को भी गुंटूर-नंद्याल-येर्रागुंटला-रेनिगुंटा के रास्ते चलाया जाएगा। यह चिराला, ओंगोल और नेल्लोर स्टेशन पर नहीं रुकेगी।
शाह ने नायडू से की बात, मुरासु तूफान से निपटने के लिए मदद का भरोसा दिया
गृह मंत्री अमित शाह ने चक्रवाती तूफान मुरासु के असर को लेकर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से बात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद देने का भरोसा दिया।
अमित शाह ने कहा कि NDRF और SDRF की टीमें पहले से ही प्रभावित इलाकों में तैनात हैं और लोगों की मदद कर रही हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पूरी मजबूती से आंध्र प्रदेश के लोगों के साथ खड़ी है।