काठमांडू/नई दिल्ली, एजेंसी। नेपाल में 26 अगस्त को ग्लेशियर टूटने और भूस्खलन के बाद अचानक बाढ़ आई थी। अब घटना के तीन दिन बाद ग्लेशियर टूटने का वीडियो सामने आया है। टूर गाइड के एक ग्रुप ने तिब्बत में एक ऊंची जगह से इसे कैमरे में रिकॉर्ड किया।
वीडियो में नेपाल की सीमा के पास बर्फ से ढके पहाड़ और ग्लेशियर दिखाई दे रहे हैं। अचानक ग्लेशियर की बर्फ और चट्टानों का करीब 800 मीटर लंबा हिस्सा टूटकर नीचे घाटी में गिरता नजर आता है।
हिमस्खलन के बाद धूल और मलबा पूरे इलाके में फैल जाता है। वीडियो में नीचे की ओर बहता पानी और मलबा भी दिखाई दे रहा है।
ग्रुप जब नीचे उतरा तो रास्ते बंद मिले। इसके बाद उन्हें पता चला कि ग्लेशियर टूटने और भूस्खलन के बाद इलाके में आई बाढ़ से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है।
ग्लेशियर टूटने के तुरंत बाद का वीडियो
320 भारतीय अभी भी लापता
नेपाल और तिब्बत में इस आपदा से अब तक 633 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 2,500 लोग लापता हैं। इनमें 320 भारतीय भी शामिल हैं। वहीं, करीब 400 भारतीय अभी तिब्बत में फंसे हुए हैं।
तबाह घरों से अपना बचा हुआ सामान खोज रहे लोग
बाढ़ से बचाए गए लोगों की सूची में अपने परिजनों के नाम खोजते लोग
नेपाल के गृहमंत्री सुदन गुरुंग खुद रेस्क्यू ऑपरेशन में उतरे
नेपाल के गृहमंत्री सुदन गुरंग बाढ़ प्रभावित इलाके में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन में खुद शामिल हुए। उन्होंने सुरंग के अंदर पहुंचकर बचाव टीमों के साथ काम किया और फंसे लोगों को बाहर निकालने के अभियान में मदद की।
बिजली का तार पकड़े लटके रहे तब बची जान
त्रिशूली बाजार में मिठाई की दुकान पर काम कर रहे रामबचन साह बुधवार को अचानक आई बाढ़ में बह गए थे। उन्होंने बताया कि बिजली का तार पकड़कर करीब आधे घंटे तक लटके रहने के बाद उनकी जान बच सकी।
साह सुरक्षित हैं, लेकिन दुकान में मौजूद संगीता, उनका बेटा राहुल और कर्मचारी बिनोद भगत अब भी लापता हैं। उनकी कीचड़ से लथपथ तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी।
नेपाल में बाढ़ के बाद तबाही का मंजर
एक बुजुर्ग बस्ती के बीच से गुजरता हुआ। बाढ़ का पानी उतर चुका है, लेकिन घरों की दीवारों और गलियों में फंसा मलबा तबाही की भयावह तस्वीर दिखा रहा है।
बाढ़ के बाद उजड़ी बस्ती का एरियल व्यू। लोगों के घर कीचड़ से ढ़के हुए दिखाई दिए।
बेत्रावती में बाढ़ के बाद तबाही का मंजर। बाढ़ ने घरों, सड़कों और आसपास के इलाकों को भारी नुकसान पहुंचाया है।
त्रिशूली में बाढ़ के कीचड़ और मलबे से घिरी एक क्षतिग्रस्त इमारत।
एक क्षतिग्रस्त इमारत जो कीचड़ और मलबे के बीच है। पानी के सैलाब ने यहां सब कुछ तबाह कर दिया।
नेपाल की हाइड्रोपावर इंडस्ट्री पर बाढ़ का खतरा
नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने देश की हाइड्रोपावर इंडस्ट्री पर बड़ा असर डाला है। भोटेकोशी और त्रिशूली घाटियों में बाढ़ से 14 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट प्रभावित हुए हैं। इनमें 6 निर्माणाधीन प्रोजेक्ट भी शामिल हैं।
नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के मुताबिक, बाढ़ के बाद 431 MW बिजली उत्पादन क्षमता बंद हो गई। यह देश की कुल उत्पादन क्षमता का 12% से ज्यादा है। निर्माणाधीन प्रोजेक्टों को भी जोड़ने पर प्रभावित क्षमता करीब दोगुनी हो जाती है।
बाढ़ ने प्रोजेक्ट की सुरक्षा पर सवाल उठाए
हिमालयी क्षेत्र में भूस्खलन, हिमस्खलन और ग्लेशियल झील फटने जैसी घटनाओं का खतरा रहता है। जलवायु परिवर्तन के साथ इन जोखिमों के बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
बाढ़ के बाद अब सवाल उठ रहा है कि नेपाल में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट कहां बनाए जाएं और उन्हें ऐसे प्राकृतिक खतरों से बचाने के लिए किस तरह डिजाइन किया जाए। विशेषज्ञ छोटे प्रोजेक्टों की मजबूती और बड़े जलाशयों की जरूरत पर भी चर्चा कर रहे हैं।
नेपाल बाढ़ पीड़ितों के लिए पुरी बीच पर खास संदेश
ओडिशा के पुरी बीच पर रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक ने नेपाल बाढ़ के पीड़ितों के प्रति एकजुटता जताई। उन्होंने नेपाली झंडे और प्रे फॉर नेपाल’ संदेश के साथ रेत की कलाकृति बनाकर प्रभावित लोगों के लिए प्रार्थना की।
बाढ़ के बाद नेपाल की सड़कों पर कीचड़ और मलबा
एक सुरक्षाकर्मी धादिंग में बाढ़ के बाद सड़क पर जमा कीचड़ और मलबा हटाता हुआ।
सड़क पर जमा कीचड़ और मलबे में फंसे एक ऑटो-रिक्शा को निकालने की कोशिश करते पुलिसकर्मी।
एक महिला बाढ़ प्रभावित इलाके में गैस सिलेंडर के पास बैठकर फोन पर बात करती हुई।
एक महिला बाढ़ के बाद मलबे और कीचड़ से घिरे इलाके में खड़ी हुई।
त्रिशूली सुरंग में फंसे लोगों को बचाने पहुंची भारतीय टीम
नेपाल के रसुवा जिले में त्रिशूली-3A जलविद्युत परियोजना की सुरंग में लोगों के फंसे होने की आशंका है। उन्हें बचाने के लिए भारत की एक टीम भी त्रिशूली पहुंच गई है।
भारतीय टीम पहले हेलिकॉप्टर से चिलिमे और लांगटांग इलाके का हवाई सर्वे करेगी। इसके बाद हालात के मुताबिक आगे का बचाव अभियान चलाया जाएगा।
सुरंग में फंसे लोगों की तलाश के लिए दो दिन से रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। शनिवार सुबह से सुरंग का रास्ता खोलने के लिए मलबा और मिट्टी हटाने का काम तेज कर दिया गया है।
ग्लेशियर टूटने के तुरंत बाद का वीडियो आया
इसमें धूल और मलबा तेजी से घाटी की ओर जाता हुआ दिखाई दे रहा है।
तिब्बत के पास नेपाल में हिमस्खलन का खौफनाक मंजर कैमरे में कैद हुआ। टूर गाइड और हाइकर्स के एक ग्रुप ने बुधवार सुबह तिब्बत में एक ऑब्जर्वेशन डेक से इस घटना को देखा। यहां से नेपाल की सीमा के पार बर्फ से ढके पहाड़ और ग्लेशियर दिखाई देते हैं।
हाइकर्स के वीडियो में हिमस्खलन से पहले और बाद का अंतर साफ दिखाई देता है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ग्लेशियर की बर्फ और चट्टानों का कितना बड़ा हिस्सा नीचे घाटी में गिरा।
ग्रुप जब नीचे उतरा, तब उन्हें रास्ते बंद मिले। इसके बाद उन्हें हिमस्खलन और उसके बाद आई बाढ़ से हुई तबाही की जानकारी मिली।
चीन में बाढ़ की तस्वीरें और वीडियो क्यों नहीं दिख रहे?
नेपाल और तिब्बत की सीमा पर आई बाढ़ की तस्वीरें और वीडियो पूरी दुनिया में तेजी से फैल गए। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा ग्यिरोंग पोर्ट के वीडियो की हुई। यह नेपाल और तिब्बत के बीच एक अहम सीमा चौकी है। वीडियो में दिख रहा है कि बाढ़ का तेज पानी सब कुछ बहाता हुआ आगे बढ़ रहा है और लोग जान बचाने के लिए भाग रहे हैं।
BBC की रिपोर्ट के मुताबिक चीन के सोशल मीडिया पर यह वीडियो नहीं दिख रहा है।
ये वीडियो CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हुए थे। सोशल मीडिया के जरिए ये दुनिया के कई देशों में पहुंच गए। लेकिन चीन में लोगों को ये वीडियो आसानी से देखने को नहीं मिले। चीन के सरकारी टीवी समाचार में भी अब तक इस घटना की सिर्फ एक तस्वीर दिखाई गई है।
चीन के इंटरनेट पर बाढ़ के वीडियो ढूंढना मुश्किल है। यहां तक कि इस बाढ़ में हुई मौतों और लापता लोगों के बारे में सोशल मीडिया पर लिखी पोस्ट भी आसानी से नहीं मिल रही हैं।
ऐसा इसलिए है क्योंकि चीन में इंटरनेट पर सरकार का कड़ा नियंत्रण और सेंसरशिप है। कौन-सी जानकारी लोगों तक पहुंचेगी और कौन-सी नहीं, इस पर सरकार का काफी नियंत्रण रहता है।
नेपाल ने भारत की मदद के लिए आभार जताया
नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट करते हुए भारत के समर्थन के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आभार जताया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की ओर से दिखाई गई चिंता, सहयोग और एकजुटता के लिए नेपाल सरकार और जनता की ओर से वह दिल से धन्यवाद।
काठमांडू के मुर्दाघर में अपनों को तलाशते लोग
UN बोला- नेपाल में हजारों परिवारों को खाने और साफ पानी की जरूरत
नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद हालात अब भी गंभीर हैं। UN के मुताबिक, हजारों परिवारों को भोजन और पीने के साफ पानी की जरूरत है।
राहत-बचाव के लिए कई देशों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने मदद बढ़ाई है। यूरोपीय संघ, कनाडा और अमेरिका ने नेपाल को राहत सामग्री और आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।
वैज्ञानिक बोले- कभी भी टूट सकता है दूसरी झील का बांध
वैज्ञानिक जेफ्री कार्गेल ने CNN से कहा कि नेपाल में बाढ़ प्रभावित इलाके के ऊपर बनी दूसरी झील का पानी अस्थिर है। बांध टूटा तो नीचे के इलाकों में फिर बड़ी बाढ़ आ सकती है।
पहली झील का बांध शुक्रवार को टूट चुका है। अगर दूसरी झील भी टूटी तो उसका पानी पहली झील में पहुंचकर दोनों का पानी एक साथ नीचे ला सकता है। कार्गेल ने रेस्क्यू टीमों को ऊंचे इलाकों में तैयार रहने की सलाह दी है।
दोनों झीलें नेपाल-चीन सीमा के पास हैं, जहां बुधवार को भीषण बाढ़ आई थी।
बाढ़ से नेपाल में 80 पुल और 40 किमी सड़कें टूटीं
बाढ़ ने नेपाल की नई सरकार की आर्थिक मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। देश की अर्थव्यवस्था विदेशी मदद, विदेशों में काम कर रहे नेपाली लोगों के भेजे पैसे और चीन-भारत के सामान पर निर्भर है।
राष्ट्रीय आपदा प्राधिकरण के मुताबिक, बाढ़ से 80 पुल और करीब 40 किमी सड़कें खराब हुई हैं। प्रभावित इलाका चीन सीमा के पास है। ये सड़कें और पुल चीन से सामान लाने-भेजने के लिए जरूरी हैं। चीन नेपाल का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।
नई दिल्ली, एजेंसी। बिहार के 15 जिलों की 575 पंचायतों में करीब 50 लाख की आबादी अभी भी बाढ़ के पानी से घिरी हुई है। कटिहार में सरकारी स्कूल और कोचिंग सेंटर बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। बच्चे नाव में बैठकर पढ़ रहे हैं। प्रदेश के 26 जिलों बारिश का यलो अलर्ट है। आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है।
यूपी में बारिश से नदियां उफान पर हैं। 26 जिलों में बाढ़ के हालात हैं। करीब 4 लाख की आबादी प्रभावित है। वहीं, लखीमपुर में शारदा नदी का कटान तेज होने से 24 घंटे में 7 मकान नदी में समा गए हैं।
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के आदि कैलाश मार्ग पर दोबाट में लैंडस्लाइड से सड़क फिर बंद हो गई। रुद्रप्रयाग में केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा के पास सुरक्षा के मद्देनजर यात्रियों को हेलमेट पहनाकर भेजा जा रहा है। चार दिन पहले लैंडस्लाइड में कई घोड़े-खच्चर मारे गए थे। रास्ते में पड़े शवों से बदबू और सांस लेने में परेशानी की शिकायतें सामने आ रही हैं।
राजस्थान के 26 जिलों में 17 सितंबर तक बारिश का यलो अलर्ट है। मंगलवार को अजमेर, पाली समेत कुछ अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। वहीं, मध्य प्रदेश के पश्चिमी इलाकों में 17 से 19 सितंबर तक और 18 से 21 सितंबर तक पूर्वी हिस्से में बारिश हो सकती है।
सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति
देशभर से मौसम की तस्वीरें
गुजरात के ऊना जिले में चार घंटे में 8 इंच से अधिक बारिश हुई, जिससे 200 से अधिक घरों में पानी भर गया।
बिहार के कटिहार में बाढ़ के पानी में स्कूल डूबे हैं। गांव के टीचर नाव पर ही बच्चों को पढ़ा रहे हैं।
बिहार में भोजपुर के ज्वइनिया गांव में एक्ट्रेस अक्षरा सिंह ने बाढ़ पीड़ितो को राहत सामग्री बांटी।
केदारनाथ पैदल मार्ग पर हेलमेट पहनाकर यात्रियों को आगे भेजा जा रहा।
यूपी के सिद्धार्थनगर में बारिश के बीच दीवार भरभराकर गिर गई।
यूपी के सहारनपुर में प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां शाकंभरी देवी मंदिर के पास नदी में बाढ़ आ गई। पुलिस ने श्रद्धालुओं को अलर्ट कर दिया था।
छत्तीसगढ़ : बारिश थमने से चढ़ा पारा, राजनांदगांव में 35° तापमान
छत्तीसगढ़ में आज कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका भी है। पिछले 24 घंटे में रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। बारिश की गतिविधियां कम होने के साथ अब तापमान बढ़ने लगा है। राजनांदगांव सबसे गर्म रहा, यहां पारा 35 डिग्री तक पहुंच गया।
गुजरात: कच्छ के मांडवी में 7 इंच बारिश
गुजरात में पिछले 24 घंटे में 110 में बारिश हुई। कच्छ के मांडवी में सबसे ज्यादा 7 इंच बारिश दर्ज की गई। सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक हुई बारिश से कई जगह सड़कों पर पानी भर गया।
जूनागढ़, गिर सोमनाथ, राजकोट, अमरेली, आनंद और मेहसाणा के कुछ इलाकों में भी सुबह हल्की बारिश हुई। राज्य में अब तक 84.74% बारिश हुई है, लेकिन करीब 15% बारिश की कमी है।
यूपी: 26 जिलों में बाढ़ से 4 लाख लोग प्रभावित, लखीमपुर में 7 मकान नदी में बहे
यूपी में मानसून अभी सक्रिय है। मौसम विभाग ने बुधवार को 56 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, बारिश से नदियां उफान पर हैं। 26 जिलों में बाढ़ के हालात हैं। करीब 4 लाख की आबादी प्रभावित है। सिद्धार्थनगर में बारिश के बीच दीवार भरभराकर गिर गई।
मध्य प्रदेश: 19 सितंबर से नया सिस्टम एक्टिव होगा, राज्य में 4.3 इंच कम बारिश हुई
मध्य प्रदेश में भारी बरसात का एक और दौर आ सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक 19 सितंबर के बाद नया सिस्टम एक्टिव होगा। यदि सिस्टम स्ट्रॉन्ग रहा तो प्रदेश की बारिश का कोटा फुल हो सकता है। कोटे के बराबर पहुंचने में 4.3 इंच बारिश की और जरूरत है।
बिहार: सेंट्रल टीम बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेगी, 26 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने बिहार के 26 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। पटना समेत बाकी जिलों में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है।
राजस्थान: 26 जिलों में बारिश का अलर्ट, 19 सितंबर से मानसून की विदाई
राजस्थान में मानसून अंतिम चरण में है। आज 26 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट है। मंगलवार को अजमेर, पाली समेत कुछ अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। बारिश होने और हवा चलने से कई शहरों में मंगलवार को तापमान में गिरावट हुई।
झारखंड: बिजली गिरने का का यलो अलर्ट, हल्की बारिश की संभावना
राजधानी रांची में अगले पांच दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 21 सितंबर तक रांची और आसपास के इलाकों में रोजाना एक-दो बार बारिश हो सकती है। इस दौरान कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने की संभावना है।
उत्तराखंड: अल्मोड़ा में रामगंगा नदी उफान पर, सभी जिलों में बारिश की चेतावनी
उत्तराखंड के सभी जिलों में आज बारिश की संभावना है। अल्मोड़ा के चौखुटिया क्षेत्र में देर रात मूसलाधार बारिश हुई, जिससे रामगंगा नदी अचानक उफान पर आ गई। पिथौरागढ़ में आदि कैलाश मार्ग पर दोबाट में पहाड़ी दरकने से सड़क फिर बंद हो गई।
नई दिल्ली, एजेंसी। पाकिस्तानी नौसेना का एक जहाज अरब सागर के अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में भारतीय नौसेना के जहाज से टकरा गया। घटना कब की है, इसकी जानकारी नहीं दी गई है। इससे पहले 2011 में भी दोनों देशों के जहाजों में टक्कर हुई थी।
भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारतीय युद्धपोत नियमित निगरानी मिशन पर था। इसी दौरान पाकिस्तानी जहाज तेज रफ्तार में आया और गलत दिशा में मुड़ गया, जिससे दोनों जहाज टकरा गए।
ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि पाकिस्तानी जहाज का नाम PNS हुनैन है। इसे समुद्री निगरानी और गश्त के लिए इस्तेमाल किया जाता है। टक्कर में इसको नुकसान पहुंचा है। हालांकि, भारतीय नौसेना के जिस जहाज से इसकी टक्कर हुई, इसका पता नहीं चल पाया है।
घटना के बाद भारत ने नई दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के चार्ज डी’अफेयर्स को तलब किया और कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत ने घटना को अस्वीकार्य और गैर-पेशेवर बताया।
दिशा बदलने के दौरान दोनों की टक्कर हुई
ANI के मुताबिक, भारतीय नौसेना का एक युद्धपोत उत्तर अरब सागर में नियमित निगरानी मिशन पर था। इसी दौरान पाकिस्तानी नौसेना का एक जहाज तेज रफ्तार से भारतीय जहाज के करीब आ गया।
पाकिस्तानी जहाज ने जिस तरह अपनी दिशा बदली, उसे असुरक्षित और गैर-पेशेवर बताया गया है। इसके बाद दोनों जहाजों के बीच दूरी लगातार कम होती गई और आखिर में वे आपस में टकरा गए।
2011 में टकराए थे भारतीय-पाकिस्तानी जहाज
भारत और पाकिस्तान की नौसेनाओं के बीच समुद्र में इस तरह की घटना पहले भी हो चुकी है। 2011 में भारतीय नौसेना के INS दोगावरी और पाकिस्तानी नौसेना के PNS बाबर के बीच भी टक्कर हुई थी।
टक्कर को लेकर पाकिस्तान ने आरोप लगाया था कि भारतीय जहाज ने उसके काम में रुकावट डाली और खतरनाक तरीके से जहाज चलाया।
भारत ने इस आरोप को गलत बताया। भारत के मुताबिक, PNS बाबर ने INS गोदावरी को दाईं तरफ से पार करने की कोशिश की और इसी दौरान उसके हेलिकॉप्टर डेक वाले हिस्से से टकरा गया। इस दौरान हेलिकॉप्टर का जाल क्षतिग्रस्त हुआ था।
भारत ने तब भी 1991 के समझौते के आर्टिकल 10 का हवाला देते हुए पाकिस्तान के सामने विरोध दर्ज कराया था।
साल 2011 में INS दोगावरी और पाकिस्तानी नौसेना के PNS बाबर की टक्कर हो गई थी।
PNS बाबर, सोमालियाई समुद्री लुटेरों से छुड़ाए गए MV सुएज जहाज को सुरक्षित ले जा रहा था। यह मिस्र के मालिकाना हक वाला जहाज था।
इसे सोमालियाई समुद्री लुटेरों ने बंधक बना लिया था। बाद में करीब 20 लाख डॉलर से ज्यादा की फिरौती दिए जाने के बाद जहाज और उसके 22 सदस्यीय चालक दल को छोड़ा गया था।
भारत ने पाकिस्तान से क्या कहा?
विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी चार्ज डी’अफेयर्स से कहा कि वह भारत की आपत्ति पाकिस्तान के संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएं। भारत ने कहा कि समुद्र में सभी सैन्य जहाजों को सावधानी से काम करना चाहिए और दोनों देशों के बीच हुए समझौतों का पालन करना चाहिए।
भारत ने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए। वहीं, इस्लामाबाद में मौजूद भारतीय चार्ज डी’अफेयर्स को भी पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के सामने भारत की ओर से विरोध दर्ज कराने को कहा गया है।
कोलकाता, एजेंसी। भाजपा ने पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी ने नंदीग्राम से हसीरानी रथ और रेजीनगर से शाश्वर सरकार को टिकट दिया है।
हसीरानी रथ CM शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की मां हैं। 6 मई की देर रात मध्यमग्राम के पास चंद्रनाथ को गोली मार दी गई थी। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उनकी मौत हो गई।
इस साल अप्रैल-मई में हुए बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 207 सीटें जीती थीं। तृणमूल कांग्रेस को 80 और कांग्रेस को 2 सीटें मिली थीं। इन नतीजों के बाद ममता बनर्जी 15 साल बाद सत्ता से बाहर हो गईं।
नंदीग्राम में TMC के दो गुट भी आमने-सामने
उपचुनाव में तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुट भी आमने-सामने हैं। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने नंदीग्राम से मोहम्मद एतेशामुल हक और रेजीनगर से सफीउज्जमान शेख को मैदान में उतारा है। वहीं ममता वाले गुट ने नंदीग्राम से संचिता प्रधान डे और रेजीनगर से पूर्व विधायक रबीउल आलम चौधरी को उम्मीदवार बनाया है।
दोनों गुट खुद को असली TMC बताते हुए ‘जोड़ा घास फूल’ चुनाव चिह्न पर दावा कर रहे हैं। चुनाव आयोग ने दोनों पक्षों से अतिरिक्त दस्तावेज मांगे हैं और 16 सितंबर तक जवाब देने को कहा है। अगर उपचुनाव से पहले आयोग इस विवाद पर फैसला नहीं कर पाता है, तो मौजूदा चुनाव चिह्न फ्रीज किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में दोनों गुटों को अलग नाम और चुनाव चिह्न के साथ मैदान में उतरना पड़ सकता है।
कांग्रेस ने नंदीग्राम से मिलन प्रधान और रेजीनगर से मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफी को उम्मीदवार बनाया है। CPI(M) ने रेजीनगर से अधिवक्ता सैयद असद अली को और CPI ने नंदीग्राम से शांति गोपाल गिरी को टिकट दिया है।
नंदीग्राम से शुभेंदु ने ममता को हराया, लगातार दो बार से भाजपा जीत रही
नंदीग्राम लंबे समय से TMC और भाजपा के बीच राजनीतिक संघर्ष का प्रमुख केंद्र रहा है। इस क्षेत्र में 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन ने ममता बनर्जी और TMC को 2011 में सत्ता तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई थी।
2021 में ममता बनर्जी ने यहीं से बंगाल के मौजूदा सीएम शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव लड़ा, लेकिन हार गईं। 2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के साथ भवानीपुर सीट से भी चुनाव लड़ा और दोनों जगह जीत दर्ज की।
बाद में अधिकारी ने भवानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद नंदीग्राम सीट खाली हुई।
बंगाल सहित 4 राज्यों की 6 सीटों पर उपचुनाव
तमिलनाडु में 2 सीट: मदुरांतकम और धारापुरम- ये दोनों विधानसभा सीटें मरागथम कुमारवेल और पी. सत्यबामा के इस्तीफे के बाद खाली हुई थीं। दोनों सीटों की फाइनल वोटर लिस्ट 23 फरवरी को जारी की गई।
पुडुचेरी की थट्टानचावड़ी सीट: यह सीट एन. रंगासामी के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। सीट की मतदाता सूची 14 फरवरी को पब्लिश हुई।
पश्चिम बंगाल की रेजीनगर-नंदीग्राम सीट: रेजीनगर सीट हुमायूं कबीर और नंदीग्राम सीट शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद खाली हुई। इन सीटों की अंतिम वोटर लिस्ट 28 फरवरी को जारी की गई।
असम की नगांव लोकसभा सीट: असम की नागांव लोकसभा प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। इस सीट की अंतिम मतदाता सूची 10 फरवरी को जारी की गई थी।