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Why Market is up Today: निवेशकों की झोली में ₹4000000000000… शेयर बाजार हुआ गुलजार, इन 4 फैक्टर्स ने बदली तस्वीर

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मुंबई, एजेंसी। बुधवार को शेयर बाजार में जोरदार उछाल देखने को मिला। तीन दिनों की गिरावट के बाद सेंसेक्स-निफ्टी रिकॉर्ड स्तरों के करीब पहुंच गए। तेजी की मुख्य वजह अमेरिका के फेडरल रिजर्व (US Fed) द्वारा ब्याज दरों में कटौती की बढ़ती उम्मीदें हैं, जिनसे बाजार की हफ्तों पुरानी घबराहट खत्म हो गई।

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सेंसेक्स 1022.50 अंक उछलकर 85,609.51 पर बंद हुआ। निफ्टी50 भी 320.50 अंक की बढ़त के साथ 26,205.30 के स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1038.62 अंक चढ़ा जबकि निफ्टी 324 अंक उछला। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों की संपत्ति में भी बड़ा इजाफा हुआ। बीएसई में लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप 4.23 लाख करोड़ बढ़कर लगभग 473.65 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया।

मार्केट में तेजी के 4 मुख्य कारण (main reasons for the market boom)

1. अमेरिका में रेट कट की उम्मीदें

बाजार को उम्मीद है कि अमेरिका का केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (US Fed) साल 2025 की अपनी आखिरी पॉलिसी मीटिंग में ब्याज दरें घटाएगा। अमेरिका के उम्मीद से कमजोर आर्थिक आंकड़ों ने भी इन उम्मीदों को और मजबूत किया है। सीएमई ग्रुप के Fedwatch डेटा के अनुसार 85% लोग मानते हैं कि जेरोम पॉवेल और फेड रिजर्व ब्याज दरों में कटौती करेंगे।

2. विदेशी निवेशकों की खरीदारी

मंगलवार के सत्र में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 785 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदारी की।
घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने भी 3,912 करोड़ रुपए की मजबूत खरीदारी की। इससे बाजार सेंटिमेंट को बड़ा सपोर्ट मिला।

3. वैश्विक बाजारों में तेजी

बुधवार को एशियाई शेयर बाजारों में भी उछाल देखा गया। वॉल स्ट्रीट पर रात भर की तेजी के बाद, अमेरिका के कमजोर आर्थिक आंकड़ों ने अगले महीने की पॉलिसी मीटिंग में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें घटाने की उम्मीदों को और पुख्ता कर दिया। जापान के बाहर एशिया-प्रशांत शेयरों का MSCI का सबसे व्यापक सूचकांक 1% बढ़ा, जबकि जापान का निक्केई 1.8% उछला। शुरुआती कारोबार में अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स भी 0.2% ऊपर थे।

4. क्रूड ऑयल के दाम में तेज गिरावट

ग्लोबल मार्केट में क्रूड तेल की कीमतें बड़ी गिरावट के साथ 22 अक्टूबर के निचले स्तर पर पहुंच गईं।
ब्रेंट क्रूड 63 डॉलर से नीचे फिसलकर 62.48 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 57.95 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। अमेरिका द्वारा रूस पर लगे कुछ प्रतिबंधों में नरमी के संकेत के बाद सप्लाई बढ़ने की उम्मीद बनी, जिसका सकारात्मक असर भारतीय बाजार पर पड़ा।

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मिडिल ईस्ट में उबाल, दुनियाभर के बाजारों में भूचाल, कमजोर खुल सकते हैं सेंसेक्स-निफ्टी

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मुंबई, एजेंसी। मिडिल ईस्ट में संकट गहराने व होर्मुज स्ट्रेड के रास्ते कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने तथा डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दिए गए बयान के बाद दुनियाभर के बाजार 3 मार्च को क्रैश हो गए। एशियाई बाजार 11 महीनों के अपने सबसे खराब दौर के ट्रेक पर नजर आ रहे हैं। साउथ कोरिया के बाजार में सबसे ज्यादा कमजोरी दिख रही है। छुट्टी से लौटने के बाद यह 5 फीसदी गिर गया और प्रोग्राम ट्रेडिंग के लिए कुछ समय के लिए सेल ऑर्डर रोक दिए गए। होली की छुट्टी के बाद बुधवार को घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रहने के संकेत हैं। फ्यूचर्स से जुड़े संकेतक GIFT Nifty में करीब 600 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई और यह 24,355 के आसपास लगभग 2.55% नीचे ट्रेड करता दिखा। इससे संकेत मिल रहे हैं कि BSE Sensex और NIFTY 50 दबाव में खुल सकते हैं।

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े घटनाक्रमों ने निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को प्रभावित किया है। ऊर्जा आपूर्ति को लेकर आशंकाओं के चलते बाजार में सतर्कता बढ़ गई है। उल्लेखनिय है कि ट्रंप ने कहा कि यह वॉर करीब 1 महीने तक चल सकती है। 

एशियाई बाजारों में भारी गिरावट

वैश्विक बाजारों में भी बिकवाली हावी रही। दक्षिण कोरिया का KOSPI 7% से ज्यादा टूट गया, जो 2024 के बाद की बड़ी गिरावट मानी जा रही है। टेक दिग्गज Samsung Electronics और SK Hynix में करीब 10% तक की कमजोरी आई।

जापान का Nikkei 225 3% से अधिक फिसला, जबकि हांगकांग का Hang Seng Index और चीन का SSE Composite Index भी 1% से ज्यादा नीचे रहे। यूरोप में Stoxx Europe 600 लगभग 2.5% गिरा, वहीं अमेरिकी फ्यूचर्स में भी 2% तक की कमजोरी दिखी।

कच्चे तेल में तेजी से बढ़ी चिंता

तनाव के बीच Brent Crude 85 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। आज इसमें 7% से अधिक की तेजी दर्ज हुई थी। Strait of Hormuz को लेकर बढ़ते जोखिम ने तेल और गैस आपूर्ति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

तेल की बढ़ती कीमतें एशियाई कंपनियों की लागत बढ़ा सकती हैं, जिससे मुनाफे पर दबाव और महंगाई में तेजी की आशंका है। भारत जैसे आयात-निर्भर देश पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।

सोमवार को भी दिखा भारी उतार-चढ़ाव

सोमवार को भी बाजार में तेज गिरावट देखी गई थी। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 2,700 अंकों से ज्यादा टूटा, हालांकि बाद में कुछ रिकवरी के साथ करीब 1,048 अंकों की गिरावट पर बंद हुआ। निफ्टी भी दिन में 575 अंक फिसलकर अंत में 312 अंक नीचे बंद हुआ।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया में तनाव कम नहीं होता, बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। ऊंची ऊर्जा कीमतों से रुपये पर दबाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली बढ़ सकती है। ऐसे में निवेशकों को घबराहट में फैसले लेने के बजाय संतुलित और लंबी अवधि की रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।

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गैस की कीमतों में जबरदस्त उछाल, तीन साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे दाम

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मुंबई, एजेंसी। गैस की कीमतों में एक बार फिर भारी बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे यह तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। आज थोक गैस की कीमतों में 32% की सीधी वृद्धि दर्ज की गई, जिससे दाम थोड़े समय के लिए 151 पेंस प्रति थर्म तक जा पहुंचे। यह फरवरी 2023 के बाद का सबसे उच्च स्तर है।

एक हफ्ते में करीब 93% की वृद्धि 

बाजार में गैस की कीमतों का बढ़ना जारी है। कल कीमतों में हुई 50% की वृद्धि के बाद, इस सप्ताह अब तक गैस के दाम 93% तक बढ़ चुके हैं। हालांकि, शुरुआती उछाल के बाद कीमतों में मामूली राहत देखी गई और यह 148 पेंस प्रति थर्म पर आकर रुकी।

आम आदमी पर क्या होगा असर? 

गैस की कीमतों में इस उछाल का सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ने की संभावना है। बिजली की कीमतें अभी भी थोक गैस की लागत से जुड़ी हुई हैं, इसलिए गैस महंगी होने से बिजली भी महंगी हो सकती है। दूसरी ओर ‘एनर्जी प्राइस कैप’ (जो ऊर्जा की प्रति यूनिट अधिकतम शुल्क को सीमित करती है) काफी हद तक थोक लागतों के आधार पर ही तय की जाती है। 

यदि थोक कीमतें इसी उच्च स्तर पर बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में घरेलू बिलों (Household bills) में भारी बढ़ोतरी हो सकती है।

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Gold-Silver Drop: औंधे मुंह गिरे सोने-चांदी के भाव, कीमतों में आई बड़ी गिरावट

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मुंबई, एजेंसी। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ईरान युद्ध के कारण सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। MCX पर शाम के कारोबार में दोनों कीमती धातुएं औंधे मुंह गिरी है। MCX पर खबर लिख जाने के समय सोने का वायदा भाव 2.45% यानि 3760 रुपए की गिरावट के साथ 1,62,314 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था। वहीं चांदी में 16653 रुपए (6.21%) टूटकर 2,61,828 रुपए प्रति किलोग्राम पर था। आपको बता दें कि आज MCX पर होली के कारण सुबह का कारोबार बंद था। इंटरनैशनल मार्केट में भी सोने-चांदी में बड़ी गिरावट आई है।

इंटरनेशनल मार्केट में सोने-चांदी की कीमत

इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमतें $5400 के पार चली गईं, जिसके बाद देर शाम के ट्रेडिंग में गिरावट देखी गई। शाम के कारोबार में Comex पर सोना 159 डॉलर की गिरावट के साथ 5,159.10 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा था। सोने के भाव ने इस साल 5,586.20 डॉलर के भाव पर सर्वोच्च स्तर छू लिया। Comex पर चांदी के वायदा भाव 7.44 डॉलर की गिरावट के साथ 81.50 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा था। इसके भाव ने इस साल 121.79 डॉलर का उच्चतम स्तर छू लिया।

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