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कोरबा

बिलासपुर में विशुद्ध आयुर्वेदा-केरला पंचकर्म क्लीनिक का भव्य शुभारंभ,क्लीनिक को मिल रहा अच्छा प्रतिसाद

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कोरबा/ बिलासपुर । कोरबा की प्रसिद्ध पंचकर्म चिकित्सा विशेषज्ञ एवं आयुर्वेद सदन- पंचकर्म चिकित्सालय टीपी नगर कोरबा की डायरेक्टर डॉ. मनीषा सिंह की बड़ी बहू डॉ. सोनिया सिंह के संचालन में बिलासपुर में भी आयुर्वेद पंचकर्म चिकित्सालय का शुभारंभ किया गया। चिकित्सालय का नाम विशुद्ध आयुर्वेदा- केरला पंचकर्म क्लीनिक रखा गया है।


मंगला चौक बिलासपुर में पंचकर्म चिकित्सालय का शुभारंभ 06 मार्च 2025 को शुभ मुहूर्त में किया गया और विद्वान आचार्यों एवं गायत्री परिवार के पंडितों के दिव्य मंत्रोच्चार के साथ क्लीनिक का शुभारंभ किया गया।
डॉ. मनीषा- कन्हैय्या सिंह ने फीता काटकर किया शुभारंभ


डॉ. सोनिया सिंह ने आयुर्वेद में एमडी करने के बाद आयुर्वेद को बढ़ाने के लिए तथा इसे जन-जन तक पहुंचाने के लिए मंगलाचौक बिलासपुर मेंं विशुद्ध आयुर्वेदा -केरला पंचकर्म क्लीनिक का संचालन प्रारंभ किया। उक्त क्लीनिक का शुभारंभ पंचकर्मचिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. मनीषा सिंह एवं सेवानिवृत्त एसईसीएल अधिकारी कन्हैय्या सिंह ने फीता काटकर किया। इसके पूर्व गायत्री मंत्रोच्चार के साथ सपरिवार भगवान धनवंतरी की पूजा अर्चना के साथ आशीर्वाद मंागा और कहा कि आयुर्वेद से लोगों का हर दर्द और बीमारी का निवारण हो और सबको निरोगी काया मिले और सबका जीवन खुशहाल हो।
क्लीनिक को मिल रहा अच्छा प्रतिसाद


मंगला चौक बिलासपुर में गत 06 मार्च को उद्घाटित विशुद्ध आयुर्वेदा- केरला पंचकर्म क्लीनिक को आसपास के क्षेत्रों से अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है और अल्प समय में ही क्लीनिक की कीर्ति बढऩे लगी है। डायरेक्टर डॉ. सोनिया सिंह ने बताया कि आज पर्यावरण खराब हो चला है और लोग इतने व्यस्त हो गए हैं कि उन्हें स्वयं के लिए समय निकालना मुश्किल हो गया है, जिसके कारण बीमारियां पैदा हो रही हैं। आयुर्वेद पंचकर्म चिकित्सा से सभी क्रिटिकल बीमारियां ठीक हो जाती हैं। लोगों को अपना दिनचर्या अनुशासित होकर बनानी चाहिए और सुबह-शाम पैदल चलने के साथ योग का भी सहारा लेना चाहिए तथा अपना आहार-विहार सुव्यस्थित रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य धन सबसे बड़ा धन है और इसे जितना हो सके सुव्यस्थित दिनचर्या से बढ़ाना चाहिए, इससे दीर्घायु मिलती है।
हर बीमारी का ईलाज है पंचकर्म चिकित्सा-डॉ. सोनिया सिंह


विशुद्ध आयुर्वेदा-केरला पंचकर्म क्लीनिक की डायरेक्टर डॉ. सोनिया सिंह ने कहा कि आयुर्वेद पंचकर्म में सभी पुरानी बीमारियों का ईलाज संभव है। उन्होंने कहा कि पंचकर्म चिकित्सा का लाभ हर वर्ग के लोगों को लेना चाहिए। जो स्वस्थ हैं, उन्हें भी पंचकर्म थैरेपी लेने की आवश्यकता है, इससे जीवन दीर्घायु बनता है और बीमारी आने से पहले ही इसका ईलाज करने से ही मानव देह रूग्ण नहीं होती और शरीर में कांति आने के साथ शरीर की उम्र बढ़ जाती है और पारिवारिक जीवन खुशहाल बनता है। आज आयुर्वेद हर वर्ग का पसंदीदा चिकित्सा विधा बनता जा रहा है,क्योंकि इसमें साइड ईफेक्ट का डर नहीं रहता, जबकि एलोपैथी चिकित्सा में एक बीमारी ठीक करने के लिए अंग्रेजी दवाईयों का इस्तेमाल अधिक होने के कारण अन्य बीमारियां पैदा होती हैं। आयुर्वेद पंचकर्म चिकित्सा से शरीर निरोगी होने के साथ दीर्घायु भी देता है और सभी बीमारियों को जड़ से खत्म करता है।

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कोरबा

एसईसीएल: दीपका खदान को नई तकनीक से लैस ग्रेडर मशीन मिली

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गेवरा-दीपका । एसईसीएल दीपका खदान को नई तकनीक से लैस ग्रेडर मशीन मिली है। एसईसीएल दीपका एरिया प्रबंधन ग्रेडर मशीन का उपयोग खदान के हॉल रोड को बनाने में उपयोग कर पाएगी। खदान के हॉल रोड से ही ओबी फेस से हटाई गई मिट्‌टी ओवरबर्डन तक और निकाले कोयले को डंपर से माइंस के स्टॉक तक परिवहन किया जाता है। बेहतर हॉल रोड से खदान में भारी भरकम मशीनों व भारी वाहनों की सुरक्षित आवाजाही हो सकती है। यही कारण है कि ग्रेडर मशीन का उपयोग हॉल रोड बनाने में किया जाता है।

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कोरबा

ज्योति कलशो से जगमगा रहा मां सर्वमंगला मंदिर परिसर

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सत्व के तेज प्रकाश से आल्हादित होते श्रद्धालु:असीम ऊर्जा का हो रहा संचार

कोरबा। जगत जननी मां आदि शक्ति की उपासना से कोरबा जिला ही नहीं बल्कि पूरा विश्व आत्मविभोर होकर असीम ऊर्जा को प्राप्त कर रहा है।


आदि शक्ति मां जगत जननी मां सर्वमंगला देवी मंदिर परिसर में 10 हजार से अधिक ज्योतिकलश प्रज्ज्वलित हो रहे हैं। ज्योति कलशों के दिव्य पूंज से पूरे क्षेत्र में असीम ऊर्जा का संचार हो रहा है और सत्व का प्रकाश फैल रहा है। पूरा परिसर मां के जयकारों से गूंज रहा है और चारों तरफ मां के सजे दरबार से भव्यता दिख रही है। श्रद्धालु यहां पहुंचकर मां से आशीर्वाद ले रहे हैं और उनके आशीर्वाद से पूरा परिसर सत्व के तेज प्रकाश से असीम ऊर्जा का संचार हो रहा है और श्रद्धालु आत्म विभोर हो रहे हैं।
आज मां कात्यानी स्वरूपा की होगी पूजा


चैत्र शुक्ल पक्ष षष्ठी गुरूवार को आज आदि शक्ति जगत जननी के षष्ठम स्वरूप मां कात्यानी के रूप में मां सर्वमंगला की पूजा की जाएगी। श्रद्धालु मां कात्यानी स्वरूपा मां सर्वमंगला की पूजा अर्चना कर मनोवांछित फल प्राप्त करेंगे। मंदिर प्रबंधक एवं पुजारी नमन पांडेय ने बताया कि मां कात्यानी स्वरूपा मां सर्वमंगला को आज के दिन षष्ठी को भोग के रूप में शहद एवं फल अति पसंद है। मां कात्यानी के पूजन से दाम्पत्य जीवन हमेशा सफल रहता है और घर में समृद्धि आती है। विवाह बंधन में बंधने की इच्छा लेकर पहुंचने वाले श्रद्धालु की मां कात्यानी की पूजा से इच्छा पूरी होती है। प्रात: एवं संध्याकालीन महा आरती से भी अद्भूत शांति का एहसास श्रद्धालु कर रहे हैं।

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कोरबा

राम चरित्र के अंशमात्र गुण को आत्मसात करें तो जीवन धन्य हो जाएगा-लायन राजकुमार

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0जमनीपाली में आयोजित अखंड नवधा रामायण में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए राजकुमार अग्रवाल

कोरबा/ जमनीपाली। ग्राम जमनीपाली में इन दिनों अखंड नवधा रामायण का आयोजन चल रहा है। गत दिनों इसका शुभारंभ विद्वान पंडितों के सानिध्य में एवं कोरबा के लब्ध प्रतिष्ठित समाज सेवी एवं नितेश कुमार मेमोरियल लायंस पब्लिक स्कूल खरहरकुड़ा (मड़वारानी)के डायरेक्टर पीएमजेएफ लायन डॉ. राजकुमार अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य में शुभारंभ हुआ। आयोजित समारोह को मुख्य अतिथि लायन डॉ. अग्रवाल ने संबोधित करते हुए भगवान श्रीराम के चरित्र का बखान करते हुए कहा कि यदि हम भगवान श्रीराम के चरित्र का अंशमात्र गुण को अपने जीवन में आत्मसात करें तो हमारा जीवन धन्य हो जाएगा।


जीवन में कई कठिनाईयां और चुनौतियां आती हैं और हमें ऐसे विषम समय में सम रहकर इन कठिनाइयों और चुनौतियों का सामना करना चाहिए। जीवन में सुख और दुख प्रकृति का नियम है। नियति ने भगवान श्रीराम को भी उनके जीवन में कई कठिनाइयों, यहां तक कि 14 साल वनवास काटना पड़ा, वह भी राजा होकर। पत्नी वियोग सहना पड़ा। ये तो ईश्वर हैं, उन्होंने अपनी लीला के माध्यम से मानव को संदेश दिया कि जीवन में हर विषम परिस्थिति में भी मन को शांतचित्त रखकर एवं सम रहकर जीवन को आगे बढ़ाते रहना चाहिए। यही जीवन है और यह रामायण का सार है।


बतौर मुख्य अतिथि कथा स्थल जमनीपाली पहुंचने पर आयोजन समिति के सदस्यों ने लायन अग्रवाल का स्वागत किया। लायन अग्रवाल ने ब्यासपीठ का आशीर्वाद लिया।

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