दुर्ग-भिलाई, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में 2 अलग-अलग ठगी के मामले सामने आए हैं। भिलाई में शेयर ट्रेडिंग और गोल्ड ETF में निवेश के नाम पर प्रदेश के 1500 लोगों से करीब 1000 करोड़ रुपए की ठगी का आरोप है। कंपनी ने लोगों को हर महीने 10% प्रॉफिट और रकम डबल करने का झांसा दिया था।
शुरू के कुछ महीने में मुनाफा दिया गया, लेकिन पिछले 10 महीनों से रुपए मिलने बंद हो गए। तब जाकर लोगों को ठगी का एहसास हुआ। बुधवार को मुख्य आरोपी योगेश साहू किसी दूसरे मामले में कोर्ट पहुंचा था।
निवेशकों ने योगेश साहू को कोर्ट परिसर से पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। योगेश पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और एरिना कैपिटल का संचालक है। इस मामले में सुपेला पुलिस ने योगेश के सहयोगी मेघा साहू, गोविंद साहू, राजेंद्र साहू, पद्मा साहू, लोमश साहू, ज्ञानप्रकाश साहू और उसके साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
शदाब सिद्दीकी से 1.61 करोड़, इन्द्रेश कुमार बांगरे से 1.12 करोड़ रुपए, विद्यानंद चंद्र दत्ता और अंकित दत्ता से 23 लाख, अरुण कुमार और प्रज्ञा दुबे ने 63 लाख रुपए निवेश किए थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना सुपेला थाना क्षेत्र की है।
वहीं, दूसरा मामला कोंडागांव जिले का है जहां 43 शिक्षकों से करीब 12 करोड़ रुपए की ठगी हुई है। केशकाल पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी कम समय में पर्सनल लोन दिलाते थे और कुल राशि का केवल 40 प्रतिशत हिस्सा ही देते थे। शेष 60 प्रतिशत रकम अपने बैंक खातों में ट्रांसफर करा लेते थे।
कोर्ट पहुंचा था आरोपी योगेश तो शिकायतकर्ताओं ने पकड़कर पुलिस को सौंपा।
केस 1 – रकम दोगुनी करने का झांसा देकर ठगी
पहला मामला दुर्ग जिले के भिलाई का है। शिकायतकर्ता और रिटायर्ड बीएसपी कर्मचारी राजू नामदेव ने सुपेला थाना प्रभारी को बताया कि, कंपनी के लोगों को निवेश पर हर महीने 10 प्रतिशत तक मुनाफा और रकम दोगुनी करने का झांसा दिया। आरोपियों का ऑफिस स्मृति नगर, सुपेला में बताया गया है।
राजू नामदेव के मुताबिक, साल 2025 में उनकी मुलाकात योगेश साहू और राजेंद्र साहू से हुई थी। दोनों ने शेयर ट्रेडिंग और निवेश का ऐसा प्लान बताया, जिसमें कम समय में रकम दोगुनी होने का दावा किया गया। भरोसा दिलाने के लिए कई निवेशकों के मुनाफे के स्टेटमेंट भी दिखाए गए।
उन्होंने 21 मार्च 2025 को अपने बैंक खाते से 15 लाख रुपए योग अकाउंटिंग एंड फाइनेंशियल सर्विस के खाते में ट्रांसफर कर दिए। शुरुआत में कुछ समय तक सब कुछ सामान्य रखा गया, लेकिन पिछले 9 से 10 महीने से न तो मुनाफा मिला और न ही मूल रकम वापस की गई। कई बार फोन करने और ऑफिस जाने के बाद भी सिर्फ आश्वासन मिलता रहा।
पुलिस ने बुधवार की रात योगेश साहू के खिलाफ FIR दर्ज की है।
इन लोगों से भी ठगी हुई
शिकायत में यह भी कहा गया है कि, सिर्फ राजू नामदेव ही नहीं, बल्कि कई लोगों से भी बड़ी रकम ली गई। आरोप है कि शदाब सिद्दीकी से 1.61 करोड़ रुपए, इन्द्रेश कुमार बांगरे से 1.12 करोड़ रुपए, विद्यानंद चंद्र दत्ता, अंकित दत्ता से 23 लाख रुपए, अरुण कुमार और प्रज्ञा दुबे से 63 लाख रुपए निवेश के नाम पर लिए गए।
इनके अलावा भी कई लोगों के साथ धोखाधड़ी की बात सामने आई है। अभी कई शिकायतकर्ता धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि जल्द ही प्रदेश भर में आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज हो सकती है।
2025 में आरोपी के खिलाफ दर्ज हुआ था मामला
बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी आरोपी योगेश साहू के खिलाफ पहले से भी मामले दर्ज हैं। सुपेला और स्मृति नगर थाने में उसके खिलाफ पहले केस दर्ज हो चुके हैं। दोनों मामलों में उसे जमानत मिल चुकी है। बुधवार को वह अपने वकील के साथ कोर्ट पहुंचा था।
इसकी जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में निवेशक कोर्ट पहुंच गए और उसे पकड़कर पहले कोतवाली थाने ले गए। बाद में मामला सुपेला थाना क्षेत्र का होने के कारण उसे सुपेला पुलिस के हवाले कर दिया गया। शिकायतकर्ताओं ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, सभी निवेशकों की रकम वापस दिलाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
थाने के बाहर लगी शिकायकर्ताओं की भीड़।
दूसरे शिकायकर्ता ने कहा- ‘मेरा भी डेढ़ करोड़ का नुकसान’
इसी मामले में शिकायतकर्ता विवेक सिंह ने भी पुलिस अधीक्षक को अलग से शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि, उनकी मुलाकात आरोपी पक्ष के लोगों से एक रेस्टोरेंट में हुई थी। वहां उन्हें गोल्ड ETF और शेयर ट्रेडिंग में निवेश का प्लान बताया गया। दावा किया गया कि हर महीने 10 प्रतिशत तक लाभ मिलेगा और कुछ समय में रकम दोगुनी हो जाएगी।
उन्होंने और उनके पिता ने अलग-अलग समय पर करीब 46 लाख रुपए निवेश किए। विवेक सिंह का दावा है कि उन्होंने खुद करीब 74 लाख रुपए ट्रांसफर किए हैं। परिचितों के जरिए उनका कुल निवेश करीब डेढ़ करोड़ रुपए तक पहुंच गया। उनका कहना है कि सिर्फ उनके ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में लोगों के पैसे फंसे हुए हैं।
पूरे प्रदेश में लोग हुए हैं शिकार
शिकायकर्ता विवेक सिंह का दावा है कि, पूरे छत्तीसगढ़ में 1000 से 1500 लोग इस निवेश योजना का शिकार हुए हैं। ठगी की रकम 1000 करोड़ रुपए से ज्यादा हो सकती है। उनका कहना है कि पुलिस यदि गंभीरता से जांच करे तो पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि 4 महीने पहले शिकायत देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। बुधवार को जब पता चला कि आरोपी कोर्ट आया है तो निवेशकों ने उसे खुद पकड़ लिया। विवेक ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी के परिजनों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और गाली-गलौज की। उन्होंने इस संबंध में भी पुलिस को आवेदन देने की बात कही है।
पुलिस ने शुरू की जांच
फिलहाल, सुपेला पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब निवेश से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों के लेन-देन और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि, इस मामले में कितने लोग प्रभावित हुए हैं और कुल कितनी रकम का निवेश कराया गया।
शिक्षकों से ठगी के 5 आरोपियों को अंबिकापुर, जशपुर और सारंगढ़ से गिरफ्तार किया है।
केस 2 – 43 शिक्षकों से ठगी
कोंडागांव जिले के 43 शिक्षकों से करीब 12 करोड़ की ठगी हुई है। 5 आरोपियों ने पीड़ितों को भरोसे में लेकर उनके नाम पर बैंक लोन निकलवाए और लोन की 60 प्रतिशत रकम अपने बैंक खातों में ट्रांसफर कराई।
आरोपियों ने ये भी भरोसा दिलाया कि 2-3 सालों में पूरा लोन, एचआरए सहित चुका दिया जाएगा। इससे शिक्षक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर देते थे। बाद में आरोपी पैसे लेकर फरार हो जाते थे और पूरी ईएमआई का बोझ शिक्षकों पर आ जाता था। 3 महीने की जांच के बाद केशकाल पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा किया है।
प्रशासन को गुमराह करने और SDM नोटिस के विरोध में एकजुट हुआ पूरा गांव, स्कूली बच्चे भी हक की लड़ाई में उतरे
8 सूत्रीय मांगों पर लिखित समझौते से मुकरने का आरोप, कटघोरा विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर पहुंचने की अपील
कोरबा/कटघोरा। एसईसीएल कोरबा प्रबंधन और आउटसोर्सिंग टीएमसी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा की गई वादाखिलाफी और आदिवासियों के अधिकारों के हनन के विरोध में ग्राम भेजीनारा और लालपुर के ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। पूर्व में तय हुई 8 सूत्रीय लिखित सहमति से मुकरने और स्थानीय प्रशासन को गलत जानकारी देकर ग्रामीणों को एसडीएम अनुविभागीय अधिकारी कटघोरा के माध्यम से नोटिस दिलवाए जाने से आक्रोशित ग्रामीणों ने भारी बारिश के बावजूद विवादित स्थल पर अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है, इस आंदोलन में अपने भविष्य और अधिकारों की रक्षा के लिए स्कूली बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है ।
ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि 70% से अधिक आदिवासी आबादी वाले इन गांवों की जमीन 1987 में सिंघाली खदान के लिए अधिग्रहित की गई थी, उस वक्त रोजगार के नाम पर किसानों से भू-राजस्व पर्चियां ले ली गईं, जो आज तक नहीं लौटाई गईं। पर्ची न होने के कारण गांव के आदिवासी बच्चों का जाति प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है, जिससे वे उच्च शिक्षा और सरकारी योजनाओं से वंचित हो रहे हैं ।
ग्रामीणों की 8 सूत्रीय प्रमुख मांगें
रोजगार व मुआवजा विवरण
सिंघाली खदान में 275 ग्रामीणों को दिए गए रोजगार और मुआवजे की संपूर्ण लिखित जानकारी एसईसीएल कोरबा प्रबंधन तत्काल जारी करे । मुख्य मार्ग की बहाली
लालपुर और भेजीनारा को जोड़ने वाले पुराने मुख्य मार्ग को बाधित करने के बजाय सुव्यवस्थित किया जाए । तालाब पाटने की जांच
निस्तारी के लिए उपयोग किए जा रहे सार्वजनिक तालाब को किसकी अनुशंसा से पाटा गया इसकी आधिकारिक जानकारी दी जाए । पेयजल व्यवस्था
ग्राम लालपुर एवं भेजीनारा में स्थायी शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए । वैकल्पिक रोजगार
स्थानीय भू-विस्थापितों को टी.एम.सी. प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में प्राथमिकता के आधार पर वैकल्पिक रोजगार दिया जाए । अवैध कब्जे पर कार्रवाई
खसरा नंबर 217/16क, 217/16ख, और 217/16ग की निजी जमीनों पर टीएमसी कंपनी द्वारा जबरन कब्जा कर बनाए गए रास्ते के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए । मुक्तिधाम ध्वस्तीकरण पर मामला दर्ज
पूर्वजों के पवित्र मुक्तिधाम को जबरन ध्वस्त कर जन-भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली कंपनी पर तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई हो । भू-राजस्व पर्ची की वापसी
1987 से रोकी गई किसानों की मूल-पर्चियां तत्काल वापस की जाएं और अर्जित भूमि का रिकॉर्ड दुरुस्त किया जाए ताकि बच्चों के जाति प्रमाण पत्र बन सकें ।
समाचार लिखे जाने तक विवादित स्थल पर शासन या प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा था ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारी और कटघोरा विधानसभा क्षेत्र के स्थानीय विधायक स्वयं मौके पर आकर जमीनी हकीकत का मुआयना करें और समस्याओं का न्यायसंगत निराकरण निकालें जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं आंदोलन जारी रहेगा ।
फसल विविधीकरण, उर्वरक दुकानों की जांच, प्राकृतिक खेती और किसान उत्पादक संगठनों की प्रगति पर विशेष जोर कोरबा, 24 अगस्त 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में कृषि, पशुधन चिकित्सा, मत्स्य, उद्यानिकी एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करने तथा योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने फसल क्षेत्राच्छादन एवं फसल विविधीकरण की समीक्षा करते हुए किसानों को अधिक लाभदायक एवं उपयुक्त फसलों के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने रागी के फसल क्षेत्र में 25 प्रतिशत वृद्धि तथा रामतिल के क्षेत्र को दोगुना करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने को कहा। साथ ही बीज मिनीकिट के अंतर्गत दलहन फसलों के बीज वितरण में वृद्धि करने के निर्देश दिए। जिले की सभी 198 उर्वरक दुकानों की होगी जांच
कलेक्टर श्री दुदावत ने जिले की सभी 198 उर्वरक दुकानों की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने शासकीय एवं निजी उर्वरक दुकानों की ब्लॉकवार सूची तैयार कर प्रत्येक दुकान से नमूना लेकर उसकी जांच सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि नमूना संकलन एवं जांच की प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने विगत वर्ष की तुलना में अऋणी किसानों के फसल बीमा में अधिक से अधिक प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों को योजना की जानकारी देकर बीमा के लिए प्रोत्साहित करने को कहा। तीन वर्षों में सभी किसानों को स्वायल हेल्थ कार्ड देने का लक्ष्य कलेक्टर ने स्वायल हेल्थ कार्ड की समीक्षा करते हुए निर्धारित क्षमताओं के अनुरूप मिट्टी की जांच कराने तथा प्रत्येक वर्ष लगभग 25 हजार किसानों का लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आगामी तीन वर्षों में जिले के सभी किसानों को स्वायल हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराने के लिए कार्ययोजना बनाकर कार्य करने को कहा। उन्होंने वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारियों एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को किसानों से सतत समन्वय स्थापित कर बारिश समाप्त होने के बाद निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप उपलब्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्राकृतिक खेती और एफपीओ विस्तार पर विशेष जोर कलेक्टर ने राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन की समीक्षा करते हुए क्लस्टर रिसोर्स पर्सन (सीआरपी) से शत-प्रतिशत कार्य लेने के निर्देश दिए। उन्होंने मैदानी अमले के प्रशिक्षण, किसानों से निरंतर संपर्क तथा जैविक प्रमाणीकरण की प्रक्रिया सितंबर माह तक पूर्ण कराने को कहा। उन्होंने परंपरागत कृषि विकास योजना, दलहन आत्मनिर्भरता मिशन एवं खाद्य तेल मिशन की भी समीक्षा की। किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) में किसानों की सदस्यता बढ़ाने के लिए सभी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों को सितंबर माह तक विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि क्षेत्र में 1200 तथा उद्यानिकी क्षेत्र में 400 एफपीओ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कृषक चौपाल आयोजित कर किसानों को एफपीओ से जोड़ने को कहा। कलेक्टर ने नलकूप खनन, जैविक खेती प्रशिक्षण एवं बीज उत्पादन के लिए किसानों के पंजीयन की जानकारी ली। उन्होंने कृषक उन्नति योजना से अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित करने, दलहन एवं तिलहन फसल प्रदर्शन के निर्धारित लक्ष्य हासिल करने तथा कोदो, कुटकी सहित अन्य फसलों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने 30 सितंबर तक किसानों का पंजीयन सुनिश्चित करने को कहा। एग्रीस्टैक के अंतर्गत वनपट्टाधारी किसानों के आधार नंबर, वनपट्टे में दर्ज नाम सहित अन्य आवश्यक जानकारी तहसील के माध्यम से प्रेषित करने के निर्देश दिए। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड निर्माण के निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।
मत्स्य एवं पशुधन विभाग की योजनाओं की भी समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने मत्स्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए एक्वा पार्क, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत केज कल्चर को प्रोत्साहित करने, मत्स्य बीज वितरण, मत्स्य पालकों के प्रशिक्षण एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के निर्देश दिए। उन्होंने मत्स्य पालकों के किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन बढ़ाने तथा जल क्षेत्र आवंटन में प्रगति लाने को कहा। पशुधन चिकित्सा विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कृत्रिम गर्भाधान के निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने, टीकाकरण अभियान पूर्ण करने तथा अधिक से अधिक शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पशु उपचार, बधियाकरण, औषधि वितरण एवं राज्य पोषित व्यक्तिमूलक योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। मोबाइल वेटेरिनरी वैन में लक्ष्य से पीछे चल रहे कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। रेशम उत्पादन और कृषि विज्ञान केंद्र की गतिविधियों की समीक्षा कलेक्टर ने रेशम विभाग की समीक्षा करते हुए जमीन धागाकरण के कार्य को बढ़ाने तथा इस कार्य से जुड़े लोगों को आवश्यक प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र की गतिविधियों की भी समीक्षा की और कृषि कार्यों में किसानों को तकनीकी सलाह एवं परामर्श उपलब्ध कराने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बैठक में उप संचालक कृषि देवेन्द्र सिंह कंवर, रेशम अधिकारी बलभद्र सिंह भंडारी, पशुधन चिकित्सा विभाग से एस.एन.मिश्रा सहित मत्स्य पालन, कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारी, संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
प्रमुख अभियंता कार्यालय द्वारा पदस्थापना आदेश जारी, 15 दिनों में ज्वाइनिंग के निर्देश
उच्चतम न्यायालय में स्थगन के निराकरण के दो दिनों के भीतर विभाग ने जारी किए नियुक्ति आदेश
बड़ी संख्या में युवा इंजीनियरों की नियुक्ति से जल जीवन मिशन एवं अन्य कार्यों में आएगी और गति – उप मुख्यमंत्री अरुण साव
रायपुर. 24 अगस्त 2026। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने 111 उप अभियंताओं की नियुक्ति के आदेश जारी किए हैं। इनमें 101 सिविल अभियंता और 10 विद्युत/यांत्रिक अभियंता शामिल हैं। प्रमुख अभियंता कार्यालय द्वारा नियुक्ति के साथ ही सभी चयनित उप अभियंताओं की पदस्थापना के आदेश भी जारी किए गए हैं। चयनितों को नियुक्ति आदेश जारी होने के 15 दिनों के भीतर पदस्थापना कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने कहा गया है। निर्धारित तिथि तक उपस्थित नहीं होने की स्थिति में नियुक्ति स्वयंमेव निरस्त मानी जाएगी।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में उप अभियंता (सिविल) के 118 पदों तथा उप अभियंता (विद्युत/यांत्रिकी) के 10 पदों पर भर्ती के लिए व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) द्वारा अप्रैल-2025 में लिखित परीक्षा ली गई थी। परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद जुलाई-2025 में विभाग द्वारा व्यापम की मेरिट सूची के अनुसार अभ्यार्थियों के दस्तावेज परीक्षण और पदस्थापना विकल्प के संबंध में कांउसलिंग के बाद उच्चतम न्यायालय में दायर स्थगन के कारण नियुक्ति प्रक्रिया विलंबित रही। उच्चतम न्यायालय द्वारा 20 अगस्त 2026 को याचिका के निराकरण के बाद उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव के निर्देश पर विभाग ने तत्काल 22 अगस्त को प्रथम चरण में अनुशंसित चयन सूची के अनुसार सिविल के 101 उप अभियंताओं तथा विद्युत/यांत्रिकी के 10 उप अभियंताओं के पदस्थापना आदेश जारी कर दिए हैं।
उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव ने एक साथ इतनी बड़ी संख्या में नियुक्ति पर खुशी जताते हुए कहा कि युवा इंजीनियरों की विभाग में नियुक्ति से विभागीय कार्यों, विशेषकर जल जीवन मिशन के कार्यों में गति आएगी। उच्चतम न्यायालय से प्रकरण के निराकरण के तत्काल बाद हमने नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर पदस्थापना आदेश जारी किए हैं। इन युवा इंजीनियरों की ऊर्जा और तकनीकी दक्षता का लाभ लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को मिलेगा।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने सभी चयनितों को पदस्थापना कार्यालय में उपस्थिति देते समय शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र, स्थाई जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, सक्षम मेडिकल बोर्ड का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र एवं अन्य प्रमाण पत्रों की मूल प्रति अनिवार्यतः प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मूल तकनीकी शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र के साथ कक्षा दसवीं की अंकसूची जिसमें जन्मतिथि अंकित हो या मूल जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है।