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कोरबा

बालको ‘सुरक्षा संकल्प’ के 3 वर्ष पूरे, सुरक्षा संस्कृति को मिली मजबूती

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बालकोनगर। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अपनी मासिक सुरक्षा पहल ‘सुरक्षा संकल्प’ के तीन साल पूरा कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस कार्यक्रम में कर्मचारियों और व्यावसायिक साझेदारों दोनों की भागीदारी शामिल है, जिसने संयंत्र में सुरक्षा प्रोटोकॉल को मजबूत करने और सुरक्षा संस्कृति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। परिणामस्वरूप संयंत्र परिसर के भीतर सुरक्षा मानकों में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है।दिसंबर 2021 से आरंभ सुरक्षा संकल्प कार्यक्रम का उद्देश्य कोचिंग, कॉउंसिलिंग, मॉनिटिरिंग और त्वरित प्रतिक्रिया प्रदान करने में निहित सुरक्षा संस्कृति का पोषण करना है। प्रत्येक महीने के पहले दिन आयोजित होने वाले व्यापक प्रशिक्षण सत्रों ने कर्मचारियों को कार्यस्थल पर रचनात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रेरित करते हुए सुरक्षा-प्रथम व्यवहार को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लगातार तीसरने वर्ष में आयोजित 36वें प्रशिक्षण में 1500 से अधिक कर्मचारियों और व्यावसायिक साझेदारों ने हिस्सा लिया। सभी इस पहल के माध्यम से सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने की दिशा में तीन वर्षों के समर्पित प्रयासों का जश्न मना रहे थे।

सुरक्षा संकल्प कार्यक्रम अपने संचालन के सभी क्षेत्रों में सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन की गई विभिन्न प्रकार की थीम को शामिल करता है। कंपनी सुरक्षा प्रोटोकॉल के बारे में शिक्षित करने के साथ विभिन्न टीमों के भीतर सुरक्षा जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए कर्मचारियों को पुरस्कृत कर उन्हें प्रोत्साहित किया है। पुरस्कृत व्यक्ति अपने विभागों के भीतर सुरक्षा जागरूकता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता दिखाई है और दूसरों को कार्यस्थल में सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया है।

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि कंपनी में हम जीरो हार्म के अपने दृष्टिकोण का पालन पूरी प्रतिबद्धता के साथ करते हैं। सुरक्षा संकल्प’ एक मजबूत सुरक्षा संस्कृति को बढ़ावा देने में सहायक रहा है जो हमारे कर्मचारियों और व्यावसायिक साझेदारों की भलाई को प्राथमिकता देने के साथ एक सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करता है। हम अपने सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों को अपना रहे हैं। इस पहल की निरंतरता और लगातार सुदृढ़ीकरण से सुरक्षा मानसिकता को विकसित करने तथा सुरक्षा व्यवहार में परिवर्तन लाने में सहायक साबित हुआ।

मजबूत सुरक्षा संस्कृति का निर्माण करने के लिए कंपनी कई अत्याधुनिक तकनीकों को शामिल किया है। जैसे- ऑगमेंटेड एंड वर्चुअल रिएलिटी आधारित प्रशिक्षण केंद्र, वीडियो एनालिटिक्स, सस्टेनेबेलिटी मोबाइल ऐप और ई-लर्निंग पाठ्यक्रम जैसे डिजिटलीकरण के माध्यम से कर्मचारियों को सुरक्षा संस्कृति से जोड़ा गया है। सुरक्षा क्षेत्र में बालको अत्याधुनिक सेंट्रलाइज्ड सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर की मदद से यातायात एवं सड़क सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला सहित विभिन्न सुरक्षा कार्यों में बेहतर निर्णय लेने के लिए डिजिटल इंटेलिजेंस और डेटा अंतर्दृष्टि का लाभ उठा रहा है। रियल टाइम डेटा की निगरानी, कोयला यार्ड में हॉट स्पॉट डिटेक्शन सिस्टम जैसी परियोजनाओं सहित एंड-टू-एंड डिजिटल डैशबोर्ड की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए थर्मल निरीक्षण का उपयोग करना शामिल है। शॉप फ्लोर में भारी वाहनों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए एलईडी लोगो प्रोजेक्टर का प्रयोग हो रहा है। टी-पल्स निगरानी प्रणाली जो एआई मॉडल का उपयोग करके कैमरा नेटवर्क के माध्यम से रियल टाईम में संयंत्र के अंदर चल रहे कार्यों की निगरानी करता है। सड़क सुरक्षा को बढ़ाने के लिए आंतरिक वाहन संचालन में अत्याधुनिक एआई तकनीक एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (एडीएएस) और ड्राइवर मॉनिटरिंग सिस्टम (डीएमएस) को लागू किया गया है।

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कोरबा

कलेक्टर के सख्त निर्देश:नल से पानी आने पर ही होगा जल जीवन मिशन के कार्यों का भुगतान

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कोरबा। जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में कलेक्टर ने लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों को संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) उनका क्रॉस वेरिफिकेशन करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि मार्च 2028 तक सभी लंबित कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं में नल से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, उन्हीं कार्यों का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समितियों की नियमित बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए।
पाली के वनांचल क्षेत्र में योजना की दुर्गति
कोरबा जिले के पाली ब्लाक के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के कार्यों की दुर्गति है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड कोरबा के कार्यपालन अभियंता रमन उरांव को जानकारी देने के बाद भी साल भर से निरीक्षण करने का समय तक नहीं मिला। क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों ने केन्द्र की इस महत्वाकांक्षी योजना का बंटाधार कर दिया है और यदि सही जांच कराई जाए तो करोड़ों का भ्रष्टाचार निकलेगा। जल जीवन मिशन में कार्य करने वाले ठेकेदार करोड़पति बन गए और इनके तथा अधिकारियों की मिलीभगत से जहां योजना का लाभ अधिकांश एवं गांवों को नहीं मिल पा रहा है, वहीं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों से योजना प्रारंभ होने से पहले ही दम तोड़ रही है और ठेकेदार भी कार्यवाही के अभाव में मदमस्त हैं।

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कोरबा

डीईओ को नोटिस जारी: छात्र सुरक्षा बीमा प्रभारी क्लर्क के खिलाफ होगी कड़ी कार्यवाही

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मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत पर प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश
कोरबा। समय सीमा की बैठक में मंगलवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत के तेवर सख्त दिखे। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा में विभाग की लापरवाही देखी। शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण एवं स्कूलवार स्कैनिंग कार्य की समीक्षा की। मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी संबंधी प्राप्त शिकायतों के निराकरण में प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने तथा जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विकासखंड कोरबा एवं पोड़ी-उपरोड़ा में स्कैनिंग की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 31 जुलाई तक सभी विकासखंडों में शत-प्रतिशत स्कैनिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने वेंडर से समन्वय कर सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत बालिकाओं को शीघ्र साइकिल वितरण सुनिश्चित करने तथा स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश का दूसरा सेट उपलब्ध कराने के लिए उच्च अधिकारियों से समन्वय करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने पीएम पोषण गार्डन के लिए विद्यालयों की जानकारी 31 जुलाई तक उपलब्ध कराने, अहाताविहीन विद्यालयों की सूची तैयार करने तथा संबंधित जनपद पंचायतों के सीईओ को सरपंच एवं सचिव के माध्यम से उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के लिए 1 अगस्त से 31 अगस्त तक विशेष शिविर आयोजित कर अपार आईडी बनाने तथा आधार एवं यू-डाइस से संबंधित त्रुटियों का निराकरण करने के निर्देश दिए।
छात्र सुरक्षा बीमा की राशि समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत के मामले में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के संबंधित शाखा प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

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कोरबा

एकलव्य आवासीय स्कूल में अव्यवस्था का मामला : जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित

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कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्राचार्य को हटाने बच्चों ने विधायक पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन के काफिले का कर दिया था घेराव

गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

सहायक आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल!

एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन सहायक आयुक्त को निरीक्षण करने का समय ही नहीं मिला। महीनों से बच्चों को दूषित भोजन दिया जा रहा, लेकिन सहायक आयुक्त को कुछ पता ही नहीं।

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