काठमांडू/नई दिल्ली, एजेंसी। नेपाल में बुधवार को आई भीषण बाढ़ के बाद अब तक 359 शव बरामद किए जा चुके हैं। सबसे ज्यादा चितवन जिले में 132 शव मिले हैं। बड़ी संख्या में डेड-बॉडी मिलने से उन्हें सुरक्षित रखने के लिए जगह कम पड़ रही है। चितवन की मॉर्चुरी (शवगृह) में सिर्फ 50 डेड-बॉडी रखने की सुविधा है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत-बचाव और लापता लोगों की तलाश जारी है। करीब 1,500 लोगों की तलाश की जा रही है। भारत के 288 नागरिकों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है। इनमें त्रिशूली-1 पावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले 73 भारतीय भी शामिल हैं।
बाढ़ में फंसे 21 भारतीयों को बचाया गया है, जिनमें से 11 की पहचान हो चुकी है। नेपाल में सेना, पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल की टीमें लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं।
त्रिशूली नदी में आई अचानक बाढ़ के बाद एक महिला को बचावकर्मी अर्थमूवर मशीन की मदद से सुरक्षित स्थान पर ले जाते हुए
पहाड़ से उतर रही नदी ने तबाही मचाई
नेपाल-तिब्बत सीमा पर भोटे कोशी नदी में पानी का तेज बहाव नीचे आता दिख रहा है।
जैसे-जैसे नदी का पानी नीचे आया उसकी रफ्तार और ऊंचाई और ज्यादा हो गई।
भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ ने रास्ते में आने वाले घरों को तबाह कर दिया।
जान बचाने की जद्दोजहद
मलबे का बहाव तेजी से नीचे आया। लोग जान बचाने के लिए भागते नजर आए।
30 फीट ऊंची लहरें उठ रही थीं। लोग जान बचाने के लिए घर की तीसरी-चौथी मंजिल पर चढ़ गए।
लैंडस्लाइड से 5.2 तीव्रता के भूकंप जितना झटका
बुधवार सुबह 8:37 बजे नेपाल-चीन सीमा के पास तेज झटके महसूस किए गए। शुरुआत में अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने इसे 4.4 तीव्रता का भूकंप बताया था।
लेकिन बाद में पता चला कि पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा बर्फ और चट्टानों के साथ ल्हेंदे खोला नदी में गिरा था। ल्हेंदे खोला, भोटेकोशी नदी की सहायक नदी है। भोटेकोशी चीन से निकलकर नेपाल में प्रवेश करती है।
बाद में USGS ने भी स्पष्ट किया कि 5.2 तीव्रता के भूकंप जैसा यह झटका लैंडस्लाइड के कारण पैदा हुआ था।
नेपाल के नुवाकोट जिले में बाढ़ से मची तबाही का मंजर
1 – भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ के बाद नुवाकोट में मलबे रिहायशी इलाकों में घुसा
2- बाढ़ के बाद घुटनों तक कीचड़ जमा
3. नुवाकोट में बाढ़ के बाद घर क्षतिग्रस्त हुए
4. बाढ़ के बाद मलबे से भरे पानी में डूबे घर
त्रिशूली में बाढ़ के बाद राहत-बचाव अभियान जारी
नेपाल के त्रिशूली इलाके में बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान जारी है।
प्रभावित इलाकों, खासकर रसुवा तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए गुरुवार को काठमांडू के त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से निजी हेलिकॉप्टरों की 40 से ज्यादा चार्टर्ड उड़ानें रवाना हुईं।
शव मिल रहे, रखने की जगह कम
नेपाल में रसुवा की बाढ़ के बाद 289 शव बरामद हो चुके हैं, लेकिन अब उन्हें सुरक्षित रखने की चुनौती है। चितवन की स्वास्थ्य सुविधाओं में करीब 50 शव रखने की क्षमता ही बताई गई है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बड़े रेफ्रिजरेटेड कंटेनरों में अस्थायी शवगृह बनाए जा सकते हैं। हर शव का नंबर, फोटो और पहचान से जुड़ी जानकारी रिकॉर्ड करना जरूरी है।
खराब हालत वाले शवों की पहचान के लिए फिंगरप्रिंट, दांतों की जांच और DNA टेस्ट किए जा सकते हैं। एक्सपर्ट्स ने कहा है कि पहचान पक्की होने से पहले शव परिवार को न सौंपे जाएं।
नेपाल की मदद के लिए भारत बैली ब्रिज भेजेगा
नेपाल में बाढ़ से टूटे रास्तों और पुलों को फिर से जोड़ने के लिए भारत बैली ब्रिज भेजेगा। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यह एक पोर्टेबल और पहले से तैयार किया जा सकने वाला पुल है, जिसे जरूरत वाली जगह पर जल्दी लगाया जा सकता है।
बाढ़ या भूस्खलन में जब कोई पुल टूट जाता है, तो बैली ब्रिज कम समय में रोड कनेक्टिवटी को बहाल करने में मदद करता है। इसे जरूरत के मुताबिक दूसरी जगह भी ले जाकर लगाया जा सकता है।
हेलिकॉप्टर से त्रिशूली में राहत-बचाव अभियान जारी
नेपाल के त्रिशूली इलाके में बाढ़ के बाद राहत और बचाव का काम तेज कर दिया गया है। सड़क और दूसरे रास्तों को नुकसान पहुंचने के कारण फंसे लोगों को हेलिकॉप्टर से सुरक्षित जगह ले जाया जा रहा है।
बचाए गए लोगों को हेलिकॉप्टर से त्रिशूली बाजार पहुंचाया जा रहा है। सेना और निजी हेलिकॉप्टरों की मदद से अब तक 100 से ज्यादा लोगों को प्रभावित इलाकों से बाहर निकाला जा चुका है।
नेपाल की बाढ़ में गुजरात के 12 लोग लापता
नेपाल में आई बाढ़ में भारत के गुजरात से भी 12 लोग लापता बताए जा रहे हैं। फिलहाल इनके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिली है।
नेपाल ने 20 अरब रुपये जुटाए, विश्व बैंक से मांगेगी 25 अरब
नेपाल सरकार ने भीषण बाढ़ से हुए नुकसान से निपटने के लिए तुरंत 20 अरब नेपाली रुपये (रू.1,250 करोड़) जुटाने का फैसला किया है। यह रकम प्रधानमंत्री राहत कोष, गृह मंत्रालय और दूसरे स्रोतों से जरूरत के मुताबिक उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा सरकार विश्व बैंक से करीब 25 अरब नेपाली रुपये (रू.1,562.5 करोड़) की मदद लेने की तैयारी कर रही है। इसके लिए जरूरी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
विदेश मंत्रालय बोला- 21 भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत नेपाल में फ्लैश फ्लड से पैदा हुई स्थिति से निपटने के लिए हरसंभव मदद जारी रखेगा। उन्होंने बताया कि बाढ़ में फंसे 21 भारतीयों को अब तक सुरक्षित निकाला गया है। ये सभी तमिलनाडु के हैं।
भारत नेपाल की मांग के आधार पर राहत सामग्री और बेली ब्रिज भेज रहा है। विदेश मंत्रालय ने 24 घंटे काम करने वाला कंट्रोल रूम बनाया है। काठमांडू और बीजिंग स्थित भारतीय दूतावासों में भी 24 घंटे की हेल्पलाइन शुरू की गई है।
जायसवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से फोन पर बात कर संवेदना जताई और हरसंभव मदद का भरोसा दिया है।
नेपाल बाढ़ पर जयशंकर ने की समीक्षा बैठक
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने नेपाल में आई बाढ़ को लेकर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों और काठमांडू व बीजिंग में तैनात भारतीय राजदूतों के साथ समीक्षा बैठक की।
उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे सभी भारतीयों की सुरक्षा और उनके बारे में जानकारी जुटाने के लिए तुरंत प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए विदेश मंत्रालय राज्य सरकारों, टूर ऑपरेटरों और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है।
जयशंकर ने कहा कि भारत नेपाल सरकार के साथ मिलकर राहत और बचाव के काम में मदद कर रहा है। फिलहाल मंत्रालय का मुख्य फोकस प्रभावित इलाकों में मौजूद भारतीय नागरिकों का पता लगाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है।
तमिलनाडु के 21 लोगों को रेस्क्यू किया गया
कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तमिलनाडु के 21 भारतीय नागरिकों को नेपाल में सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इसकी जानकारी दी है।
चीनी टूर गाइड के फैसले से पूरे ग्रुप की जान बची
बुधवार को एक चीनी टूर गाइड ने आखिरी वक्त पर अपना प्लान बदल दिया और उसका यह फैसला उसके पूरे ग्रुप की जान बचाने वाला साबित हुआ। गाइड ने बताया कि पहले वह पर्यटकों को ग्यिरोंग पोर्ट घुमाने ले जाने वाला था, लेकिन रातभर हुई बारिश को देखते हुए उसने अपना प्लान बदल दिया।
गाइड ने झेजियांग डेली को बताया कि पिछली रात लगातार बारिश हुई थी। उसे चिंता थी कि बारिश की वजह से बर्फ से ढके पहाड़ दिखाई नहीं देंगे। इसलिए उसने पोर्ट जाने के बजाय पर्यटकों को हिमालय की बर्फीली चोटियों का नजारा दिखाने वाले मौसम केंद्र के प्लेटफॉर्म पर ले जाने का फैसला किया।
कुछ ही समय बाद ग्यिरोंग इलाके में भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने तबाही मचा दी। अगर गाइड अपना प्लान नहीं बदलता, तो उसका ग्रुप भी इस आपदा की चपेट में आ सकता था।
तस्वीरों में दिखा बाढ़ का दर्द, हर चेहरे पर चिंता और मायूसी
नवलपुर में नारायणी नदी से 62 शव बरामद
भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद बहकर आए 62 शव नवलपुर जिले में नारायणी नदी के किनारे से बरामद किए गए हैं। जिला पुलिस कार्यालय नवलपरासी (पूर्व) के अनुसार, इनमें 26 पुरुष, 16 महिलाएं, 3 बालक, 7 बालिकाएं और 9 ऐसे शव शामिल हैं जिनकी पहचान अभी नहीं हो सकी है।
पुलिस ने बताया कि सभी शवों को फिलहाल स्थानीय अस्पतालों में रखा गया है। आगे की प्रक्रिया के लिए उन्हें पोखरा भेजने की तैयारी की जा रही है। अब तक बरामद किसी भी शव की पहचान नहीं हो पाई है।
नेपाल ने भारत में रह रहे नेपाली समुदाय से मदद मांगी
नेपाल में बाढ़ से हुई तबाही के बाद भारत स्थित नेपाली दूतावास ने नेपाली समुदाय से आर्थिक मदद की अपील की है।
दूतावास ने लोगों से प्रधानमंत्री आपदा बचाव कोष और प्रधानमंत्री राहत कोष में सहयोग देने को कहा है। इच्छुक लोग दूतावास की ओर से दिए गए बैंक खातों के जरिए मदद कर सकते हैं।
सरकार के मुताबिक, बाढ़ से हुए नुकसान का पूरा आंकड़ा जुटाया जा रहा है। प्रभावित इलाकों में बचाव, तलाश और राहत का काम भी तेज कर दिया गया है।
दूतावास ने कहा है कि दोनों राहत कोषों में जमा पैसे का इस्तेमाल बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद, राहत, पुनर्वास और दोबारा निर्माण के लिए किया जाएगा।
भूस्खलन के मलबे से बनी झील में बढ़ रहा पानी
चीनी सरकारी टीवी चैनल CCTV की नई ड्रोन फुटेज में पिछले भूस्खलन से बनी जगह पर एक झील बनती दिखाई दे रही है। यह झील ग्यिरोंग पोर्ट के पास, नेपाल की तरफ बनी है। CCTV के मुताबिक, झील का आकार लगातार बढ़ रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, झील में करीब 20 लाख घन मीटर पानी जमा हो चुका है और पानी अब किनारों से बाहर निकलने लगा है। अगले तीन दिनों में इसमें करीब 30 लाख घन मीटर और पानी आने का अनुमान है। इससे झील को रोकने वाला मलबे का बांध टूटने और अचानक बड़े पैमाने पर पानी नीचे की ओर बहने का खतरा बढ़ गया है।
नेपाल में बाढ़ पर दलाई लामा ने दुख जताया
दलाई लामा ने आज सुबह जारी एक बयान में नेपाल में आई भीषण बाढ़ पर दुख जताया है। उन्होंने कहा, “जिन लोगों ने अपनी जान गंवाई, उनके लिए मैं प्रार्थना करता हूं। इस त्रासदी से प्रभावित सभी लोगों और मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है।”
दलाई लामा ने कहा कि यह जलवायु परिवर्तन या किसी दूसरी वजह से पैदा हुई बड़ी समस्या के संकेत हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी आपदाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए।
नेपाल में फंसे महाराष्ट्र के 80 लोगों के लिए हेल्पलाइन शुरू
नेपाल में आई बाढ़ के बाद महाराष्ट्र के करीब 80 लोग अब भी फंसे हुए हैं। उन्हें तलाशने और सुरक्षित वापस लाने के लिए राज्य सरकार ने 24 घंटे चलने वाला हेल्पलाइन सेंटर शुरू किया है।
मंत्री गिरीश महाजन के मुताबिक, जलगांव के 4 लोगों से संपर्क हो चुका है और उनके साथ मौजूद 37 से ज्यादा लोग भी सुरक्षित हैं। बाकी लोगों से संपर्क की कोशिश जारी है।
बाढ़ में पुणे के 4 लोग भी लापता बताए जा रहे हैं, जो कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे। सरकार ने परिवारों से अपने लापता परिजनों की जानकारी हेल्पलाइन या ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कराने की अपील की है।
नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद तबाही का मंजर
त्रिशूली में भीषण बाढ़ के बाद कीचड़ से ढकी इमारतों का ड्रोन इमेज
नुवाकोट के देवीघाट में बाढ़ के बाद जगह-जगह मलबा और तबाही दिखाई दी।
नुवाकोट के त्रिशूली में गुरुवार को बाढ़ के बाद रेस्क्यू टीम एक शव ले जाते हुए।
देवीघाट में गुरुवार को अचानक आई बाढ़ के बाद हुआ नुकसान
बाढ़ का पानी खत्म होने के बाद मलबे में एक मोटरसाइकिल धंसी नजर आई।
देवीघाट में गुरुवार को अचानक आई बाढ़ के बाद कीचड़ में फंसी एक गाड़ी।
नुवाकोट जिले के देवीघाट में सुरक्षित जगह की ओर जाते स्थानीय लोग अपना सामान लेकर निकलते हुए।
नई दिल्ली, एजेंसी। अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की कई तस्वीरें वायरल हैं। ये तस्वीरे इसलिए अहम मानी जा रही हैं, क्योंकि पुरी लगातार कहते रहे हैं वे एपस्टीन से केवल प्रतिनिधिमंडल के साथ मिले, अलग से कभी मुलाकात नहीं हुई।
तस्वीरें सामने आने के बाद कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा- जब पुरी ने कहा था कि वे एपस्टीन से कभी अकेले नहीं मिले, तो इन तस्वीरों के क्या मायने हैं?
TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा- पुरी कहते थे कि वे एपस्टीन से तीन-चार बार डेलिगेशन के साथ मिले थे, दोनों तस्वीरों में बाकी सदस्य कहां थे।
इन तस्वीरों को जस्टिस डिपार्टमेंट की तरफ जारी जारी दस्तावेजों के नौवें सेट में रखा गया था। इस सेट में कम से कम 11 तस्वीरें हैं। मंगलवार को यह तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा में आई।
इन तस्वीरों में दोनों लगभग एक ही स्थिति में बैठे दिखाई देते हैं। तस्वीरों के कोण में मामूली अंतर है।
इस साल फरवरी में हरदीप सिंह पुरी ने लोकसभा में राहुल गांधी की ओर से एपस्टीन फाइलों को लेकर लगाए गए आरोपों को खारिज किया था।
पुरी ने बताया था कि वह संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत का पद छोड़ने के बाद और 2017 में केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने से पहले एपस्टीन से मिले थे। उन्होंने इन मुलाकातों को पूरी तरह पेशेवर बताया था और कहा था कि उनका एपस्टीन के खिलाफ लगे आपराधिक आरोपों से कोई संबंध नहीं था।
पुरी ने फरवरी में एक इंटरव्यू में कहा था कि वह इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूशन (IPI) से जुड़े एक डेलिगेशन के रूप में गए थे। उसी दौरान एपस्टीन से मिले। वे सार्वजनिक जीवन में कई तरह के लोगों से मिलते हैं, जिनमें से कुछ का आपराधिक रिकॉर्ड भी हो सकता है। पुरी के मुताबिक IPI में उनके बॉस टेर्जे रोड-लार्सन एपस्टीन को जानते थे।
पुरी ने कहा-
पहली बार मुलाकात के दौरान मुझे नहीं पता था कि एपस्टीन कौन हैं। हमने उनके बारे में गूगल पर सर्च किया। फिर हमने आपस में भी चर्चा की कि हमें उनसे मिलना चाहिए या नहीं?
नवंबर 2025 में पहली बार सामने आया नाम
निगरानी समिति की ईमेल में जिक्र: हरदीप सिंह पुरी और जेफ्री एपस्टीन के संपर्क का मामला पहली बार नवंबर 2025 में सार्वजनिक चर्चा में आया था। उस समय हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की निगरानी समिति की ओर से जारी एक ईमेल में एपस्टीन और पुरी के बीच की बातचीत का जिक्र हुआ था।
ईमेल कब के हैं: इसके बाद अमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) ने 30 जनवरी को एपस्टीन से जुड़े लाखों पन्नों के दस्तावेज जारी किए थे। इनमें जून 2014 से जून 2017 के बीच के ईमेल शामिल हैं।
तीन मुलाकातों का जिक्र: ईमेल के मुताबिक पुरी 4 फरवरी 2015, 6 जनवरी 2016 और 19 मई 2017 को न्यूयॉर्क में एपस्टीन के घर गए थे।
एपस्टीन यौन अपराधी साबित हो चुका था: 2008 में एपस्टीन यौन अपराध के मामले में दोषी ठहराया जा चुका था। यानी पुरी की बताई गई मुलाकातें उस समय हुईं, जब एपस्टीन का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद था।
‘एक्जॉटिक आइलैंड’ का जिक्र: एक ईमेल में पुरी ने एपस्टीन के ‘एक्जॉटिक आइलैंड’ यानी अनोखे द्वीप का जिक्र किया और उसे ‘हैव फन’ कहा, जिसका मतलब है ‘मौज करो’। पुरी ने बाद में कहा कि ‘हैव फन’ उनके बोलने का आम तरीका है।
हरदीप सिंह पुरी और एपस्टीन से जुड़ा ईमेल
यह ईमेल हरदीप सिंह पुरी ने 24 दिसंबर 2014 को जेफ्री एपस्टीन को भेजा था।
इसमें लिखा है-प्रिय जेफ, त्योहारों की शुभकामनाएं। जब आप अपने द्वीप से वापस आएं, तो मुझे जरूर बताइएगा।मैं आपसे बातचीत करने के लिए मिलना चाहूंगा। साथ ही, भारत में रुचि जगाने के लिए आपको कुछ किताबें भी देना चाहूंगा।
करोड़पति फाइनेंसर था यौन अपराधी एपस्टीन
जेफ्री एपस्टीन न्यूयॉर्क का करोड़पति फाइनेंसर था। उसकी बड़े नेताओं और सेलिब्रिटीज से दोस्ती थी।
उस पर 2005 में नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा। 2008 में उसे नाबालिग से सेक्स की मांग करने का दोषी ठहराया गया।
उसे 13 महीने की जेल हुई। 2019 में जेफ्री को सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया गया। लेकिन मुकदमे से पहले ही उसने जेल में आत्महत्या कर ली।
उसकी पार्टनर घिसलीन मैक्सवेल को 2021 में उसकी मदद करने के आरोपों में दोषी करार दिया गया। वह 20 साल की सजा काट रही है।
कोरबा। सनातन संस्कृति और अगाध आस्था का केंद्र माँ श्री सर्वमंगला का पावन धाम महाअष्टमी-नवमी के पावन अवसर पर भक्ति के अनुपम रस में सराबोर हो उठा। शारदीय नवरात्रि के पूर्णाहूति के शुभ अवसर पर मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और महाहवन के पश्चात 501 कन्याओं के महापूजन एवं भव्य कन्या भोज का आयोजन किया गया। इस दौरान पूरा परिसर ‘जय माता दीÓ के जयकारों से गुंजायमान रहा। इस पावन प्रसंग की मुख्य झलकियां
साक्षात देवी स्वरूप में पूजी गईं कन्याएं
सनातन परंपरा का निर्वहन करते हुए आयोजन में पधारीं सभी 501 बालिकाओं को साक्षात माता रानी का दिव्य स्वरूप माना गया। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारियों एवं माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर प्रबंधन ने अत्यंत श्रद्धा भाव से सभी कन्याओं के चरण पखारे, उन्हें कुमकुम-अक्षत का तिलक लगाया और विधि-विधान से आरती उतारकर महाप्रसाद ग्रहण कराया। सनातन संस्कारों का जीवंत दर्शन
विहिप के जिला अध्यक्ष अमरजीत सिंह सहित अन्य वरिष्ठ जनों ने इस अवसर पर कहा कि सनातन संस्कृति में नारी शक्ति और कन्याओं को पूजनीय माना गया है। नवरात्रि के समापन पर यह आयोजन न केवल हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत करता है, बल्कि भावी पीढ़ी में संस्कारों का बीजारोपण भी करता है। कन्याभोज से शक्ति उपासना का मिलता है फल-नमन पाण्डेय
विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल एवं माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर प्रबंधन के संयुक्तावधान में आयोजित 501 कन्याओं का महापूजन एवं कन्याभोज सम्पन्न होने के बाद मंदिर के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने कहा कि कन्या का पूजन एवं कन्याभोज से आदिशक्ति की उपासना का फल मिलता है। आज 501 कन्याओं का पूजन और कन्याभोज से परिसर और भी पावन हो गया। यह मातारानी की ही कृपा है कि परिसर में यह दिव्य आयोजन हुआ।
श्रद्धालुओं और सेवादारों का अनुकरणीय समर्पण
इस महाआयोजन को गरिमामयी ढंग से संपन्न कराने में नन्हा महाराज, मयंक पांडेय, राणा मुखर्जी, कान्हा अग्रवाल, राजू, साईं शर्मा, सूरज कलवानी सहित बजरंग दल के समर्पित कार्यकर्ताओं ने अपनी मुख्य भूमिका निभाई। सभी कार्यकर्ताओं ने पंक्तिबद्ध बैठीं नन्हीं देवियों की सेवा की और उनसे सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया।
आयोजकों के अनुसार, मां सर्वमंगला के आशीर्वाद से हर वर्ष इस आयोजन का स्वरूप और भव्य होता जा रहा है, जिसमें संपूर्ण कोरबा अंचल के श्रद्धालुओं का अपार सहयोग मिल रहा है। उपहार पा कर खुश हुईं मासूम देवियां
501 कन्याओं का श्रृंगार, पगपखारने, पूजन-आरती करने के बाद अमरजीत, राणा मुखर्जी, नमन पाण्डेय, मयंक पाण्डेय सहित कार्यकर्ताओं ने नन्ही मातारानियों को भोग परोसा और उसके बाद सभी उपस्थित कन्याओं को मंदिर प्रबंधन की ओर से पाण्डेय परिवार की मुखिया श्रीमती गीता देवी पाण्डेय ने सभी कन्याओं को 101 रूपए, अमरजीत-राणा मुखर्जी की ओर से 101 रूपए एवं नन्हा महराज ने सपत्नीक 101 रूपए उपहार में दे कर मातारानियों का पांव छू कर आशीर्वाद लिया। विहिप और बजरंग दल ने उपहार के रूप में सभी कन्याओं को कापी-पेंसिल, पानी बॉटल सहित अन्य लेखन सामाग्री सप्रेमभेंट कर आशीर्वाद लिया। देवी स्वरूपा कन्याओं की संख्या अधिक होने के कारण पालियों में कन्याभोज कराया गया।
जब एक साथ 181 नारीशक्ति के सिर पर जवारा कलश रखकर जवारा कलश यात्रा नदी की ओर प्रस्थान किया तब दिखा अद्भूत नजारा देश-दुनिया में पहुंचे शुभता का संदेश: सभी का शुभ हो, कल्याण हो और सुख-शांति का वास हो प्रबंधक एवं राजपुरोहित नन्हा महराज की अगुवाई में स्थापित जवारा कलशों की पूजा-अर्चना के बाद किया गया हसदेव घाट में विसर्जन पाण्डेय परिवार ने की जवारा कलश में शामिल नारी शक्ति की पूजा, मांगा कोरबा के लिए शुभ आशीर्वाद कोरबा। आज क्वांर शुक्ल नवमी विक्रम संवत् 2083 सोमवार 19 अक्टूबर की गोधूली बेला आते ही माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय (नन्हा महराज) माँ श्री सर्वमंगला के श्रीचरणों में नतमस्तक हुए और 09 दिन तक सेवा में जो भी कमी हो, अज्ञानी समझकर माफ करना और कोरबा की समृद्धि, खुशहाली एवं सुख-शांति बनाए रखना, का आशीर्वाद लिया और जवारा कलश विसर्जन के लिए माँ से अनुमति मांगी और पूजा-अर्चना के बाद जवारा कलश स्थापना कक्ष पहुंचकर स्थापित 181 जवारा कलशों की पूजा-अर्चना की और उसके बाद नारी शक्तियों के सिर पर जवारा कलश रखा गया और सभी नारी शक्ति पाण्डेय परिवार के निज निवास के सामने पहुंचीं, जहां पाण्डेय परिवार की मुखिया एवं नमन पाण्डेय की माताश्री श्रीमती गीता देवी पाण्डेय के सानिध्य में नारी शक्ति की पूजा की और बैगाओं को शांत किया। चुनरी की सुरक्षा दीवार के बीच मांदर की थाप, कर्मा नृत्य संग आतिशबाजी के बीच नारी शक्ति का समूह गंगा जैसी पवित्र हसदेव नदी की ओर प्रस्थान किया। जब एक साथ 181 नारी शक्ति सर पर जवारा कलश रखकर कतारबद्ध नदी की ओर प्रस्थान किया तो अंधेरे में ज्योति कलशों का प्रकाशपूंज शुभता का संदेश दे रहे थे- असतो मा सद्गमय… तमसो मा ज्योतिर्गमय…। दिव्य मंत्रोच्चार के साथ नदी में कलश विसर्जित
हसदेव घाट पहुंचने पर पुन: सभी जवारा ज्योति कलशों की पूजा-अर्चना नमन पाण्डेय ने की और बैगाओं ने विधि विधान पूरा किया और नारी शक्ति के सर से एक-एक कलश उतारा गया और नदी में विसर्जित कर आशीर्वाद मांगा-हे माँ! सभी का कल्याण करना, विश्व में शांति का वास हो, ऐसा आशीर्वाद देना, घर-घर समृद्धि बनकर वास करना और समाज में सत्व का प्रकाश फैलाना। काली माँ को देखकर जब बैगा चिल्लाने लगा
माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर में जवारा कलश विसर्जन के दौरान कई रोमांचकारी दृश्य भी देखने को मिला। खप्पर रखे बैगा को देवी माँ चढ़ी थी और जवारा कलश विसर्जन यात्रा जब परिसर में स्थित काली मंदिर पहुंची तो बैगा काली माँ को देखकर जोर-जोर से चिल्लाने लगा और माँ के शरण में पहुंच गया। यहां के पुजारी ने बैगा को शांत किया और फिर विसर्जन यात्रा आगे बढ़ी। जसगीत के बीच विसर्जन यात्रा आगे बढ़ी। सड़क पर आतिशबाजी की गई और आकाश सतरंगी छटाओं से निखर गया। कलश यात्रा विसर्जन के दौरान कोई हनुमान के रूप में माँ का स्वागत कर रहे थे तो कोई शेर-भालू बीच में आकर दर्शकों के मन में उल्लास भर रहे थे। कई नारी शक्ति को देवी माँ चढ़ी थीं और वे माँ की भक्ति में ऐसे डूब गए थे जैसे वे आदिशक्ति की उपासना में आत्मसात हो गए हों। जवारा कलश विसर्जन यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल
जवारा कलश विसर्जन यात्रा के दौरान मंदिर परिसर में माँ सिद्धिदात्रि की पूजा करने पहुंचे हजारों श्रद्धालु भी ज्योति कलशों का प्रकाशपूंजों को निहार रहे थे और अद्भूत आनंद का एहसास कर रहे थे। शुभता का संदेश- सार्वभौम में शांति का वास हो, सभी का कल्याण हो-नमन पाण्डेय
क्वांर शुक्ल में आयोजित 09 दिन तक शारदीय नवरात्रि के सफलता पूर्वक सम्पन्न होने के बाद मंदिर के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने माँ के दरबार में मत्था टेका और कहा- हे माता रानी! हम सभी पर आपका उपकार सदा बना रहे, कोरबा सहित पूरे छत्तीसगढ़, देश-दुनिया में सभी जीवों का कल्याण करना, सभी का जीवन सरल और सुलभ हो। विश्व में शांति की स्थापना हो और सभी का कल्याण हो।
नमन पाण्डेय ने नौ दिवसीय शारदीय नवरात्रि सम्पन्न होने पर सभी भक्तों की अनुशासनप्रियता के लिए आभार जताया। 12 हजार ज्योति कलश प्रज्ज्वलित कराने वाले भक्तों सहित जिला प्रशासन, नगर निगम प्रशासन एवं शांति व्यवस्था के लिए 24 घंटें उपलब्ध रहने वाले पुलिस जवानों का भी आभार जताया और कहा कि पुलिस सुरक्षा के बीच 09 दिवसीय शारदीय नवरात्रि सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। उन्होंने धार्मिक आयोजनों को सम्पन्न कराने वाले विद्वान आचार्यों, पंडितों का भी आभार जताया। व्यवस्था में लगे सेवकों, मंदिर के सेवादारों एवं प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से सेवा करने वाले सभी भक्तों का भी आभार जताया और कहा कि सभी के सहयोग से शारदीय नवरात्रि सम्पन्न हुई। माँ! सभी का कल्याण करे।