रायपुर, एजेंसी। मौसम विभाग ने उत्तर छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में अगले एक सप्ताह तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मंगलवार दोपहर रायपुर में तेज बारिश हुई। रायगढ़ में तेज बारिश से जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन गई है।
शहर के पैठू डबरी, चंद्रनगर की नामदेव गली और वार्ड नंबर-18 के कई घरों में घुटनों तक पानी भर गया। लगातार बारिश को देखते हुए केलो डेम के 4 गेट खोले गए हैं। वर्तमान में डेम में 230.85 मीटर है।
पिछले 24 घंटे में प्रदेश के उत्तर और मध्य हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि रायपुर और सरगुजा संभाग के कुछ इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा 110 मिमी बारिश प्रतापपुर में रिकॉर्ड की गई।
हालांकि, लगातार बारिश के बावजूद पूरे मानसून सीजन में अब तक प्रदेश में सामान्य से 24% कम बारिश हुई है। यानी राज्य में अब भी औसत से कम बारिश दर्ज की गई है।
तापमान की बात करें तो प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस रायपुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में रिकॉर्ड हुआ।
रायपुर का तापमान 30.8 डिग्री
बारिश के कारण दिन के तापमान में भी कमी दर्ज की गई। प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस रायपुर में रिकॉर्ड किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में रहा।
अगले तीन दिन कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। खासकर उत्तर छत्तीसगढ़ के जिलों में अगले एक सप्ताह तक कहीं-कहीं भारी बारिश होने के आसार हैं।
छत्तीसगढ़ में अब तक 307.2 मिमी (12 इंच) बारिश
छत्तीसगढ़ में मानसून अब पूरे प्रदेश में सक्रिय है। 1 जून से 18 जुलाई तक 307.2 मिमी (12 इंच) बारिश हुई है। इस समय तक जितनी बारिश सामान्यतः होनी चाहिए, उसके मुकाबले प्रदेश में 81.8% बारिश दर्ज की गई है। शनिवार को औसतन 17.7 मिमी बारिश हुई।
बिलासपुर संभाग में सबसे ज्यादा बारिश
इस सीजन में सबसे ज्यादा बारिश बिलासपुर संभाग में हुई है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ पूरे प्रदेश में पहले नंबर पर है, जहां 525.4 मिमी (20.6 इंच) बारिश दर्ज की गई। इसके बाद जांजगीर-चांपा 441.5 मिमी (17.3 इंच) और बिलासपुर में 383.7 मिमी (15.1 इंच) । शनिवार को सबसे ज्यादा 58.6 मिमी (2.3 इंच) बारिश बिलासपुर जिले में हुई।
रायपुर संभाग में भी अच्छी बारिश
रायपुर संभाग में महासमुंद (397.5 मिमी), बलौदाबाजार (390.3 मिमी), गरियाबंद (370.6 मिमी) और रायपुर (367.8 मिमी) में अच्छी बारिश दर्ज की गई। धमतरी में अब तक 278.8 मिमी बारिश हुई है।
सरगुजा संभाग में बलरामपुर सबसे आगे
सरगुजा संभाग में बलरामपुर में सबसे ज्यादा 337.5 मिमी बारिश हुई है। इसके अलावा कोरिया (267.9 मिमी), जशपुर (267.3 मिमी), एमसीबी (266.8 मिमी) और सूरजपुर (252.5 मिमी) में भी अच्छी बारिश हुई। वहीं सरगुजा जिले में अब तक सिर्फ 161 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
बस्तर संभाग में दंतेवाड़ा अव्वल
बस्तर संभाग में दंतेवाड़ा में सबसे ज्यादा 405.5 मिमी बारिश हुई है। इसके बाद नारायणपुर (354 मिमी) और बीजापुर (311.8 मिमी) का स्थान है। वहीं मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी (195.1 मिमी) और कांकेर (239.7 मिमी) में अपेक्षाकृत कम बारिश हुई है।
दुर्ग संभाग में राजनांदगांव सबसे पीछे
दुर्ग संभाग में दुर्ग (331.5 मिमी) और बालोद (326.3 मिमी) में अच्छी बारिश हुई है। वहीं राजनांदगांव में अब तक केवल 142.9 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जो सामान्य से काफी कम है।
खरीफ फसलों की बुवाई को फायदा
प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश होने से खरीफ फसलों की बुवाई को फायदा मिल रहा है। हालांकि कुछ जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश हुई है, इसलिए आने वाले दिनों की बारिश कृषि के लिहाज से अहम रहेगी।
कोरबा। छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ की कोरबा इकाई द्वारा छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व राजस्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयसिंह अग्रवाल से सौजन्य भेंट की गई। इस अवसर पर संघ की और से उन्हें पूर्व सामाजिक कार्य की स्मृति संग्रह भेंट किया गया। इस दौरान छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ के जिला अध्यक्ष विपेंद्र कुमार साहू, जिला सचिव जय सिंह नेताम एवं कोषाध्यक्ष लक्ष्मी राठौर अन्य पदाधिकारियों सहित मॉर्निंग वॉक टीम उपस्थित थी।
विद्यार्थियों को यातायात नियमों की दी जानकारी, ड्राइंग प्रतियोगिता में दिखी बच्चों की रचनात्मकता
कोरबा/पाली। इंडियन पब्लिक स्कूल, पाली में विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आज विशेष रोड सेफ्टी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के सभी विद्यार्थियों को सड़क पर सुरक्षित आवागमन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
विद्यार्थियों को यातायात नियमों का पालन करने, सड़क पार करते समय सावधानी बरतने, ट्रैफिक सिग्नल एवं सड़क संकेतों को समझने तथा दोपहिया वाहन पर हेलमेट और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट के महत्व के बारे में बताया गया। बच्चों को यह भी समझाया गया कि सड़क पर जल्दबाजी एवं लापरवाही से बचना चाहिए और हमेशा सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।
कार्यक्रम को और अधिक रोचक एवं रचनात्मक बनाने के लिए विद्यार्थियों के बीच रोड सेफ्टी ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। बच्चों ने अपनी कल्पनाशीलता और कला-कौशल के माध्यम से सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों तथा सुरक्षित यात्रा से संबंधित आकर्षक चित्र बनाए। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए चित्रों के माध्यम से समाज को सड़क सुरक्षा का महत्वपूर्ण संदेश दिया।
विद्यालय के डायरेक्टर राकेश मिश्रा ने कहा कि बच्चों को बचपन से ही यातायात नियमों एवं सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जागरूक विद्यार्थी ही आगे चलकर जिम्मेदार नागरिक बनते हैं।
विद्यालय की प्रिंसिपल संतोष देवनाथ ने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों का स्वयं पालन करने तथा अपने माता-पिता एवं आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया। वहीं एडमिनिस्ट्रेटर कुणाल महापात्र ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन के लिए आवश्यक व्यवहारिक ज्ञान और सामाजिक जिम्मेदारियों से परिचित कराना भी है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। रोड सेफ्टी जागरूकता एवं ड्राइंग प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों ने सुरक्षित यातायात का संदेश देते हुए कार्यक्रम को सफल एवं सार्थक बनाया।
हॉट मेटल की सीधी आपूर्ति से बढ़ेगा डाउनस्ट्रीम उद्योग, रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा कोरबा/बालकोनगर। बालको उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ कोरबा को एल्युमिनियम डाउनस्ट्रीम उद्योगों का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में काम कर रहा है। विस्तारित परियोजना पूरी होने के बाद बालको की एल्युमिनियम उत्पादन क्षमता 10 लाख टन प्रति वर्ष हो जाएगी, जिससे वेदांता एल्युमिनियम की कुल क्षमता लगभग 28.5 लाख टन प्रति वर्ष पहुंच जाएगी और समूह दुनिया का चौथा सबसे बड़ा एल्युमिनियम उत्पादक बन जाएगा। उक्त बातें मीडिया से चर्चा के दौरान बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी व पूर्णकालिक निदेशक (सीईओ) राजेश कुमार सिंह ने कही। श्री सिंह ने बताया कि निजीकरण के समय बालको की उत्पादन क्षमता केवल एक लाख टन थी। लगातार निवेश और आधुनिक तकनीक के उपयोग से इसे पांच लाख टन तक पहुंचाया गया। नए स्मेल्टर की स्थापना के बाद उत्पादन क्षमता बढ़कर 10 लाख टन प्रति वर्ष हो जाएगी। उन्होंने कहा कि यह विस्तार केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं होगा, बल्कि कोरबा को देश के प्रमुख एल्युमिनियम केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा एल्युमिनियम पार्क के निर्माण से यहां स्थापित होने वाले लघु और मध्यम उद्योगों को सीधे हॉट मेटल उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे परिवहन लागत घटेगी और मूल्य संवर्धित एल्युमिनियम उत्पादों का निर्माण बढ़ेगा। इससे स्थानीय रोजगार और औद्योगिक निवेश को भी नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि वेदांता समूह के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि औद्योगिक विकास के साथ स्थानीय समाज का विकास भी समान रूप से होना चाहिए। इसी सोच के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में लगातार निवेश किया जा रहा है, ताकि औद्योगिक विकास का लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंच सके। बर्रा कोल ब्लाक को 2028 तक विकसित करने का लक्ष्य सीईओ राजेश कुमार सिंह ने बताया कि उत्पादन क्षमता बढ़ने के साथ ऊर्जा और कोयले की आवश्यकता भी बढ़ेगी। इसी को ध्यान में रखते हुए रायगढ़ जिले के बर्रा कोल ब्लाक को वर्ष 2028 तक विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके शुरू होने पर कंपनी की बाहरी स्रोतों से कोयला खरीद पर निर्भरता कम होगी। वर्तमान में बालको अपने कैप्टिव बिजली संयंत्र से आवश्यकता पूरी करने के बाद लगभग 300 मेगावाट अतिरिक्त बिजली खुले बाजार में बेच रहा है। बालको में भी कैंसर उपचार सुविधा विकसित करने की संभावना पर विचार राजेश कुमार सिंह ने बताया कि वेदांता समूह के रायपुर स्थित कैंसर अस्पताल की तर्ज पर बालको क्षेत्र में भी विशेष कैंसर उपचार सुविधा विकसित करने की संभावना पर विचार किया जा रहा है। प्रस्ताव का तकनीकी परीक्षण किया जाएगा। योजना साकार होने पर कोरबा और आसपास के जिलों के मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी। फोरलेन निर्माण के लिए बालको उपलब्ध करा चुका है 30 करोड़ श्री सिंह ने कहा कि परसाभाटा से रूमगरा तक फोरलेन सड़क निर्माण के लिए बालको, प्रशासन को 30 करोड़ रुपए उपलब्ध करा चुका है। बारिश के बाद निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। सड़क बनने से भारी वाहनों का दबाव कम होगा और बालको क्षेत्र में लंबे समय से बनी जाम की समस्या से राहत मिलेगी।