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कोरबा

तालाब में डूबने से 65 वर्षीय बुजुर्ग की मौत:परिजन ढूंढने निकले तो तालाब में मिला तैरता शव, पुलिस जांच में जुटी

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कोरबा। कोरबा जिले के उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम सूपातराई में बुधवार दोपहर एक 65 वर्षीय बुजुर्ग बुद्धू राम मैत्री का शव तालाब में तैरता हुआ मिला। परिजनों ने बताया कि वह सुबह दातुन करने घर से निकले थे, लेकिन कई घंटों तक वापस नहीं लौटे। तलाश के दौरान उनका शव गांव के तालाब में मिला। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना उरगा थाना पुलिस को दी।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को तालाब से बाहर निकलवाया। पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। प्रारंभिक जांच में डूबने से मौत की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

रोजाना जाते थे तालाब

उरगा थाना प्रभारी राजेश तिवारी ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को तालाब से बाहर निकालकर पंचनामा कार्रवाई की गई।

परिजनों के अनुसार, बुद्धू राम मैत्री प्रतिदिन सुबह दातुन के लिए तालाब की ओर जाते थे। बुधवार को जब वे काफी देर तक घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की और तालाब में उनका शव पाया।

मृतक बुद्धू राम मैत्री खेती-किसानी का काम करते थे। उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी जांच का विषय बना हुआ है।

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कोरबा

राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025:डिप्टी कलेक्टर तुलाराम भारद्वाज नोडल अधिकारी नियुक्त

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कोरबा। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 दिनांक 22 फरवरी 2026 को पूर्वान्ह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक एवं अपरांह 03 बजे से 05 बजे तक दो पालियो में आयोजित होगी।
कलेक्टर कुणाल दुदावत द्वारा जिले में उक्त परीक्षा के सफल संचालन हेतु डिप्टी कलेक्टर तुलाराम भारद्वाज को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

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कोरबा

श्रमिकों का सशक्तिकरण ही समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला- श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन

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श्रमिकों के खून-पसीने की मेहनत से ही प्रदेश विकास की नई ऊँचाइयों को छू रहा

सम्मेलन में 3110 श्रमिकों को कुल 1.23 करोड़ की सहायता राशि की गई वितरित

मंत्री लखन लाल देवांगन के आतिथ्य में श्रमिक सम्मेलन का हुआ आयोजन
कोरबा। श्रमिकों के सम्मान और उनके सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से कोरबा शहर के टीपी नगर स्थित राजीव गांधी ऑडिटोरियम में श्रमिक सम्मेलन का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखन लाल देवांगन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

सम्मेलन में श्रमिक कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा करते हुए श्रमिकों को विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई तथा पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत सहायता राशि भी वितरित की गई।
इस अवसर महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ पवन सिंह, सभापति नगर निगम नूतन ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रमवीर उपस्थित थे।
श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने श्रमिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि श्रमवीर प्रदेश की रीढ़ हैं। उनके अथक परिश्रम और समर्पण से ही बड़े निर्माण कार्य, अधोसंरचना विकास एवं औद्योगिक प्रगति संभव हो पा रही है। श्रमिकों के खून-पसीने की मेहनत से ही प्रदेश विकास की नई ऊँचाइयों को प्राप्त कर रहा है।
मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि श्रमिकों के सम्मान, सुरक्षा एवं सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व में विभाग अंतर्गत श्रमिकों एवं उनके परिजनों के हित में अनेक कल्याणकारी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से श्रमिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि श्रमवीरों और उनके परिवार को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देते हुए विगत दो वर्षों में 800 करोड़ की राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित की जा चुकी है।

श्रमिकों के लिए आवास निर्माण सहायता, सुरक्षा उपकरण सहायता, महतारी जतन योजना, मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता, नोनी सुरक्षा योजना, नौनिहाल छात्रवृत्ति, श्रमिक सियान सहायता योजना सहित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ संचालित हैं। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिक परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान किया जा रहा है। श्रम मंत्री ने कहा कि श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा को विशेष प्राथमिकता दी गई है। उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन, छात्रवृत्ति, गणवेश एवं साइकिल वितरण जैसी सुविधाओं के साथ बोर्ड परीक्षा में मेरिट में आने वाले श्रमिकों के बच्चों  को 1 लाख रुपये की मेधावी छात्रवृत्ति तथा विदेश में अध्ययन हेतु 50 लाख रुपये तक की छात्रवृत्ति का प्रावधान है। उन्होंने श्रमवीरों से अपील की कि वे अपने बच्चों को उच्च शिक्षा हेतु प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सुशासन और पारदर्शिता के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। अब योजनाओं की सहायता राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से श्रमिकों के बैंक खातों में अंतरित की जा रही है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है। आज भी विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत सहायता राशि सीधे हितग्राहियों के खातों में प्रेषित की गई है।

मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि कोरबा श्रमिक बाहुल्य जिला है, यहां बाल्को, एनटीपीसी एवं एसईसीएल जैसे प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठान स्थापित हैं। श्रमिकों के हित में वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना संचालित है, जिसके अंतर्गत मात्र 5 रुपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। नई औद्योगिक नीति के माध्यम से उद्योगों को प्रोत्साहन देकर रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि श्रमिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु श्रमेव जयते पोर्टल एवं कॉल सेंटर संचालित है। श्रमिक इन माध्यमों से अपनी शिकायत दर्ज कर समाधान प्राप्त कर सकते हैं। श्रम मंत्री ने उपस्थित सभी श्रमिकों से विभागीय योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने तथा अन्य श्रमिक साथियों को भी जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों का सशक्तिकरण ही समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला है।

महापौर श्रीमती राजपूत ने कहा कि छत्तीसगढ़ की भूमि में श्रमिकों का योगदान अहम है। उनके बिना विकास की परिकल्पना भी संभव नही है। उन्होंने कहा कि श्रमवीरों एवं उनके परिवार के हित में सरकार द्वारा अनेक योजनाएं संचालित की गई है। उन्होंने श्रमिकों को इन योजनाओं की जानकारी रखने एवं उनका लाभ उठाने का आग्रह किया।
जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ पवन  तथा नगर निगम सभापति श्री ठाकुर ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि शासन द्वारा संचालित योजनाएँ श्रमिकों के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने श्रमिकों को योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सक्रिय रूप से उनका लाभ लेने हेतु प्रेरित किया, जिससे वे शासकीय सुविधाओं से अधिकतम रूप से लाभान्वित हो सकें।

सम्मेलन में मुख्य अतिथि श्री देवांगन द्वारा छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल, असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल एवं श्रम कल्याण मंडल अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत  3110 श्रमिकों को कुल एक करोड़ 23 लाख रूपये की सहायता राशि वितरित की गई है। जिसमें मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के तहत 2840 श्रमिक परिवार के बच्चों को कुल 59 लाख 63 हजार रुपए,  मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना अंतर्गत 190 श्रमिकों को 38 लाख रुपए, मिनीमाता महतारी जतन योजना के 44 हितग्राहियो को 08 लाख 80 हजार रूपए, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के 20 हितग्राहियों को 04 लाख रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के 13 हितग्राहियों को 13 लाख रुपये, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के  3 हितग्राहियों को 26 हजार रूपये राशि से लाभान्वित किया गया।

स्टॉल के माध्यम से श्रमिकों का किया गया पंजीयन/नवीनीकरण, पहुँचाया गया स्वास्थ्य लाभ

सम्मेलन स्थल पर विभाग द्वारा स्टॉल लगाया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के तहत पंजीकृत श्रमिकों के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई। इस दौरान श्रमिकों का पंजीकरण एवं नवीनीकरण किया गया, साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा श्रमिको का स्वास्थ्य परीक्षण कर निःशुल्क दवाइयाँ भी वितरित की गईं, जिससे उन्हें प्रत्यक्ष लाभ सुनिश्चित हुआ।

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कोरबा

जिले में बकरियों के कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा शुरू, नस्ल सुधार से बढ़ेगी पशुपालकों की आय

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कोरबा। छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार कोरबा जिले के पशुपालकों व बकरी पालकों के उन्नति, बेहतर रोजगार के साधन उपलब्ध कराने एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से उत्तरी छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बकरियों में कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम का प्रारंभ किया गया है। उप संचालक पशु चिकित्सा सेवायें ने बताया कि जिले के 15 संस्थाओं में नियुक्त पशु चिकित्सकों और ए.वी.एफ.ओ. को अंबिकापुर में 03 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण दिलाने के पश्चात अब मैदानी स्तर पर कार्य प्रारंभ किया गया है।
इस योजना के तहत केंद्रीय वीरुजालय दुर्ग से प्राप्त जमुनापारी, बारबरी, ब्लैक बंगाल और सिरोही जैसी उन्नत नस्लों के बकरों के सीमेन का उपयोग किया जा रहा है। पूर्व में पाली विकासखंड में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर किए गए 55 कृत्रिम गर्भाधानों से 30 स्वस्थ मेमने प्राप्त हुए हैं, जिससे पशुपालकों में भारी उत्साह है। वर्तमान में जिले की 15 संस्थाओं में सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध करा दिए गए हैं और जल्द ही यह सुविधा सभी विकासखंडों में उपलब्ध होंगी। जिससे बकरी पालक किसानो को अधिकाधिक लाभ मिलेगा। विभाग का लक्ष्य उन्नत नस्लों के माध्यम से स्थानीय पशुपालकों की आय में वृद्धि करना और उन्हें बेहतर रोजगार के अवसर प्रदान करना है। इस हेतु सभी विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों को मैदानी स्तर पर प्रचार प्रसार एवं पशुपालकों को अधिकाधिक लाभ देने निर्देशित किया गया है।

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