Connect with us

छत्तीसगढ़

बीजापुर में 7 नक्सली ढेर…जवानों को सांप ने काटा:टॉप कमांडर सुधाकर-भास्कर भी मारे गए, 3 दिन में 2 महिला और 5 पुरुष नक्सलियों का एनकाउंटर

Published

on

बीजापुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के इंद्रावती नेशनल पार्क क्षेत्र में शनिवार को जवानों ने 5 नक्सलियों को मार गिराया है। सभी नक्सलियों के शव बरामद कर लिए गए हैं। इसके पहले सेंट्रल कमेटी सदस्य गौतम उर्फ सुधाकर और तेलंगाना कमेटी का सदस्य भास्कर मारा गया था।

फोर्स के मुताबिक मारे गए सुधाकर पर 1 करोड़ और भास्कर पर 45 लाख का इनाम था। सुधाकर छुट्टी मनाकर जंगल लौटा था, तभी मुठभेड़ में मारा गया। नक्सलियों के शव के पास से ऑटोमैटिक हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक 5 जून को पहली मुठभेड़ के बाद सुधाकर का शव बरामद हुआ था। यह वही सुधाकर है, जिसने दंडकारण्य क्षेत्र में नक्सल शिक्षा केंद्रों की शुरुआत की थी। वहीं 6 जून को नक्सली कमांडर भास्कर मारा गया, जो तेलंगाना स्टेट कमेटी से जुड़ा हुआ था।

इसके साथ ही 6 और 7 जून की दरम्यानी रात को हुई मुठभेड़ों में 3 और नक्सलियों के शव मिले, जिनमें 2 महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। 7 जून को अंतिम मुठभेड़ में 2 अन्य पुरुष नक्सलियों के शव बरामद किए गए। इन पांच शवों की पहचान अब तक नहीं हो सकी है।

एनकाउंटर स्पॉट से 2 AK-47 राइफल, भारी मात्रा में गोला-बारूद और नक्सली दस्तावेज बरामद किए गए हैं। ऑपरेशन के दौरान कुछ जवानों को सांप और मधुमक्खियों ने काट लिया।फिलहाल सभी खतरे से बाहर हैं। सभी का इलाज जारी है।

2 इनामी समेत 7 नक्सलियों ने किया सरेंडर

भास्कर मंचेरियल कोमाराम भीम (एमकेबी) DVC (डिविजनल कमेटी) का सदस्य और सचिव था। आंध्रप्रदेश के आदिलाबाद का रहने वाला था। इसके पहले 1 करोड़ का इनामी नक्सली सुधाकर भी मारा गया है। सुधाकर नक्सलियों के शिक्षा विभाग का इंचार्ज था। आंधप्रदेश के चिंतापालुदी गांव का रहने वाला था।

वहीं दंतेवाड़ा में 2 इनामी समेत 7 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इनमें जुगलू उर्फ सुंडुम कोवासी (50 हजार इनामी), दशा उर्फ बुरकू पोड़ियाम (50 हजार इनामी), भोजा राम माड़वी, लखमा उर्फ सुती उर्फ लखन मरकाम, रातू उर्फ ओठे कोवासी, सुखराम पोड़ियाम और पंडरू राम पोड़ियाम शामिल हैं।

नक्सलियों के प्रेस इंचार्ज की भी थी मौजूदगी

जानकारी के मुताबिक फोर्स सर्चिंग पर निकली थी। इसी दौरान घात लगाए बैठे नक्सलियों ने जवानों पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में जवानों ने भी गोलीबारी की। बताया जा रहा है कि तेलंगाना स्टेट कमेटी में नक्सलियों के प्रेस इंचार्ज बंडी प्रकाश समेत बड़े स्तर के नक्सलियों की मौजूदगी भी थी।

इस दौरान मुठभेड़ में 2 नक्सली मारे गए, जिससे सुधाकर की डेडबॉडी को जवानों ने बरामद कर लिया था। वहीं भास्कर का शव शुक्रवार को मिला। उसके पास से हथियार भी मिले हैं, जिन्हें जवानों ने जब्त कर लिया है।

सुरक्षाबलों ने 25 लाख रुपए के इनामी नक्सली भास्कर (45) को भी मार गिराया। (फाइल फोटो)

सुरक्षाबलों ने 25 लाख रुपए के इनामी नक्सली भास्कर (45) को भी मार गिराया। (फाइल फोटो)

दंतेवाड़ा में 2 इनामी समेत 7 नक्सलियों ने सरेंडर किया है।

दंतेवाड़ा में 2 इनामी समेत 7 नक्सलियों ने सरेंडर किया है।

अब जानिए 1 करोड़ के इनामी नक्सली सुधाकर के बारे में

दरअसल, केंद्रीय कमेटी मेंबर सुधाकर उर्फ नर सिंहाचलम तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में वांटेड था। बताया जा रहा है कि, गुरुवार को नेशनल पार्क एरिया में माओवादियों के बड़े कैडर की मौजूदगी की सूचना पर सुरक्षाबल निकले थे।

सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम में डीआरजी, एसटीएफ और कोबरा के जवान शामिल थे।

तस्वीर केंद्रीय कमेटी मेंबर सुधाकर की है जो एनकाउंटर में मारा गया।

तस्वीर केंद्रीय कमेटी मेंबर सुधाकर की है जो एनकाउंटर में मारा गया।

लगातार बड़े नक्सली लीडर मारे जा रहे

  • इससे पहले 21 मई को हुई मुठभेड़ में 27 नक्सली मारे गए। इसमें 1.5 करोड़ का इनामी बसवा राजू भी था।
  • 21 मई की मुठभेड़ से 7 दिन पहले पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कर्रेगुट्टा ऑपरेशन की भी जानकारी दी थी। इसमें 31 नक्सलियों को मार गिराया था।
  • छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर स्थित कर्रेगुट्टा के पहाड़ों पर सुरक्षाबलों ने 24 दिनों तक ऑपरेशन चलाया था।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

मां की मौत’ का झांसा देकर 40 हजार की ठगी:कोरबा पुलिस ने साइबर गिरोह के दो आरोपी दबोचे, QR कोड भेजकर ऐंठते थे रकम

Published

on

कोरबा। कोरबा पुलिस ने भावनात्मक बहाने बनाकर साइबर ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने ‘मां के निधन और अंतिम संस्कार’ का झूठा बहाना बनाकर एक व्यक्ति से 40 हजार रुपये ठग लिए थे। पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर दोनों आरोपियों को जांजगीर-चांपा जिले से गिरफ्तार किया है।

कोरबी चौकी प्रभारी सुरेश कुमार जोगी ने बताया कि कोरबी निवासी सुरेश चंद्र जायसवाल (52) ने 3 जून को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 29 मई की सुबह एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को उनका परिचित बताते हुए कहा कि उसकी मां का निधन हो गया है और अंतिम संस्कार के लिए तत्काल 40 हजार रुपये की जरूरत है।

QR कोड स्कैन करते ही खाते से निकले 40 हजार

आरोपी ने भरोसा जीतने के लिए तुरंत एक QR कोड भेजा। पीड़ित ने मदद के उद्देश्य से कोड स्कैन कर 40 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। कुछ देर बाद जब उन्होंने अपने वास्तविक परिचित से संपर्क किया तो पता चला कि उनके साथ साइबर ठगी हुई है।

बैंक खाते से आरोपियों तक पहुंची पुलिस

शिकायत के बाद पुलिस और साइबर टीम ने बैंक खातों तथा तकनीकी साक्ष्यों की जांच की। जांच में सामने आया कि ठगी की पूरी राशि जांजगीर-चांपा निवासी आकाश यादव के एक्सिस बैंक खाते में ट्रांसफर हुई थी। इसके बाद पुलिस ने कॉल डिटेल और लोकेशन के आधार पर दोनों आरोपियों का पता लगाया।

दो आरोपी गिरफ्तार, ठगी कबूली

पुलिस ने थाना अक्तारा क्षेत्र के ग्राम उरदुमा निवासी आकाश यादव (28) और ग्राम बोरतरी निवासी मयंक चौहान (22) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने वारदात कबूल कर ली। जांच में यह भी सामने आया कि दोनों फर्जी मोबाइल नंबर और बैंक खातों का इस्तेमाल कर लोगों को बीमारी, दुर्घटना और मौत जैसी संवेदनशील घटनाओं का हवाला देकर इमोशनल ब्लैकमेल करते थे।

माइक्रो फाइनेंस बैंक में करता था नौकरी

पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी आकाश यादव ने एमकॉम तक पढ़ाई की है और एक माइक्रो फाइनेंस बैंक में कार्यरत है। पुलिस अब आरोपियों से अन्य साइबर ठगी के मामलों में भी पूछताछ कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

जशपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से जशपुर को सड़क विकास की बड़ी सौगात

Published

on

चार ग्रामीण संपर्क मार्गों के निर्माण के लिए 8.44 करोड़ रुपये से अधिक की प्रशासकीय स्वीकृति

बेहतर सड़क संपर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और व्यापार को मिलेगा नया संबल

जशपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने की दिशा में जशपुर जिले को एक और महत्वपूर्ण सौगात मिली है। राज्य शासन ने वर्ष 2025-26 के बजट प्रावधान के अंतर्गत जिले के चार प्रमुख ग्रामीण संपर्क मार्गों के निर्माण के लिए कुल 8 करोड़ 44 लाख 68 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इन सड़कों के निर्माण से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी तथा आवागमन के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि एवं व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। शासन के इस निर्णय से क्षेत्रवासियों में उत्साह और खुशी का माहौल है।

    राज्य शासन द्वारा जारी स्वीकृति के अनुसार बुलडेगा से रेचवाघाट पहुंच मार्ग (1.20 किलोमीटर) के निर्माण के लिए 1 करोड़ 23 लाख 77 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस सड़क के निर्माण से ग्रामीणों को वर्षभर सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी तथा दैनिक आवागमन में आने वाली परेशानियां दूर होंगी।

    इसी प्रकार खुंटापानी से सलियामुड़ा पहुंच मार्ग (3 किलोमीटर) के निर्माण के लिए 3 करोड़ 46 लाख 67 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह मार्ग कई गांवों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। सड़क बनने से विद्यार्थियों को विद्यालय, मरीजों को स्वास्थ्य संस्थानों तथा किसानों को कृषि उपज के परिवहन में बेहतर सुविधा मिलेगी।

    कोसमभावना से बनगांव पहुंच मार्ग (1.20 किलोमीटर) के निर्माण, जिसमें पुल-पुलिया का निर्माण भी शामिल है, के लिए 1 करोड़ 43 लाख 84 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना से विशेषकर बरसात के दौरान आवागमन बाधित होने की समस्या का स्थायी समाधान होगा और ग्रामीणों को पूरे वर्ष सुरक्षित आवागमन का लाभ मिलेगा।

    इसके अतिरिक्त बुलडेगा मेन रोड से सुकबासुपारा होते हुए भिंजपुर पहुंच मार्ग (2.50 किलोमीटर) के निर्माण के लिए 2 करोड़ 30 लाख 40 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस सड़क के निर्माण से क्षेत्र के अनेक गांवों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और ग्रामीणों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।

    इन सभी परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद संबंधित क्षेत्रों में सड़क संपर्क व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी, विद्यार्थियों और मरीजों का आवागमन सुगम होगा तथा स्थानीय व्यापार और सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

    स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण विकास को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार जनहितकारी निर्णय ले रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन सड़क निर्माण कार्यों से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी और ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

रायपुर : छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों को मिलेगी मजबूत डिजिटल पहचान, 2,305 नए मोबाइल टावरों के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्र से मांगी मंजूरी

Published

on

केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुख्यमंत्री साय ने की मुलाकात, प्रदेश में डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार पर हुई विस्तृत चर्चा

577 अतिरिक्त मोबाइल टावरों की स्वीकृति पर मुख्यमंत्री ने जताया केंद्र सरकार का आभार

मोबाइल नेटवर्क का विस्तार शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग और सुशासन को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम – मुख्यमंत्री साय

489 स्थानों के लिए बीएसएनएल को भूमि संबंधी एनओसी जारी, शेष 88 स्थानों पर भी शीघ्र पूरी होगी प्रक्रिया

दूरस्थ और जनजातीय अंचलों को डिजिटल मुख्यधारा से जोड़कर समावेशी विकास को मिलेगी नई गति – मुख्यमंत्री

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली स्थित संचार भवन में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ में डिजिटल एवं दूरसंचार कनेक्टिविटी के विस्तार से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने विशेष रूप से प्रदेश के दूरस्थ, जनजातीय, सीमावर्ती एवं दुर्गम क्षेत्रों में निर्बाध मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल भारत निधि (डीबीएन) योजना के अंतर्गत प्रस्तावित 2,305 नए मोबाइल टावरों को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया के संकल्प को छत्तीसगढ़ के अंतिम गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। भौगोलिक दृष्टि से कठिन और दूरस्थ क्षेत्रों में मजबूत डिजिटल कनेक्टिविटी आज केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास की बुनियादी आवश्यकता बन चुकी है। मोबाइल नेटवर्क और हाई-स्पीड इंटरनेट की उपलब्धता से इन क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन सेवाओं और शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं तक सहज पहुंच मिल सकेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के अनेक दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में भौगोलिक परिस्थितियों के कारण संचार नेटवर्क का विस्तार चुनौतीपूर्ण रहा है। ऐसे क्षेत्रों में 2,305 नए मोबाइल टावरों की स्थापना डिजिटल समावेशन की दिशा में बड़ा परिवर्तन लाएगी। उन्होंने कहा कि इससे उन गांवों और बसाहटों तक भी विश्वसनीय मोबाइल एवं इंटरनेट नेटवर्क पहुंचेगा, जो अब तक पर्याप्त संचार सुविधाओं से वंचित रहे हैं।

577 अतिरिक्त टावरों की स्वीकृति से दुर्गम क्षेत्रों में बढ़ेगी कनेक्टिविटी

मुख्यमंत्री श्री साय ने नक्सल प्रभावित रहे एवं दुर्गम क्षेत्रों के लिए 577 अतिरिक्त मोबाइल टावरों की स्वीकृति प्रदान किए जाने पर केंद्र सरकार तथा केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का यह निर्णय विशेष रूप से बस्तर सहित कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्रों को डिजिटल मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में आज शांति और विकास का नया वातावरण बन रहा है, वहां मजबूत संचार नेटवर्क विकास की गति को और तेज करेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से नागरिकों और प्रशासन के बीच संवाद मजबूत होगा, आपातकालीन परिस्थितियों में संपर्क सुगम होगा और शासन की ऑनलाइन सेवाओं का लाभ लोगों को अपने गांव के निकट ही प्राप्त हो सकेगा।

489 स्थानों के लिए बीएसएनएल को एनओसी जारी

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार स्वीकृत मोबाइल टावरों की स्थापना से जुड़ी प्रक्रियाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ पूरा कर रही है। कुल 577 स्थानों में से अब तक 489 स्थानों के लिए बीएसएनएल को भूमि संबंधी अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) जारी किए जा चुके हैं। शेष 88 स्थानों के लिए भी आवश्यक प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है और शीघ्र ही स्वीकृति प्रदान कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि जिन स्थानों पर आवश्यक अनुमति और भूमि संबंधी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां बीएसएनएल द्वारा मोबाइल टावरों की स्थापना का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। राज्य शासन संबंधित विभागों और जिला प्रशासन के माध्यम से आवश्यक समन्वय सुनिश्चित कर रहा है, ताकि टावरों की स्थापना में किसी प्रकार का अनावश्यक विलंब न हो।

डिजिटल कनेक्टिविटी बनेगी शिक्षा और स्वास्थ्य की नई ताकत

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल एवं इंटरनेट नेटवर्क के विस्तार का सबसे बड़ा लाभ विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, किसानों और ग्रामीण परिवारों को मिलेगा। इंटरनेट कनेक्टिविटी मजबूत होने से विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन अध्ययन सामग्री और डिजिटल शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे। इसी प्रकार टेलीमेडिसिन और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिक विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं से अधिक आसानी से जुड़ सकेंगे। उन्होंने कहा कि मजबूत नेटवर्क से बैंकिंग सेवाओं, डिजिटल भुगतान और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण जैसी व्यवस्थाएं भी अधिक प्रभावी होंगी। ग्रामीण नागरिकों को विभिन्न प्रमाण-पत्रों, आवेदनों और अन्य ऑनलाइन शासकीय सेवाओं के लिए अनावश्यक रूप से दूर नहीं जाना पड़ेगा। इस प्रकार डिजिटल कनेक्टिविटी शासन को नागरिकों के और करीब लाने का माध्यम बनेगी।

शांति के साथ विकास और अब डिजिटल सशक्तिकरण की ओर बढ़ रहा बस्तर

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ अंचलों में विकास की नई संभावनाएं आकार ले रही हैं। सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ अब डिजिटल कनेक्टिविटी को भी समान प्राथमिकता दी जा रही है। वर्षों तक भौगोलिक कठिनाइयों और अन्य चुनौतियों के कारण संचार सुविधाओं से वंचित रहे गांवों को मोबाइल और इंटरनेट नेटवर्क से जोड़ना वहां के सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि बेहतर डिजिटल कनेक्टिविटी से स्थानीय युवाओं को ऑनलाइन शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के नए अवसरों की जानकारी मिलेगी। ग्रामीण उद्यमियों और स्व-सहायता समूहों के लिए डिजिटल बाजारों तक पहुंच आसान होगी तथा किसानों को मौसम, कृषि तकनीक और बाजार से जुड़ी सूचनाएं समय पर मिल सकेंगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से डिजिटल परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि तकनीक का लाभ केवल शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि सुदूर वनांचल और जनजातीय क्षेत्रों के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डिजिटल भारत निधि के अंतर्गत प्रस्तावित 2,305 मोबाइल टावरों को स्वीकृति मिलने से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार को बड़ी गति मिलेगी।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677