Connect with us

छत्तीसगढ़

किरंदुल में फिर बाढ़ का अटैक…लोगों को निकाला जा रहा:बालोद का देवरीकला डैम फूटा, कांकेर के कई गांव टापू बने

Published

on

रायपुर, एजेंसी। लगातार हो रही बारिश से नदी-नालों का जलस्तर काफी बढ़ गया है। वहीं, NMDC का डैम टूटने से बाढ़ की चपेट में आए किरंदुल शहर में फिर पानी बढ़ रहा है। एहतियातन प्रशासन लोगों से घर खाली कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को कह रहा है। इस बीच कई ऐसी तस्वीरें आई हैं, जिनमें हालात काफी चिंताजनक दिख रहे हैं।

वहीं, कांकेर जिले के कई गांव टापू में तब्दील हो गए हैं। कोयलीबेड़ा की मेंढकी नदी उफान पर है ऐसे में ग्रामीण साप्ताहिक बाजार भी नहीं जा पा रहे हैं। इधर, बिलासपुर में बारिश का पानी घरों में घुस रहा है। कलेक्टर ने मैदानी अमले को अलर्ट पर रहने को कहा है। वहीं गरियाबंद के मैनपुर कला में नाला में बाढ़ आ गई। इस दौरान शव को अंतिम संस्कार के लिए नाला पार स्थित शमशान ले जाया गया।

इसके साथ ही बीजापुर जिले के भोपालपटनम ब्लॉक के कई इलाकों में फिर से बाढ़ के हालात बन गए हैं। नेशनल हाइवे-163 तारलागुड़ा और नेशनल हाइवे-63 पर बने पुलों के ऊपर से पानी बह रहा है। लिहाजा, महाराष्ट्र का सड़क संपर्क छत्तीसगढ़ से टूट गया है।

किरंदुल में फिर बाढ़ का खतरा, लोगों को शिफ्ट किया जा रहा

किरंदुल में एक बार फिर बाढ़ जैसे हालत बन रहे हैं। लगातार हो रही बारिश की वजह से बैलाडीला की पहाड़ी पर स्थित NMDC के प्लांट 11-C की तरफ से लाखों लीटर पानी उतर रहा है, जिससे फिर कुछ वार्ड प्रभावित हुए हैं। कई घरों में पानी घुस गया है। प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद है। लोगों का रेस्क्यू किया जा रहा है।

शनिवार सुबह रेलवे स्टेशन कॉलोनी और तालाब पारा के दर्जनों मकानों में पानी घुस गया। प्रशासन की रेस्क्यू टीम एक-एक घर में जाकर लोगों का रेस्क्यू कर रही है। बच्चों, महिला, बुजुर्गों को बाहर निकाला जा रहा है। प्रशासन की टीम अनाउंस कर लोगों से अपील कर रही है कि जिस भी घर में पानी घुस रहा है, वे लोग घर से निकल जाएं, किसी सुरक्षित जगह पर चले जाएं।

राजिम में त्रिवेणी संगम का जलस्तर बढ़ा

राजिम में एक बार फिर त्रिवेणी संगम का जलस्तर बढ़ गया है। नदी के बीच स्थित कुलेश्वर महादेव मंदिर का चबूतरा चारों ओर से पानी से घिर गया है। ऐसे में लोग दर्शन के लिए मंदिर नहीं जा पा रहे हैं। नदी में चार एनिकट बने हुए हैं। चारों एनिकट के ऊपर से पानी बह रहा है।

कांकेर जिले में कई गांव टापू बने

कांकेर जिले में लगातार बारिश हो रही है। नदी-नाले उफान पर हैं। जिसके चलते अंदरूनी इलाके के कई गांवों का सड़क संपर्क टूट गया है। पानीडोबीर, चिलपरस, गुंदुल, हेटाडकसा, जुंगड़ा, आलपरस, आदनार, मर्राम और गोमे गांव पूरी तरह टापू बन चुके हैं।

पिछले 24 घंटे हुई मूसलाधार बारिश से कोयलीबेड़ा की मेंढकी नदी भी उफान पर हैं। जल स्तर बढ़ने से शुक्रवार को नदी उस पार के ग्रामीण साप्ताहिक बाजार करने कोयलीबेड़ा नहीं आ सके।

बिलासपुर में घरों में घुसा पानी, मैदानी अमला अलर्ट

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पिछले 4 दिनों से लगातार हो रही बरसात के चलते निचले हिस्सों में जलभराव की समस्या होने लगी है। शुक्रवार को हुई बारिश के बाद शहर के कई जगहों पर घरों में पानी घुस गया, जिससे लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कलेक्टर ने भी आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम के साथ ही मैदानी अमले को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। 

जिला मुख्यालय से टूटा गांव का संपर्क

गौरेला-पेंड्रा मरवाही जिले के दूरस्थ आश्रित ग्राम डाड़जमडी का संपर्क पंचायत के साथ ही जिला मुख्यालय से टूट गया है । केंदा से मझगवां-केंदाडाड़ के रास्ते डाड़जमड़ी जाने वाले रास्ते पर जावस नदी पर बने पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। नदी में बाढ़ के कारण पूरा इलाका पानी-पानी हो गया है।

इसके चलते लोगों का आवागमन रुक गया है। वहीं, बस्तीबगरा से टीकाकरण करने जा रहे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी नदी में बाढ़ होने के कारण रास्ते से वापस लौटने को मजबूर हुए।

बलौदाबाजार में गलियों में भरा पानी

बलौदाबाजार जिले में पिछले 4 दिनों से लगातार बारिश हो रही है। जिले के गणेशपुर के गांव गलियों में पानी भर गया है। लोग पानी के बीच आना-जाना करने को मजबूर हैं। यहां पंचायत परिसर में भी पानी घुस गया है। जिले में बीते चार दिनों में 131.4 मिमी बारिश हो चुकी है।

देवरीकला जलाशय फूटा, 4 गांवों में घुसा पानी

बलौदाबाजार जिले के सिमंगा तहसील के देवरीडीह जलाशय का एक छोर फूट गया है। इससे दरचूवा, खंडवा, गणेशपुर और बैकोनी गांव में पानी घुस गया है। NDRF और नगर सेना की टीम ने रेस्क्यू कर तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू अभियान देर रात तक चला।

बताया जा रहा है कि देवरीडीह जलाशय का पानी खेतों में बहने लगा। सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल खराब होने की आशंका जताई जा रही है। वहीं इसमें सबसे ज्यादा प्रभावित बांध से लगे हुए गांव गणेशपुर हुआ है। गांव के लोगों को तत्काल विश्रामपुर गांव में शिफ्ट किया गया है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

कोरबा में पावर प्लांट विस्तार का विरोध:ग्रामीणों ने कलेक्टर से शिकायत की, पूर्व मंत्री से भी हस्तक्षेप की मांग

Published

on

कोरबा। कोरबा जिले में निजी पावर प्लांट के 1600 मेगावाट विस्तार को लेकर विरोध शुरू हो गया है। प्रभावित ग्रामीणों ने कलेक्टर को शिकायत सौंपते हुए पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल से हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि संयंत्र प्रबंधन ने पहले किए गए रोजगार और पुनर्वास संबंधी वादों को अब तक पूरा नहीं किया है।

ग्रामीणों ने पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को पत्र लिखकर बताया कि लैंको संयंत्र (वर्तमान में निजी पावर प्लांट के नाम से संचालित है) की स्थापना वर्ष 2005-06 में हुई थी। उस समय भूमि अधिग्रहण और जनसुनवाई के दौरान कंपनी ने प्रत्येक भूमि प्रभावित परिवार के एक सदस्य को रोजगार देने, चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने, शिक्षा सुविधा देने का आश्वासन दिया था।

2012-13 के विस्तार में भी मिले थे आश्वासन

ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2012-13 में तीसरी और चौथी इकाई के विस्तार के समय भी यही आश्वासन दोहराए गए थे। उनका आरोप है कि उन वादों का भी पालन नहीं किया गया, जबकि तीसरी और चौथी इकाई का निर्माण कार्य लगातार आगे बढ़ता रहा। अब प्लांट में 1600 मेगावाट क्षमता की पांचवीं और छठवीं इकाई के विस्तार की तैयारी की जा रही है।

9 गांवों के 750 मकान प्रभावित होने की आशंका

ग्रामीण पूरन सिंह कश्यप ने बताया कि नए विस्तार से ग्राम सरगबुंदिया, अमलीभांठा, पहंदा, ढनढनी, संडेल, बरीडीह, खोड्डल, दर्राभाठा, पताढ़ी के लगभग 750 मकान प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि करीब चार हजार की आबादी सीधे तौर पर विस्थापन की स्थिति में आ जाएगी।

ग्रामीणों ने जताया फिर से ठगे जाने का डर

ग्रामीण अश्वनी कुमार तंवर ने कहा कि यदि फिर से भूमि अधिग्रहण किया जाता है और फिर से नए वादे किए जाते हैं, तो ग्रामीणों को एक बार फिर ठगे जाने का डर है।

ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि जब तक पूर्व में किए गए रोजगार और पुनर्वास संबंधी वादों की लिखित और वास्तविक पूर्ति नहीं होती, तब तक किसी नए अधिग्रहण का समर्थन नहीं किया जाएगा।

पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल से हस्तक्षेप की मांग

सरगबुंदिया जनपद सदस्य रीना सिदार ने बताया कि ग्रामीणों ने पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल से क्षेत्र के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि के रूप में जनहित के मुद्दे पर सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया है।

कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को दी शिकायत

गुरुवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे। ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर शिकायत दर्ज कराई और विस्तार योजना पर आपत्ति जताई। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पुराने वादों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक किसी नए विस्तार को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

Continue Reading

कोरबा

रामसागर पारा आंगनबाड़ी केंद्र पर ‘वजन उत्सव’ का आयोजन

Published

on

कोरबा। शासन के निर्देशानुसार कोरबा जिले के रामसागर पारा, वार्ड क्रमांक 1 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 03 में 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों का वजन उत्सव मनाया गया। कार्यक्रम के तहत क्षेत्र के सभी बच्चों का एक-एक कर इलेक्ट्रॉनिक मशीन से वजन किया गया।

आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ताओं द्वारा बच्चों के अभिभावकों को नियमित वजन कराने के महत्व एवं संतुलित और पौष्टिक आहार देने के संबंध में जानकारी दी गई। इस अवसर पर शिशुवती एवं गर्भवती माताओं को भी पोषण संबंधी आवश्यक सुझाव प्रदान किए गए।

कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कल्पना हेड़ताल, राहिजा रविंद्रम, सुषमा राम, सहायिका विमल जगत, मितानिन कार्यकर्ता कृष्णा कुशवाहा, भगवती मरावी, संजना पटेल, मधु जगत, छाया मसीह सहित अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।

इसके अलावा उर्मिला पांडे, रश्मि मिश्रा, जय सिंह नेताम, संतोष गुप्ता एवं हर्ष शेखर पटेल सहित वार्ड के गणमान्य नागरिकों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।

आंगनबाड़ी क्रमांक 3, रामसागर पारा (ठेला मोहल्ला), वार्ड क्रमांक 1 में आयोजित इस पहल का उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी करना और कुपोषण की रोकथाम सुनिश्चित करना है। कार्यक्रम के सफल आयोजन से अभिभावकों में जागरूकता बढ़ी तथा बच्चों के समुचित विकास पर बल दिया गया।

Continue Reading

कोरबा

बालको की ‘कनेक्ट कोचिंग प्रोग्राम’ मेधावी युवाओं के सपने को कर रहा साकार

Published

on

बालकोनगर। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) के सामुदायिक विकास का उद्देश्य केवल शिक्षा सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को सशक्त बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना भी है। इसी सोच के साथ बालको सामुदायिक विकास द्वारा समर्थित भोरमदेव विद्यापीठ के माध्यम से कबीरधाम जिले के दूरस्थ और संसाधन-विहीन क्षेत्रों के युवाओं को निःशुल्क कोचिंग, मार्गदर्शन एवं अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, ताकि वे अपने सपनों को साकार कर सकें।

इस पहल के अंतर्गत चयनित सभी 20 अभ्यर्थियों को अनुभवी शिक्षकों का निरंतर मार्गदर्शन मिल है। लाभान्वित अभ्यर्थी विभिन्न गांव और साधारण परिवार से आते हैं। किसी के माता-पिता खेती और मजदूरी पर निर्भर हैं, तो किसी के पास पढ़ाई के लिए सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं थीं। कई विद्यार्थियों ने प्रतिदिन 10 से 15 किलोमीटर तक की दूरी तय कर बालको संचालित कोचिंग सेंटर में भाग लिया और कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी तैयारे जारी रखी। संस्थान द्वारा उपलब्ध कराए गए सहयोगपूर्ण और प्रेरणादायक वातावरण ने उनके आत्मविश्वास को मजबूत किया और उन्हें अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने की नई दिशा दी। आर्थिक सीमाएं, दूर-दराज से रोज़ाना यात्रा और संसाधनों की कमी उनके लिए बड़ी चुनौती थीं, लेकिन आगे बढ़ने का जज़्बा सभी में समान था।

किसान परिवार से आने वाली अनुपा के लिए सीमित संसाधनों के कारण प्रतियोगी परीक्षाएं कभी एक दूर का सपना हुआ करती थीं। यह सपना तब साकार होने लगा, जब उन्हें बालको कनेक्ट कोचिंग पहल द्वारा संचालित भोरमदेव विद्यापीठ कोचिंग कार्यक्रम से जुड़ने का अवसर मिला। कवर्धा जिले के छोटे से गांव मंझोली से निकलकर अनुपा ने अपने समाज की पहली बेटी बनकर सरकारी परीक्षा में सफलता हासिल की है। उन्होंने एसएससी-जीडी परीक्षा के माध्यम से सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में चयन पाकर एक नई मिसाल कायम की है।

अनुपा कहती हैं कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से सरकारी परीक्षा की तैयारी करना आसान नहीं होता, खासकर तब जब संसाधन और सही मार्गदर्शन उपलब्ध न हों। बालको के कनेक्ट कोचिंग पहल द्वारा समर्थित भोरमदेव विद्यापीठ कार्यक्रम ने मुझे एक व्यवस्थित वातावरण, निरंतर मेंटरशिप और अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहने का आत्मविश्वास दिया। मैं बालको की बेहद आभारी हूं कि उन्होंने यह केंद्र शुरू किया और मुझ जैसी छात्राओं पर भरोसा किया। इस अवसर ने मेरी ज़िंदगी बदल दी है और मुझे उम्मीद है कि मेरे जैसे गांवों की और भी बेटियां बड़े सपने देखने का साहस करेंगी।

चयनित युवाओं ने अपनी सफलता का श्रेय बालको सामुदायिक विकास तथा भोरमदेव विद्यापीठ के शिक्षकों और प्रबंधन को देते हुए आभार व्यक्त किया है। साथ ही उन्होंने नौकरी के साथ-साथ भविष्य में उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रखने का संकल्प भी लिया है।

इन सभी की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि जब बालको की सामुदायिक विकास पहल समुदाय की वास्तविक आकांक्षाओं को समझकर काम करती हैं, तो वे केवल सफलता का रास्ता नहीं खोलतीं, बल्कि ग्रामीण भारत की बेटियों के लिए नई संभावनाओं की परिभाषा ही बदल देती हैं। सही मार्गदर्शन, संसाधन और विश्वास मिल जाए, तो ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले युवा भी अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। बालको सामुदायिक विकास भविष्य में भी ऐसे प्रतिभाशाली युवाओं को अवसर प्रदान कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और एक सशक्त एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य करता रहेगा।

Continue Reading
Advertisement

Trending