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कोरबा

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसान 31 जुलाई तक अपनी फसलों का करा सकते हैं बीमा

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कोरबा । प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना मौसम खरीफ वर्ष 2024 में कृषकों को बीमा आवरण में शामिल होने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2024 है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ फसल हेतु सिंचित व असिंचित धान, मक्का, अरहर, मूंग, मूंगफली, कोदो, कुटकी, अरहर (तुअर) फसल का बीमा कराया जा रहा है। इन फसलों का ओलावृष्टि, बेमौसम बारिश, भूस्खलन, जल भराव, बादल फटने, आकाशीय बिजली जैसे प्राकृतिक आपदाओं, कीट एवं रोगों के परिणाम स्वरूप अधिसूचित फसलों के नष्ट होने की स्थिति में किसानों को बीमा का लाभ दिया जाएगा।
उपसंचालक कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त योजना के तहत ऋणी कृषक तथा गैर ऋणी कृषक (भूधारक व बटाईदार) शामिल हो सकते है। साथ ही जिले के ऐसे कृषक जिन्होंने खरीफ वर्ष 2023 फसल के लिए वित्तीय संस्थानों से मौसमी कृषि ऋण की सीमा कृषकों के आवेदन-प्रस्ताव प्राप्त करने की अंतिम तिथि या उसके पूर्व स्वीकृत नवीनीकृत की गई हो। वे अनिवार्य आधार पर योजना में शामिल होंगे। ऐसे किसानों को एक ही अधिसूचित क्षेत्र एवं अधिसूचित फसल के लिए अलग-अलग वित्तीय संस्थानों से कृषि ऋण स्वीकृत होने की स्थिति में एक ही वित्तीय संस्थान से बीमा करवाना होगा एवं इसकी सूचना संबंधित बैंक को देनी होगी । इसी प्रकार गैर ऋणी कृषक जो स्वैच्छिक आधार पर अधिसूचित फसल उगाते हैं। अथवा योजना में शामिल होने को इच्छुक हों, वे सभी क्षेत्रीय पटवारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा सत्यापित क्षेत्र बुआई पुष्टि प्रमाणपत्र तथा अन्य अनिवार्य दस्तावेज प्रस्तुत कर योजना में सम्मिलित हो सकते है। ऐसे किसान को सुनिश्चित करना होगा कि उसे कृषि योग्य भूमि पर कृषि किये जाने के लिए प्रस्तावित अधिसूचित फसल हेतु एकल स्रोत से ही बीमा आच्छादन प्राप्त कर रहे है। उन्हें एक ही रकबे हेतु एक से अधिक बार बीमा कराने की अनुमति नहीं होगी। एक ही रकबा का दुगुना बीमा करने की स्थिति में बीमा कंपनी के पास ऐसे सभी आवेदनों को निरस्त करने का अधिकार होगा। साथ ही ऐसे कृषकों का प्रीमियम वापस किया जाएगा। उन्होंने बताया कि योजना क्रियान्वयन हेतु एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड, चयनित बीमा कंपनी है। कंपनी के जोखिमों की आच्छादन एवं अपवर्जन प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की संशोधित मार्गदर्शिका में वर्णित सभी प्रकार के जोखिम के लिए बीमा आवरण उपलब्ध होगा। जिसके अंतर्गत बाधित बोआई अथवा रोपण जोखिम में बीमाकृत क्षेत्र में कम वर्षा अथवा प्रतिकूल मौसमी दशाओं के कारण बोआई, रोपण या अंकुरण न होने से हुई नुकसान से सुरक्षा प्रदान करेगा । इसी प्रकार स्थानीयकृत आपदाएं के अंतर्गत अधिसूचित क्षेत्र में फसल को प्रभावित करने वाली ओलावृष्टि, जल भराव (धान फसल को छोड़कर) बादल का फटना और प्राकृतिक आकाशीय बिजली से व्यक्तिगत आधार पर अभिचिन्हित स्थानीयकृत जोखिमों से होने वाले क्षति से सुरक्षा प्रदान करेगा। फसल कटाई के उपरांत सुखाने अथवा छोटे बंडलों में बांध कर रखे हुए फसल को अधिकतम दो सप्ताह तक चक्रवात, चक्रवातीय वर्षा एवं बेमौसमी वर्षा से होने वाले क्षति से सुरक्षा प्रदान करेगा। युद्ध, नाभिकीय जोखिमों से होने वाली हानियों, दुर्भावना-जनित क्षतियों और अन्य निवारणीय जोखिमों को इसमें शामिल नहीं किया गया है।
खरीफ फसल के लिए कृषक द्वारा देय प्रीमियम बीमित राशि का 2 प्रतिशत है। मक्का के लिए बीमित राशि प्रति हेक्टेयर 36 हजार और किसान द्वारा देय प्रीमियम प्रति हेक्टेयर 720 रूपये है। इसी प्रकार धान सिंचित के लिए बीमित राशि प्रति हेक्टेयर 60 हजार व किसान द्वारा देय प्रीमियम प्रति हेक्टेयर 1200 रूपये, धान असिंचित के लिए बीमित राशि प्रति हेक्टेयर 43 हजार व किसान द्वारा देय प्रीमियम प्रति हेक्टेयर 860 रूपये, मूंग के लिए बीमित राशि प्रति हेक्टेयर 22 हजार रूपए व किसान द्वारा प्रीमियम प्रति हेक्टेयर 440 रूपए, उड़द के लिए बीमित राशि प्रति हेक्टेयर 22 हजार व देय प्रीमियम प्रति हेक्टेयर 440 रूपये, अरहर के लिए बीमित राशि प्रति हेक्टेयर 35 हजार रुपए देय प्रीमियम प्रति हेक्टेयर 700 रूपये, कोदो के लिए बीमित राशि प्रति हेक्टेयर 16 हजार व किसान द्वारा देय प्रीमियम प्रति हेक्टेयर 320 रूपए, मूंगफली के लिए बीमित राशि प्रति हेक्टेयर 42 हजार व देय प्रीमियम प्रति हेक्टेयर 840 रूपये एवं रागी (मड़वा)  के लिए बीमित राशि प्रति हेक्टेयर 15 हजार व किसान द्वारा देय प्रीमियम प्रति हेक्टेयर 300 रूपए निर्धारित है।
योजनांतर्गत ऋणी कृषक अनिवार्य रूप से एवं अऋणी कृषक ऐच्छिक रूप से लाभ ले सकते हैं। पंजीकरण के लिए अंतिम तिथि 31 जुलाई 2024 नियत है। पंजीयन हेतु कृषक बी-वन खसरा, वन पट्टा, ऋण पुस्तिका की छायाप्रति, आवेदन पत्र, बैंक पास बुक, आधार कार्ड की छायाप्रति, बोवाई प्रमाण पत्र (ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी/पटवारी द्वारा प्रमाणित) जैसे अनिवार्य दस्तावेजों के साथ अपने नजदीकी बैंक शाखा, प्राथमिक कृषि सेवा सहकारी समिति, लोक सेवा केंद्र, बीमा कंपनी या पोस्ट ऑफिस के माध्यम से अपनी फसलों का बीमा करवा सकते हैं। किसान अधिक जानकारी हेतु विकासखण्डों में संचालित कृषि कार्यालयों से संपर्क कर सकते हैं।

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बांकीमोंगरा क्षेत्र का निगरानी बदमाश धरम पुलिस के गिरफ्त में,,, 40 से अधिक अपराध दर्ज बांकी थाने में, इस बार कर दी 40 लाख का लोहा चोरी….देखे पूरी खबर

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संवाददाता साबीर अंसारी

बांकी मोंगरा :- कुछ माह पहले दिनांक 17 फरवरी को प्रार्थी अनीश कुमार सिंह पिता शतेन्द्र सिंह निवासी कटघोरा स्थाई पता सुल्तानपुर उत्तरप्रदेश ने थाना बाँकी मोगरा पहुंच लिखित शिकायत दर्ज कराया कि आर. एस. इन्फा प्रोजेक्ट कंपनी द्वारा सुराकछार से सेन्दुरगढ़ पसान तक निर्माणाधीन रेलवे लाईन में ओवर हेड इलेक्ट्रिकल विद्युत पोल गड़ाकर विद्युत लाईन बिछाकर कार्य किया जा रहा था जिसमें चोरी द्वारा बड़ी मात्रा में समानों की चोरी कर ली गई है जिसकी मशरूका लगभग 42 लाख रुपए है ।

चोरी की गई समान में लगभग 100 नग रेलवे विद्युत खंभा और लोहे के अन्य बहुत सारे समान चोरी कर ली गई है जो बांकी 04 नंबर बायपास रोड किनारे स्थित वैचिंग प्लांट के पास डम्प कर रखा गया था ।

शिकायत के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी बाँकी मोगरा चमन लाल सिंहा ने घटना की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दिया जिनके दिशा निर्देश पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध अपराध क्र. 35/2026 धारा 303 (2), 3 (5) बीएनएस पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया, विवेचक सउनि चन्द्रशेखर वैष्णव के विवेचना के दौरान प्रकरण में चोरी गई मशरूका रेलवे विद्युत खंभा का थाना अकलतरा में धारा 106 बीएनएस के प्रकरण में ट्रक क. सीजी 10 आर 1744 के साथ जप्त होने की जानकारी प्राप्त हुई जो प्रार्थी गवाहों के साथ जाकर तस्दीक किया गया जो सही पाया गया ।

ट्रक वाहन स्वामी से पूछताछ पर बताया गया कि धरम सिंह राजपूत निवासी बांकीमोंगरा एवं फिरोज उर्फ राजा खान निवासी कुसमुण्डा के द्वारा उक्त ट्रक को कोयला ट्रांसपोर्टिंग हेतु किराये में लिया गया था, पर वाहन का चालक अशोक चौहान उन आरोपियों के साथ मिलकरउसमें चोरी का सामान ले गए थे।

निगरानी बदमाश आरोपी धरम राजपूत पर बांकी थाने में पूर्व से अब तक लगभग 40 अपराधिक मामले दर्ज है, जिसमें चोरी, डकैती, लूटपाट, गोली कांड, लोहा चोरी, कोयला चोरी जैसी बहुत सारे संगीन मामले दर्ज है।

आरोपी फिरोज उर्फ राजा खान जो पूर्व में डीज़ल चोरी का सरगना एवं महारत हासिल कर चुका है ।

आरोपियों की जानकारी के बाद आरोपी धरम राजपूत और फिरोज उर्फ राजा खान फरार चल रहे थे, 13/05/2026 को स्थाई वारंट पता तलाश हेतु टीम गठित कर ग्राम पाली रवाना किया गया था जहां मुखबीर के सूचना पर प्रकरण के आरोपी धरम सिंह राजपूत एवं राजा खान उर्फ फिरोज को हिरासत में ले लिया गया और थाना लाकर पूछताछ किया गया जिसमें दोनों आरोपियों ने चोरी की घटना करना स्वीकार कर लिया, आरोपी धरम सिंह राजपूत के निशादेही पर अपराध में प्रयुक्त गैस सिलेण्डर, कटर को जप्त किया गया एवं आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर माननीय न्यायालय कटघोरा में पेश किया गया जहां से दोनों आरोपियों को उपजेल कटघोरा में दाखिल कर दिया गया है।

मिली जानकारी अनुसार रेलवे का सामान चोरी करने के बाद उसे खपाने चांपा की ओर गए थे जहां इतने संख्या में चोरी का सामान खपत न होने के कारण उसका सारा चोरी का सामान आरोपियों के द्वारा अमरताल के नहर में पलटी कर दिया गया था जहां से उस सामान को अकलतरा थाना द्वारा कब्जे में लिया गया था जो अब अकलतरा थाने में जप्त है।

उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी बांकीमोंगरा निरीक्षक चमन सिन्हा, सउनि चन्द्रशेखर वैष्णव, नरेन्द्र टेकाम, प्र.आर. राजेश कंवर, आर. रोहित राठौर, आर. हरीश मरावी, आर रघुवीर प्रताप की भूमिका सराहनीय रही।

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गिधौरी में सुशासन तिहार का सफल आयोजन, हितग्राही हुए लाभान्वित

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 43 आवेदनों का हुआ त्वरित निराकरण

कोरबा। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु ग्राम पंचायत गिधौरी में सुशासन तिहार 2026 का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण शिविर में करतला जनपद पंचायत क्षेत्र के कुल 14 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया, जिनमें गिधौरी, तुमान, औराई, चिकनीपाली, दादरकला, ढोंढातराई, फत्तेगंज, गाड़ापाली, जुनवानी, लबेद, लीमडीह, पकरिया, पठियापाली एवं सुपातराई शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान कुल 627 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 43 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया।  

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद पंचायत करतला की अध्यक्ष श्रीमती अशोका बाई कंवर उपस्थित रहीं। उनके साथ उपाध्यक्ष मनोज कुमार झा और जनपद सदस्यगण बेदराम चन्द्राकर, श्रीमती नीता यादव, श्रीमती देवी बाई राजवाड़े एवं विश्राम सिंह भी सम्मिलित हुए। स्थानीय सरपंच श्रीमती विज्ञानी कंवर सहित क्लस्टर के अन्य सरपंचों ने भी इस आयोजन में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।  

शिविर में विभिन्न विभागों की योजनाओं के माध्यम से हितग्राहियों को सीधे लाभान्वित किया गया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत उत्कृष्ट आवास निर्माण हेतु श्रीमती संतोषी बाई कंवर, श्रीमती राधिका वैष्णव, संजीव राजीव कुमार एवं प्यारेलाल साहू को सांकेतिक चाबियाँ सौंपी गई। समाज कल्याण विभाग द्वारा भगत राम को बैसाखी और रतिराम को श्रवण यंत्र प्रदान किया गया। कृषि विभाग की शाकंभरी योजना के तहत दीनदयाल यादव को विद्युत पंप और मत्स्य विभाग द्वारा सुक्रांति बाई को आइस बॉक्स का वितरण किया गया। साथ ही, खाद्य विभाग द्वारा गायत्री कंवर, भुरी कुमारी, सुरेश कुमार और शीतल बाई सहित अन्य पात्र हितग्राहियों को नए राशन कार्ड वितरित किए गए।  

स्वास्थ्य के क्षेत्र में विशेष पहल करते हुए टीबी मुक्त घोषित पंचायतों, जिनमें गाड़ापाली, लबेद, लीमडीह और पकरिया शामिल हैं, के सरपंचों को गांधी जी मोमेंटो एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही टीबी मरीजों को पोषण सहायता के लिए फूड बॉक्स का वितरण भी किया गया। अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि इस आयोजन से शासन की योजनाओं की जानकारी और पहुँच आम लोगों तक बढ़ी है, जिससे समस्याओं के निराकरण में तेजी आई है। इस अवसर पर जनपद सीईओ वैभव कौशिक, अन्य अधिकारी कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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पीपीएचटी प्रवेश परीक्षा 21 मई को, जिले के दो केंद्रों में 573 परीक्षार्थी होंगे शामिल

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कोरबा। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल, रायपुर द्वारा आयोजित पीपीएचटी प्रवेश परीक्षा 21 मई को प्रातः 10.00 बजे से अपरान्ह 01.15 तक जिले के 02 परीक्षा केन्द्रों में संपन्न होगी, जिसमें कुल 573 परीक्षार्थी शामिल होगें। परीक्षा के सफल संचालन हेतु व्यापम के निर्देशों के तहत् सभी आब्जर्वर, केन्द्राध्यक्ष एवं उड़नदस्ता दल को विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया है। परीक्षा में सम्मिलित होने वाले परीक्षार्थीओं के लिए निर्देश जारी किया गया है।
परीक्षार्थियों के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। परीक्षा केंद्र का मुख्य द्वार सुबह 09.30 बजे बंद कर दिया जाएगा। परीक्षार्थी को परीक्षा प्रारंभ होने के कम से कम दो घंटे पूर्व परीक्षा केंद्र में पहुंचना होगा, वहीं पुलिसकर्मी ढाई घंटे पूर्व अनिवार्य रूप से पहुंचेगे ताकि मेटल डिटेक्टर एवं फ्रिस्किंग जांच सुचारू रूप से की जा सके।
निर्देशानुसार परीक्षार्थी हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनेंगे तथा फुटवियर में केवल चप्पल की अनुमति होगी। कान में किसी भी प्रकार का आभूषण वर्जित रहेगा। परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, पर्स, पाउच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी इत्यादि ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
अनुचित साधनों के प्रयोग पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी और अभ्यर्थिता समाप्त कर दी जाएगी। धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहनावा रखने वाले अभ्यर्थियों की अतिरिक्त सुरक्षा जांच की जाएगी। परीक्षा को नकलमुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड द्वारा सभी परीक्षा केंद्रों में जैमर लगाए गए हैं।
जिला प्रशासन ने सभी परीक्षार्थियों से निर्देशों का पालन करने एवं समय से उपस्थित रहने की अपील की है।

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