कोरबा
कोरबा में हाथियों का आतंक जारी : बालको क्षेत्र के गढ़कटरा में घर में सो रही महिला को मारा, अब तक चार की मौत

कोरबा। कोरबा में हाथी ने एक बार फिर घर पर सो रही महिला को दौड़ा कर और दो मवेशियों को मौत के घाट उतारा। अब तक चार लोगों को मौत के घाट उतार चुका है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
कोरबा जिले के बालको वनांचल क्षेत्र में हाथी ने कुचल कर पहाड़ी कोरवा महिला और दो मवेशियों को मौत के घाट उतार दिया। घटना बालको वन परिक्षेत्र पंचायत माखुरपानी गांव गढकटरा की है। इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार के देर रात की घटना बताई जा रही है जहां पर हलाई बाई पहाड़ी कोरवा (75 वर्ष) अपने मकान में सो रही थी इसी बीच दंतैल हाथी ने हमला कर मौत घाट उतार दिया। सूचना मिलते ही सरपंच एवं वन विभाग की टीम घटना स्थल पर पहुंची और घटनाक्रम की जानकारी लेते हुए हाथी का रेस्कयू शुरू किया।
बताया जा रहा है कि दंतैल हाथी पाली वन मंडल में एक बुजुर्ग को मौत घाट उतारने के बाद बालकों की वन परिक्षेत्र में पहुंच गया है जहां शुक्रवार की रात उसने आतंक मचा है और यहां पहुंचते ही एक महिला और दो मवेशियों को मौत के घाट उतार दिया।
बताया जा रहा है कि 75 वर्षीय पहाड़ी कोरबा हलाई बाई घर पर सो रही थी इस दौरान अचानक से हाथी का दहाड़ सुन कर वो घर पर छुपी हुई थी वही किसी तरह वह हाथी को देख भाग रही थी इस दौरान हाथी ने हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया वही दो मवेशियों को भी उसने मार दिया। इस घटना के बाद आसपास रहने वाले लोग भी दहशत में आ गए और किसी तरह रात भर डर के साए में जीने को मजबूर थे इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दी गई जहां वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच घटनाक्रम की जानकारी ली और आसपास गांव में मुनादी कराई गई लाउडस्पीकर के माध्यम से हाथी के पीछे-पीछे वहां जा रही थी और लोगों को अलाउंस कर चेतावनी दे रही थी कि गांव में हाथी आया है घर से बाहर न निकले वही जंगल की ओर न जाए।
बालको रेंजर जैन सरकार ने बताया कि रात के वक्त सूचना मिलते हि बीट गार्ड और वन विभाग की तीन मौके पर पहुंची और घटनाक्रम की जानकारी ली गई है वन हमला मौके पर मौजूद है और हाथी पर नजर बनाए रखे हुए हैं।
आपको बता दे हाथी पिछले एक माह से कोरबा जिले के पाली वन परिक्षेत्र में दो लोगों को पहले मौत के घाट उतारा उसके बाद जांजगीर चापा जिले के पंतोरा जंगल में कई दिनों तक डेरा डाला हुआ था उसे रेस्कयू पर खड़े रहने अचानक मार्ग से एक महावत और कुमुदनी हाथी को लाया गया था जो कंट्रोल नहीं होने पर वापस एक सप्ताह बाद लौट गई।पंतोरा जंगल से होते हुए वह बिलासपुर वन मंडल पहुंचा उसके बाद पाली वन मंडल में एक को मौत के घाट उतारा और अब बालको वन मंडल में आतंक मचाया हुआ है।
पिछले एक माह से हाथी जिले में आतंक मचा रहा है वन विभाग तमाम प्रयास कर रही है लेकिन उसके बावजूद भी हाथी का रेस्कयू कर उसे सुरक्षित जंगल में नहीं भेजा जा सका कहीं न कहीं चार लोगों की मौत वन विभाग की एक बड़ी लापरवाही को उजागर करता है।
कोरबा
श्रद्धा महिला मंडल, एसईसीएल बिलासपुर द्वारा वृद्धाश्रम में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन
बिलासपुर/कोरबा। श्रद्धा महिला मंडल, एसईसीएल बिलासपुर द्वारा दिनांक 08 जून 2026 को माता रानी की कुटिया वृद्धाश्रम में निवासरत वृद्ध महिलाओं के लिए एक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम श्रद्धा महिला मंडल की अध्यक्षा एवं एसईसीएल परिवार की प्रथम महिला श्रीमती शशि दुहन के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।
इस अवसर पर मंडल की आदरणीय उपाध्यक्षगण भी उपस्थित रहीं। सभी ने वृद्धाश्रम में रह रही वृद्धजनों से आत्मीय संवाद कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा उनका उत्साहवर्धन किया।

शिविर में* डॉ पारुली साहू एवं उनकी टीम द्वारा 25 वृद्धजनों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक परामर्श एवं मार्गदर्शन प्रदान किया* गया। शिविर में रक्तचाप (BP), नाड़ी (Pulse), CBC, RBS, HbA1c, लिवर प्रोफाइल, किडनी प्रोफाइल एवं लिपिड प्रोफाइल सहित विभिन्न जांचें निःशुल्क की गईं। स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत जरूरतमंद महिलाओं को निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया।
कार्यक्रम के दौरान श्रीमती शशि दुहन ने वृद्धाश्रम की महिलाओं को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया तथा उनके स्वास्थ्य की नियमित देखभाल हेतु प्रतिमाह स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित करने की घोषणा की।
शिविर के उपरांत वृद्धाश्रम में निवासरत 25 बुजुर्गों को पौष्टिक नाश्ता एवं फल की टोकरियाँ वितरित की गईं, जिससे उनके प्रति स्नेह, सम्मान एवं अपनत्व का भाव व्यक्त किया जा सके।
इस सेवा कार्य में समिति की सदस्याओं ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई।
यह स्वास्थ्य शिविर श्रद्धा महिला मंडल की सामाजिक सेवा, करुणा एवं जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का एक सराहनीय प्रयास रहा, जिससे वृद्धाश्रम की महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ प्राप्त हुआ तथा उनमें सुरक्षा एवं अपनत्व की भावना का संचार हुआ।
कोरबा
क्षतिग्रस्त और अधूरी पुलिया-एप्रोच रोड से बारिश में आवाजाही होगी बाधित, ग्रामीणों को घूमकर जाना पड़ेगा
कोरबा। क्षतिग्रस्त व अधूरी पुलिया-एप्रोच रोड से बारिश में फिर से आवाजाही बाधित होगी। इससे उपनगर बांकीमोंगरा, हरदीबाजार, चैतमा के ग्रामीणों को वैकल्पिक सड़क से घूमकर जाना पड़ेगा। बारिश में संपर्क टूटने पर स्कूली छात्रों, कामकाजी लोगों को सबसे अधिक परेशानी होगी, जो सड़क मार्ग से रोज आवाजाही करनी पड़ती है। हरदीबाजार से नेवसा, उतरदा, सिल्ली, बोईदा, निरतु की ओर आवाजाही के लिए लीलागर नदी पर बनी पुरानी पुलिया की ऊंचाई कम है। 24 घंटे से भी कम बारिश में नदी का जलस्तर बढ़ने पर पुलिया के ऊपर से पानी बहता है। इससे गांवों को संपर्क टूटने पर सबसे अधिक परेशानी नेवसा समेत आसपास गांवों के स्कूली छात्रों को होती है, जो हरदीबाजार व दीपका के स्कूलों में पढ़ाई करते हैं। यह सड़क हरदीबाजार को बलौदा सीपत व मस्तूरी से भी जोड़ती है, इस कारण यात्री बसें भी मार्ग से गुजरती है।

हरदीबाजार से नेवसा की दूरी लीलागर नदी का पुलिया पारकर 2 किलोमीटर है। वहीं रतिजा की ओर से बायपास सड़क से आवाजाही पर 5 किलोमीटर दूरी पड़ेगी। पुलिया की कम ऊंचाई के मद्देनजर नया पुल का निर्माण कराया है, जो बनकर तैयार हो गया है, लेकिन पुल के दोनों ओर की एप्रोच रोड अब तक नहीं बनाया है। सड़क पर मिट्टी पड़ी है। नौतपा की विदाई से मानसून भी अब करीब है। आने वाले दिनों प्री-मानसून बारिश की संभावना है। एप्रोच रोड को पुल के लेवल के हिसाब से निर्माण नहीं कराने पर वाहनों से आवाजाही मुश्किल होगी। पिछले साल बारिश में पश्चिम क्षेत्र बांकीमोंगरा के + लीलागर नदी पर निर्मित पुल का अधूरा एप्रोच रोड।
कोरबा
लो वोल्टेज और कटौती पर ग्रामीणों का हल्लाबोल
कोरबा/पाली। 5 ग्राम पंचायतों में बिजली आपूर्ति की लचर व्यवस्था पर ग्रामीणों ने पाली सब स्टेशन कार्यालय में जमकर नारेबाजी की। लगभग 2 घंटे धरना देने के बाद पुलिस शासन की मौजूदगी में सब स्टेशन के बिजली अफसरों के साथ परिसर में ही वार्ता हुई। इसके बाद ग्रामीणों का आंदोलन समाप्त हुआ। सब स्टेशन कार्यालय के निकट से ग्रामीणों ने रैली की शक्ल में बिजली दफ्तर पहुंचे। इस दौरान गांवों में बिजली कटौती व लो वोल्टेज का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने कहा कि अनाफ-शनाफ बिजली बिल भेजा रहा है। खराब पड़े ट्रांसफार्मर को बदलने में ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

सिल्ली, परसदा, शिवपुर, निरधी, पोलमी पंचायत के गांवों के हजारों उपभोक्ता लो वोल्टेज व बिजली कटौती से परेशान हैं। कई बार मौखिक व लिखित शिकायत के बाद भी अफसरों ने ध्यान नहीं दिया। दफ्तर परिसर में ग्रामीणों के साथ बिजली अधिकारियों की वार्ता हुई। उनकी बिजली संबंधी समस्याओं के निराकरण का भरोसा दिलाया। इसके बाद ग्रामीणों ने आंदोलन स्थगित कर दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर यदि 10 दिनों के भीतर समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो चक्काजाम आंदोलन करने मजबूर होंगे।
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