छत्तीसगढ़
माँ महामाया एयरपोर्ट अंबिकापुर के शुरू होने से जुड़ा सीधे बड़े शहरों से
रायपुर,।


महामाया एयरपोर्ट अंबिकापुर से आज रायपुर के लिए उड़ान भरेगी l
माँ महामाया एयरपोर्ट अंबिकापुर से उड़ान का प्रस्तावित कार्यक्रम निर्धारित है, जिसके अनुसार प्रस्तावित उड़ान अनुसार अंबिकापुर से→ बिलासपुर से उड़ान सोमवार, शुक्रवार को दिल्ली → जबलपुर →जगदलपुर
→बिलासपुर→दिल्ली के लिए उड़ान भरना प्रस्तावित है l इसी प्रकार मंगलवार, गुरुवार को अंबिकापुर से→ कोलकाता→बिलासपुर → कोलकाता से,*मंगलवार, गुरुवार को अंबिकापुर से→ दिल्ली → प्रयागराज → बिलासपुर→ प्रयागराज →दिल्ली के लिए उड़ान भरना प्रस्तावित है l
बुधवार को अंबिकापुर से→दिल्ली→ बिलासपुर → जगदलपुर → जबलपुर →दिल्ली के लिए,*शनिवार को अंबिकापुर से→दिल्ली→ बिलासपुर → जबलपुर→ बिलासपुर→दिल्ली के लिए और रविवार को अंबिकापुर से→ दिल्ली→ जगदलपुर→ बिलासपुर → जगदलपुर → दिल्ली के लिए माँ महामाया एयरपोर्ट अंबिकापुर से उड़ान भरना प्रस्तावित है l
माँ महामाया एयरपोर्ट अंबिकापुर से हवाई उड़ान प्रारम्भ होने से आम नागरिक अब देश के अनेकों स्थानों सीधे हवाई सेवा जुड़ सकेंगे l
छत्तीसगढ़
रायपुर : विशेष लेख : अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026: स्वस्थ जीवन और विकसित भारत का आधार बनेगा योग
योग फॉर हेल्दी एजिंग: स्वस्थ और सक्रिय जीवन की दिशा में एक कदम
- डॉ. दानेश्वरी सम्भाकर , उप संचालक, जनसंपर्क

भारत में प्राचीन काल से ही योग हमारी जीवनशैली और संस्कृति का अभिन्न अंग रहा है। ऋषि-मुनियों, योगियों और संतों ने योग के माध्यम से स्वस्थ शरीर, शांत मन और आध्यात्मिक चेतना का मार्ग दिखाया। भारतीय ज्ञान परंपरा की यह अमूल्य धरोहर आज विश्वभर में स्वास्थ्य और कल्याण का पर्याय बन चुकी है। इसी विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता प्रदान की, जो आज विश्वव्यापी जनआंदोलन का स्वरूप ले चुका है।
वर्ष 2026 के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” (स्वस्थ एवं सक्रिय वृद्धावस्था के लिए योग) रखी गई है। यह थीम योग के माध्यम से जीवन के प्रत्येक चरण में शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का संदेश देती है। योग न केवल रोगों से बचाव का प्रभावी माध्यम है, बल्कि स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली की आधारशिला भी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके नेतृत्व में योग आज विश्व के करोड़ों लोगों के जीवन का हिस्सा बन चुका है। प्रधानमंत्री का मानना है कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि व्यक्ति, समाज और प्रकृति के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाली जीवन पद्धति है। योग व्यक्ति को स्वस्थ बनाकर परिवार समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाने का माध्यम बनता है इस वर्ष राष्ट्रीय स्तर का मुख्य आयोजन कोलकाता में आयोजित किया जा रहा है जहां प्रधानमंत्री स्वयं योगाभ्यास का नेतृत्व करेंगे।
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का राज्य स्तरीय मुख्य समारोह अंबिकापुर में आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय स्वयं योगाभ्यास में सहभागिता करेंगे और प्रदेशवासियों को नियमित योग अपनाकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश देंगे। राज्य सरकार द्वारा योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विभिन्न विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, पंचायतों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय का मानना है कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति हैं। योग शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक संतुलन, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास को भी बढ़ाता है। यही कारण है कि राज्य सरकार स्वास्थ्य संवर्धन और जनजागरूकता अभियानों में योग को विशेष महत्व दे रही है।
प्राकृतिक संसाधनों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिपूर्ण छत्तीसगढ़ में योग का संदेश लोगों के जीवन से सहज रूप से जुड़ता है। प्रदेश के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवनशैली योग के मूल सिद्धांतों को प्रतिबिंबित करती है। विद्यालयों, महाविद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और शासकीय संस्थानों में नियमित योग गतिविधियों के माध्यम से स्वस्थ समाज निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं।
वर्तमान समय में बढ़ते तनाव, अनियमित जीवनशैली और विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के बीच योग एक सरल, सुलभ और प्रभावी समाधान के रूप में उभरा है। नियमित योगाभ्यास शरीर को निरोग, मन को शांत और जीवन को संतुलित बनाता है। यह व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान कर जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता विकसित करता है।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 हमें यह संकल्प लेने का अवसर देता है कि योग को केवल एक दिवस का आयोजन न मानकर दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं। स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए योग को अपनाना समय की आवश्यकता है। आइए, योग के माध्यम से स्वस्थ छत्तीसगढ़, विकसित भारत और समृद्ध विश्व के निर्माण में अपना योगदान दें।
कोरबा
प्रधानमंत्री आवास योजना के अधूरे आवासों को शीघ्र पूरा करे सरकार – जयसिंह अग्रवाल
कोरबा। पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा लगातार यह दावा किया जा रहा है कि गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके लिए बड़ी संख्या में आवास स्वीकृत किए जाने तथा हितग्राहियों को राशि प्रदान करने की बात कही जा रही है, किंतु जमीनी स्तर पर स्थिति इससे बिल्कुल विपरीत दिखाई दे रही है।

कोरबा जिले में लगभग 1000 ऐसे हितग्राही परिवार हैं, जिनके आवास निर्माण कार्य की शुरुआत तो हो चुकी है तथा प्रथम किस्त की राशि भी प्राप्त हो चुकी है, लेकिन इसके बाद की किस्तें लंबे समय से जारी नहीं की गई हैं। परिणामस्वरूप उनके मकान अधूरे पड़े हुए हैं और निर्माण कार्य पूरी तरह से ठप हो गया है। कई हितग्राहियों ने अपने पुराने मकानों को तोड़कर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नए आवास का निर्माण प्रारंभ किया था। अब राशि के अभाव में उनके घर अधर में लटके हुए हैं, जिससे उन्हें रहने की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही आर्थिक संकट भी लगातार गहराता जा रहा है।
श्री अग्रवाल ने आगे कहा कि यदि शासन के पास वित्तीय संसाधनों की कमी है तो, पहले से स्वीकृत एवं निर्माणाधीन आवासों को पूर्ण करने की प्राथमिकता तय की जानी चाहिए। वर्तमान में सरकार द्वारा लगातार नए आवासों की घोषणाएं की जा रही हैं, जबकि पहले से शुरू किए गए हजारों गरीब परिवारों के आवास अधूरे पड़े हुए हैं।
सरकार को नए वादे और घोषणाएं करने से पहले उन गरीब परिवारों की चिंता करनी चाहिए जो वर्षों से अपनी अगली किस्त की प्रतीक्षा कर रहे हैं। शासन से मांग है कि लंबित किश्तों का तत्काल भुगतान कर अधूरे आवासों का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए, ताकि गरीब परिवारों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक आवास उपलब्ध हो सके।
स.क. नाम मोबाईल नं. वार्ड नं. पेमेन्ट स्थिति
1 सोमनाथ महतो 9630548486 19 द्वितीय किस्त
2 सोनकुमारी यादव 8959193699 04 द्वितीय किस्त
3 पिंकी देवी साव 6266968367 36 द्वितीय किस्त
4 रीना राजपुत 7880108046 19 द्वितीय किस्त
5 राधा बाई 9630772712 19 द्वितीय किस्त
6 मीनी देवी 8817956576 01 तृतीय किस्त
7 बीना विश्वकर्मा 9098139729 04 तृतीय किस्त
8 युगल किशोर बरेठ 9893657303 19 तृतीय किस्त
9 शैल बरेठ 9826853464 20 तृतीय किस्त
10 मन्नू विश्वकर्मा 8827339741 04 तृतीय किस्त
11 राजू निषाद 7809336023 19 द्वितीय किस्त
12 सुष्मा टोप्पो 8817092859 36 द्वितीय किस्त
13 कौशल्या केवट — 10 द्वितीय किस्त / तृतीय किस्त
14 सीता बाई यादव — 10 द्वितीय किस्त
15 पुंष्पा चौहान — 10 द्वितीय किस्त
16 कमला कुम्हार — 10 तृतीय किस्त
17 शिव कुमार साहू — 10 द्वितीय किस्त
18 कृष्णा बाई निर्मलकर 7725099238 22 द्वितीय किस्त / तृतीय किस्त
ऐसे अनेक परिवार हैं जो दूसरी एवं तीसरी किस्त के लिए लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं । बरसात सर पर है और प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के सर पर छत नहीं है । राज्य सरकार इन हितग्राहियों को शीघ्र राशि उपलब्ध कराये जिससे ये अपना घर बना सके ।
छत्तीसगढ़
रायपुर : छत्तीसगढ़ के पर्यटन रिसॉर्ट्स में मिलेगा विश्वस्तरीय भोजन
आतिथ्य सेवाओं को उत्कृष्ट बनाने के लिए आईएचएम रायपुर का विशेष प्रशिक्षण संपन्न




रायपुर। छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों पर आने वाले सैलानियों को अब वैश्विक स्तर का खान-पान और शानदार आतिथ्य अनुभव मिलेगा। इस दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के रिसॉर्ट कर्मचारियों के लिए आयोजित द्वितीय कलिनरी स्किल प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (आईएचएम) नवा रायपुर द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राज्य के पर्यटन रिसॉर्ट्स की सेवाओं को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अपग्रेड करना है।

आधुनिक पाक कला और स्वच्छता मानकों का मिला व्यावहारिक ज्ञान
इस प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न रिसॉर्ट्स से आए कर्मचारियों को आधुनिक कुकिंग तकनीकों, फूड प्रेजेंटेशन (खाद्य प्रस्तुतीकरण), लागत नियंत्रण और रसोई संचालन (किचन मैनेजमेंट) के गुर सिखाए गए। साथ ही, पर्यटकों की सेहत और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हाइजीन (स्वच्छता) एवं खाद्य सुरक्षा मानकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। आईएचएम रायपुर के अनुभवी संकाय सदस्यों और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को भारतीय, क्षेत्रीय और समकालीन व्यंजनों को तैयार करने की बारीकियां सिखाईं।
आतिथ्य सेवाओं से मजबूत होगी छत्तीसगढ़ की राष्ट्रीय पहचान- डॉ. भारती दासन
आईएचएम रायपुर परिसर में आयोजित समापन एवं प्रमाण-पत्र वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारती दासन उपस्थित रहे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पर्यटन उद्योग में गुणवत्तापूर्ण भोजन और उत्कृष्ट सेवाएं किसी भी पर्यटक के सफर को यादगार बनाती हैं। यदि प्रशिक्षित कर्मचारी इन तकनीकों को अपने रिसॉर्ट्स में लागू करेंगे, तो इससे न केवल पर्यटकों की संतुष्टि बढ़ेगी बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ के पर्यटन की प्रतिष्ठा और मजबूत होगी।
बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच सर्विस क्वालिटी ही सफलता की कुंजी- विवेक आचार्य
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक तथा आईएचएम रायपुर के प्राचार्य विवेक आचार्य ने कौशल विकास के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के इस दौर में सेवाओं की गुणवत्ता ही सबसे बड़ा अंतर पैदा करती है। यह प्रशिक्षण कर्मचारियों में नवाचार, दक्षता और व्यावसायिकता लाने में मील का पत्थर साबित होगा।
यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल और आईएचएम रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। समापन समारोह में पर्यटन मंडल मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न रिसॉर्ट्स के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी शामिल हुए। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले सभी प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि द्वारा प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
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