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दिल्ली विधानसभा चुनाव- सिंगल फेज में 5 फरवरी को वोटिंग:नतीजे 8 फरवरी को; डेढ़ करोड़ वोटरों के लिए 33 हजार बूथ बनाए

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नई दिल्ली ,एजेंसी। राजधानी दिल्ली में आज चुनाव आयोग विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हुआ। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए बताया कि एक ही चरण में 70 विधानसभा सीटों पर चुनाव 5 फरवरी को होंगे, जबकि नतीजे 8 फरवरी को आएंगे।  दिल्ली में कुल 70 विधानसभा सीटें हैं और मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 23 फरवरी 2025 को समाप्त हो रहा है। 

लोकतंत्र में भागीदारी बढ़ाने की रखी बात

राजीव कुमार ने जनता से लोकतंत्र में अपनी भागीदारी बढाते रहने की गुजारिश की। उन्होंने कहा, ”सभी लोग लोकतंत्र में भागीदारी बढ़ाते रहें। लोकसभा चुनाव में नया रिकॉर्ड बना है। मुझे उम्मीद है कि आने वाले समय में भी लोकतंत्र मजबूत होता रहेगा। साल 2024 चुनाव से भरा साल रहा। इस बार दिल्ली में भी बड़े पैमाने पर वोट होने की उम्मीद है।” उन्होंने आगे कहा कि चुनाव आयोग पर कई सवाल उठाए गए, लेकिन सभी शंकाएं दूर की गईं। देश में 99 करोड़ से ज्यादा मतदाता हैं।  कहा गया कि वोटर लिस्ट में गलत एंट्री हुई। धीमी मतगणना के आरोप लगाए गए। कहा गया कि ये ईवीएम इलेक्शन है।”

इन्हें मिलेगी घर से मतदान करने की सुविधा

इसके अलावा चुनाव में 85 वर्ष से अधिक आयु के तथा दिव्यांग मतदाताओं के लिए घर से मतदान की सुविधा रहेगी। मतदान में आसानी के लिए मतदान केंद्रों पर स्वयंसेवक, व्हीलचेयर तथा रैंप बनाए जाएंगे।साथ ही चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को नसीहत भी दी। राजीव कुमार ने कहा, ”चुनाव प्रचार में भाषा का ख्याल रखें। महिलाओं के खिलाफ गलत भाषा का इस्तेमाल न करें।”

अंतिम मतदाता सूची भी हुई जारी

इससे पहले चुनाव आयोग ने बीते सोमवार को दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी। इस सूची में कुल 1,55,24,858 मतदाता हैं। इनमें 85,49,645 पुरुष, 71,73,952 महिलाएं और 1,261 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। खास बात यह है कि इस बार 18 से 19 वर्ष के करीब 2 लाख युवा पहली बार अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।

मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया

चुनाव आयोग ने बताया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया के तहत आवेदन लिए जाते हैं। इसके लिए फॉर्म 6 (नाम जोड़ने) और फॉर्म 7 (नाम हटाने) का इस्तेमाल होता है। राजनीति दलों को समय-समय पर इन बदलावों की जानकारी दी जाती है।

नए मतदाता और हटाए गए नाम

आयोग के मुताबिक 29 अक्टूबर से 28 नवंबर के बीच 3,08,942 नए नाम जोड़े गए जबकि 1,41,613 नाम सूची से हटाए गए। इस तरह 1,67,329 नए मतदाता जुड़े हैं

सभी आवेदनों की जांच हुई

चुनाव आयोग ने बताया कि 16 दिसंबर से एक महीने में 5.10 लाख से अधिक नए आवेदन आए। इनमें से 3 लाख से ज्यादा नाम अंतिम सूची में जोड़े गए। सभी आवेदनों की जांच पूरी गंभीरता से की गई और अधिकारियों को हर आवेदन का सत्यापन करने का निर्देश दिया गया।

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नेपाल में भारतीय करंसी पर नए नियम लागू, जानिए कौन-से नोट होंगे मान्य और कितना ले सकेंगे कैश

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नेपाल में भारतीय करंसी पर नए नियम लागू, जानिए कौन-से नोट होंगे मान्य और कितना ले सकेंगे कैश

काठमांडू,

भारत और नेपाल के बीच यात्रा और व्यापार करने वालों के लिए अच्छी खबर है। नेपाल सरकार ने भारतीय और नेपाली नागरिकों को 9 नवंबर 2016 के बाद जारी रू.200 और रू.500 के भारतीय नोट अधिकतम रू.25,000 तक नेपाल लाने और ले जाने की अनुमति दे दी है। नेपाल राष्ट्र बैंक (NRB) ने नई अधिसूचना जारी कर इस संबंध में नियम स्पष्ट किए हैं। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि 8 नवंबर 2016 से पहले जारी रू.500 और रू.1,000 के भारतीय नोट पहले की तरह प्रतिबंधित रहेंगे। इन पुराने नोटों को नेपाल में लाने या ले जाने की अनुमति नहीं होगी।

नेपाली नागरिकों के लिए विशेष नियम
नई अधिसूचना के अनुसार, नेपाली नागरिक भारतीय मुद्रा केवल भारत से नेपाल ला सकेंगे। उन्हें भारतीय करेंसी नेपाल से किसी तीसरे देश में ले जाने की अनुमति नहीं होगी। नेपाल राष्ट्र बैंक के प्रवक्ता गुरु प्रसाद पौडेल ने कहा कि नए नियम से नेपाल आने वाले भारतीय पर्यटकों और भारत के साथ व्यापार करने वाले नेपाली नागरिकों को काफी सुविधा मिलेगी। इससे सीमा पार नकदी लेन-देन की प्रक्रिया भी सरल होगी। नई अधिसूचना के अनुसार, नेपाली नागरिक और विदेशी यात्री 5,000 अमेरिकी डॉलर या उसके बराबर विदेशी मुद्रा बिना कस्टम घोषणा के नेपाल ला सकते हैं। यदि इससे अधिक राशि लाई जाती है तो कस्टम अधिकारियों के समक्ष इसकी घोषणा करना अनिवार्य होगा। एजेंसी।

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दिल्ली-एनसीआर में खुदरा स्थलों का पट्टा जनवरी-जून में 78% बढ़ा: रिपोर्ट

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दिल्ली-एनसीआर में खुदरा स्थलों का पट्टा जनवरी-जून में 78% बढ़ा: रिपोर्ट

नई दिल्ली,

दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में इस वर्ष जनवरी-जून के दौरान शॉपिंग मॉल और खुदरा बाजारों में खुदरा दुकानों की पट्टा गतिविधि 78 प्रतिशत बढ़कर 13 लाख वर्ग फुट हो गई। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। कुशमैन एंड वेकफील्ड की रिपोर्ट कहती है कि यह वृद्धि मुख्य रूप से फैशन दुकानों, खाद्य एवं पेय (एफएंडबी) कंपनियों और डिपार्टमेंटल स्टोर के विस्तार से हुई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 की पहली छमाही में शॉपिंग मॉल में पट्टा गतिविधि मजबूत रही और इसमें सालाना आधार पर दोगुनी वृद्धि दर्ज की गई, जबकि मुख्य सड़कों पर पट्टे में चार प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। कुल पट्टा गतिविधियों में फैशन खंड की हिस्सेदारी 28 प्रतिशत रही, जबकि एफएंडबी का 16 प्रतिशत और डिपार्टमेंटल स्टोर का 12 प्रतिशत योगदान रहा।

कंपनी के अनुसार, बेहतर लोकेशन वाले मॉल और बाजार परिसरों के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ने से रिक्तता घटी है और किराया बढ़ा है। रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर बुनियादी ढांचे, आवासीय विस्तार और उपभोक्ता मांग में वृद्धि के कारण एनसीआर देश के प्रमुख संगठित खुदरा बाजारों में तेजी से उभर रहा है। एजेंसी।

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विदेशी निवेशकों का बदला मूड, ताइवान-कोरिया से पैसा निकाल भारत-चीन में कर रहे निवेश

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विदेशी निवेशकों का बदला मूड, ताइवान-कोरिया से पैसा निकाल भारत-चीन में कर रहे निवेश

मुंबई,

वैश्विक निवेशकों की रणनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर शेयरों से पैसा निकालकर विदेशी फंड अब भारत, चीन और दक्षिण-पूर्व एशियाई बाजारों के बैंकिंग, आईटी और अन्य अपेक्षाकृत स्थिर सेक्टरों में निवेश बढ़ा रहे हैं। AI निवेश से मिलने वाले रिटर्न को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच यह बदलाव एशियाई बाजारों का निवेश परिदृश्य बदलता दिख रहा है।

ब्‍लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, फिडेलिटी इंटरनेशनल, BNP Paribas और M&G Investments जैसे निवेशकों ने दक्षिण कोरिया और ताइवान के AI एवं सेमीकंडक्टर शेयरों में अपनी हिस्सेदारी कम करना शुरू किया है। विश्लेषकों का कहना है कि AI पर हो रहे भारी निवेश से मिलने वाले वास्तविक रिटर्न को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है। ऐसे में फंड मैनेजर बैंकिंग, आईटी, ई-कॉमर्स और अन्य अपेक्षाकृत कम जोखिम वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रहे हैं। विदेशी बिकवाली का असर दक्षिण कोरिया और ताइवान के शेयर बाजारों पर भी दिखा है। निवेशकों की निकासी से दोनों बाजारों में दबाव बना हुआ है और अस्थिरता बढ़ी है।

भारत और चीन विदेशी निवेशकों का केंद्र

दूसरी ओर, भारत और चीन विदेशी निवेशकों के लिए फिर आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। जुलाई के दौरान भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेश बढ़ा है, जिससे आईटी सहित कई प्रमुख सेक्टरों को समर्थन मिला। वहीं, चीन में इंटरनेट कंपनियों और बैंकिंग शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। इसके अलावा इंडोनेशिया और थाईलैंड के बाजारों में भी मजबूत तेजी देखने को मिल रही है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक निवेशक फिलहाल तेज जोखिम वाले AI शेयरों की तुलना में बेहतर मूल्यांकन और स्थिर रिटर्न वाले बाजारों में निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं।

एजेंसी।

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