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कोरबा

बालको ने कार्यस्थल की सुरक्षा को सुदृढ़ करने हेतु विभिन्न प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए

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बालकोनगर। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने कार्यस्थल पर सुरक्षा एवं सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तीन महत्वपूर्ण प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन किया। इन पहलों के माध्यम से कंपनी ने सुरक्षा मानकों को सुदृढ़ करने के साथ ही कर्मचारियों एवं परिवहन भागीदारों में सुरक्षा के प्रति उत्तरदायित्व की भावना को भी प्रोत्साहित किया।

कंपनी ने सड़क सुरक्षा को लेकर एक सत्र का आयोजन किया, जिसका उद्देश्य संयंत्र परिसर में कार्यरत विभिन्न परिवहन भागीदारों के बीच सड़क सुरक्षा जागरूकता को बढ़ाना था। इस सत्र में कोयला एवं ऐश के परिवहन से जुड़े 50 से अधिक ट्रांसपोर्ट भागीदारों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। परिवहनकर्ताओं को महत्वपूर्ण सड़क सुरक्षा उपायों से अवगत कराया गया तथा उन्हें सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुपालन के लिए प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम के अंत में विभिन्न मूल्यांकन मानकों के आधार पर चयनित कई ड्राइवरों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित भी किया गया।

परिवहन सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए कंपनी ने आईएसओ 39001: रोड ट्रैफिक सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम (आरटीएस) की शुरुआत की है। इस पहल के अंतर्गत चार दिवसीय व्यापक जागरूकता एवं प्रशिक्षण अभियान चलाया गया, जिसका उद्देश्य संगठन के भीतर सभी स्तरों पर परिवहन सुरक्षा को बेहतर बनाना है। अभियान के तहत कर्मचारियों को इंटरऐक्टिव सत्रों के माध्यम से सड़क से जुड़े जोखिमों की पहचान, कानूनी अनुपालन, और सर्वोत्तम सुरक्षा प्रथाओं पर केंद्रित प्रशिक्षण प्रदान किया गया। यह पहल कंपनी की उस सतत प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कमी लाना और सभी परिवहन गतिविधियों में मजबूत सुरक्षा संस्कृति विकसित करना है।

इसके साथ ही संभावित घटनाओं की गहराई से जांच और विश्लेषण हेतु कंपनी ने इंसिडेंट इन्वेस्टिगेशन ट्रेनिंग का आयोजन किया। इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में 90 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। यह प्रशिक्षण एक प्रोएक्टिव पहल के रूप में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य घटनाओं के मूल कारणों की पहचान करना, प्रभावी निवारक उपायों को लागू करना तथा प्रतिभागियों को आवश्यक जांच कौशल प्रदान करना था, ताकि जोखिमों को कम किया जा सके और कार्यस्थल पर सुरक्षा को बेहतर बनाया जा सके।

ये सभी जागरूकता सत्र कार्यस्थल पर सुरक्षा संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक प्रेरणादायी उदाहरण हैं, जो सतत विकास और कर्मचारी कल्याण को प्राथमिकता देने वाली बालको की नीति को दर्शाते हैं। कंपनी अपनी ‘सुरक्षा प्रथम’ नीति के तहत सुरक्षित कार्यस्थल के निर्माण के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

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कोरबा

कोरबा में 24 घंटे में दूसरी हत्या,आरोपी फरार:छोटे भाई ने खेत में काम कर रहे बड़े भाई को टांगी से उतारा मौत के घाट

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कोरबा। कोरबा जिले में 24 घंटे के भीतर हत्या की दूसरी बड़ी वारदात सामने आई है। मंगलवार (21 जुलाई) की रात बांगो थाना क्षेत्र में बड़े भाई ने छोटे भाई की हत्या की थी, वहीं बुधवार सुबह श्यांग थाना क्षेत्र के छुईमाटी गांव में छोटे भाई ने बड़े भाई पर टांगी से ताबड़तोड़ हमला कर उसकी हत्या कर दी। दोनों मामलों में हथियार टांगी ही रहा और रिश्ते भी खून के थे।

श्यांग थाना क्षेत्र के ग्राम जिल्गा के छुईमाटी गांव में राम भरोस राठिया (47) अपने घर से लगी बाड़ी में घास साफ कर रहे थे। इसी दौरान उनका छोटा भाई रामजीवन राठिया वहां पहुंचा और गर्दन पर टांगी से लगातार 6 से 7 वार कर दिए। हमले में राम भरोस की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय उनकी पत्नी सनिसो राठिया भी मौजूद थीं और उन्होंने पूरी वारदात देखी।

पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजह

पुलिस की जांच में दोनों भाइयों के बीच लंबे समय से विवाद होने की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक आरोपी रामजीवन का स्वभाव भी सनकी बताया जा रहा है। दोनों भाई एक ही गांव में आमने-सामने अलग-अलग घरों में रहते थे और खेती-किसानी करते थे।

दोनों परिवारों पर टूटा दुख

मृतक राम भरोस राठिया की पत्नी और दो बेटियां हैं, जिनमें एक की शादी हो चुकी है। वहीं आरोपी रामजीवन राठिया के परिवार में पत्नी और चार बच्चे हैं, जिनमें दो बेटे और दो बेटियां शामिल हैं।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलते ही श्यांग थाना प्रभारी लक्ष्मण खूंटे पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मृतक के बेटे राम अवतार राठिया की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी वारदात के बाद से फरार है और उसकी तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं। गांव में साक्ष्य जुटाने और लोगों के बयान दर्ज करने की कार्रवाई जारी है।

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कोरबा

23-24 जुलाई को रद्द की गई 4 मेमू ट्रेन बहाल:चार ट्रेनें अब भी रद्द रहेंगी, भाटापारा-हथबंध में ऑटो सिग्नलिंग काम होगा

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रायपुर, एजेंसी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने भाटापारा-हथबंध स्टेशनों के बीच तीसरी लाइन सेक्शन में ऑटो सिग्नलिंग के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग (एनआई) कार्य के कारण ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया है। रेलवे ने पहले जिन ट्रेनों को रद्द करने की घोषणा की थी।

इनमें से चार मेमू ट्रेनों को बहाल (रिस्टोर) कर दिया है। ये ट्रेनें अब अपने निर्धारित समय पर चलेंगी।

ये 4 ट्रेनें अब रद्द नहीं होंगी

रेलवे के संशोधित आदेश के अनुसार 23 जुलाई को चलने वाली ये ट्रेनें अब सामान्य रूप से संचालित होंगी।

  • 68728 रायपुर–बिलासपुर मेमू
  • 68734 बिलासपुर–कोरबा मेमू
  • 68733 कोरबा–बिलासपुर मेमू
  • 68719 बिलासपुर–रायपुर मेमू

अब ये ट्रेनें रहेंगी रद्द

संशोधित सूची के अनुसार अब भी ये ट्रेनें रद्द रहेंगी।

  • 23 जुलाई: 58203 कोरबा–रायपुर पैसेंजर
  • 23 जुलाई: 58204 रायपुर–कोरबा पैसेंजर
  • 23 जुलाई: 68746 रायपुर–गेवरा रोड मेमू
  • 24 जुलाई: 68745 कोरबा–रायपुर मेमू

इस ट्रेन का आंशिक परिचालन

23 जुलाई को चलने वाली 68862/68861 झारसुगुड़ा–गोंदिया–झारसुगुड़ा मेमू केवल बिलासपुर तक ही चलेगी। यह ट्रेन बिलासपुर स्टेशन पर ही समाप्त और वहीं से प्रारंभ होगी। बिलासपुर–गोंदिया–बिलासपुर के बीच इसका परिचालन रद्द रहेगा।

क्यों किया गया बदलाव?

रेलवे के अनुसार रायपुर मंडल के भाटापारा-हथबंध स्टेशनों के बीच तीसरी लाइन सेक्शन में ऑटो सिग्नलिंग की कमीशनिंग के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग (एनआई) कार्य किया जा रहा है। इसी वजह से कुछ ट्रेनों के संचालन में अस्थायी बदलाव किए गए हैं।

यात्रियों के लिए सलाह

रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, NTES या हेल्पलाइन के माध्यम से जरूर जांच लें, क्योंकि इंजीनियरिंग कार्य के दौरान परिचालन में अस्थायी बदलाव किए गए हैं।

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कोरबा

बिस्तर पर लिपटा करैत, सोते मासूम को डसा:कोरबा में इलाज के दौरान 6 साल के बच्ची की मौत, पिता के साथ सो रही थी

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कोरबा। कोरबा जिले के कटघोरा थाना क्षेत्र के आमाखोखरा गांव में करैत सांप के डसने से 6 साल की बच्ची सान्वी कंवर की मौत हो गई। वह अपने पिता के साथ बिस्तर पर सो रही थी। रात करीब 1 बजे सांप ने उसे डस लिया। परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी जान नहीं बच सकी।

सान्वी के पिता किरण सिंह आमाखोखरा गांव में रहते हैं। वे मजदूरी और खेती कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। घटना वाली रात परिवार के सभी सदस्य खाना खाने के बाद सोने चले गए। सान्वी अपने पिता के साथ एक कमरे में सो रही थी, जबकि उसकी मां और दूसरा बच्चा दूसरे कमरे में थे।

चिल्लाने पर खुली नींद

रात करीब 1 बजे करैत सांप ने पहले सान्वी के कान और फिर हाथ पर डस लिया। दर्द से वह चिल्लाते हुए उठी, जिससे परिवार की नींद खुल गई। शुरुआत में परिजनों को लगा कि किसी कीड़े ने काटा है, लेकिन सर्पदंश के लक्षण दिखने पर वे उसे तुरंत कटघोरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे।

मेडिकल कॉलेज रेफर, इलाज के दौरान तोड़ा दम

बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। वहां इलाज शुरू किया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

बिस्तर पर ही छिपा था करैत सांप

मासूम के पिता किरण सिंह ने बताया कि घटना के बाद उन्हें लगा कि सांप बाहर निकल गया होगा। बाद में देखा तो करैत सांप बिस्तर पर ही लिपटा हुआ था। उनका कहना है कि संभवतः सांप पहले से ही बिस्तर पर था, लेकिन अंधेरे में नजर नहीं आया।

बरसात में बढ़ जाता है सर्पदंश का खतरा

स्नेक कैचर जितेंद्र सारथी ने बताया कि बरसात के मौसम में सांप घरों में घुस आते हैं, जिससे सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं। उन्होंने लोगों से मच्छरदानी लगाकर सोने, घर के आसपास साफ-सफाई रखने और सर्पदंश होने पर बिना देरी किए अस्पताल पहुंचने की अपील की। साथ ही झाड़-फूंक के बजाय तुरंत चिकित्सकीय इलाज कराने की सलाह दी।

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