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रोजगार की मांग पर भूविस्थापित किसानों द्वारा खदान बंदी के बाद 3 महिला समेत 4 भू विस्थापित गिरफ्तार : माकपा और किसान सभा ने की निंदा, रिहा करने की मांग, दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी

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शनिवार को एसईसीएल के सीएमडी का फूंकेंगे पुतला

संवाददाता साबीर अंसारी

कोरबा:– छत्तीसगढ़ किसान सभा,माकपा और भू विस्थापित संगठनों ने कहा कि एसईसीएल में अपनी जमीन जाने के बाद लगातार रोजगार की मांग कर रहे भू विस्थापित किसानों के शांतिपूर्ण आंदोलन पर एसईसीएल और प्रशासन के दमनात्मक रवैये को स्वीकार नहीं किया जाएगा। कुसमुंडा खदान में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे सरिता कौशिक,गोमति केवट,मीना कंवर,लंबोदर श्याम को गिरफ्तार किया गया है उन्हे तत्काल रिहा करने की मांग करते हुए शनिवार को एसईसीएल के दमनकारी सीएमडी हरीश दुहान का पुतला फूकने का एलान किया है।उल्लेखनीय है कि कुसमुंडा खदान क्षेत्र के कई गांवों की जमीन को 1978 से लेकर 2004 के मध्य कोयला खनन के लिए अधिग्रहित किया गया है, लेकिन तब से अब तक विस्थापित ग्रामीणों को न रोजगार दिया गया है, न पुनर्वास। ऐसे प्रभावितों की संख्या 1000 से भी अधिक है और वे लंबे समय से रोजगार के लिए आंदोलनरत है, जबकि एसईसीएल प्रबंधन उन्हें रोजगार देने में आनाकानी कर रहा है। अप्रैल महीने में भी प्रशांत झा सहित 13 भू विस्थापितों के खिलाफ एसईसीएल प्रबंधन द्वारा दंगा फैलाने जैसे मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी।आंदोलनकारी रोजगार और पुनर्वास से जुड़े अपने अधिकारों के लिए अंतिम सांस तक लड़ेंगे और दमन की किसी भी कार्यवाही से डरने वाले नहीं है। इसके पहले भी वे लाठी और जेल का सामना कर चुके हैं।मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव प्रशांत झा ने इन गिरफ्तारियों की निंदा करते हुए भू विस्थापितों को रिहा करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि एसईसीएल और प्रशासन की संवेदनहीनता के कारण ही विस्थापित बेरोजगारों का आंदोलन इतने चरम पर पहुंचा है, जिसे प्रबंधन उचित पहलकदमी करके टाल सकता था। उन्होंने कहा कि एसईसीएल प्रबंधन ने समस्या को हल करने का कई बार वादा किया लेकिन इस दिशा में उसने कोई ठोस कार्य नहीं किया। माकपा नेता प्रशांत झा ने आरोप लगाया की जब से एसईसीएल के नए सीएमडी हरीश दुहान बैठे है तब से एसईसीएल आंदोलन को दबाने के लिए दमन की नीति पर काम कर रहा है।उसने पूरे कोल फील्ड में आंदोलनकारियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज करवाए है और आंदोलनकारियों को जेल भेज कर डराने की कोशिश कर रहे हैं।कुसमुंडा में कल आंदोलनकारी महिला की गिरफ्तारी इसी दमन की अगली कड़ी है। माकपा,किसान सभा और भू विस्थापित संगठन इसका जवाब आंदोलन को और तेज करके देगा।जल्द भू विस्थापितों को एकजुट कर बड़े आंदोलन की तैयारी की जाएगी रोजगार और पुनर्वास के लिए अंतिम सांस तक लड़ेंगे।छत्तीसगढ़ किसान सभा के अध्यक्ष जवाहर सिंह कंवर, दीपक साहू, सुमेंद्र सिंह कंवर ने आंदोलन कर रहे भू विस्थापितों पर लादे गए फर्जी मुकदमों को वापस लेने की मांग करते हुए उन्हों ने कहा कि भू विस्थापितों के शिनाख्ती के आधार पर फर्जी नियुक्तियां को रद्द कर वास्तविक और पात्र लोगों को रोजगार दिया जाए, अन्यथा पीड़ित को मुआवजा सहित उनकी जमीन वापस की जानी चाहिये। उन्होंने कहा कि भूविस्थापितों का शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा और एसईसीएल प्रबंधन को सभी भू विस्थापितों को रोजगार देना ही होगा।भू विस्थापित रोजगार एकता संघ के रेशम यादव,दामोदर श्याम,रघु यादव,जय कौशिक ने कहा कि भू विस्थापित अपने अधिकार की मांग कर रहे थे और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज कर आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रहे हैं भू विस्थापित संगठन ने गिरफ्तार भू विस्थापितों को जल्द रिहा किया जाए नहीं तो और उग्र आंदोलन किया जाएगा।एसईसीएल प्रबंधन के किसान विरोधी दमनात्मक रवैये के खिलाफ छत्तीसगढ़ किसान सभा ने पूरे कोल फील्ड में किसानों और भू विस्थापितों का संयुक्त आंदोलन खड़ा करने की घोषणा की है।उन्होंने कहा है कि अपने सामाजिक उत्तरदायित्यों का पालन करने के लिए एसईसीएल को आंदोलन के जरिए मजबूर किया जायेगा।

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हलषष्ठी पर माताओं ने रखा निर्जला व्रत, पुत्रों की लंबी उम्र की कामना

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पाली छिदपारा में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया हलषष्ठी पर्व

पाली छिदपारा। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि पर बुधवार, 2 सितंबर 2026 को पाली छिदपारा में हलषष्ठी पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। शिव मंदिर हनुमान के पास प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी माताओं ने अपने पुत्रों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना को लेकर निर्जला व्रत रखा।इस अवसर पर माताओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर हलषष्ठी माता की कथा का श्रवण किया।

व्रत कथा का वाचन सुशील पांडेय जी (केराझरिया वाले महाराज) ने किया। कथा के दौरान हलषष्ठी व्रत के धार्मिक महत्व और इसकी परंपराओं के बारे में जानकारी दी गई।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भाद्रपद कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई भगवान बलराम जी का जन्मोत्सव भी मनाया जाता है। इसी कारण इस दिन माताओं द्वारा पुत्रों की दीर्घायु और उनके मंगलमय जीवन के लिए व्रत रखने की परंपरा है।हलषष्ठी व्रत में हल से जुते हुए खेत में उगे अनाज या सब्जियों का सेवन नहीं किया जाता।

प्राकृतिक आहार के रूप में तालाब में स्वयं उगने वाले तिन्नी या पसई के चावल, महुआ तथा भैंस के दूध-दही का विशेष महत्व माना जाता है। वहीं इस दिन गाय के दूध और घी का सेवन वर्जित माना जाता है।पर्व के दौरान महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर परिवार और विशेषकर अपने पुत्रों की दीर्घायु, स्वास्थ्य एवं सुख-समृद्धि की प्रार्थना की।

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जिला स्तर पर परचम लहराया विभूति ने,बढ़ाया नगर का गौरव:-पाली

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कोरबा पाली/सड़क सुरक्षा अभियान के अंतर्गत आयोजित जिला स्तरीय प्रतियोगिता में स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय (SAGES), पाली की कक्षा 11वीं की छात्रा कुमारी विभूति कुम्भकार ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया।कुमारी विभूति कुम्भकार की इस उल्लेखनीय उपलब्धि से विद्यालय परिवार एवं जिला कोरबा में हर्ष का माहौल है। छात्रा की सफलता पर विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं समस्त विद्यालय परिवार ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।कुमारी विभूति कुम्भकार की इस उल्लेखनीय उपलब्धि से विद्यालय परिवार एवं जिला कोरबा में हर्ष का माहौल है। छात्रा की सफलता पर विद्यालय के प्राचार्य श्री रामेश्वर प्रसाद लहरे, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं समस्त विद्यालय परिवार ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।यह उपलब्धि छात्र-छात्राओं में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा उन्हें यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

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नौकरी के नाम पर ₹1 लाख लेने का आरोप, नरईबोध के ग्रामीण ने कलेक्टर से लगाई गुहार,,,देखे पूरी खबर

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विस्थापित परिवार के बेटे को PNC कंपनी में रोजगार दिलाने का दावा, रकम लेने के बाद बात बिगड़ने का आरोप

कोरबा/दीपका। एसईसीएल गेवरा परियोजना से प्रभावित नरईबोध के एक विस्थापित परिवार ने वैकल्पिक रोजगार को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीण छोटेलाल ने कलेक्टर को शिकायत सौंपकर आरोप लगाया है कि उसके पुत्र अशोक कुमार राठौर को PNC कंपनी में रोजगार दिलाने के नाम पर पार्षद पति राकेश पटेल को ₹1 लाख दिए गए, लेकिन रकम देने के बाद भी उसके पुत्र को रोजगार नहीं मिल सका।

शिकायतकर्ता का कहना है कि नरईबोध में उसकी पत्नी के नाम दर्ज भूमि एसईसीएल गेवरा क्षेत्र के लिए अधिग्रहित की गई थी। मुआवजा मिलने के बाद परिवार डोड़गीपारा, ग्राम पंचायत कटकीडबरी में निवास कर रहा है। विस्थापन के बाद परिवार को उम्मीद थी कि प्रभावित परिवार के बेरोजगार सदस्य को वैकल्पिक रोजगार का लाभ मिलेगा।

बायोडाटा देने के बाद रोजगार का भरोसा

शिकायत के मुताबिक, अशोक कुमार राठौर का बायोडाटा नरईबोध के पार्षद पति राकेश पटेल को दिया गया था। आरोप है कि उन्होंने एसईसीएल गेवरा क्षेत्र में कार्यरत ठेका कंपनी PNC में अशोक को वैकल्पिक रोजगार दिलाने का भरोसा दिया। इसी भरोसे के बाद करीब दो माह पहले ₹1 लाख दिए जाने का दावा शिकायत में किया गया है।

ग्रामीण का आरोप है कि रकम लेने के बाद अब रोजगार दिलाने से इनकार किया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने मामले की जांच की मांग करते हुए यह भी आरोप लगाया है कि अन्य लोगों से राशि लेकर कंपनी में रोजगार दिलाया गया है।

रिश्तेदारों को रोजगार मिलने के आरोप की भी जांच की मांग

शिकायत में पार्षद पति के करीब 12 रिश्तेदारों को कथित रूप से कंपनी में रोजगार मिलने का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि कंपनी में लगाए गए कर्मचारियों के आधार कार्ड, परिचय पत्र और अन्य दस्तावेजों की जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि रोजगार किस प्रक्रिया और पात्रता के आधार पर दिया गया।

कई अधिकारियों को भेजी शिकायत

छोटेलाल ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई करने और उसके पुत्र को वैकल्पिक रोजगार दिलाने की मांग की है। शिकायत की प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक कोरबा, एसडीएम कटघोरा, महाप्रबंधक एसईसीएल गेवरा क्षेत्र, आयुक्त नगर निगम कोरबा और थाना प्रभारी कुसमुंडा को भी दी गई है।

शिकायत पत्र पर 15 जून 2026 की तारीख अंकित है।

न्याय नहीं मिला तो उच्च स्तर पर जाने की बात

शिकायतकर्ता और उसके समर्थन में सामने आए लोगों का कहना है कि यदि मामले की स्थानीय स्तर पर निष्पक्ष जांच नहीं होती और उन्हें न्याय नहीं मिलता, तो वे उच्च अधिकारियों के समक्ष शिकायत करेंगे। उनका कहना है कि मामले की जांच से वास्तविक स्थिति सामने आनी चाहिए।

आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं: शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि समाचार तैयार किए जाने तक नहीं हो सकी है। वहीं, पार्षद पति राकेश पटेल का पक्ष भी सामने नहीं आया है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जाएगा।

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रोजगार की मांग पर भूविस्थापित किसानों द्वारा खदान बंदी के बाद 3 महिला समेत 4 भू विस्थापित गिरफ्तार : माकपा और किसान सभा ने की निंदा, रिहा करने की मांग, दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी

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एसईसीएल के दमन के आगे नहीं झुकेंगे किसान: किसान सभा

शनिवार को एसईसीएल के सीएमडी का फूंकेंगे पुतला

कोरबा। छत्तीसगढ़ किसान सभा,माकपा और भू विस्थापित संगठनों ने कहा कि एसईसीएल में अपनी जमीन जाने के बाद लगातार रोजगार की मांग कर रहे भू विस्थापित किसानों के शांतिपूर्ण आंदोलन पर एसईसीएल और प्रशासन के दमनात्मक रवैये को स्वीकार नहीं किया जाएगा। कुसमुंडा खदान में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे सरिता कौशिक,गोमति केवट,मीना कंवर,लंबोदर श्याम को गिरफ्तार किया गया है उन्हे तत्काल रिहा करने की मांग करते हुए शनिवार को एसईसीएल के दमनकारी सीएमडी हरीश दुहान का पुतला फूकने का एलान किया है।

उल्लेखनीय है कि कुसमुंडा खदान क्षेत्र के कई गांवों की जमीन को 1978 से लेकर 2004 के मध्य कोयला खनन के लिए अधिग्रहित किया गया है, लेकिन तब से अब तक विस्थापित ग्रामीणों को न रोजगार दिया गया है, न पुनर्वास। ऐसे प्रभावितों की संख्या 1000 से भी अधिक है और वे लंबे समय से रोजगार के लिए आंदोलनरत है, जबकि एसईसीएल प्रबंधन उन्हें रोजगार देने में आनाकानी कर रहा है। अप्रैल महीने में भी प्रशांत झा सहित 13 भू विस्थापितों के खिलाफ एसईसीएल प्रबंधन द्वारा दंगा फैलाने जैसे मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी।आंदोलनकारी रोजगार और पुनर्वास से जुड़े अपने अधिकारों के लिए अंतिम सांस तक लड़ेंगे और दमन की किसी भी कार्यवाही से डरने वाले नहीं है। इसके पहले भी वे लाठी और जेल का सामना कर चुके हैं।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव प्रशांत झा ने इन गिरफ्तारियों की निंदा करते हुए भू विस्थापितों को रिहा करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि एसईसीएल और प्रशासन की संवेदनहीनता के कारण ही विस्थापित बेरोजगारों का आंदोलन इतने चरम पर पहुंचा है, जिसे प्रबंधन उचित पहलकदमी करके टाल सकता था। उन्होंने कहा कि एसईसीएल प्रबंधन ने समस्या को हल करने का कई बार वादा किया लेकिन इस दिशा में उसने कोई ठोस कार्य नहीं किया। माकपा नेता प्रशांत झा ने आरोप लगाया की जब से एसईसीएल के नए सीएमडी हरीश दुहान बैठे है तब से एसईसीएल आंदोलन को दबाने के लिए दमन की नीति पर काम कर रहा है।उसने पूरे कोल फील्ड में आंदोलनकारियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज करवाए है और आंदोलनकारियों को जेल भेज कर डराने की कोशिश कर रहे हैं।कुसमुंडा में कल आंदोलनकारी महिला की गिरफ्तारी इसी दमन की अगली कड़ी है। माकपा,किसान सभा और भू विस्थापित संगठन इसका जवाब आंदोलन को और तेज करके देगा।जल्द भू विस्थापितों को एकजुट कर बड़े आंदोलन की तैयारी की जाएगी रोजगार और पुनर्वास के लिए अंतिम सांस तक लड़ेंगे।

छत्तीसगढ़ किसान सभा के अध्यक्ष जवाहर सिंह कंवर, दीपक साहू, सुमेंद्र सिंह कंवर ने आंदोलन कर रहे भू विस्थापितों पर लादे गए फर्जी मुकदमों को वापस लेने की मांग करते हुए उन्हों ने कहा कि भू विस्थापितों के शिनाख्ती के आधार पर फर्जी नियुक्तियां को रद्द कर वास्तविक और पात्र लोगों को रोजगार दिया जाए, अन्यथा पीड़ित को मुआवजा सहित उनकी जमीन वापस की जानी चाहिये। उन्होंने कहा कि भूविस्थापितों का शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा और एसईसीएल प्रबंधन को सभी भू विस्थापितों को रोजगार देना ही होगा।

भू विस्थापित रोजगार एकता संघ के रेशम यादव,दामोदर श्याम,रघु यादव,जय कौशिक ने कहा कि भू विस्थापित अपने अधिकार की मांग कर रहे थे और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज कर आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रहे हैं भू विस्थापित संगठन ने गिरफ्तार भू विस्थापितों को जल्द रिहा किया जाए नहीं तो और उग्र आंदोलन किया जाएगा।

एसईसीएल प्रबंधन के किसान विरोधी दमनात्मक रवैये के खिलाफ छत्तीसगढ़ किसान सभा ने पूरे कोल फील्ड में किसानों और भू विस्थापितों का संयुक्त आंदोलन खड़ा करने की घोषणा की है।उन्होंने कहा है कि अपने सामाजिक उत्तरदायित्यों का पालन करने के लिए एसईसीएल को आंदोलन के जरिए मजबूर किया जायेगा।

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हलषष्ठी पर माताओं ने रखा निर्जला व्रत, पुत्रों की लंबी उम्र की कामना

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पाली छिदपारा में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया हलषष्ठी पर्व

पाली छिदपारा। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि पर बुधवार, 2 सितंबर 2026 को पाली छिदपारा में हलषष्ठी पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। शिव मंदिर हनुमान के पास प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी माताओं ने अपने पुत्रों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना को लेकर निर्जला व्रत रखा।इस अवसर पर माताओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर हलषष्ठी माता की कथा का श्रवण किया।

व्रत कथा का वाचन सुशील पांडेय जी (केराझरिया वाले महाराज) ने किया। कथा के दौरान हलषष्ठी व्रत के धार्मिक महत्व और इसकी परंपराओं के बारे में जानकारी दी गई।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भाद्रपद कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई भगवान बलराम जी का जन्मोत्सव भी मनाया जाता है। इसी कारण इस दिन माताओं द्वारा पुत्रों की दीर्घायु और उनके मंगलमय जीवन के लिए व्रत रखने की परंपरा है।हलषष्ठी व्रत में हल से जुते हुए खेत में उगे अनाज या सब्जियों का सेवन नहीं किया जाता।

प्राकृतिक आहार के रूप में तालाब में स्वयं उगने वाले तिन्नी या पसई के चावल, महुआ तथा भैंस के दूध-दही का विशेष महत्व माना जाता है। वहीं इस दिन गाय के दूध और घी का सेवन वर्जित माना जाता है।पर्व के दौरान महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर परिवार और विशेषकर अपने पुत्रों की दीर्घायु, स्वास्थ्य एवं सुख-समृद्धि की प्रार्थना की।

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कोरबा पाली/सड़क सुरक्षा अभियान के अंतर्गत आयोजित जिला स्तरीय प्रतियोगिता में स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय (SAGES), पाली की कक्षा 11वीं की छात्रा कुमारी विभूति कुम्भकार ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया।कुमारी विभूति कुम्भकार की इस उल्लेखनीय उपलब्धि से विद्यालय परिवार एवं जिला कोरबा में हर्ष का माहौल है। छात्रा की सफलता पर विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं समस्त विद्यालय परिवार ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।कुमारी विभूति कुम्भकार की इस उल्लेखनीय उपलब्धि से विद्यालय परिवार एवं जिला कोरबा में हर्ष का माहौल है। छात्रा की सफलता पर विद्यालय के प्राचार्य श्री रामेश्वर प्रसाद लहरे, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं समस्त विद्यालय परिवार ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।यह उपलब्धि छात्र-छात्राओं में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा उन्हें यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

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नौकरी के नाम पर ₹1 लाख लेने का आरोप, नरईबोध के ग्रामीण ने कलेक्टर से लगाई गुहार,,,देखे पूरी खबर

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विस्थापित परिवार के बेटे को PNC कंपनी में रोजगार दिलाने का दावा, रकम लेने के बाद बात बिगड़ने का आरोप

कोरबा/दीपका। एसईसीएल गेवरा परियोजना से प्रभावित नरईबोध के एक विस्थापित परिवार ने वैकल्पिक रोजगार को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीण छोटेलाल ने कलेक्टर को शिकायत सौंपकर आरोप लगाया है कि उसके पुत्र अशोक कुमार राठौर को PNC कंपनी में रोजगार दिलाने के नाम पर पार्षद पति राकेश पटेल को ₹1 लाख दिए गए, लेकिन रकम देने के बाद भी उसके पुत्र को रोजगार नहीं मिल सका।

शिकायतकर्ता का कहना है कि नरईबोध में उसकी पत्नी के नाम दर्ज भूमि एसईसीएल गेवरा क्षेत्र के लिए अधिग्रहित की गई थी। मुआवजा मिलने के बाद परिवार डोड़गीपारा, ग्राम पंचायत कटकीडबरी में निवास कर रहा है। विस्थापन के बाद परिवार को उम्मीद थी कि प्रभावित परिवार के बेरोजगार सदस्य को वैकल्पिक रोजगार का लाभ मिलेगा।

बायोडाटा देने के बाद रोजगार का भरोसा

शिकायत के मुताबिक, अशोक कुमार राठौर का बायोडाटा नरईबोध के पार्षद पति राकेश पटेल को दिया गया था। आरोप है कि उन्होंने एसईसीएल गेवरा क्षेत्र में कार्यरत ठेका कंपनी PNC में अशोक को वैकल्पिक रोजगार दिलाने का भरोसा दिया। इसी भरोसे के बाद करीब दो माह पहले ₹1 लाख दिए जाने का दावा शिकायत में किया गया है।

ग्रामीण का आरोप है कि रकम लेने के बाद अब रोजगार दिलाने से इनकार किया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने मामले की जांच की मांग करते हुए यह भी आरोप लगाया है कि अन्य लोगों से राशि लेकर कंपनी में रोजगार दिलाया गया है।

रिश्तेदारों को रोजगार मिलने के आरोप की भी जांच की मांग

शिकायत में पार्षद पति के करीब 12 रिश्तेदारों को कथित रूप से कंपनी में रोजगार मिलने का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि कंपनी में लगाए गए कर्मचारियों के आधार कार्ड, परिचय पत्र और अन्य दस्तावेजों की जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि रोजगार किस प्रक्रिया और पात्रता के आधार पर दिया गया।

कई अधिकारियों को भेजी शिकायत

छोटेलाल ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई करने और उसके पुत्र को वैकल्पिक रोजगार दिलाने की मांग की है। शिकायत की प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक कोरबा, एसडीएम कटघोरा, महाप्रबंधक एसईसीएल गेवरा क्षेत्र, आयुक्त नगर निगम कोरबा और थाना प्रभारी कुसमुंडा को भी दी गई है।

शिकायत पत्र पर 15 जून 2026 की तारीख अंकित है।

न्याय नहीं मिला तो उच्च स्तर पर जाने की बात

शिकायतकर्ता और उसके समर्थन में सामने आए लोगों का कहना है कि यदि मामले की स्थानीय स्तर पर निष्पक्ष जांच नहीं होती और उन्हें न्याय नहीं मिलता, तो वे उच्च अधिकारियों के समक्ष शिकायत करेंगे। उनका कहना है कि मामले की जांच से वास्तविक स्थिति सामने आनी चाहिए।

आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं: शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि समाचार तैयार किए जाने तक नहीं हो सकी है। वहीं, पार्षद पति राकेश पटेल का पक्ष भी सामने नहीं आया है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जाएगा।

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