रायपुर/कोरबा। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में गुरुवार सुबह से तेज बारिश हो रही है, जिससे सड़कों पर पानी भर गया है। वहीं शहर के दुर्गा विहार कॉलोनी, विनोबा नगर और कुछ मोहल्लों के घरों में भी पानी घुस गया। कोरबा के चिमनीभट्ठा इलाके के कई घरों में पानी घुस गया है। गलियों में नदियां बह रही हैं।
मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के बस्तर, बीजापुर,दंतेवाड़ा, सुकमा और गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में मध्यम से भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। यह अगले 24 घंटे के लिए मौसम विभाग ने जारी की है। वहीं सरगुजा, सूरजपुर और बलरामपुर जिले में अगले 48 घंटे के लिए मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी हुआ है।
इस बीच मौसम विभाग ने आज भी सूरजपुर, MCB (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी,भरतपुर), कोरिया और GPM (गौरेला-पेंड्रा-मरवाही) इन 4 जिलों में बिजली गिरने और भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। बाकी 29 जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का यलो अलर्ट है। प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में अगले 5 दिनों तक हैवी रेनफॉल हो सकती है।
वहीं बस्तर में लगातार बारिश के कारण कोरापुट-किरंदुल रेल लाइन पर लैंड स्लाइड हो गई है। मिट्टी और चट्टानें कटकर ट्रैक पर गिर गईं, जिससे रूट बाधित हो गया। किरंदुल-विशाखापट्टनम और हीराखंड दो ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। फिलहाल रूट को बहाल करने की कोशिशें जारी हैं।
कोरापुट-किरंदुल रेल लाइन पर लैंड स्लाइड हुआ है। मिट्टी और चट्टानें कटकर ट्रैक पर गिर गईं, जिससे आवाजाही बाधित है।
रायगढ़ के दुर्गा विहार कॉलोनी, विनोबा नगर और कुछ मोहल्लों के घरों में भी पानी घुस गया है।
बारिश की तस्वीरें देखिए
बस्तर का चित्रकोट वाटरफॉल भी अपने पूरे शबाब पर है।
रेलवे अंडर ग्राउंड पुल में घुटने तक पानी भर गया। इस मार्ग से लोगों का आना जाना बंद है।
घरों से घुसे बारिश को पानी को फेंकते हुए लोग। गली में जलभराव हो गया है।
कोरबा के चिमनीभट्ठा इलाके में लोगों के घरों में बारिश का पानी घुस गया है।
रेलवे अंडर ग्राउंड ब्रिज में घुटने तक पानी भर गया है।
रायगढ़ में बारिश के कई निचले इलाकों के कॉलोनियों में पानी भर गया। तस्वीर छोटे अतरमुड़ा क्षेत्र की है।
रायगढ़ में सुबह से बारिश के बाद निचले इलाकों के घरों में पानी घुस गया।
रायगढ़ में बारिश से कई इलाकों में जलभराव हो गया है। सड़कों पर भी पानी भर गया है।
रायगढ़ में सुबह से बारिश हो रही है। कई सड़कों पर पानी बह रहा है।
बलरामपुर की सेंदुर नदी में पुलिस और SDRF की टीम कोटवार की तलाश में जुटी हुई है।
लगातार बारिश से कोरबा में घर का बरामदा और बाथरूम ढह गया।
छत्तीसगढ़ के उत्तरी हिस्से में इस समय मानसून सबसे ज्यादा एक्टिव है। बादलों से ढंका मैनपाट।
बुधवार को 40.6 मिमी बरसा पानी
जुलाई महीने की शुरुआत से ही मानसून ने रफ्तार पकड़ी हुई है। बुधवार को करीब 18 जिलों में 117 जगहों पर बारिश हुई है। पूरे प्रदेश में औसत बारिश 40.6MM रिकॉर्ड की गई। सरगुजा और बस्तर संभाग में सबसे ज्यादा पानी गिरा है। जिससे यहां नदी-नाले उफान पर हैं। बलरामपुर जिले में सेंदुर नदी पार करने के दौरान कोटवार बह गया।
वहीं जगदलपुर में लगातार बारिश के कारण कॉलोनियों में जलभराव हो गया। दलपत सागर वार्ड गायत्री नगर में पानी घरों में घुस गया।
जगदलपुर के दलपत सागर वार्ड गायत्री नगर में बारिश से जलभराव हो गया।
सरगुजा में उफान पर नदी-नाले
उत्तरी हिस्से यानी सरगुजा संभाग में लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। मंगलवार को बलरामपुर के शंकरगढ़ में कोरवा जनजाति के मां-बेटे की उफनते नाले में बहने से मौत हो गई, जबकि दूसरी तरफ गेउर नदी में मछली मारने गए एक युवक की डूबने से जान चली गई।
कोरबा जिले में भी एक घर का बरामदा और बाथरूम अचानक भरभराकर गिर गया। परिवार वालों की जान बाल-बाल बची। तापमान की बात करें तो बुधवार को 30.6°C के साथ अम्बिकापुर सबसे गर्म रहा और 21.2°C डिग्री न्यूनतम तापमान के साथ पेंड्रा सबसे ठंडा रहा।
मंगलवार को बलरामपुर में नाले में बहने से मां-बेटे की मौत हो गई।
जून में 22% कम बरसा पानी, बलरामपुर में सबसे ज्यादा
1जून से 2 जुलाई तक प्रदेश में 188.6MM बारिश हो चुकी है। जबकि पूरे जून में नॉर्मली 215 MM बारिश रिकॉर्ड की जाती है। इस लिहाज से अब तक बारिश लगभग 12% कम हुई है। सबसे ज्यादा बारिश बलरामपुर में हुई है। यहां सामान्य से लगभग 121% प्रतिशत ज्यादा पानी बरसा है। जिले में अब तक 345.6 MM पानी बरस चुका है।
जबकि सामान्य तौर पर 138 MM ही पानी गिरता है। वहीं सबसे कम बारिश राजनांदगांव और बेमेतरा में हुई है। प्रदेश के आंकड़ों पर ओवरऑल बात करें तो एक जिले में सामान्य से बहुत अधिक पानी गिरा है। नौ जिलों में सामान्य पानी बरसा है। 20 जिलों में नॉर्मल से कम पानी गिरा है। 2 जिलों में सामान्य से बहुत कम बारिश हुई है।
बलरामपुर में उफनती गेउर नदी को पार करते वक्त बाढ़ में बह जाने से युवक की मौत हो गई।
मई में 374 फीसदी ज्यादा बारिश हुई थी
पिछले माह लगातार बने सिस्टम और करीब 14 दिन पहले आए मानसून ने पूरे छत्तीसगढ़ में मई महीने में जमकर बारिश कराई। इस दौरान औसत से 373 फीसदी ज्यादा पानी गिर गया। इसके बाद से मानसून पिछले करीब 12 दिनों से ठहरा है। यह आगे ही नहीं बढ़ रहा है।
छत्तीसगढ़ में 22 मई से 28 मई के बीच 53.51 मिलीमीटर औसत बारिश हो चुकी है। प्रदेश में मानसून में औसतन 1200 मिलीमीटर पानी बरसता है। पिछले साल 1276.3 MM पानी गिरा था।
राजपुर में गागर नदी में मछली पकड़ने गए 3 पहाड़ी कोरवा बच्चे घंटों तक फंसे रहे।
सूरजपुर में पुल नहीं होने के कारण लोग बाइक कंधे पर रखकर नदी पार रहे हैं।
पिछले साल के मुकाबले तापमान कम
हालांकि इस बार की स्थित पिछले साल के मुकाबले बेहतर है। साल 2024 में जून का अधिकतम तापमान 45.7°C था, जो 1 जून को दर्ज किया गया था। जबकि इस साल अधिकतम तापमान अब तक 42 से 43°C के आस-पास ही रहा है।
वहींसबसे कम न्यूनतम तापमान 23.5°C 19 जून को रिकॉर्ड किया गया था। पिछले साल जून में पूरे महीने के औसत तापमान की बात करें तो 38.6°C रहा था। वहीं न्यूनतम औसतन तापमान 27.7°C दर्ज किया गया था।
हर व्यक्ति लगाए एक पौधा, तभी सुरक्षित होगा हमारा भविष्य – पार्षद कमलेश जायसवाल
कोरबा/दीपका। आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा और हरा-भरा कल देने के उद्देश्य से आज प्राथमिक शाला बिंझवारपारा संकुल-दीपका में एक भव्य और प्रेरणादायक वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष अभियान में वार्ड क्रमांक 1 के पार्षद कमलेश जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जिनके नेतृत्व में शाला परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया ।
पर्यावरण और स्वास्थ्य का संगम, रोपे गए औषधीय और फलदार पौधे
इस वृक्षारोपण अभियान की खास बात यह रही कि इसमें केवल छायादार पेड़ ही नहीं बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को ध्यान में रखते हुए फलदार और बहुउपयोगी औषधीय पौधे भी रोपे गए। यह पौधे आने वाले समय में न सिर्फ स्कूल परिसर को हरा-भरा बनाएंगे बल्कि बच्चों को प्रकृति से जोड़ने और उन्हें प्राकृतिक औषधियों के महत्व को समझाने में भी मददगार साबित होंगे ।
पार्षद कमलेश जायसवाल ने कहा कि वृक्ष हमारे जीवन का आधार हैं, आज ग्लोबल वार्मिंग के इस दौर में पर्यावरण का संरक्षण किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। हमें सिर्फ पौधे लगाने ही नहीं हैं, बल्कि उनके बड़े होने तक उनकी देखभाल का संकल्प भी लेना होगा ।
शिक्षकों और नन्हे-मुन्नों ने लिया संरक्षण का संकल्प
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय परिवार की भूमिका सराहनीय रही। शाला के प्रधान पाठक सूर्य भूषण प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में सभी शिक्षकों और स्कूली बच्चों ने इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। नन्हे-मुन्ने बच्चों के हाथों से रोपे गए पौधों ने परिसर में एक नई ऊर्जा का संचार कर दिया, सभी बच्चों ने संकल्प लिया कि वे इन पौधों को रोजाना पानी देंगे और इनकी सुरक्षा करेंगे ।
इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे सूर्य भूषण प्रताप सिंह (प्रधान पाठक), पोखराज सिंह कंवर (सहायक शिक्षक), सविता कुर्रे (सहायक शिक्षिका), सहारा बाई, तिलकेश बाई एवं प्राथमिक शाला बिंझवारपारा के ऊर्जावान छात्र-छात्राएं ।
कार्यक्रम के अंत में प्रधान पाठक सूर्य भूषण प्रताप सिंह ने पार्षद एवं उपस्थित सभी जनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय परिसर को एक आदर्श हरित परिसर (Green Campus) बनाने के लिए यह मुहिम लगातार जारी रहेगी ।
बांकीमोंगरा :– नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा के प्रशासनिक गलियारे में हलचल तेज है। शहर के समग्र विकास और जन-समस्याओं के त्वरित समाधान को नई दिशा देने के लिए 4 नए एल्डरमैनों की नियुक्ति के बाद उनका औपचारिक शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हो गया।
कटघोरा के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व/SDM) द्वारा पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाए जाने के साथ ही बांकीमोंगरा के विकास का नया खाका खिंचना शुरू हो गया है।
नई जिम्मेदारी: इन चार चेहरों पर टिका भरोसा
शहर के विकास और जनसेवा की डोर अब जिन 4 नवनियुक्त एल्डरमैनों के हाथों में सौंपी गई है, वे हैं:
🔹 श्रीमती राखी अग्रवाल
🔹 जितेन्द्र सिंह
🔹 देव यादव
🔹 निराकार नाहक
शपथ ग्रहण के बाद अतिथियों द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर सभी का भव्य नागरिक अभिनंदन किया गया।
VVIPs की मौजूदगी: मंच पर जुटी सत्ता और संगठन की ताकतकार्यक्रम केवल शपथ ग्रहण तक सीमित नहीं था, बल्कि मंच से नगर के भावी विकास का खाका भी पेश किया गया।
कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन (वाणिज्य, उद्योग, आबकारी एवं श्रम) ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
प्रेमचंद पटेल (विधायक, कटघोरा) ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
श्रीमती सोनी विकास झा (अध्यक्ष, नपा बांकीमोंगरा) एवं श्रीमती गायत्री कंवर (उपाध्यक्ष) की गरिमामय मौजूदगी रही।
कार्यक्रम में मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) श्रीमती ज्योत्सना टोप्पो, भाजयुमो के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष विकास झा, भाजपा मंडल अध्यक्ष उदय शर्मा, पालिका के समस्त पार्षदों सहित क्षेत्र के सामाजिक व व्यापारिक प्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
मुख्य अतिथियों के बड़े बयान: किस पर रहेगा फोकस?
लखनलाल देवांगन (कैबिनेट मंत्री): “एल्डरमैन नगर विकास की मजबूत कड़ी हैं। आप सभी को जनसेवा की भावना के साथ अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं को पहुँचाना है। बांकीमोंगरा के विकास के लिए खजाना हमेशा खुला रहेगा!
“प्रेमचंद पटेल (विधायक): “प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की जुगलबंदी से ही बांकीमोंगरा में विकास की रफ्तार दोगुनी होगी।
“श्रीमती सोनी विकास झा (अध्यक्ष): “नगर की सफाई, बिजली, पानी और मूलभूत सुविधाएँ हमारी पहली प्राथमिकता हैं। नई टीम के साथ काम करने में और मजबूती मिलेगी।
“विकास झा (नेता): “बांकीमोंगरा के सर्वांगीण विकास के लिए हम सबको एक टीम की तरह काम करना होगा।”
आगे क्या? नवनियुक्त एल्डरमैनों के आने से नगर पालिका परिषद की कार्यप्रणाली में गति आने की संभावना जताई जा रही है। शहर के आम नागरिकों को उम्मीद है कि बुनियादी सुविधाओं जैसे—सड़क, पानी, सफाई और स्ट्रीट लाइट्स की समस्याओं का अब त्वरित समाधान हो सकेगा।
कोरबा। कोरबा के कटघोरा थाना क्षेत्र स्थित शासकीय एकलव्य आवासीय विद्यालय में सोमवार को छात्रों और अभिभावकों का आक्रोश फूट पड़ा। शाला प्रवेश उत्सव से लौट रहे कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष की गाड़ी रोककर उन्होंने विद्यालय के प्राचार्य डॉ. अहमद खान को हटाने की मांग की। छात्रों ने भोजन, स्वास्थ्य सुविधाओं और विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
छात्रों का कहना है कि उन्हें रोजाना घटिया और अस्वच्छ भोजन दिया जाता है। आरोप है कि बरसात के पानी से खाना बनाया जाता है और भोजन में कई बार कीड़े भी निकलते हैं। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कथित तौर पर एक्सपायरी डेट वाले दूध के पैकेट और खाद्य सामग्री भी दिखाई, जिनकी तारीखें मिटाई गई थीं।
स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी उठाए सवाल
छात्रों ने बताया कि कई बच्चे खाज-खुजली और त्वचा संबंधी बीमारियों से पीड़ित हैं, लेकिन उन्हें समय पर उचित इलाज नहीं मिल रहा। आरोप यह भी लगाया गया कि छात्रों को एक्सपायरी डेट वाली दवाइयां दी जा रही हैं।
अभिभावकों ने भी जताई नाराजगी
अभिभावकों ने प्राचार्य के कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि 240 छात्रों के अभिभावकों को पैरेंट्स मीटिंग के लिए अलग-अलग दिनों में बुलाया जाता है, जिससे उन्हें बार-बार विद्यालय आना पड़ता है। साथ ही छात्रों को बाहर से जरूरत का सामान लाने पर रोक लगाने का भी आरोप लगाया गया।
शिक्षकों की मारपीट का मामला भी उठा
प्रदर्शन के दौरान अभिभावकों ने बताया कि हाल ही में विद्यालय के दो शिक्षकों के बीच हुए विवाद और मारपीट में कुछ छात्र भी घायल हो गए थे। इस मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई जा चुकी है।
विधायक ने दिए जांच के निर्देश
छात्रों और अभिभावकों की शिकायतें सुनने के बाद विधायक प्रेमचंद पटेल ने मौके पर मौजूद सहायक आयुक्त को पूरे मामले की जांच कर सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रों की सुविधाओं से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।