महापौर संजू देवी राजपूत और भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी की गरिमामयी उपस्थिति”
माई जी फाउंडेशन का आयोजन
कोरबा। माई जी फाउंडेशन सोसायटी (NGO) के तत्वावधान में महिलाओं के सशक्तिकरण को समर्पित “स्व-सहायता समूह सम्मान समारोह” का आयोजन भव्य और ऐतिहासिक रूप से संपन्न हुआ। इस आयोजन में मुख्य अतिथि श्रीमती कौशल्या साय ने शिरकत की और स्व-सहायता समूह की सक्रिय व प्रेरणादायी महिलाओं को उनके सामाजिक, आर्थिक और सामुदायिक योगदान के लिए सम्मान पत्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
मंच पर इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती कौशल्या साय रहीं। समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में नगर निगम कोरबा की महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग, भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी, वरिष्ठ पत्रकार कमलेश यादव, पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ. राजीव सिंह, पार्षद नरेंद्र देवांगन, वरिष्ठ अधिवक्ता मधु पांडे, छत्तीसगढ़ शक्ति स्वरूपा भारत विकास परिषद की अध्यक्ष श्रीमती सुषमा दानी और समाजसेवी नीतू अरोड़ा सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
मुख्य अतिथि श्रीमती कौशल्या साय का प्रेरक संदेश श्रीमती कौशल्या साय ने अपने भावुक संबोधन में कहा: “माई जी फाउंडेशन द्वारा महिलाओं को सशक्त बनाने का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है। स्व-सहायता समूह न केवल आर्थिक रूप से बल्कि मानसिक और सामाजिक रूप से भी महिलाओं को मजबूत बना रहे हैं। महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपनी क्षमता का प्रमाण दे रही हैं। इस तरह के आयोजनों से उनके आत्मविश्वास को और अधिक बल मिलेगा। आने वाले समय में ये महिलाएं नारी सशक्तिकरण की सशक्त मिसाल बनेंगी।”
कार्यक्रम का आकर्षण – अतिथियों का सम्मान और प्रेरक संदेश कार्यक्रम की अध्यक्षता माई जी फाउंडेशन सोसायटी की अध्यक्ष श्रीमती निधि तिवारी ने की। नगर निगम कोरबा की महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने कहा: “आज कोरबा की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं। स्व-सहायता समूह का यह सम्मान समारोह महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर है। ऐसे आयोजन न केवल महिलाओं का मनोबल बढ़ाते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा भी तय करते हैं।”
भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी ने कहा : “माई जी फाउंडेशन का यह प्रयास अत्यंत प्रेरणादायी है। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सक्षम बनाना वास्तव में एक बड़ा कार्य है। भाजपा हमेशा समाज के ऐसे बदलावकारी प्रयासों में सहयोग करता रहा है और आगे भी करता रहेगा।”
पार्षद नरेंद्र देवांगन ने कहा: “यह समारोह महिलाओं के अदम्य साहस और परिश्रम का सम्मान है। माई जी फाउंडेशन ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जो कार्य किया है, वह अत्यंत प्रशंसनीय है। ऐसे आयोजनों से महिलाओं में नेतृत्व क्षमता का विकास होता है और वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन का वाहक बनती हैं।”
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां इशिता कश्यप की अद्भुत कत्थक नृत्य प्रस्तुति ने उपस्थितजनों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूजा दीवान ने छत्तीसगढ़ की लोककला पंडवानी की जीवंत प्रस्तुति देकर दर्शकों को रोमांचित किया। नम्रता, पायल और कोमल साहू की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में जीवंतता का संचार किया और दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
फाउंडेशन की सचिव श्रीमती हेमा शर्मा, उपाध्यक्ष श्रीमती श्रद्धा बुंदेला और सहायक जयपाल साहू ने कार्यक्रम की रूपरेखा और संचालन को कुशलता से संभाला। स्वागत उद्बोधन फाउंडेशन की सचिव हेमा शर्मा ने दिया। अध्यक्ष श्रीमती निधि तिवारी ने कहा: “माई जी फाउंडेशन का उद्देश्य महिलाओं को न केवल आर्थिक रूप से सशक्त करना है, बल्कि उन्हें समाज में नेतृत्व की भूमिका के लिए भी तैयार करना है। यह आयोजन उन सभी महिलाओं को समर्पित है जिन्होंने चुनौतियों का सामना कर आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम की है।”
समारोह में भाजपा और सामाजिक संगठनों के कई प्रमुख पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे: सोशल मीडिया प्रभारी लकी नंद, भाजपा जिला मीडिया सह प्रभारी पवन सिन्हा, मंडल अध्यक्ष योगेश मिश्रा, राजेश राठौर, बृजेश यादव, पूर्व मंडल अध्यक्ष अजय विश्वकर्मा, पार्षद लक्ष्मण श्रीवास, अजय चंद्रा, मंडल महामंत्री पुनीराम साहू, मिलाप राम बरेट, उपाध्यक्ष श्रीधर द्विवेदी, महेश गुप्ता, गुलजार सिंह, अर्जुन गुप्ता, श्याम साहू, ज्योति वर्मा, अंजना सिंह, स्मिता सिंह, रितु चौरसिया, दिलीप दास और सोनू राठौर की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी भव्य बना दिया।
सम्मान और स्मृति चिन्ह वितरण के साथ समापन कार्यक्रम का समापन आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। सभी अतिथियों और प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह आयोजन न केवल महिलाओं के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक प्रेरणास्रोत बन गया, जिसमें नारी शक्ति के योगदान और उनके आत्मनिर्भर बनने के संकल्प को खुलकर सराहा गया।
कोरबा। जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में कलेक्टर ने लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों को संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) उनका क्रॉस वेरिफिकेशन करें। उन्होंने निर्देश दिए कि मार्च 2028 तक सभी लंबित कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं में नल से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, उन्हीं कार्यों का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समितियों की नियमित बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए। पाली के वनांचल क्षेत्र में योजना की दुर्गति कोरबा जिले के पाली ब्लाक के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के कार्यों की दुर्गति है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड कोरबा के कार्यपालन अभियंता रमन उरांव को जानकारी देने के बाद भी साल भर से निरीक्षण करने का समय तक नहीं मिला। क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों ने केन्द्र की इस महत्वाकांक्षी योजना का बंटाधार कर दिया है और यदि सही जांच कराई जाए तो करोड़ों का भ्रष्टाचार निकलेगा। जल जीवन मिशन में कार्य करने वाले ठेकेदार करोड़पति बन गए और इनके तथा अधिकारियों की मिलीभगत से जहां योजना का लाभ अधिकांश एवं गांवों को नहीं मिल पा रहा है, वहीं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों से योजना प्रारंभ होने से पहले ही दम तोड़ रही है और ठेकेदार भी कार्यवाही के अभाव में मदमस्त हैं।
मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत पर प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश कोरबा। समय सीमा की बैठक में मंगलवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत के तेवर सख्त दिखे। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा में विभाग की लापरवाही देखी। शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण एवं स्कूलवार स्कैनिंग कार्य की समीक्षा की। मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी संबंधी प्राप्त शिकायतों के निराकरण में प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने तथा जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकासखंड कोरबा एवं पोड़ी-उपरोड़ा में स्कैनिंग की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 31 जुलाई तक सभी विकासखंडों में शत-प्रतिशत स्कैनिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने वेंडर से समन्वय कर सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत बालिकाओं को शीघ्र साइकिल वितरण सुनिश्चित करने तथा स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश का दूसरा सेट उपलब्ध कराने के लिए उच्च अधिकारियों से समन्वय करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पीएम पोषण गार्डन के लिए विद्यालयों की जानकारी 31 जुलाई तक उपलब्ध कराने, अहाताविहीन विद्यालयों की सूची तैयार करने तथा संबंधित जनपद पंचायतों के सीईओ को सरपंच एवं सचिव के माध्यम से उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के लिए 1 अगस्त से 31 अगस्त तक विशेष शिविर आयोजित कर अपार आईडी बनाने तथा आधार एवं यू-डाइस से संबंधित त्रुटियों का निराकरण करने के निर्देश दिए। छात्र सुरक्षा बीमा की राशि समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत के मामले में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के संबंधित शाखा प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राचार्य को हटाने बच्चों ने विधायक पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन के काफिले का कर दिया था घेराव
गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सहायक आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल!
एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन सहायक आयुक्त को निरीक्षण करने का समय ही नहीं मिला। महीनों से बच्चों को दूषित भोजन दिया जा रहा, लेकिन सहायक आयुक्त को कुछ पता ही नहीं।