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भारत पर ट्रम्प का 50% टैरिफ, 25% आज से लागू:ज्वेलरी-टेक्सटाइल जैसे सेक्टर को ज्यादा नुकसान, एक्सपोर्ट आधा हो सकता है

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नई दिल्ली,एजेंसी। भारत से अमेरिका भेजे जाने वाले सामानों पर आज यानी, 7 अगस्त से 25% टैरिफ लागू हो गया है। वहीं 25% एक्स्ट्रा टैरिफ 27 अगस्त से लागू होगा। अभी भारतीय सामानों पर करीब 10% टैरिफ लगता था। नए टैरिफ लगने से भारतीय सामान अमेरिकी बाजार में महंगे हो जाएंगे।

ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव यानी, GTRI के फाउंडर अजय श्रीवास्तव ने कहा- टैरिफ के कारण अमेरिका को होने वाले निर्यात में 40-50% की कमी आ सकती है।

हालांकि भारत के एक्सपोर्टर्स ने कहा- माल बेचने के किए उनके पास अमेरिका के अलावा दुनिया भर के बाजार हैं। ज्वेलरी जैसे कई सेक्टर्स में भारत का अमेरिका को निर्यात टैरिफ कम होने की वजह ज्यादा है। अब एक्सपोर्टर्स दुनिया के बाकी बाजारों में हिस्सेदारी बढ़ा सकते हैं।

1. इंजीनियरिंग गुड्स: सबसे ज्यादा निर्यात

पहले की स्थिति : भारत ने 2024 में 19.16 बिलियन डॉलर (करीब 1.68 लाख करोड़ रुपए) के इंजीनियरिंग गुड्स निर्यात किए। इसमें स्टील प्रोडक्ट्स, मशीनरी, ऑटोमोटिव पार्ट्स, इलेक्ट्रिकल मशीनरी, और अन्य औद्योगिक उपकरण शामिल हैं।

  • मौजूदा टैरिफ: 5% +10% = 15%, कई इंजीनियरिंग उत्पादों को सेक्शन 232 के तहत छूट भी। अप्रैल 2025 में 10% टैरिफ ऐलान से पहले इस कैटेगरी पर टैरिफ करीब 5% था।
  • उदाहरण: 100 डॉलर का पार्ट अमेरिका में 115 डॉलर में बिकता है।

टैरिफ के बाद:

  • नया टैरिफ: 5%+25%= 30%
  • नई लागत: 100 डॉलर का सामान अब 130 डॉलर में पड़ेगा।
  • असर: कीमत बढ़ने से निर्यात में 10-15% की कमी संभव।
  • प्रभावित कंपनियां: भारत फोर्ज, टाटा स्टील, और L&T आदि।
  • चुनौती: लाखों नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं। छोटे और मध्यम उद्यम सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे जो इंजीनियरिंग गुड्स के 40% निर्यात में योगदान देते हैं।

क्या कर सकता है भारत?

  • यूरोप (जर्मनी, UK) और ASEAN देशों (सिंगापुर, मलेशिया) में इंजीनियरिंग गुड्स की मांग बढ़ रही है। भारत इन बाजारों में हिस्सेदारी बढ़ा सकता है।
  • इंजीनियरिंग गुड्स के लिए PLI स्कीम का विस्तार करके उत्पादन लागत को कम करना, ताकि कंपनियां अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धी रहें।

टैरिफ के कारण शिपमेंट में कमी आने की संभावना

इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट एंड प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन पंकज चड्ढा ने कहा- अगर अमेरिका अपनी योजना के साथ आगे बढ़ता है और स्टील, एल्यूमीनियम और उनके डेरिवेटिव्स पर 50% टैरिफ लगाता है तो इन प्रमुख वस्तुओं का निर्यात महंगा हो जाएगा।

इससे शिपमेंट में कमी आने की संभावना है। हमें लगभग तीन महीने तक इंतजार करना होगा यह देखने के लिए कि चीजें कैसे आगे बढ़ती हैं। इसके बाद हम कोई रणनीति बना सकते हैं। पिछले कुछ महीनों में ऊंचे टैरिफ की आशंका के चलते ऑर्डर पहले से ही ज्यादा ले लिए गए थे।

2. इलेक्ट्रॉनिक्स: स्मार्टफोन पर ज्यादा असर

पहले की स्थिति : भारत ने 2024 में अमेरिका को 14 बिलियन डॉलर (करीब 1.23 लाख करोड़ रुपए) के इलेक्ट्रॉनिक्स का निर्यात किया था। इसमें स्मार्टफोन, खासतौर पर आईफोन का बड़ा हिस्सा था। भारत अमेरिका का आईफोन का सबसे बड़ा सप्लायर है।

अप्रैल में जब डोनाल्ड ट्रम्प ने पहली बार टैरिफ का ऐलान किया था उससे पहले इलेक्ट्रॉनिक्स पर एवरेज 0.41% का टैरिफ लगता था।

  • उदाहरण: 100 डॉलर का स्मार्टफोन अमेरिका में 100.41 डॉलर में बिकता था।
अमेरिका में बिकने वाले 44% स्मार्टफोन भारत में बनते हैं।

अमेरिका में बिकने वाले 44% स्मार्टफोन भारत में बनते हैं।

टैरिफ के बाद: अभी इलेक्ट्रॉनिक्स को छूट है। जब तक सेक्शन 232 टैरिफ की घोषणा नहीं होती तब तक अमेरिका को एपल, सैमसंग जैसे स्मार्टफोन्स के निर्यात पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

सेक्शन 232 अमेरिकी व्यापार विस्तार अधिनियम 1962 का हिस्सा है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर आयात पर टैरिफ लगाने की अनुमति देता है। यदि आयात देश की सुरक्षा के लिए खतरा है, तो वाणिज्य विभाग जांच करता है और टैरिफ की सिफारिश करता है।

सेक्शन 232 की समीक्षा के बाद टैरिफ पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। सेक्शन 232 टैरिफ की घोषणा के बाद अगर 25% का नया टैरिफ लागू होता है तो अमेरिका में भारत से एक्सपोर्ट होने वाले इलेक्ट्रॉनिक सामान महंगे हो जाएंगे और निर्यात पर इसका असर पड़ेगा।

  • नया टैरिफ: 25%
  • नई लागत: 100 डॉलर का स्मार्टफोन करीब 125 डॉलर में पड़ेगा।
  • असर: कीमत में 25% की बढ़ोतरी, जिससे मांग में 20-25% की कमी संभव।
  • प्रभावित कंपनियां: एपल और डिक्सन टेक्नोलॉजीज जैसी कंपनियां।
  • चुनौती: वियतनाम और मेक्सिको जैसे देशों से कड़ा मुकाबला।

क्या कर सकता है भारत?

  • स्मार्टफोन और सेमीकंडक्टर्स को टैरिफ से छूट बनाए रखने के लिए बातचीत करना।
  • घरेलू बाजार को मजबूत करने और नए ब्रांड्स विकसित करने पर जोर देना।

3. फार्मा: 250% टैरिफ लगाने की धमकी

पहले की स्थिति : भारत ने 2024 में अमेरिका को 10.52 बिलियन डॉलर यानी, करीब 92 हजार करोड़ रुपए की दवाओं का निर्यात किया था। ये अमेरिकी प्रिस्क्रिप्शन का करीब 40% हिस्सा है। अगर ये लागू होता है तो अमेरिका और भारत दोनों पर असर पड़ेगा।

  • मौजूदा टैरिफ: 0% (फार्मा को अभी तक छूट थी)।
  • उदाहरण: 100 डॉलर की दवा की कीमत 100 डॉलर ही है, क्योंकि कोई टैरिफ नहीं है।

टैरिफ के बाद: अभी फार्मा को छूट है, लेकिन ट्रम्प ने 18 महीने में 150% और बाद में 250% टैरिफ की धमकी दी है।

  • अगर 25% टैरिफ लागू हुआ: 100 डॉलर की दवा की कीमत 125 डॉलर हो जाएगी।
  • प्रभावित कंपनियां: सन फार्मा, डॉ. रेड्डी, सिप्ला, ल्यूपिन।
  • चुनौती: अगर टैरिफ लागू हुआ, तो वियतनाम जैसे देशों से मुकाबला करना पड़ेगा।

क्या कर सकता है भारत?

  • जेनेरिक दवाओं की कीमतों को कम रखने के लिए अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर जोर देना।
  • यूरोप और लैटिन अमेरिका जैसे वैकल्पिक बाजारों में निर्यात बढ़ाना।

4. जेम्स एंड ज्वेलरी: टैरिफ से पहले एक्सपोर्ट डबल

पहले की स्थिति: भारत ने 2024 में अमेरिका को 9.94 बिलियन डॉलर (करीब 87 हजार करोड़) के रत्न और आभूषण एक्सपोर्ट किए थे। ये अमेरिकी हीरा आयात का 44.5% है।

  • मौजूदा टैरिफ: ज्वेलरी (6%+10%=16%), डायमंड (0%+10%=10%)। अप्रैल 2025 में 10% टैरिफ ऐलान से पहले ज्वेलरी पर 6% और डायमंड पर 0% टैक्स लगता था।
  • उदाहरण: 100 डॉलर की ज्वेलरी अमेरिका में 116 डॉलर में बिकती है।
अमेरिका में कीमत बढ़ने से निर्यात में 15-20% की कमी हो सकती है।

अमेरिका में कीमत बढ़ने से निर्यात में 15-20% की कमी हो सकती है।

टैरिफ के बाद:

  • नया टैरिफ: ज्वेलरी (6%+25%=31%), डायमंड (0%+25%=25%)।
  • नई लागत: 100 डॉलर की ज्वेलरी अब 131 डॉलर में पड़ेगी।
  • असर: कीमत बढ़ने से निर्यात में 15-20% की कमी संभव।
  • प्रभावित कंपनियां: राजेश एक्सपोर्ट्स, टाइटन, कल्याण ज्वेलर्स।
  • चुनौती: अमेरिकी खरीदार सस्ते विकल्पों की ओर जा सकते हैं, जिससे लाखों कारीगरों की नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं।

क्या कर सकता है भारत?

  • भारत-अमेरिका बाइलैटरल ट्रेड एग्रीमेंट को तेजी से पूरा करना।
  • यूरोपीय बाजारों में डायमंड निर्यात बढ़ाना।

एक्सपोर्टर बोले- हमसे ज्यादा असर अमेरिका पर

जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल में सूरत रीजन के प्रेसिडेंट जयंती सावलिया ने कहा- दुनियाभर के ज्वेलरी मार्केट में हमारी हिस्सेदारी 6% ही है। हमारे पास अभी 94% मार्केट के लिए जगह है। यूएस मार्केट में अभी तक एक्सपोर्ट हम इसलिए कर रहे थे क्योंकि टैरिफ कम था।

अब सीधा 25% टैरिफ लगेगा, लेकिन ये धीरे-धीरे स्टेबल भी हो जाएगा। हमसे ज्यादा असर तो अमेरिका पर ही होगा। उन्होंने ये भी कहा कि टैरिफ बढ़ाए जाने की खबर से एक्सपोर्ट डबल-ट्रिपल हो गया है। 7 अगस्त से पहले लोग माल बेचकर टैरिफ से बचना चाहते हैं। इससे अगले 3-4 महीने तक माल की रिक्वायरमेंट नहीं रहेगी।

हालांकि अभी आगे क्या सिचुएशन होगी, इसके बारे में कोई नहीं बता सकता।

5. टेक्सटाइल: कपड़ों की मांग पर ब्रेक

पहले की स्थिति : भारत ने 2024 में अमेरिका को 10 बिलियन डॉलर, यानी करीब 87 हजार करोड़ के टेक्सटाइल एक्सपोर्ट किए थे। इसमें रेडीमेड गार्मेंट से लेकर कॉटन यार्न और कारपेट शामिल है।

  • मौजूदा टैरिफ: 10%+10%= 20%, अप्रैल 2025 में 10% टैरिफ ऐलान से पहले टेक्सटाइल पर 10-15% टैक्स लगता था।
  • उदाहरण: 100 का कपड़ा अमेरिका में 120 डॉलर में बिकता था।
अमेरिका में भारतीय कपड़ों की कीमत बढ़ने से मांग घट सकती है।

अमेरिका में भारतीय कपड़ों की कीमत बढ़ने से मांग घट सकती है।

टैरिफ के बाद:

  • नया टैरिफ: 10%+25%=35%
  • नई लागत: 100 डॉलर का कपड़ा अब 135 डॉलर में पड़ेगा।
  • असर: कीमत में 25% की बढ़ोतरी, जिससे मांग में 20-25% की कमी संभव।
  • प्रभावित कंपनियां: केपीआर मिल, अरविंद, वर्धमान टेक्सटाइल्स।
  • चुनौती: बांग्लादेश और वियतनाम जैसे देशों से प्रतिस्पर्धा।

क्या कर सकता है भारत?

  • भारत-अमेरिका बाइलैटरल ट्रेड एग्रीमेंट को तेजी से पूरा करना।
  • घरेलू ब्रांड्स और वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स पर ध्यान देना।

बिजनेसमैन बोले- टैरिफ से पूरा ट्रेड डिस्टर्ब हो गया

गुजरात बेस्ड टेक्सटाइल बिजनेसमैन आशीष गुजराती ने कहा- ओवरऑल इंडस्ट्री पर इसका असर तो होने ही वाला है। होम टेक्सटाइल्स का सबसे बड़ा बायर US ही है। इस सेगमेंट में भारत के टोटल एक्सपोर्ट का 35% हम US एक्सपोर्ट करते हैं।

मुझे लगता है 2 -3 महीने में इसका सॉल्यूशन भी आ जाना चाहिए। अभी कोई क्लैरिटी नहीं है। 7 तारिख से टैरिफ लग रहा है तो सब पैनिक में ही हैं। क्या होगा-कैसे होगा- आगे डेट एक्सटेंड होगी कि नहीं। इससे तो पूरा ट्रेड डिस्टर्ब हो गया है।

6. ऑटोमोबाइल: ऑटो पार्ट्स एक्सपोर्ट पर असर

पहले की स्थिति : 2024 में भारत ने अमेरिका को केवल 8.9 मिलियन डॉलर की पैसेंजर कार्स एक्सपोर्ट कीं, जो देश के कुल 6.98 बिलियन डॉलर के निर्यात का सिर्फ 0.13% है।

वहीं अमेरिका को सिर्फ 12.5 मिलियन डॉलर के ट्रक निर्यात किए गए, जो भारत के वैश्विक ट्रक निर्यात का 0.89% है। ये आंकड़े इस सेक्टर की सीमित जोखिम को दर्शाते हैं।

सबसे ज्यादा ध्यान देने वाला सेगमेंट है ऑटो पार्ट्स। 2024 में भारत ने अमेरिका को 2.2 बिलियन डॉलर (करीब 19 हजार करोड़ रुपए) के ऑटो पार्ट्स निर्यात किए, जो इसके वैश्विक ऑटो पार्ट्स निर्यात का 29.1% है।

अमेरिका ने पिछले साल वैश्विक स्तर पर 89 बिलियन डॉलर के ऑटो पार्ट्स आयात किए, जिसमें मेक्सिको का हिस्सा 36 बिलियन डॉलर, चीन का 10.1 बिलियन डॉलर, और भारत का सिर्फ 2.2 बिलियन डॉलर था।

  • मौजूदा टैरिफ: 25%, ट्रंप प्रशासन ने मई 2025 से भारत से आयात होने वाले पैसेंजर वाहनों और कुछ चुनिंदा ऑटो कंपोनेंट्स पर 25% टैरिफ लगाया है।

टैरिफ के बाद :

  • नया टैरिफ: 25%
  • प्रभावित कंपनियां: टाटा मोटर्स, भारत फोर्ज, समवर्धन मदरसन।
  • चुनौती: वियतनाम और मेक्सिको जैसे देशों से कड़ा मुकाबला, जो सस्ते विकल्प दे सकते हैं।

क्या कर सकता है भारत?

  • नए बाजार जैसे यूरोप और ASEAN देशों में निर्यात बढ़ाना।
  • लागत कम करने के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम का विस्तार।

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PM मोदी के काशी दौरे की तैयारी: आज वाराणसी पहुंचेंगे CM योगी, 6500 करोड़ की सौगातों और सिग्नेचर ब्रिज पर लगेगी अंतिम मुहर

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वाराणसी,एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 28 अप्रैल को काशी दौरा संभावित है। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तैयारियों का जायजा लेने दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री के काशी आगमन की तैयारियों को लेकर जिले के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों के साथ सर्किट हाउस में बैठक करेंगे। बैठक के बाद श्री काशी विश्वनाथ मंदिर और काल भैरव मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे तथा रात्रि विश्राम करेंगे।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों शिलान्यास और लोकार्पण होने वाली परियोजनाओं पर अंतिम मुहर लगा सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, अगले दिन बुधवार को मुख्यमंत्री कुछ परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण भी कर सकते हैं। बरेका में होने वाले नारी शक्ति महोत्सव और जनसभा स्थल पर तैयारियों का जायजा लेंगे।

मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर रूट डायवर्जन प्लान जारी कर दिया गया है। शाम के समय बीएलडब्ल्यू परिसर में सिनेमा हाल से लेकर सूर्य सरोवर और सभा स्थल की ओर वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। शहर के कई हिस्सों में वीवीआईपी आगमन को देखते हुए अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाकर मार्गों को खाली कराया जा रहा है। यह व्यवस्था प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर भी की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी 28 अप्रैल को 6500 करोड़ रुपए की विभिन्न परियोजनाओं की सौगात देंगे। इनमें मुख्य रूप से गंगा नदी पर बनने वाले सिग्नेचर ब्रिज का शिलान्यास शामिल है। इसके अलावा पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी कई योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास भी किया जाएगा। हालांकि, अंतिम सूची अभी जारी नहीं की गई है।

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Bengal Assembly elections: कोई नहीं चाहता कि बंगाल में भाजपा बनाए सरकार, ममता का दावा फिर लौटेगी TMC

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पूर्ब मेदिनीपुर,एजेंसी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस लगातार चौथी बार राज्य की सत्ता में आएगी और कोई नहीं चाहता कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार बनाए। 

बंगाल में चुनाव नहीं जीतेगी बीजेपी 
पूर्ब मेदिनीपुर जिले के हल्दिया में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने विपक्षी दलों का आह्वान किया कि केंद्र से भाजपा नीत राजग सरकार को हटाने के लिए सब साथ में आएं। उन्होंने कहा, ”भाजपा इस बार पश्चिम बंगाल में चुनाव नहीं जीतेगी।

दिल्ली से भी भाजपा को हटा देंगी तृणमूल कांग्रेस 
तृणमूल कांग्रेस एक बार फिर सरकार बनाएगी। हम 2026 में ही दिल्ली से भी भाजपा को हटा देंगे।” तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वह पिछले एक महीने से पश्चिम बंगाल का गहन दौरा कर रही हैं और इस अवधि में ”मैं समझ गई कि जनता क्या चाहती है, यह साफ है कि कोई भी भाजपा को नहीं चाहता। तृणमूल कांग्रेस सरकार पर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए भाजपा द्वारा जारी ‘आरोपपत्र’ पर उसे आड़े हाथ लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह भी हल्दिया डॉक कॉम्प्लैक्स और उससे लगे औद्योगिक क्षेत्र में ‘कट-मनी’ लेने के लिए भाजपा के खिलाफ आरोपपत्र जारी कर रही हैं।

आरोप प्रत्यारोप को दौर जारी 
बनर्जी ने कहा, ”आपने तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ आरोपपत्र जारी किया, मैं भी भाजपा के खिलाफ आरोपपत्र जारी कर रही हूं।” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तृणमूल सरकार के खिलाफ एक आरोपपत्र जारी करते हुए 28 मार्च को राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार का, कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने का और घुसपैठ को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। 

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खड़गे के बयान पर हमलावार हुई BJP: तरुण चुग बोले- PM मोदी को “Terrorist” कहना 140 करोड़ देशवासियों का अपमान

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नई दिल्ली,एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा दिए गए बयान पर अब सियासत तेज हो गई है। इसे लेकर बीजेपी नेता तरुण चुग ने एक्स पर वीडियो पोस्ट कर कांग्रेस पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री के लिए “Terrorist” जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना राजनीतिक मतभेद नहीं, बल्कि लोकतंत्र और 140 करोड़ देशवासियों के जनादेश का अपमान है।

उन्होंने कहा कि दिशाहीनता और घटिया मानसिकता के ग्रसित कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का यह बयान निम्नस्तरीय, घृणित और राष्ट्रविरोधी है। इसकी जितनी निंदा की जाए कम है। यह बयान सिर्फ एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि देश की गरिमा और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा आघात है। जिसे देश की जनता कताई बर्दाश्त नहीं करेगी।
हालांकि इस बयान को लेकर जहां बीजेपी कांग्रेस पर हमलावार है तो वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इसे लेकर सफाई दी है। उन्होंने प्रेसवार्ता कर कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उनका मतलब था कि प्रधानमंत्री देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने को ‘आतंकित’ कर रहे हैं। खरगे ने कहा, ”वह लोगों और राजनीतिक दलों को आतंकित कर रहे हैं। मैंने कभी नहीं कहा कि वह (शब्दश:) आतंकवादी हैं। इसे आतंकित करना… वह अपनी सत्ता और सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं और विपक्षी पार्टियों को गाली दे रहे हैं, बदनाम कर रहे हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ”भाजपा कार्यालय का एक्सटेंशन” बन गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री पर चुनाव प्रचार के आखिरी चरण में आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग जैसी केंद्रीय एजेंसियों को राजनीतिक लोगों को डराने-धमकाने के औजार के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। खरगे ने महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक को लेकर भी केंद्र पर निशाना साधा। 
उन्होंने प्रधानमंत्री पर यह दावा करके जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया कि विपक्ष ने महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक को पारित नहीं होने दिया। उन्होंने तर्क दिया, ”अगर वह सच में इसे लागू करना चाहते हैं, तो वह मौजूदा 543 लोकसभा सीटों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दे सकते हैं। वह इसे क्यों नहीं दे रहे हैं?’

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