बीजापुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर पर सुरक्षाबलों ने एनकाउंटर में 4 नक्सलियों को मार गिराया है। मौके से बड़ी तादाद में हथियार बरामद किए गए हैं। नारायणपुर जिले और गढ़चिरौली बॉर्डर इलाके में तलाशी के दौरान सभी के शव बरामद कर लिए गए हैं। मामला गढ़चिरौली के कोपरशी गांव का है।
मिली जानकारी के मुताबिक जवानों को नक्सलियों की मौजूदगी की खुफिया सोर्स से इनपुट मिले थे। गढ़चिरौली पुलिस की सी-60 कमांडो टीम को ऑपरेशन पर भेजा गया। टीम ने कोपरशी गांव के पास जंगल में सर्च शुरू किया, तभी नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में नक्सली मारे गए हैं।
वहीं बीजापुर में बुधवार को 81 लाख रुपए के 20 इनामी समेत 30 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। पुलिस और केंद्रीय बल अधिकारियों के सामने इन्होंने हथियार डाल दिए। इसमें DVCM (डिविजनल कमेटी मेंबर) सोनू हेमला उर्फ कोरोटी (8 लाख इनामी) ने अपनी पत्नी के साथ हथियार डाला है।
एनकाउंटर से जुड़ी पहले ये तस्वीरें देखिए…
एनकाउंटर में मारे गए नक्सलियों के शवों को हेलीकॉप्टर से लाया गया।
हेलीकॉप्टर से चारों नक्सलियों के शवों को गढ़चिरौली लाया गया है। बुधवार को एनकाउंटर में नक्सलियों को मारा गया।
नक्सलियों के शवों को ले जाते हुए जवानों की तस्वीर है।
अब जानिए एनकाउंटर स्पॉट से क्या-क्या मिला ?
गढ़चिरौली पुलिस के मुताबिक मुठभेड़ के बाद जब इलाके की तलाशी ली गई तो बड़ी संख्या में हथियार मिले हैं। इसमें 1 इंसास रायफल, 2 SLR और 1 थ्री-नॉट-थ्री रायफल शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि नक्सली इन हथियारों का इस्तेमाल किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की साजिश थी।
बरामद हथियारों से यह साफ है कि नक्सली लंबे समय से इस इलाके में सक्रिय थे। जंगल में अभी भी कुछ नक्सली छिपे हो सकते हैं। इसी वजह से सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर रखा है। ऑपरेशन अब भी जारी है। मुठभेड़ के चलते आसपास के गांवों में तनाव का माहौल है। वहीं नक्सलियों के शवों को हेलीकॉप्टर से गढ़चिरौली लाया गया है।
सुरक्षाबलों ने बुधवार को एनकाउंटर में 4 नक्सलियों को मार गिराया है। (जवानों की फाइल तस्वीर)
अब पढ़िए सरेंडर नक्सलियों के बारे में
बीजापुर में सरेंडर नक्सलियों में इसके अलावा, कंपनी नंबर-02 के 5 सदस्य, ACM-02, एरिया कमेटी पार्टी सदस्य-05, PLGA सदस्य-01, CNM सदस्य-02, जनताना सरकार उपाध्यक्ष-01, जनताना सरकार सदस्य-05, मिलिशिया प्लाटून सदस्य-02, DAKMS सदस्य-02 शामिल हैं।
सरेंडर करने वाले नक्सलियों को 50-50 हजार का चेक पुनर्वास सहायता के रूप में दिया गया। इस दौरान दंतेवाड़ा रेंज के उप पुलिस महानिरीक्षक कमलोचन कश्यप, आईजी बीएस नेगी, बीजापुर एसपी डॉ. जितेन्द्र यादव, कोबरा, केरिपु और DRG अधिकारी शामिल रहे।
बीजापुर में सरेंडर करने वाले नक्सलियों को 50-50 हजार का चेक पुनर्वास सहायता के रूप में दिया गया।
2024 से अब तक 834 गिरफ्तार, 496 सरेंडर, 190 मारे गए
1 जनवरी 2025 से अब तक 331 नक्सली गिरफ्तार हुए हैं। 307 ने आत्मसमर्पण किया है। जबकि मुठभेड़ में 132 नक्सली मारे गए हैं। वहीं, 2024 की शुरुआत से अब तक कुल 834 माओवादी गिरफ्तार हुए हैं। 496 ने आत्मसमर्पण किया है और 190 मुठभेड़ों में मारे गए हैं।
यह बड़ी उपलब्धि- पुलिस
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि, यह आत्मसमर्पण बीजापुर जिले के नक्सल उन्मूलन अभियान में बड़ी सफलता है। नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा कैम्प, सड़क, बिजली, पानी और शासन की योजनाओं से ग्रामीण अब विकास और शांति की राह चुन रहे हैं।
क्यों छोड़ा संगठन?
संगठन में आंतरिक मतभेद और विचारधारा से मोहभंग।
ग्रामीणों तक पहुंच रही शासन की योजनाएं और सुरक्षा बलों का संवाद।
परिवार संग सुरक्षित और खुशहाल जीवन जीने की चाह।
नक्सलियों ने शिक्षादूत को मार डाला
बीजापुर और सुकमा जिले की सीमा पर बसे नक्सल प्रभावित सिलगेर गांव में नक्सलियों ने एक शिक्षादूत लक्ष्मण बाडसे की बेरहमी से हत्या कर दी। नक्सली उन्हें घर से बाहर ले गए और धारदार हथियार से मार डाला। नक्सलियों को शक था कि वह पुलिस के लिए मुखबिरी कर रहे हैं।
बीजापुर में नक्सलियों ने धारदार हथियार से शिक्षादूत की हत्या की।
जानकारी के मुताबिक, लक्ष्मण बाडसे भोपालपटनम के पेगड़ापल्ली गांव के रहने वाले थे और अपने ससुराल सिलगेर में रहकर मंडेमरका स्कूल में पढ़ाते थे। लक्ष्मण को कुछ समय पहले नक्सलियों ने धमकी भी दी थी।
यह कोई पहली घटना नहीं है। बीजापुर और सुकमा जिलों में अब तक 7 शिक्षादूतों की नक्सली हमले में जान जा चुकी है। नक्सली उन्हें अक्सर पुलिस का सहयोगी मानकर निशाना बनाते हैं।
कोरबा। जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में कलेक्टर ने लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों को संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) उनका क्रॉस वेरिफिकेशन करें। उन्होंने निर्देश दिए कि मार्च 2028 तक सभी लंबित कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं में नल से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, उन्हीं कार्यों का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समितियों की नियमित बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए। पाली के वनांचल क्षेत्र में योजना की दुर्गति कोरबा जिले के पाली ब्लाक के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के कार्यों की दुर्गति है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड कोरबा के कार्यपालन अभियंता रमन उरांव को जानकारी देने के बाद भी साल भर से निरीक्षण करने का समय तक नहीं मिला। क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों ने केन्द्र की इस महत्वाकांक्षी योजना का बंटाधार कर दिया है और यदि सही जांच कराई जाए तो करोड़ों का भ्रष्टाचार निकलेगा। जल जीवन मिशन में कार्य करने वाले ठेकेदार करोड़पति बन गए और इनके तथा अधिकारियों की मिलीभगत से जहां योजना का लाभ अधिकांश एवं गांवों को नहीं मिल पा रहा है, वहीं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों से योजना प्रारंभ होने से पहले ही दम तोड़ रही है और ठेकेदार भी कार्यवाही के अभाव में मदमस्त हैं।
मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत पर प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश कोरबा। समय सीमा की बैठक में मंगलवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत के तेवर सख्त दिखे। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा में विभाग की लापरवाही देखी। शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण एवं स्कूलवार स्कैनिंग कार्य की समीक्षा की। मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी संबंधी प्राप्त शिकायतों के निराकरण में प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने तथा जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकासखंड कोरबा एवं पोड़ी-उपरोड़ा में स्कैनिंग की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 31 जुलाई तक सभी विकासखंडों में शत-प्रतिशत स्कैनिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने वेंडर से समन्वय कर सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत बालिकाओं को शीघ्र साइकिल वितरण सुनिश्चित करने तथा स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश का दूसरा सेट उपलब्ध कराने के लिए उच्च अधिकारियों से समन्वय करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पीएम पोषण गार्डन के लिए विद्यालयों की जानकारी 31 जुलाई तक उपलब्ध कराने, अहाताविहीन विद्यालयों की सूची तैयार करने तथा संबंधित जनपद पंचायतों के सीईओ को सरपंच एवं सचिव के माध्यम से उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के लिए 1 अगस्त से 31 अगस्त तक विशेष शिविर आयोजित कर अपार आईडी बनाने तथा आधार एवं यू-डाइस से संबंधित त्रुटियों का निराकरण करने के निर्देश दिए। छात्र सुरक्षा बीमा की राशि समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत के मामले में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के संबंधित शाखा प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राचार्य को हटाने बच्चों ने विधायक पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन के काफिले का कर दिया था घेराव
गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सहायक आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल!
एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन सहायक आयुक्त को निरीक्षण करने का समय ही नहीं मिला। महीनों से बच्चों को दूषित भोजन दिया जा रहा, लेकिन सहायक आयुक्त को कुछ पता ही नहीं।