जांजगीर। रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के दिशा-निर्देश अनुसार आगामी अंतरजिला क्रिकेट प्रतियोगिता अक्टूबर से प्रस्तावित है। इसी क्रम में जिला क्रिकेट एसोसिएशन जांजगीर-चांपा द्वारा अंडर-23 एवं सीनियर वर्ग के खिलाड़ियों का सेलेक्शन ट्रायल 7 सितंबर को प्रातः 8 बजे से हाईस्कूल मैदान, जांजगीर में आयोजित किया जाएगा। खिलाड़ियों को ट्रायल के लिए पंजीयन कराना अनिवार्य है। पंजीयन के समय क्रिकेट किट, नवीनतम फोटोग्राफ, जन्म प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, सभी शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की छायाप्रति सहित मूल दस्तावेज लाना अनिवार्य है। पूर्व पंजीकृत खिलाड़ियों को पंजीयन नवीनीकरण कराना होगा। इससे पूर्व अंडर-14 एवं अंडर-19 आयु वर्ग का ट्रायल डिप्टी कलेक्टर सुब्रत प्रधान, प्रभारी जिला खेल अधिकारी तथा छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के ऑब्जर्वर आलोक श्रीवास्तव की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। इस ट्रायल में कुल 45 खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर तीन टीमें बनाई गईं, जिनके बीच मैच कराकर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 16 खिलाड़ियों की टीम चयनित की जाएगी।
उप मुख्यमंत्री ने स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव का किया शुभारंभ
छत्तीसगढ़ में पहली बार हो रहे कॉन्क्लेव में देशभर के खेल प्रशासक, विशेषज्ञ, स्पोर्ट्स साइंटिस्ट, नामचीन खिलाड़ी और खेल संघों के पदाधिकारी जुटे
राज्य में खेलों और खिलाडि़यों के लिए बेहतर इको-सिस्टम तैयार करने कर रहे मंथन
रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने आज छत्तीसगढ़ में पहली बार हो रहे स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव का शुभारंभ किया। राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित कॉन्क्लेव में देशभर के खेल प्रशासक, विशेषज्ञ, स्पोर्ट्स साइंटिस्ट, नामचीन खिलाड़ी और खेल संघों के पदाधिकारी भागीदारी कर रहे हैं। वे दिनभर अलग-अलग कई सत्रों में राज्य में खेल और खिलाडि़यों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने, खेल प्रतिभाएं को तराशने, उन्हें अच्छी सुविधाएं उपलब्ध कराने, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं के लिए तैयार करने तथा खेल अधोसंरचना को मजबूत करने रोडमैप पर मंथन करेंगे।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव के पहले सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि समर्थ और विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए खेल एक अहम उपक्रम साबित होगा। राज्य में खेल और खिलाडि़यों के विकास से युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के ज्यादा मौके मिलेंगे, उनका सर्वांगीण विकास होगा और वे एक मजबूत मानव संसाधन के रूप में तैयार होंगे, जिसका लाभ छत्तीसगढ़ को मिलेगा।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाडि़यों की तरक्की और बेहतरी के लिए राज्य शासन हर तरह से तैयार है। इसके लिए खिलाडि़यों, प्रशिक्षकों और खेल संघों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने राज्य की मौजूदा खेल अधोसंरचनाओं का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करते हुए इनके संचालन और खिलाडि़यों के लिए उपलब्धता की सुदृढ़ व्यवस्था बनाने पर जोर दिया।
श्री साव ने श्विजन टू विक्ट्रीश् थीम पर आयोजित कॉन्क्लेव में श्नेतृत्व, खेल प्रोत्साहन और प्रतिभा खोजश् सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि आज विभिन्न सत्रों में विशेषज्ञों के बीच होने वाली चर्चा के निष्कर्षों को राज्य में बेहतर खेल सुविधाओं और खिलाडि़यों को तैयार करने के लिए लागू किया जाएगा। उन्होंने सभी जिलों में खेल संघों के गठन, उनके व्यवस्थित व मजबूत ढांचे, नियमित गतिविधियों और पारदर्शी कार्यप्रणाली पर जोर दिया।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि आज यहां होने वाली चर्चा के निष्कर्षों को राज्य की नई खेल नीति में शामिल किया जाएगा। उन्होंने खिलाडि़यों को आगे बढ़ाने राज्य शासन द्वारा किए जा रहे आयोजनों और कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अभी 150 करोड़ रुपए से अधिक के खेल अधोसंरचनाओं के निर्माण कार्य प्रगति पर हैं।
कॉन्क्लेव के पहले सत्र में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलर और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली छत्तीसगढ़ की महिला फुटबॉल टीम की कप्तान सुश्री किरण पिस्दा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बस्तर ओलंपिक, सरगुजा ओलंपिक और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स खिलाडि़यों के लिए बड़ा प्लेटफॉर्म है। राज्य में पहली बार हो रहे इस स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव से खिलाडि़यों को बहुत फायदा होगा। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं के लिए खिलाडि़यों को तैयार करने यहां रोडमैप तैयार होगा, जिसका लाभ सभी खिलाडि़यों को मिलेगा।
कॉन्क्लेव में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनुजा सलाम, पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर राजेश चौहान, ओलंपियन जिन्शन जॉनसन और छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया सहित अनेक स्पोर्ट्स प्रोफेशनल, सभी जिलों के खेल अधिकारी, प्रशिक्षक, पदक विजेता खिलाड़ी और खेल संघों के पदाधिकारी मौजूद थे।
रायपुर। भारतीय टेबल टेनिस महासंघ के तकनीकी समिति के सदस्य एवं अन्तर्राष्ट्रीय अंपायर विनय बैसवाड़े का चयन टेकनीकल ऑफिशियल के रूप में दिनांक 27 जुलाई से 02 अगस्त 2026 तक दिल्ली में आयोजित “22वीं कामनवेल्थ टेबल टेनिस प्रतियोगिता 2026” हेतु किया गया है।
यह प्रतियोगिता दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में कल से आरम्भ हुयी है, जिसमें कॉमनवेल्थ के 25 देशों के खिलाडी/प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता में पुरुष टीम, महिला टीम, पुरुष एकल, महिला एकल, पुरुष युगल, महिला युगल एवं मिश्रित युगल हेतु कुल मिलाकर 07 वर्गों में आयोजित की जा रही है। इसके पूर्व भी विनय बैसवाड़े कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में टेकनीकल ऑफिशियल के रूप में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस संघ के उपाध्यक्ष विनय बैसवाड़े, अंतरराष्ट्रीय अंपायर एवं खिलाड़ी हैं तथा भारतीय जीवन बीमा निगम, मण्डल कार्यालय, रायपुर में कार्यरत है ।
इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस संघ के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष शरद शुक्ला, छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस संघ के उपाध्यक्ष प्रदीप जोशी, कोषाध्यक्ष सौरभ शुक्ला एवं समस्त पदाधिकारियों ने हार्दिक बधाई दी एवं शुभकामनाए दी । उपरोक्त जानकारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस संघ के सह सचिव प्रेमराज जाचक ने दी।
’अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप खुद को अपडेट रखें कोच व खेल अधिकारी’
उप मुख्यमंत्री ने खेल विभाग के कार्यों की समीक्षा की
सभी खेल आयोजनों में मौजूद रहकर खेल प्रतिभाओं पर नजर रखने के दिए निर्देश
हर जिले में सभी खेलों के संघ बनाने कहा
रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने आज खेल विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों और प्रशिक्षकों को छत्तीसगढ़ में नई खेल संस्कृति विकसित करने तथा खेल हब बनाने नई सोच एवं विजन के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, आदिम जाति कल्याण, पुलिस और वन विभाग सहित विभिन्न विभागों के खेल आयोजनों में मौजूद रहकर कम उम्र की प्रतिभाओं को खोजने तथा उनके समुचित प्रशिक्षण व मार्गदर्शन की व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने इन आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए आयोजकों को आवश्यक सुझाव, सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करने को भी कहा। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार और संचालक श्रीमती तनुजा सलाम भी बैठक में शामिल हुईं।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बैठक में विभाग द्वारा आयोजित किए जाने वाले ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविरों के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ ही ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों एवं खेल संघों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये प्रशिक्षण शिविर स्थानीय स्तर पर खेलों का वातावरण तैयार करने का बड़ा माध्यम है। उन्होंने खेल एवं खिलाड़ियों के लिए अच्छा वातावरण तैयार करने हर जिले में सभी खेलों के संघ बनाने को कहा। उन्होंने शासन द्वारा सहयोग प्रदान करने सभी खेल संघों एवं एशोसिएशन्स का पंजीयन कराने को भी कहा।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने राज्य शासन द्वारा निर्मित खेल अधोसंरचनाओं के साथ ही खेलो इंडिया सेंटर्स की प्रशिक्षण सुविधाओं और प्रशिक्षकों के माध्यम से राज्य के खिलाड़ियों को तराशने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रतिभावान खिलाड़ियों की कम उम्र में ही पहचान कर उनके प्रशिक्षण एवं ग्रूमिंग के लिए अच्छी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सभी जिलों के खेल अधिकारियों को अपने-अपने जिले के राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ ही अच्छी संभावनाओं वाले खिलाड़ियों की विस्तृत प्रोफाइल तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने खिलाड़ियों को बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का सहयोग लेने को भी कहा।
उप मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन खेल परिसरों, खेल मैदानों एवं स्टेडियमों के निर्माण के दौरान नियमित रूप से कार्यों का अवलोकन कर खिलाड़ियों की जरूरतों के अनुरूप निर्माण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने संबंधित जिले के लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता के नियमित संपर्क में रहकर कार्यों को तेजी से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। श्री साव ने बैठक में मौजूद लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता वी.एस. कोरम को खेल अधोसंरचनाओं से जुड़े निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ जल्द से जल्द पूर्ण करने को कहा। उन्होंने सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को तेजी से पूर्ण कर अप्रारंभ कार्यों को यथाशीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने उप मुख्यमंत्री कार्यालय को हर महीने इन कार्यों की प्रगति की रिपोर्ट देने को भी कहा।
श्री साव ने सभी खेल अधिकारियों को अपने-अपने जिले में विकासखंड शिक्षा अधिकारियों से मिलकर स्कूलों में प्रतिदिन खेलों का एक पीरिएड सुनिश्चत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के माध्यम से हर गांव के सरपंच और सचिव की बैठक कर उन्हें गांवों में खेलों के लिए अच्छा माहौल तैयार करने के लिए प्रेरित करने को कहा। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने प्रशिक्षकों और खेल अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नई तकनीकों, खेल उपकरणों, नए नियमों और नियामक संस्थाओं से अपडेट रहने के निर्देश दिए। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संयुक्त संचालक प्रभाकर पाण्डेय, उप संचालक श्रीमती रश्मि ठाकुर और रवि अग्रवाल सहित सभी जिलों के खेल अधिकारी, वरिष्ठ प्रशिक्षक एवं प्रशिक्षक समीक्षा बैठक में मौजूद थे।