देश
हिमाचल में अब तक 350+ लोगों की मौत:₹4.07 लाख करोड़ का नुकसान, उत्तराखंड में बादल फटा, मोदी 9 सितंबर को पंजाब जाएंगे
नई दिल्ली,एजेंसी। हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन (24 जुलाई से लेकर 7 अगस्त) तक बारिश-बाढ़, लैंडस्लाइड से जुड़ी घटनाओं में 366 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य सरकार को ₹4 लाख करोड़ की संपत्ति का नुकसान भी हुआ है। शिमला में 116% और कुल्लू में 113% बारिश हुई, जो सामान्य से दोगुनी है।
पंजाब के सभी 23 जिले अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य में अगले 3 दिन बारिश का अलर्ट नहीं है, लेकिन लुधियाना का ससराली बांध टूटने का खतरा बना हुआ है। पीएम मोदी 9 सितंबर को बाढ़ प्रभावित इलाके का दौरा करेंगे।
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के नौगांव में शनिवार शाम को बादल फटा। बाजार और कई घरों में पानी-मलबा घुस गया। सड़क पर खड़ी कई गाड़ियां भी बह गईं। उत्तर प्रदेश के मथुरा में यमुना नदी शहर से 1 किमी दूर तक पहुंच गई है। घाट किनारे के आश्रमों में 5 फीट तक पानी भरा है। वृंदावन परिक्रमा मार्ग पानी में डूबा है।

राजस्थान के राजसमंद में शनिवार को तेज बारिश से नेशनल हाईवे-162 (राजसमंद-जोधपुर) का आधा हिस्सा बह गया।

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के नौगांव में शनिवार शाम को बादल फट गया। इससे सड़क पर खड़ी कई गाड़ियां भी बह गईं।

हिमाचल के सिरमौर के नौहराधार में शनिवार को पूरा पहाड़ नदी में आ गया। हालांकि, जहां लैंडस्लाइड हुई वहां कोई बस्ती नहीं थी।
गुजरात और राजस्थान में बारिश का रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने रविवार को महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान में बारिश का रेड अलर्ट, गोवा में ऑरेंज और MP-बिहार समेत 20 राज्यों में यलो अलर्ट जारी किया है।
हरियाणा: हिसार में छत गिरी, मलबे में लड़का दबा

हिसार में बारिश के कारण एक मकान की छत गिर गई, जिससे 17 साल का लड़का घायल हो गया। यह हादसा बरवाला शहर में देर रात को शहर के वार्ड नंबर 18 में हुआ। घायल हुए प्रिंस को तुरंत अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हड्डियों में फ्रैक्चर होने की पुष्टि की है।
पीड़ित परिवार के मुखिया बलवंत ने बताया कि पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश का पानी छत और दीवारों में भर गया था। इसी कारण मकान की दीवारों में दरारें आने लगी थीं। देर रात प्रिंस कमरे में बैठा हुआ था कि अचानक छत गिर गई। छत गिरने से प्रिंस मलबे के नीचे दब गया। आसपास के लोगों ने तुरंत उसे बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।
PM मोदी 9 सितंबर को बाढ़ प्रभावित पंजाब का दौरा करेंगे
पीएम मोदी बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए 9 सितंबर को पंजाब का दौरा करेंगे। भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने रविवार को यह जानकारी दी। इससे पहले, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पंजाब का दौरा किया था। पंजाब में बाढ़ के कारण अब तक 46 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1.75 लाख हेक्टेयर की फसलें बर्बाद हो गई हैं।
उत्तर प्रदेश: इटावा में यमुना से 7 गांवों में बाढ़

इटावा के चकरनगर क्षेत्र में चंबल और यमुना नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ आ गई है। यमुना चेतावनी बिंदु 120.92 मीटर को पार कर 121.66 मीटर तक पहुंच गई है, जो खतरे के निशान से मात्र 26 सेंटीमीटर नीचे है। बाढ़ से 7 गांवों के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। सिद्धनाथ मंदिर और कई प्रमुख मार्ग जलमग्न होकर बंद हो गए हैं।
गुजरात के 7 जिलों में रेड, 18 जिलों में ओरेंज अलर्ट

बनासकांठा में मवेशी चरा रहे 8 लोग साबरमती नदी की बाढ़ में फंस गए थे, जिन्हें SDRF की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला।
गुजरात में रविवार को कई जिलों के लिए बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में कच्छ, बनासकांठा, पाटण, मोरबी, वलसाड, दमन, दादर और नगर हवेली शामिल हैं।
वहीं, सुरेंद्रनगर, राजकोट, जामनगर, देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जूनागढ़, गिर सोमनाथ, दीव, अमरेली, भावनगर, बोटाद, अहमदाबाद, मेहसाणा, गांधीनगर, साबरकांठा, नवसारी, सूरत और तापी में तेज बारिश का ऑरेंज अलर्ट है।
NDRF की 12 और SDRF की 20 टीमें तैनात राज्य में आज बहुत तेज बारिश का अनुमान है। इसके चलते NDRF की 12 और SDRF की 20 टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। इधर, वडोदरा में NDRF की एक टीम रिजर्व में रखी गई है।
जम्मू: कटरा-संगलदान के बीच स्पेशल ट्रेन सर्विस की शुरुआत
लगातार बारिश और फ्लैश फ्लड के कारण जम्मू-कश्मीर रियासी और रामबन में फंसे टूरिस्ट्स को निकालने के लिए रेलवे विभाग ने कटरा (SVDK) और संगलदान (SGDN) के बीच फ्लड स्पेशल लोकल ट्रेन सर्विस शुरू करने का निर्णय लिया है। यह सर्विस 8 सितंबर (सोमवार) से 12 सितंबर (शुक्रवार) तक अस्थायी तौर पर चलेगी।
MP के इंदौर में 787.4mm बारिश हुई

एमपी के इंदौर में जिले की बारिश का औसत 38 इंच है। अब तक 787.4mm बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। इंदौर शहर में 870.712mm बारिश हो चुकी है। जिले में सबसे ज्यादा देपालपुर में 1016mm से ज्यादा बारिश हो चुकी है, जबकि सबसे कम गौतमपुरा में 569.976mm इंच हुई है।
इंदौर जिले को अब 177.8mm और शहर को 88.9mm बारिश की जरूरत है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार इंदौर में औसत से अधिक बारिश हो सकती है। अभी भी मप्र के ऊपर एक स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 7 दिन तक मध्य प्रदेश में और अच्छी बारिश होने का अनुमान है।
पंजाब में बाढ़ की मौजूदा स्थिति…
- 23 जिलों में बाढ़ का असर: 23 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें अमृतसर, बरनाला, बठिंडा, फरीदकोट, फतेहगढ़ साहिब, फिरोजपुर, फाजिल्का, गुरदासपुर, होशियारपुर, जालंधर, कपूरथला, लुधियाना, मलेरकोटला, मानसा, मोगा, पठानकोट, पटियाला, रूपनगर, संगरूर, एसएएस नगर, श्री मुक्तसर साहिब, एसबीएस नगर और तरनतारन शामिल हैं।
- 1996 गांव डूबे: राज्य के 1996 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। अमृतसर के 195, गुरदासपुर के 329, बरनाला के 121, बठिंडा के 21, फिरोजपुर के 108, होशियारपुर के 173, कपूरथला के 145, पठानकोट के 88, मोगा के 52, जालंधर के 93, फाजिल्का के 80, फरीदकोट के 15, लुधियाना के 77, मुक्तसर के 23, एसबीएस नगर के 28, एसएएस नगर के 15, संगरूर के 107 और मानसा के 95 गांव ज्यादा प्रभावित हैं। इसके अलावा मलेरकोटला के 12, पटियाला में 105, रूपनगर में 44 और तरनतारन में 70 गांव पानी में घिरे हुए हैं।
- 3.84 लाख से ज्यादा आबादी प्रभावित: कुल 3,87,013 से अधिक लोग अब तक प्रभावित हो चुके हैं। सबसे ज्यादा असर अमृतसर (1,36,105), गुरदासपुर (1,45,000) और फाजिल्का (24,930) में देखने को मिला है। इसके अलावा फिरोजपुर, कपूरथला, मोगा, संगरूर और मोहाली में भी हजारों लोग संकट में हैं।
- 46 लोगों की अब तक मौत हुई: अब तक 12 जिलों में 46 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें अमृतसर (7), बरनाला (5), बठिंडा (4), होशियारपुर (7), लुधियाना (4), मानसा (3), पठानकोट (6), गुरदासपुर (2), एसएएस नगर (2), फिरोजपुर (1), फाजिल्का (1), रूपनगर (1), पटियाला (1) और संगरूर (1) शामिल हैं। पठानकोट जिले से 3 लोग लापता हैं। वहीं, पशुधन हानि का सटीक आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है, लेकिन बड़ी संख्या में पशु बाढ़ की चपेट में आए हैं।
- 22,854 लोगों को सुरक्षित निकाला: कुल 21,854 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर निकाला गया है। इनमें फिरोजपुर में 3888, अमृतसर से 3260, बरनाला से 627, होशियारपुर से 1616, कपूरथला से 1428, जालंधर से 511, मोगा से 155, रूपनगर से 248, पठानकोट से 1139 और तरनतारन से 21 लोग शामिल हैं।
- 219 राहत शिविर सक्रिय: राज्यभर में 219 राहत शिविर सक्रिय हैं, जिनमें अमृतसर, बरनाला, बठिंडा, फतेहगढ़ साहिब, जालंधर, कपूरथला, लुधियाना, मोगा, मोहाली, पठानकोट, पटियाला, रूपनगर, संगरूर और एसएएस नगर शामिल हैं। इन शिविरों में 7377 लोग रह रहे हैं।
- बाढ़ से अब तक 1,74,454 हेक्टेयर फसल प्रभावित: पंजाब में बाढ़ से अब तक 1,74,454 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है। सबसे ज्यादा नुकसान गुरदासपुर (40,169) में हुआ।

देश
फर्जी बैंक गारंटी से 136 करोड़ का खेल: रिलायंस पावर के CFO समेत 3 गिरफ्तार
नई दिल्ली,एजेंसी। राजधानी में आर्थिक अपराध शाखा ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए सोलर प्रोजेक्ट से जुड़े टेंडर में धांधली के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में एक प्रमुख कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी का नाम भी सामने आया है।

क्या है पूरा मामला
Delhi Police Economic Offences Wing की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने Solar Energy Corporation of India से टेंडर हासिल करने के लिए 136 करोड़ रुपये से अधिक की जाली बैंक गारंटी जमा की थी। इस साजिश में Reliance Power Limited के मुख्य वित्तीय अधिकारी अशोक कुमार पाल भी शामिल बताए जा रहे हैं।
फर्जी दस्तावेजों का जाल
जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपियों ने जाली दस्तावेजों को असली दिखाने के लिए नकली ईमेल संवाद तैयार किए। इतना ही नहीं, State Bank of India के नाम से फर्जी पुष्टि पत्र भी बनाए गए, जिससे टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित किया जा सके।
गिरफ्तारी और कार्रवाई
पुलिस ने तीनों आरोपियों को 15 अप्रैल को गिरफ्तार किया। अदालत ने उन्हें 23 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में वित्तीय धोखाधड़ी के कई और पहलुओं की जांच की जा रही है। यदि और सबूत सामने आते हैं, तो मामले में और गिरफ्तारी भी हो सकती है। फिलहाल ये मामला बड़े स्तर पर वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए किस तरह जाली दस्तावेजों और तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिस पर अब एजेंसियों ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
देश
PM मोदी पर विवादित टिप्पणी करना कांग्रेस को पड़ा भारी, चुनाव आयोग ने मल्लिकार्जुन को भेजा नोटिस
नई दिल्ली,एजेंसी। पीएम मोदी को लेकर विविवाद बयान देकर बुरे फंसे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मुश्किलें बढ़ गई है। दरअसल, भारत के चुनाव आयोग ने बुधवार को कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए उनके “आतंकवादी” कमेंट पर नोटिस जारी किया। भारतीय चुनाव आयोग ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा है।
आप को बता दें कि यह कार्रवाई केंद्रीय मंत्रियों – निर्मला सीतारमण, किरेन रिजिजू, अर्जुन राम मेघवाल – और अन्य BJP नेताओं वाले एक डेलीगेशन के चुनाव आयोग की फुल बेंच से मिलने और PM मोदी के खिलाफ खड़गे के “आतंकवादी” कमेंट के बारे में शिकायत करने के कुछ घंटों बाद हुई। हालांकि मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी को लेकर दिए गए बयान पर अपनी सफाई दी थी। उन्होंने प्रेसवार्ता कर कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उनका मतलब था कि प्रधानमंत्री देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने को ‘आतंकित’ कर रहे हैं। खरगे ने कहा, ”वह लोगों और राजनीतिक दलों को आतंकित कर रहे हैं। मैंने कभी नहीं कहा कि वह (शब्दश:) आतंकवादी हैं। इसे आतंकित करना… वह अपनी सत्ता और सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं और विपक्षी पार्टियों को गाली दे रहे हैं, बदनाम कर रहे हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ”भाजपा कार्यालय का एक्सटेंशन” बन गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री पर चुनाव प्रचार के आखिरी चरण में आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग जैसी केंद्रीय एजेंसियों को राजनीतिक लोगों को डराने-धमकाने के औजार के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। खरगे ने महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक को लेकर भी केंद्र पर निशाना साधा।
उन्होंने प्रधानमंत्री पर यह दावा करके जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया कि विपक्ष ने महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक को पारित नहीं होने दिया। उन्होंने तर्क दिया, ”अगर वह सच में इसे लागू करना चाहते हैं, तो वह मौजूदा 543 लोकसभा सीटों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दे सकते हैं। वह इसे क्यों नहीं दे रहे हैं?’
देश
Earthquake: भारत के इस राज्य में लगे भूकंप के झटके, घरों और दफ्तरों से बाहर निकले लोग
गांधीनगर,एजेंसी।गुजरात के चरोटर इलाके में बुधवार शाम भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए, जिससे लोगों में कुछ समय के लिए डर का माहौल बन गया। आणंद और आसपास के इलाकों में जैसे ही धरती हिली, कई लोग एहतियात के तौर पर अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकलकर खुले स्थानों की ओर भागे।

गांधीनगर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ सिस्मोलॉजिकल रिसर्च (ISR) के अनुसार, यह भूकंप शाम लगभग 4:35 बजे दर्ज किया गया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.4 मापी गई है। भूकंप का केंद्र आणंद से लगभग 36 किलोमीटर दूर था। अधिकारियों के मुताबिक, यह एक हल्का भूकंप था, इसलिए अभी तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है।
बता दें कि इससे पहले 21 अप्रैल को सौराष्ट्र क्षेत्र के राजकोट जिले में 3.2 तीव्रता के साथ भूकंप के झटके लगे थे। वहीं 19 अप्रैल को गुजरात के अमरेली जिले में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे, जिसकी रिक्टर स्केल पर तीव्रता 3.1 थी।
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