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लाल किला परिसर से ₹1 करोड़ के कलश चोरी:सोने पर हीरे-पन्ने जड़े थे, जैन समारोह की घटना, लोकसभा स्पीकर भी आए थे

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नई दिल्ली,एजेंसी। दिल्ली के लाल किला परिसर में जैन धार्मिक आयोजन के दौरान दो स्वर्ण कलश चोरी हो गए। इसमें 1.5 करोड़ रुपए कीमत के आभूषण लगे थे। घटना बुधवार, 3 सितंबर की है। इसका CCTV शनिवार को सामने आया है। इसमें एक चोर जैन पुजारी के वेश में आया और कीमती सामान से भरा बैग लेकर चला गया।

पुलिस ने कहा है कि संदिग्ध की पहचान कर ली गई है और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। एक स्वर्ण कलश पर लगभग 760 ग्राम सोने का नारियल लगा था। 115 ग्राम के दूसरे कलश पर हीरे, पन्ने और माणिक जड़े थे। इन्हें जैन धर्म में पवित्र माना जाता है और ये अनुष्ठानों में काम आते हैं।

एक स्वर्ण कलश पर 760 ग्राम का सोने का नारियल लगा था। दूसरे पर हीरे, पन्ने, माणिक जड़े थे।

एक स्वर्ण कलश पर 760 ग्राम का सोने का नारियल लगा था। दूसरे पर हीरे, पन्ने, माणिक जड़े थे।

ओम बिरला के स्वागत की अफरातफरी के बीच कलश मंच से गायब

लाल किला परिसर के पार्क में 15 अगस्त को 10 दिनों का धार्मिक आयोजन ‘दशलक्षण महापर्व’ आयोजित किया गया था। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, स्वर्ण कलश और कीमती सामान बिजनेसमैन सुधीर जैन के स्वामित्व में था।

वे अनुष्ठानों के लिए हर दिन ये कीमती सामान लाते थे। पिछले बुधवार भी वे अनुष्ठान के लिए कलश लाए थे। कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी शामिल हुए थे। ओम बिरला के स्वागत की अफरातफरी के बीच कलश मंच से गायब हो गया।

कलश चोरी का CCTV फुटेज

आरोपी आगे-पीछे देखते हुए जैन शिविर के किचन में धीरे-धीरे दाखिल हुआ।

आरोपी आगे-पीछे देखते हुए जैन शिविर के किचन में धीरे-धीरे दाखिल हुआ।

उसने किचन स्लैब पर रखे एक बैग में हाथ डाला और कुछ ढूंढने की कोशिश की।

उसने किचन स्लैब पर रखे एक बैग में हाथ डाला और कुछ ढूंढने की कोशिश की।

हालांकि उसने वह बैग छोड़ दिया और स्लैब पर कोने में रखा बैग लेकर बाहर निकल गया।

हालांकि उसने वह बैग छोड़ दिया और स्लैब पर कोने में रखा बैग लेकर बाहर निकल गया।

हालांकि यह पहली बार नहीं है जब लाल किले में सुरक्षा में सेंध का मामला सामने आया है। इससे पहले 2 अगस्त को लाल किले की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी एक डमी बम का पता नहीं लगा पाए थे।

स्वतंत्रता दिवस को लेकर सादे कपड़ों में पहुंची थी स्पेशल टीम

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम को लेकर स्पेशल सेल की एक टीम 2 अगस्त को सादे कपड़ों में मॉक ड्रिल के लिए पहुंची थी। वे अपने साथ एक नकली बम लेकर लाल किले में दाखिल हुए।

उस समय, लाल किले की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी बम डिटेक्ट नहीं कर सके। पुलिसकर्मियों को सुरक्षा में लापरवाही बरतने के कारण निलंबित कर दिया गया। लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह आयोजित होता है। इसमें पीएम मोदी देश को संबोधित करते हैं।

4 अगस्त: महिला कांग्रेस सांसद से चेन छीनी थी

चार अगस्त को दिल्ली के चाणक्यपुरी में मॉर्निंग वॉक के दौरान कांग्रेस सांसद सुधा रामकृष्णन से एक बदमाश ने चेन छीन ली थी।

घटना तमिलनाडु भवन के पास हुई थी। चेन खींचने की वजह से सांसद की गर्दन पर चोट आ गई थी। सुधा ने गृह मंत्री अमित शाह को लेटर लिखकर कहा था, ‘मेरी चार से ज्यादा सॉवरेन (करीब 32 ग्राम) वजन की सोने की चेन खो गई और मैं इस आपराधिक हमले से बहुत सदमे में हूं।’

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ईरान ने ठुकराया ट्रंप का सीजफायर एक्सटेंशन ! होर्मुज से भारत आ रहे जहाज को बनाया निशाना, IRGC ने 2 शिप किए जब्त

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तेहरान/तेल अवीव/वाशिंगठन/नई दिल्ली, एजेंसी। अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान की सेना के शक्तिशाली बल Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने  Strait of Hormuz में दो जहाजों को जब्त करने का बड़ा दावा किया है। ईरान के सरकारी मीडिया Islamic Republic of Iran Broadcasting के अनुसार, इन जहाजों के नाम “MSC-FRANCESCA” और “EPAMINODES” बताए गए हैं। उनमें से एक जहाज दुबई से गुजरात के मुंद्रा पोर्ट आ रहा था। इन जहाजों को अब ईरानी जलक्षेत्र में ले जाया जा रहा है। IRGC का कहना है कि ये जहाज ईरान के समुद्री नियमों का बार-बार उल्लंघन कर रहे थे और बिना अनुमति इस रणनीतिक जलमार्ग से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। जहाज ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, ईरान द्वरा जब्त जहाज एपामिनोंडास का गंतव्य गुजरात का मुंद्रा पोर्ट था। ये जहाज दुबई से अपनी यात्रा शुरू कर भारत की ओर आ रहा था, जब इसे ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अपने कब्जे में ले लिया।

ईरान ने  आरोप लगाया है कि इन जहाजों ने नेविगेशन सिस्टम के साथ छेड़छाड़ की, जिससे समुद्र में सुरक्षित आवाजाही को खतरा पैदा हुआ। इसके बाद IRGC ने खुफिया निगरानी के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों जहाजों को रोका और उन्हें ईरानी जलक्षेत्र में ले जाकर जांच के लिए भेज दिया। IRGC ने साफ कहा है कि वह होर्मुज स्ट्रेट पर “पूरी निगरानी” रखे हुए है और जो भी जहाज नियमों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब Donald Trump ने ईरान के साथ चल रहे अस्थायी युद्धविराम (ceasefire) को आगे बढ़ाने की घोषणा की है। लेकिन इसके बावजूद जमीन और समुद्र दोनों जगह तनाव बना हुआ है। दरअसल, United States ने ईरान के खिलाफ नौसैनिक दबाव और बंदरगाहों पर पाबंदियां जारी रखी हैं। ईरान इन कदमों को “आर्थिक और सैन्य घेराबंदी” मानता है और उसी के जवाब में सख्त रुख अपना रहा है। इसी दिन पहले भी United Kingdom Maritime Trade Operations ने दो अलग-अलग घटनाओं की जानकारी दी थी, जिसमें जहाजों पर फायरिंग और हमले हुए।

एक जहाज के पास हथियारबंद बोट पहुंची और गोलीबारी की गई, जबकि दूसरे जहाज को भी निशाना बनाया गया। हालांकि इन सभी घटनाओं में क्रू सुरक्षित रहा, लेकिन खतरा बढ़ गया है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है। यहां से वैश्विक तेल और गैस सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का तनाव या टकराव सीधे पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और तेल की कीमतों को प्रभावित कर सकता है। कुल मिलाकर, यह घटनाएं दिखाती हैं कि सीजफायर के बावजूद ईरान और अमेरिका के बीच भरोसे की कमी बनी हुई है। समुद्र में बढ़ती कार्रवाई और जहाजों पर हमले यह संकेत दे रहे हैं कि हालात अभी भी बहुत नाजुक हैं और आने वाले समय में तनाव और बढ़ सकता है।

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Rupee Fall: लगातार तीसरे दिन गिरा रुपया, डॉलर के मुकाबले आज इतनी आई गिरावट

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मुंबई, एजेंसी। रुपए में बुधवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट आई और यह 39 पैसे टूटकर 93.83 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा। अमेरिका-ईरान शांति वार्ता को लेकर अनिश्चितता से पश्चिम एशिया में संघर्ष कम होने की उम्मीदें कमजोर हुई हैं। इसके साथ कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई जिससे घरेलू मुद्रा पर दबाव बढ़ा। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि घरेलू शेयर बाजारों में गिरावट और विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी ने भी भारतीय मुद्रा पर दबाव डाला। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 93.69 प्रति डॉलर पर खुला। 

कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले 93.87 के निचले स्तर तक पहुंचा। अंत में घरेलू मुद्रा डॉलर के मुकाबले 93.83 (अस्थायी) पर रही जो पिछले बंद भाव से 39 पैसे की गिरावट है। रुपया मंगलवार को 28 पैसे की गिरावट के साथ 93.44 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी और अमेरिका-ईरान वार्ता को लेकर अनिश्चितता के कारण रुपये में गिरावट आई है। विदेशी पूंजी की निकासी के दबाव के कारण रुपए में नकारात्मक रुझान रहने का अनुमान है। 

चौधरी ने कहा, ”हालांकि, अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने से रुपए में तेज गिरावट को रोका जा सकता है। डॉलर के मुकाबले रुपए का हाजिर भाव 93.60 से 94.20 रुपए के दायरे में रहने का अनुमान है।” इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.07 प्रतिशत की गिरावट के साथ 98.15 पर रहा। घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स 756.84 अंक यानी 0.95 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78,516.49 अंक पर जबकि निफ्टी 198.50 अंक यानी 0.81 प्रतिशत टूटकर 24,378.10 अंक पर बंद हुआ। 

अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 1.29 प्रतिशत की बढ़त के साथ 99.75 डॉलर प्रति बैरल रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) मंगलवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने 1,918.99 करोड़ रुपए के शेयर बेचे।

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पश्चिम एशिया संकट से भारत का राजकोषीय घाटा लक्ष्य से जा सकता है ऊपर

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नई दिल्ली,एजेंसी। पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच सरकारी नीतियों से सार्वजनिक वित्त पर पड़ने वाले दबाव से भारत का राजकोषीय घाटा बजटीय लक्ष्य को पार कर सकता है और जीडीपी के 4.5 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। शोध फर्म बीएमआई ने बुधवार को एक रिपोर्ट में यह अनुमान जताया। सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.3 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य तय किया था। यह वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 4.4 प्रतिशत के संशोधित अनुमान से थोड़ा कम है। 

बीएमआई को उम्मीद है कि सरकार पश्चिम एशिया संघर्ष से उपजे व्यवधानों से निपटने के लिए महत्वपूर्ण साधनों को प्रमुख उद्योगों की ओर मोड़ने, व्यावसायिक लागतों को नियंत्रित करने और कंपनियों के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाने की नीतियां लागू करेगी। बीएमआई का अनुमान है कि सरकार सेमीकंडक्टर चिप्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले हीलियम और सल्फर जैसे दुर्लभ कच्चे माल के निर्यात पर प्रतिबंध भी लगा सकती है। सल्फर उर्वरक बनाने के लिए भी एक महत्वपूर्ण घटक है, इसलिए सरकार कृषि क्षेत्र में व्यवधानों को कम करने का प्रयास करेगी, जिसमें भारत के 43 प्रतिशत कार्यबल को रोजगार मिलता है। 

होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से प्रभावित व्यवसायों की लागत वृद्धि को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने एक लाख करोड़ रुपए का आर्थिक स्थिरीकरण कोष स्थापित किया है। बीएमआई का अनुमान है कि यह वित्त वर्ष 2026-27 में राजकोषीय व्यय में जीडीपी का 0.1 प्रतिशत योगदान देगा। होर्मुज जलडमरूमध्य पोत परिवहन का एक प्रमुख मार्ग है, जहां से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत प्राकृतिक गैस और कच्चा तेल गुजरता है। 

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