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छत्तीसगढ़

‘वोट-चोर गद्दी-छोड़’ सभा…पायलट ने मोदी सरकार को बताया वोट चोर:सचिन बोले-BJP के लिए काम कर रहा चुनाव आयोग, भूपेश बघेल बोले-दिनदहाड़े हत्याएं हो रही

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रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में ‘वोट चोर-गद्दी छोड़’ कार्यक्रम का तीसरे दिन समापन हो गया है। सचिन पायलट ने दुर्ग में समापन सभा में मोदी सरकार को वोट चोर बताया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग भाजपा के साथ मिलकर लोकतंत्र को कमजोर कर रहा है। राहुल गांधी ने वोट चोरी के सबूत दिए, लेकिन आयोग ने उल्टा उन्हें नोटिस थमा दिया।

पायलट ने कहा कि छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम विजय शर्मा पर भी यही आरोप लगे, लेकिन उन्हें कोई नोटिस नहीं मिला। चुनाव आयोग अब भाजपा सरकार के लिए काम करता दिख रहा है। छत्तीसगढ़ में जनता बदलाव चाहती है और कांग्रेस की सरकार बनेगी।

वहीं राजनांदगांव में भाषण के दौरान अजान की आवाज़ आई, तो पायलट ने डेढ़ मिनट तक मौन रखकर धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया। इसके बाद पायलट ने कहा कि वोट चोरों को देश की जनता माफ नहीं करेगी। देशभर में वोट चोरी के खिलाफ आवाज उठ रही है।

वहीं इसी सभा में पूर्व CM भूपेश बघेल ने कहा कि निर्वाचन आयोग देश का नहीं भाजपा का बन गया है। विधानसभा चुनाव में वोटों की चोरी हुई। वोटर लिस्ट में किसी का नाम काट दिया गया तो किसी का तीन-तीन बार नाम है। एक घर से सैकड़ों नाम भी सामने आए हैं।

भूपेश बघेल ने कहा कि वोट चोरी पर चुनाव आयोग चुप रहा, लेकिन जवाब भाजपा देती रही। निर्वाचन आयोग देश का नहीं भाजपा का बन गया है। बघेल ने बिजली कटौती पर कहा कि, कांग्रेस कार्यकाल में बिजली बिल नहीं बढ़ाया गया, लेकिन भाजपा ने आते ही पहले बिजली दरें बढ़ाई।

बिजली बिल हाफ योजना बंद किया। अब बिजली का वोल्टेज भी कम हो गया और सांय-सांय कटौती हो रही है। छत्तीसगढ़ की जनता बिजली और बिल दोनों से परेशान है। किसान, मजदूर और जनता त्रस्त है। सरकार में जनता की आवाज सुनने वाला कोई नहीं है। प्रदेश में दिनदहाड़े हत्याएं हो रही है।

स्वागत के लिए खड़े रहे नेता, नहीं रुके पायलट

सचिन पायलट की बाइक रैली दुर्ग के घड़ी चौक पर पहुंची। यहां पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री दीपक दुबे के बैनर तले मंच बनाया गया था। कार्यकर्ता यहां पर माला लेकर सचिन पायलट के स्वागत के लिए खड़े रहे, लेकिन सचिन पायलट और अन्य नेता आगे बढ़ गए। इससे कार्यकर्ता नाराज नजर आए।

मंच पर भीड़ से गुस्साए ताम्रध्वज साहू, कहा- कोई बचा है तो बुला लीजिए

प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री जब भाषण दे रहे थे। इसी दौरान सचिन पायलट के स्वागत के लिए महिलाओं का एक समूह मंच पर पहुंचा। पू्र्व विधायक अरुण वोरा इन्हें मिलाने पायलट के पास पहुंचे। इस दौरान मंच पर इतनी भीड़ हो गई कि ताम्रध्वज साहू को भाषण बंद करना पड़ा।

इस दौरान धक्का-मुक्की की वजह से उन्होंने मंच से ही कहा कि- मोला बचा ले भैया, मोला गिरा देबे तै। इसके बाद वे कुछ समय तक चुप रहे, फिर बाद में कहा कि और कोई बचा है तो उसे भी बुला लीजिए। इस दौरान वे गुस्से में नजर आए।

कांग्रेस की सभा की तस्वीरें-

राजनांदगांव के जयस्तंभ चौक पर कांग्रेस की वोट चोर-गद्दी छोड़ सभा हुई।

राजनांदगांव के जयस्तंभ चौक पर कांग्रेस की वोट चोर-गद्दी छोड़ सभा हुई।

राजनांदगांव में सभा से पहले पायलट ने छत्तीसगढ़ महतारी को पुष्प अर्पित किया।

राजनांदगांव में सभा से पहले पायलट ने छत्तीसगढ़ महतारी को पुष्प अर्पित किया।

रैली से पहले सचिन पायलट ने गुरुद्वारा में माथा टेका।

रैली से पहले सचिन पायलट ने गुरुद्वारा में माथा टेका।

रैली से पहले पायलट ने राजनांदगांव के एक निजी होटल में नेताओं से मुलाकात की थी।

रैली से पहले पायलट ने राजनांदगांव के एक निजी होटल में नेताओं से मुलाकात की थी।

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कोरबा

महतारी वंदन योजना से मजबूत हुआ आर्थिक संबल, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ीं गीता

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31वीं किश्त ने बढ़ाया भरोसा, महतारी वंदन से सशक्त हो रहीं महिलाएं – लाभार्थी श्रीमती गीता

कोरबा 09 सितंबर 2026। कोरबा विकासखण्ड के कोरकोमा गांव की श्रीमती गीता नायक के लिए हर महीने बैंक खाते में आने वाली एक हजार रुपये की राशि अब केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास का आधार बन गई है। महतारी वंदन योजना की 31वीं किश्त खाते में पहुंचने से गीता नायक के चेहरे पर संतोष और खुशी है। उनका कहना है कि प्रदेश की विष्णु भैया सरकार की यह कल्याणकारी योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। हितग्राही श्रीमती गीता बताती हैं, “महतारी वंदन योजना से हर महीने एक हजार रुपये मेरे खाते में सीधे आते हैं। अब 31वीं किश्त भी खाते में आ गई है। इस राशि से मुझे अपनी और परिवार की छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने में काफी मदद मिलती है। पहले छोटी जरूरतों के लिए भी सोचना पड़ता था, लेकिन अब अपने खाते में राशि आने से मुझे आर्थिक रूप से संबल मिलता है।
उन्होंने बताया कि उनके पति नीलांबर नायक खेती-किसानी का कार्य करते हैं। परिवार की जरूरतों और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के बीच महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि उनके लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है। वे इस राशि का उपयोग बच्चों की शैक्षणिक आवश्यकताओं, परिवार के लिए पौष्टिक भोजन और घरेलू जरूरतों को पूरा करने में करती हैं। राशनकार्ड के माध्यम से निर्धारित दर पर खाद्यान्न मिलने से भी परिवार को राहत मिल रही है। लाभार्थी गीता कहती हैं, “हर महीने अपने खाते में राशि आने से मुझे लगता है कि मैं भी परिवार की जरूरतों में अपना योगदान दे रही हूं। इससे मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है और मैं छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहती। महतारी वंदन की राशि मेरे लिए मुश्किल समय में सहारा बनती है।” उन्होंने कहा कि महिलाओं के खाते में सीधे राशि पहुंचने से उनमें आर्थिक सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। अपने निर्णयों में भागीदारी और परिवार की जरूरतों को पूरा करने में योगदान देने से महिलाएं धीरे-धीरे आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रही हैं। गीता नायक के लिए यह योजना आर्थिक सहायता के साथ-साथ सम्मान और आत्मविश्वास का माध्यम भी बनी है। श्रीमती गीता नायक ने कहा, “विष्णु भैया की सरकार महिलाओं के लिए बहुत अच्छी योजनाएं चला रही है। महतारी वंदन योजना से हमें हर महीने आर्थिक सहारा मिल रहा है। 31 किश्तों के बाद आज यह राशि हमारे जीवन का हिस्सा बन गई है। मैं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का हृदय से धन्यवाद करती हूं कि उन्होंने महिलाओं को आगे बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए ऐसी उपयोगी योजना संचालित की है।

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कोरबा

जनता प्राथमिक उपभोक्ता भंडार सहकारी समिति नगोईखार का मतदाता सूची प्रकाशित

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दावा- आपत्ति 15 सितंबर तक आमंत्रित
कोरबा 09 सितंबर 2026। जनता प्राथमिक उपभोक्ता भंडार सहकारी समिति मर्यादित नगोईखार पंजीयन क्रमांक 3584 के सदस्यों के मतदाता सूची को अंतिम रूप देने के लिए मतदाता सूची प्रकाशित किया गया है। मतदाता सूची के सम्बंध में सदस्यों से दावा-आपत्ति 15 सितंबर 2026 तक आमंत्रित किया गया है।
रजिस्ट्रीकरण अधिकारी श्रीमती सुष्मिता लकड़ा ने बताया कि दावा- आपत्ति लिखित में मय प्रमाण के साथ सोसायटी कार्यालय नगोईखार में समिति प्रबंधक विजय कुमार अग्रवाल के पास  15 सितंबर 2026 तक कार्यालयीन समय पर  प्रस्तुत किया जा सकता है। दावा- आपत्तियों का निराकरण 16 सितंबर को 12 बजे से किया जायेगा। निराकरण उपरांत अंतिम सूची का प्रकाशन किया जाएगा।

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कोरबा

हरदीबाजार अस्पताल के स्थानांतरण पर ग्रामीणों का भारी आक्रोश, मुआवजा विसंगति, रोजगार और बसाहट की मांग पूरी होने तक स्थानांतरण का उग्र विरोध

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कोरबा/हरदीबाजार। एसईसीएल (SECL) दीपका एरिया परियोजना के विस्तार को लेकर हरदीबाजार स्थित सरकारी स्वास्थ्य केंद्र (हॉस्पिटल) के स्थानांतरण की कवायद के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों भू-विस्थापितों और जनप्रतिनिधियों का जबरदस्त आक्रोश एवं उग्र विरोध सामने आया है। ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मूल संवैधानिक और मौलिक मांगों का त्वरित निराकरण नहीं किया जाता, तब तक अस्पताल का स्थानांतरण किसी भी स्थिति में नहीं होने दिया जाएगा, यदि प्रशासन ने जबरन अस्पताल हटाने का प्रयास किया तो ग्रामीणों को उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा ।

मामले की गंभीरता को देखते हुए आज हरदीबाजार तहसील कार्यालय में अनुविभागीय अधिकारी (SDM) पाली रोहित सिंह एवं तहसीलदार अमित क्रेकेटा की मौजूदगी में एक आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में हरदीबाजार पंचायत के सरपंच, उप-सरपंच, जनपद सदस्य, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे ।

मुआवजा पत्रक में भारी गड़बड़ी व गुमराह करने का आरोप

बैठक में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने दीपका एरिया प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नापी-सर्वे के उपरांत एसईसीएल द्वारा तैयार किए गए मुआवजा पत्रक में 40% घाटा-बढ़ा दर्शाकर किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि नियम-कानून में इस तरह के 40%-60% के नियम का कहीं कोई उल्लेख नहीं है। एसईसीएल प्रबंधन किसानों को गुमराह कर ऐसा पत्रक बना रहा है, जिससे उन्हें उनकी जमीन का वास्तविक लागत मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है। वर्षों से निवास कर रहे मूल किसानों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है ।

केंद्रीय कोयला मंत्री के कड़े निर्देशों की याद दिलाई

ग्रामीणों ने प्रशासन को अवगत कराया कि हाल ही में कटघोरा विधायक के नेतृत्व में विस्थापितों के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय कोयला मंत्री से मुलाकात कर क्षेत्र की जमीनी परिस्थितियों और समस्याओं को साझा किया था, इस पर कोयला मंत्री ने एसईसीएल बिलासपुर मुख्यालय (HQ) को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी किसान के अधिकारों का हनन या उनके साथ कोई छेड़छाड़ न की जाए, इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर प्रबंधन तानाशाही रवैया अपना रहा है ।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें

  1. मुआवजा विसंगति का समाधान:- मुआवजा पत्रक में की गई 40% की विसंगति को तत्काल सुधारकर किसानों को उनकी भूमि का उचित व वास्तविक मूल्य प्रदान किया जाए ।
  2. शीघ्र रोजगार की उपलब्धता:- भूमि अधिग्रहण के एवज में जितने भी पात्र किसान/विस्थापित हैं उन्हें अविलंब और तत्काल प्रभाव से रोजगार उपलब्ध कराया जाए ।
  3. बसाहट कार्य में तेजी:- विस्थापितों के लिए नए बसाहट स्थल पर जारी निर्माण व विकास कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए इसमें तेजी लाने की मांग की गई ।
  4. स्वास्थ्य सुविधा सुरक्षा:- जब तक सभी मौलिक व विधिक अधिकारों की बहाली नहीं होती अस्पताल को यथावत रहने दिया जाए ।

शासन-प्रशासन आगे आकर निकाले समाधान

ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों का कहना है कि वे विकास और खदान विस्तार के विरोधी नहीं हैं, लेकिन किसानों का नुकसान करके विस्तार स्वीकार्य नहीं है। एसईसीएल प्रबंधन और शासन-प्रशासन को आगे आकर किसानों की इन जायज और मूल समस्याओं का न्यायसंगत समाधान निकालना चाहिए, ताकि विस्थापितों के अधिकारों की रक्षा भी हो सके और कोयला खदान का विस्तार भी सुचारू रूप से संचालित हो सके ।

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