जयसिंह अग्रवाल ने ली प्रेसवार्ता, कहा- भाजपा के षडयंत्र को आईना दिखाया सीबीआई ने सीबीआई की विवेचना में भी खुलासा : दो बच्चों के झगड़े में विवाद बढ़ा पुलिस ने विवेचना कर दोषियों को पहले ही भेज चुका था जेल, सीबीआई ने जांच में भी पुलिस जांच को सही ठहराया कोरबा। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बिरनपुर में दो बच्चों के विवाद में दो परिवार कूद पड़े और ईश्वर साहू (वर्तमान में भाजपा विधायक) के पुत्र भुवनेश्वर साहू की मौत हो गई थी। केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने प्रदेश के इस चर्चित बिरनपुर हत्याकांड में न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की जिसमें उन्होंने किसी तरह का राजनीतिक षडयंत्र का कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर पाई और अब तक पुलिस द्वारा हुई जांच को सही ठहराया गया। पुलिस ने घटना के तुरंत बाद ही आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था और आरोपियों को जेल भेज दिया गया था।
सीबीआई द्वारा कोर्ट में जो चार्जशीट पेश की गई, उसको लेकर आज पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने पत्रकार वार्ता लेकर भाजपा पर हमलावर हुए और कहा कि बिरनपुर हत्याकांड साम्प्रदायिक हिंसा नहीं थी, बल्कि दो बच्चों के विवाद में बढ़ी हिंसा थी और उसमें ईश्वर साहू के पुत्र भुवनेश्वर साहू की मौत हो गई थी। श्री अग्रवाल ने कहा कि घटना चुनाव से ठीक पूर्व की थी और इसे भाजपा ने षडयंत्रपूर्वक घटना को साम्प्रदायिक हिंसा का रूप दे कर चुनावी लाभ लिया, जिसमें वे सफल भी हुई। सीबीआई की चार्जशीट में यह साबित हो गया कि बिरनपुर हत्याकांड साम्प्रदायिक नहीं बल्कि दो बच्चों के विवाद में फैली हिंसा थी। 8 अप्रैल 2023 को हुई थी घटना बेमेतरा जिले के साजा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम बिरनपुर में यह घटना गांव में ही बच्चों की मामूली लड़ाई में भयावह रूप ले लिया था और इस विवाद के बाद दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प शुरू हो गई थी और हिंसा में भुवनेश्वर साहू पिता ईश्वर साहू (वर्तमान विधायक -साजा) की हत्या हो गई थी। घटना 8 अप्रैल 2023 को हुई थी। घटना के बाद यहां भाजपा के लोग पहुंचे और इसे राजनीतिक रंग देना प्रारंभ कर दिया और बच्चों की लड़ाई को साम्प्रदायिक हिंसा का रूप देकर चुनावी लाभ लेने की कोशिश की और उसमें वे सफल हो गए। प्रदेश अध्यक्ष अरूण साव ने यहां भड़काऊ भाषण दिया और घटना का साम्प्रदायिक हिंसा का रूप दे दिया। भाजपा ने बिरनपुर में पीड़ित परिवार के घर कई बार गए और सरकार आने पर सीबीआई जांच की बात करते रहे। विधायक बनते ही ईश्वर साहू ने सीबीआई जांच की मांग की और राज्य की भाजपा सरकार ने अनुशंसा की और उसके बाद सीबीआई जांच भी हुई, लेकिन सीबीआई ने भी इसे साम्प्रदायिक नहीं बल्कि दो बच्चों के विवाद में बढ़ी हिंसा बताई। जयसिंह अग्रवाल ने कहा भाजपा का षडयंत्र सफल हो गया और बिरनपुर हत्याकांड को साम्प्रदायिक हिंसा का रूप देने की अफवाह फैलाई और वे उसमें सफल हो गए। भाजपा जीत गई और अजेय योद्धा रविन्द्र चौबे, ईश्वर साहू से हार गए। जयसिंह ने कहा कि भाजपा का षडयंत्र सार्वजनिक हो गया और भाजपा की कथनी और करनी सामने आ गई। सीबीआई ने इसे दो बच्चों के विवाद में भड़की हिंसा से घटना होना कोर्ट को बताया। भुवनेश्वर साहू की हत्या के बाद दो और हत्याएं भुवनेश्वर साहू की हत्या के बाद हिंसा और बढ़ गई और बिरनपुर छावनी में तब्दिल हो गया था। भुवनेश्वर साहू की हत्या के बाद दो और युवकों की हत्या हो गई थी। हत्याकांड पर जमकर हुई राजनीति:भाजपा का षडयंत्र सफल बिरनपुर हत्याकांड के बाद तात्कालीन कांग्रेस सरकार के खिलाफ विपक्ष भाजपा ने चुनाव में इसे भुनाने की कोशिश की और इस घटना को साम्प्रदायिक रूप दे दिया और पूरे प्रदेश में इस अफवाह को हवा मिली और भाजपा को बड़ी जीत मिली। तत्समय के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरूण साव सहित कई भाजपा नेताओं ने यहां डेरा डाल दिया और घटना को साम्प्रदायिक बताकर चुनाव का बड़ा मुद्दा बना दिया और उसमें वे सफल भी हुए। भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है। अरूण साव के इस आरोप को जनता ने एकतरफा विश्वास किया और इसका चुनावी लाभ भाजपा को मिली और भाजपा का षडयंत्र सफल हो गया। जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि सीबीआई की चार्जशीट ने स्पष्ट कर दिया कि एजेंसी को अपनी जांच में किसी भी राजनीतिक षडयंत्र का कोई ठोस सबूत नहीं मिला। श्री अग्रवाल ने कहा कि भाजपा ने चुनावी लाभ तो ले लिया लेकिन जनता भाजपा की षडयंत्रकारी नीति से अवगत भी हो गई, कि किस तरह भाजपा चुनाव में जीतने के लिए षडयंत्र रचती है और मामूली विवाद को साम्प्रदायिक हिंसा बना देती है। घटना के बाद ईश्वर साहू बने विधायक 10 अप्रैल 2023 को बिरनपुर में घटना घटी और बाद में भाजपा ने मृतक भुवनेश्वर साहू के पिता ईश्वर साहू को उम्मीदवार बनाया और वे कांग्रेस के रविन्द्र चौबे को हराकर विधायक बन गए। यहां यह बताना लाजिमी होगा कि तात्कालीन कांग्रेस सरकार ने ईश्वर साहू को 8 लाख रूपए और एक सदस्य को नौकरी देने की पेशकश की थी, लेकिन भाजपा ने षडयंत्रपूर्वक इसे साम्प्रदायिक हिंसा का रूप देकर ईश्वर साहू को टिकट दिया और ईश्वर साहू विधायक बन गए। श्री अग्रवाल ने पत्रकारवार्ता में कहा कि भाजपा का असली चेहरा बेनकाब हो चुका है और जनता भाजपा की करनी और कथनी को समझ चुकी है। जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए कुछ भी कर सकती है, इस बात को जनता को समझना होगा। भाजपा को अपने षडयंत्र पर माफी मांगनी चाहिए। ननकीराम का होम अरेस्ट लोकतंत्र की हत्या -जयसिंह एक प्रश्न के जवाब में जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि ननकीराम कंवर प्रदेश के ही नहीं बल्कि पूरे देश में सबसे वरिष्ठतम चौथे नम्बर के आदिवासी नेता हैं और वे किसी मुद्दे को लेकर धरना देते हैं, उन्हें नजरबंद कर दिया जाता है। भाजपा सरकार में जब ऐसे नेता की सुनवाई नहीं हो रही है, तो समझ जाईए…! उन्होंने कहा कि मलगांव में फर्जी मुआवजा वितरण की जांच सीबीआई से करने की मांग ननकीराम ने की है, तो यह होनी चाहिए। जब भाजपा के ही वरिष्ठतम नेता मांग कर रहे हैं तो कोई और विकल्प नहीं बचता। ननकीराम जिन बिन्दुओं को लेकर धरना देने के लिए रायपुर गए थे, इसके पहले ही उन्हें नजरबंद कर दिया गया, यह लोकतंत्र की हत्या है। पत्रकारवार्ता में जयसिंह के साथ कांग्रेस जिला अध्यक्षद्वय मनोज चौहान, यादव, राजकिशोर प्रसाद, श्याम सुंदर सोनी, दिलेश्वरी सिदार, कुसुम द्विवेदी, कृपाराम साहू, बीएन सिंह, सुरेश अग्रवाल सहित अन्य कांग्रेसी उपस्थित थे।
रायपुर/कोरबा। CG Forest Department Pramotion: छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग (Forest and Climate Change Department) ने 18 वन क्षेत्रपालों को प्रमोशन दिया है।
जारी आदेश के अनुसार 18 अधिकारियों की पदोन्नति (CG Forest Department Pramotion) की गई है। इनमें विभिन्न वन मंडलों में तैनात वन क्षेत्रपाल शामिल हैं। प्रमोशन के बाद इन्हें सहायक वन संरक्षक (CG Forest Department Pramotion) के पद पर नियुक्त किया जाएगा।
किन अधिकारियों को मिली पदोन्नति
पदोन्नति पाने वालों में राममूर्ति घघेल, मृत्युंजय शर्मा, जोगेश्वर भट, राजेंद्र कुमार रावत, कुंवर बहादुर सिंह, अभिषेक कुमार दुबे, देव सिंह ठाकुर, निखिल सक्सेना, पुष्पेंद्र चंद्र गोस्वामी, प्रतीक वर्मा, मनीष सिंह, अनुराग वर्मा, ज्योति गुप्ता, तीरथराज साहू, किशोर कुमार साहू, धीरेंद्र साहू, सौरभ रजक और ऋषि माधुरी सिंह शामिल हैं।
कोरबा 08 सितंबर 2026। कोरबा जिले में एक जून से आज तक कुल 1028.3 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। अधीक्षक भू-अभिलेख से मिली जानकारी के अनुसार उक्त अवधि में जिले की तहसील अजगरबहार में 918.1, कोरबा 1384.1 मिलीमीटर, भैंसमा, 1148.2, करतला 1132.9, बरपाली 895.6, कटघोरा 1001.2, दीपका 1090.6, दर्री 1119.6, पाली 1017.3, हरदीबाजार 797.8, पोंड़ी उपरोड़ा 976.8, और पसान तहसील में 856.8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसी तरह पिछले 24 घंटे में जिले में 1.7 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है।
ध्यानचंद चौक से बजरंग चौक एवं रिसदा से रिसदी चौक तक सड़क निर्माण का कलेक्टर-एसपी ने किया निरीक्षण
ढेंगुरनाला-बेलगिरी पुल का भी लिया जायजा, डायवर्सन और सड़क निर्माण को लेकर दिए आवश्यक निर्देश कोरबा, 08 सितम्बर 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत एवं पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने आज ध्यानचंद चौक से रूमगरा होते हुए बालको के बजरंग चौक तथा रिसदा चौक से रिसदी चौक तक निर्माणाधीन सड़क का पैदल निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति एवं सड़क की वर्तमान स्थिति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा शीघ्रता से कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य के दौरान आम नागरिकों एवं अन्य वाहनों के सुचारू आवागमन के लिए उचित डायवर्सन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री दुदावत ने सड़क पर उतरकर निर्माण कार्य का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने हाल ही में हुई बारिश के कारण सड़क के प्रभावित हिस्सों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लोक निर्माण विभाग तथा विद्युत एवं यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि सड़क निर्माण कार्य पूर्ण होने तक आम नागरिकों की सुविधा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाए। सड़क की स्थिति का नियमित निरीक्षण करते हुए जहां आवश्यक हो, तत्काल मरम्मत कराई जाए, ताकि आवागमन सुचारू बना रहे और नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ध्यानचंद चौक से रिसदी चौक तक लगभग 5.74 किलोमीटर लंबी निर्माणाधीन टू-लेन सीसी सड़क का निर्माण निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्माण कार्य में तेजी लाते हुए निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण सड़क तैयार करने के निर्देश दिए। कलेक्टर एवं एसपी ने निरीक्षण के दौरान ढेंगुरनाला-बेलगिरी पुल का भी अवलोकन किया। कलेक्टर ने पुल पर सड़क की स्थिति तथा आवश्यक मरम्मत कार्यों की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक मरम्मत शीघ्र कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सेतु लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को रिसदा-बेलगिरी पुल पर आवागमन को सुचारू बनाने तथा पुल के आसपास बने गड्ढों की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। इसी तरह बजरंग चौक परसाभाठा क्षेत्र में भी आवागमन सुचारू रखने के लिए सड़क निर्माण के दौरान बेहतर डायवर्सन व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उल्लेखनीय है कि ध्यानचंद चौक से बालको के बजरंग चौक तथा रिसदा से रिसदी चौक तक कुल 5.74 किलोमीटर सड़क को टू-लेन सीसी सड़क के रूप में विकसित करने के लिए जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से लगभग 29 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। सड़क निर्माण कार्य वर्तमान में प्रगति पर है। वहीं ढेंगुरनाला एवं बेलगिरी पुल के मरम्मत कार्य के लिए भी कार्यादेश जारी किया जा चुका है तथा शीघ्र ही मरम्मत कार्य प्रारंभ किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता जी.आर. जांगड़े, परिवहन अधिकारी अतुल कुमार असैय्या, एसडीओ राकेश द्विवेदी सहित नगर निगम, सेतु लोक निर्माण विभाग एवं बालको के अधिकारी उपस्थित रहे।