शोध के लिए ग्रंथालय विषय पर अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित
कोरबा। ‘लाइब्रेरी फॉर रिसर्च’ जैसे विषय आज के डिजिटल युग में अत्यंत प्रासंगिक हैं, क्योंकि गुरु और ग्रंथ दोनों समाज निर्माण के आधार हैं। शोध कार्यों में ग्रंथालयों की भूमिका और उपयोगिता को रेखांकित करने की यह पहल निश्चित तौर पर दूरगामी नतीजे पेश करेगी।
यह बातें ‘शोध के लिए ग्रंथालय’ विषय पर अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि रहे पं. सुंदरलाल शर्मा ओपन यूनिवर्सिटी, बिलासपुर के कुलपति प्रो. वीके सारस्वत ने कहीं।
अटल विश्वविद्यालय में माधवराव सप्रे सेंट्रल लाइब्रेरी के तत्वावधान में यह दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में कोरबा जिले से भी पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान के विद्यार्थियों, प्राध्यापकों एवं शोधार्थियों ने भी भाग लिया। इनमें कमला नेहरू महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ प्रशांत बोपापुरकर, सहायक प्राध्यापक मनीष कुमार पटेल, रामकुमार श्रीवास समेत विद्यार्थी शामिल हुए। उनके द्वारा प्रस्तुत संक्षेपिका को संगोष्ठी पर प्रकाशित मैगजीन में जगह दी गई।
संगोष्ठी का मुख्य विषय था ‘शोध के लिए ग्रंथालय’ जिसने शोध कार्यों में ग्रंथालयों की भूमिका और उपयोगिता को केंद्र में रखा।
पहला दिन उद्घाटन सत्र और विचार-विमर्श का रहा। संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि प्रो. वीके सारस्वत (कुलपति, पं. सुंदरलाल शर्मा ओपन यूनिवर्सिटी, बिलासपुर) उपस्थित रहे, जिनका स्वागत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एडीएन बाजपेई ने किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वयं प्रो. बाजपेई ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि डॉ. अरुण कुमार शर्मा (ग्रंथपाल, गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर) एवं कुलसचिव डॉ. तारणिश गौतम की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को बढ़ाया। कोलकाता से राजा राममोहन राय फाउंडेशन के महानिदेशक प्रो. अजय प्रताप सिंह ने भी वर्चुअल माध्यम से सहभागिता की।
मुख्य अतिथि प्रो. सारस्वत ने कहा कि ‘लाइब्रेरी फॉर रिसर्च’ जैसे विषय आज के डिजिटल युग में अत्यंत प्रासंगिक हैं, क्योंकि गुरु और ग्रंथ दोनों समाज निर्माण के आधार हैं।
डॉ. अरुण शर्मा ने ग्रंथालय को शोधार्थियों के लिए ज्ञान, प्रेरणा और नवाचार का केंद्र बताया।
इस अवसर पर प्रोफेसर भास्कर मुखर्जी (विभागाध्यक्ष, पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय) भी वर्चुअल रूप से जुड़े और प्रतिभागियों के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं पुस्तकालय सेवाओं में उसके प्रयोग पर अपने विचार साझा किए।
अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. बाजपेई ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य ज्ञान सृजन और अनुसंधान को प्रोत्साहित करना है, और इसी भावना से इस संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंत में संगोष्ठी की संयोजक डॉ. शालिनी शुक्ला ने आयोजन की सफलता में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों, सदस्यों और प्रतिभागियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। यह संगोष्ठी शोध, नवाचार और पुस्तकालय विज्ञान के क्षेत्र में नई सोच, दृष्टि और प्रेरणा प्रदान करने में अत्यंत सफल रही।
संगोष्ठी के पहले दिन 40 शोध पत्र प्रस्तुत, 70 ने पंजीयन कराया
संगोष्ठी के पहले दिन ही कुल 40 शोध पत्र प्रस्तुत हुए एवं लगभग 70 प्रतिभागियों ने पंजीयन कराया। दूसरे दिन ज्ञानवर्धक व्याख्यान, पैनल चर्चा और पुरस्कार वितरण किया गया। विविध ज्ञानवर्धक सत्रों का आयोजन हुआ। दूसरे दिन के प्रातः सत्र में कृषि महाविद्यालय, रायगढ़ के पुस्तकालयाध्यक्ष सुनील कुमार गौतम ने “साहित्यिक चोरी और शोध पत्र लेखन के वैज्ञानिक तरीके” विषय पर विशेष व्याख्यान प्रस्तुत किया। दोपहर सत्र में ओएनओएस विषय पर पैनल चर्चा आयोजित की गई, जिसमें प्रो. ब्रजेश तिवारी, डॉ. एचएस होता, डॉ. अतुल दुबे, प्रो. कलाधर, डॉ. सीमा बेलोरकर, डॉ. सुमोना भट्टाचार्य एवं संयोजक डॉ. शालिनी शुक्ला सहित कई विद्वानों ने अपने विचार साझा किए। चर्चा में पुस्तकालयों के एकीकरण की संभावनाओं और चुनौतियों पर सार्थक विमर्श हुआ।
डॉ. ब्रजेश त्रिपाठी को एलआईएस रत्न लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड
समापन सत्र में मुख्य अतिथि डॉ. निराला सर (प्राचार्य, शा. जमुना प्रसाद कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय) उपस्थित रहे, जिसकी अध्यक्षता प्रो. ब्रजेश तिवारी ने की। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. तारणिश गौतम की उपस्थिति में प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं में एलआईएस रत्न लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड डॉ. ब्रजेश त्रिपाठी, बेस्ट प्रैक्टिसिंग यूनिवर्सिटी लाइब्रेरियन अवॉर्ड डॉ. अरुण कुमार शर्मा, बेस्ट लाइब्रेरी यूजर अवॉर्ड (फैकल्टी) डॉ. यशवंत कुमार पटेल, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन अवॉर्ड फॉर लाइब्रेरी इनोवेशन बीआर चौधरी, बेस्ट प्रैक्टिसिंग कॉलेज लाइब्रेरियन अवॉर्ड डॉ. रेखाराज साहू, बेस्ट यंग लाइब्रेरियन अवॉर्ड सुनील कुमार गौतम, प्रोफेशनल एक्सीलेंस अवार्ड प्रकाश सिंह ठाकुर, बेस्ट लाइब्रेरी यूजर अवॉर्ड (स्टूडेंट) दिव्या पटेल को प्रदान किया गया।