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कोरबा

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के निर्माण कार्यों में लाएं प्रगति, लापरवाही बर्दाश्त नहीं : सीईओ जिला पंचायत

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शून्य प्रगति वालों के वेतन रोकने के निर्देश

मनरेगा के तहत आजीविका डबरी निर्माण को प्राथमिकता देवे

डीएमएफ से स्वीकृत कार्यों में लाएं प्रगति

पीएम जनमन,पीएम सूर्यघर योजना,मनरेगा,डीएमएफ, एनआरएलएम सहित योजनाओं की हुई समीक्षा

कोरबा। जिला पंचायत कोरबा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिनेश कुमार नाग ने शनिवार को जिला पंचायत में ग्रामीण विकास विभाग की विभागीय योजनाओं – प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, पीएम जनमन, पीएम सूर्यघर,महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना,राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन एवं डीएमएफ- जिला खनिज संस्थान न्यास की गहन समीक्षा बैठक ली।

बैठक में सीईओ ने प्रधानमंत्री आवास योजना की ग्राम पंचायतवार विस्तृत समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि आवास निर्माण के कार्यों में प्रगति लावे। शून्य प्रगति वाले मैदानी अमले के वेतन रोकने की कार्यवाही की जाएगी। सीईओ ने न्यून प्रगति वाले 20 से ज्यादा तकनीकी सहायक,करारोपण अधिकारी,आवास के नोडल अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण एक महत्वाकांक्षी योजना है, इसके कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जनपद पंचायत के सीईओ और एसडीओ को निर्देश दिए कि आवास निर्माण के कार्यों की नियमित समीक्षा करें।

सीईओ ने पीएम जनमन आवास योजना के तहत पीवीटीजी परिवारों के आवासों को प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पीएम सूर्यघर योजना अंतर्गत सीएसपीडीसीएल के समन्वय से प्रधानमंत्री जनमन आवासों में शीघ्र मीटर लगाने तथा सौर ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।

श्री नाग ने कहा कि खनिज न्यास मद से जनहित में बड़े पैमाने पर कार्य स्वीकृत किए गए हैं। ऐसे सभी कार्यों में प्रगति लाएं और निर्माण कार्यों की सतत मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने बताया कि कलेक्टर कोरबा कुणाल दुदावत स्वयं डीएमएफ के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे, इसलिए कार्यों की गति और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए।

स्वच्छ भारत मिशन के तहत उन्होंने जियो टैगिंग कार्य पूर्ण करने, सामुदायिक शौचालयों का निर्माण शीघ्र पूर्ण कराने तथा राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत वित्तीय समावेशन, प्रकरणों की बैंक स्वीकृति 15 दिनों में सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
सीईओ ने निर्देश दिए कि महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत आजीविका डबरी निर्माण के कार्य प्राथमिकता से लिए जाएं।डबरी निर्माण कार्यों में तकनीकी प्रणाली का उपयोग करते हुए गुणवत्ता एवं पारदर्शिता बरती जाए। उन्होंने कहा कि जिले में आजीविका डबरी ग्रामीणों की आजीविका संवर्धन के स्रोत बनाएं। मनरेगा एवं अभिसरण से स्वीकृत आंगनवाड़ी भवन निर्माण कार्यों को पूर्ण कराएं। उन्होंने सभी तकनीकी सहायकों को निर्देश दिए कि प्रतिमाह अच्छे कार्यों की 05 सफलता की कहानी जिला कार्यालय को प्रेषित की जावे। पंचायत विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए विभागीय जांचों को 15 दिनों में पूर्ण करने के भी निर्देश दिए गए।

सीईओ ने सभी अधिकारियों से कहा कि एरिया ऑफिसर एप में मनरेगा कार्यों का नियमित निरीक्षण कर ऐप में एंट्री सुनिश्चित करें, ताकि पारदर्शिता और उत्तरदायित्व दोनों सुनिश्चित हो सकें।

बैठक में ईई आरईएस,उप संचालक पंचायत,सहायक परियोजना अधिकारी,एसडीओ आरईएस, जनपद पंचायत के सीईओ, स्वच्छ भारत मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, नोडल अधिकारी महात्मा गांधी नरेगा के जिला एवं जनपद पंचायत के अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी एवं तकनीकी सहायक सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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कोरबा

कोरबा में हरियर धरती समिति ने किया वृक्षारोपण:4 साल में लगाए 3000 से अधिक पौधे, अधिकारी-कर्मचारी, परिवार हुए शामिल

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कोरबा। कोरबा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के कोरबा रेल मंडल में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कार्यरत हरियर धरती समिति ने मानसून की शुरुआत के साथ इस वर्ष भी वृक्षारोपण अभियान चलाया। क्षेत्रीय रेल प्रबंधक उत्कर्ष गौरव (IRMS-ट्रैफिक) के संरक्षण में आयोजित इस कार्यक्रम में रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों, उनके परिजनों और आसपास की बस्ती के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

अभियान के तहत परिवारों ने अपने हाथों से 10 पीपल और बरगद के पौधे लगाए। पौधों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें बेर के कांटों से घेरा गया। समिति के सदस्यों ने बताया कि पौधों के बड़े होने तक उनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी इन्हीं परिवारों की रहेगी, ताकि उनका संरक्षण सुनिश्चित हो सके।

रेलवे अधिकारी और कर्मचारी रहे मौजूद

कार्यक्रम में एस. के. पाण्डेय (CSM), दिनेश प्रसाद (SSE), सतीश कुमार (RPF इंस्पेक्टर) सहित हरियर मित्र गुलाब धुर्वे, आनंद गुप्ता, धनेश्वर लाल, धर्मवीर, अजय, संजीत गोंड, अमरेश सिन्हा, नितेश, शिवम और अंगूर दिवाकर मौजूद रहे।

सिर्फ पौधे नहीं, पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी

हरियर धरती समिति रेलवे की एक सामाजिक पहल है, जिसमें अधिकारी और कर्मचारी मिलकर पर्यावरण संरक्षण और समाज सेवा के कार्य करते हैं। समिति का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और समाज में सकारात्मक बदलाव लाना भी है।

4 साल में लगाए 3000 से ज्यादा पौधे

समिति पिछले चार वर्षों से रेलवे कॉलोनी, आसपास की बस्तियों और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार काम कर रही है। इस दौरान 3,000 से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। समिति का कहना है कि पौधारोपण के साथ-साथ उनकी सुरक्षा और नियमित देखभाल भी टीम स्वयं सुनिश्चित करती है।

समाज सेवा के कार्यों में भी सक्रिय

वृक्षारोपण के अलावा समिति ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरतमंद परिवारों को कपड़ों का वितरण, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर और अन्य सामाजिक गतिविधियां भी संचालित करती है। हर वर्ष मानसून के दौरान व्यापक स्तर पर हरित अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने का प्रयास किया जाता है।

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कोरबा

गलत प्रमोशन कभी भी वापस लिया जा सकता है:हाईकोर्ट बोला- गलत पदोन्नति पर कर्मचारी का अधिकार नहीं, सालों बाद डिमोशन आदेश भी वैध

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बिलासपुर/कोरबा। हाईकोर्ट के जस्टिस बीडी गुरु की सिंगल बेंच ने कहा कि अगर किसी कर्मचारी को विभागीय पदोन्नति समिति की गलती या नियमों को ताक पर रखकर प्रमोशन दे दिया जाता है, तो शासन को उसे सुधारने और कर्मचारी को दोबारा उसके मूल पद पर भेजने का पूरा अधिकार है।

कोर्ट ने कहा कि गलत तरीके से मिला प्रमोशन चाहे कितने भी समय तक प्रभावी रहा हो, उससे कर्मचारी को कोई स्थायी या कानूनी अधिकार प्राप्त नहीं होता। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने जल संसाधन विभाग के दो कर्मचारियों के तीन साल बाद डिमोशन आदेश को को सही ठहराते हुए याचिका खारिज कर दी है।

कोरबा के हीरमन दास महंत और रायगढ़ के विद्याभूषण शुक्ला को 12 अप्रैल 2023 को जीप ड्राइवर के पद से मैकेनिक ग्रेड-2 के पद पर पदोन्नत किया गया था। दोनों कर्मचारी लगभग तीन वर्षों तक इस पद पर कार्यरत रहे और उनका नाम अंतरिम वरिष्ठता सूची में भी आ गया था।

लेकिन 25 जून 2026 को मिनीमाता हसदेव बांगो परियोजना बिलासपुर के मुख्य अभियंता ने आदेश जारी कर उनकी पदोन्नति रद्द कर दी और उन्हें वापस मूल पद पर भेज दिया।

प्रमोशन आदेश निरस्त करने के खिलाफ लगाई याचिका

तीन साल बाद प्रमोशन आदेश निरस्त करने के खिलाफ कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई। इसमें तर्क दिया कि उन्होंने नियमानुसार चयन प्रक्रिया पूरी की थी और इसमें उनकी कोई धोखाधड़ी या जानकारी छिपाने की भूमिका नहीं थी।

जब वे तीन साल से पद पर काम कर रहे थे, तो अचानक इतनी लंबी अवधि के बाद बिना किसी विभागीय जांच के डिमोशन करना मनमाना और नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।

राज्य सरकार का जवाब- प्रमोशन में नियमों की अनदेखी

इस मामले में राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि डीपीसी ने कार्यभारित कर्मचारियों के नियमों और अनिवार्य पात्रता शर्तों की अनदेखी कर प्रमोशन की सिफारिश की थी। यह विभागीय जांच या सजा का मामला नहीं, बल्कि प्रशासनिक गलती का सुधार है। फैसला लेने से पहले कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनका जवाब सुनने के बाद ही अंतिम आदेश जारी किया गया था।

हाईकोर्ट बोला- शासन को है गलती सुधारने का अधिकार

हाईकोर्ट ने फैसले में कहा कि यह मामला अनुशासनात्मक कार्रवाई का नहीं, बल्कि प्रक्रियात्मक त्रुटि को सुधारने का है। गलत पदोन्नति के आधार पर लंबे समय तक काम करने मात्र से कोई स्थायी अधिकार नहीं बन जाता और विभाग को अपनी गलती सुधारने का पूरा हक है।

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कोरबा

फसल बीमा कराने का अंतिम अवसर: 31 जुलाई तक करें आवेदन

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कोरबा। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत जिले के किसानों के लिए अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। उप संचालक कृषि, कोरबा ने जिले के सभी किसानों से निर्धारित समयावधि के भीतर फसल बीमा कराने की अपील की है, ताकि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली संभावित फसल क्षति की स्थिति में उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिल सके।
जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत धान (सिंचित एवं असिंचित), मक्का, उड़द, तुअर, मूंग, कोदो, कुटकी, मूंगफली एवं रागी फसलें अधिसूचित हैं। योजना का लाभ ऋणी, अऋणी, भू-धारक, बटाईदार तथा वनपट्टाधारी किसान प्राप्त कर सकते हैं।
कृषि विभाग ने बताया है कि प्राकृतिक आपदा से फसल को नुकसान होने की स्थिति में किसान 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर 14447 पर सूचना देकर दावा प्रस्तुत कर सकते हैं। समय पर सूचना देने से दावा प्रक्रिया सुगमता से पूर्ण की जा सकेगी।
अऋणी किसान आवश्यक दस्तावेजों के साथ कॉमन सर्विस सेंटर, संबंधित बैंक, लोक सेवा केन्द्र अथवा प्रधानमंत्री फसल बीमा पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

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