रायगढ़,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में JPL कोयला खदान के खिलाफ 14 गांव के ग्रामीण 18 दिनों से धरने पर बैठे हैं। लिबरा रोड पर ग्रामीणों ने पेड़ काट कर सड़क पर रख दिया है, ताकि कोई आगे न आ सके। प्रदर्शनकारियों का कहना है जब तक फैसला वापस लेने का आदेश नहीं मिल जाता, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
आज सोमवार को JPL प्रबंधन की ओर से कलेक्टर के नाम एक पत्र जारी किया गया है। जिसमें जन सुनवाई के लिए दिए गए आवेदन को वापस लेने की बात कही गई है। पत्र में लिखा गया है कि ‘गारे पेल्मा सेक्टर-1 कोयला खदान की 8 दिसंबर 2025 की जनसुनवाई के विरोध में 12 दिसंबर से धरना दिया गया।
27 दिसंबर को पुलिस और हमारे कर्मचारियों पर जानलेवा हमला हुआ, कई लोगों को गंभीर चोटें आईं और कोल हैंडलिंग प्लांट में आगजनी की गई, जिससे कंपनी को भारी नुकसान हुआ। इन परिस्थितियों को देखते हुए कलेक्टर, रायगढ़ ने जनसुनवाई को निरस्त करने पत्र लिखा था।
जिंदल ग्रुप सदैव जनभावनाओं का सम्मान करता आया है। वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए हम जनसुनवाई के लिए दिए गए आवेदन को वापस लेने का फैसला लेते हैं। जब तक इस विषय में ग्रामवासियों का समर्थन प्राप्त नहीं होगा, तब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।’
JPL प्रबंधन के अधिकारियों ने जनसुनवाई का आवेदन वापस लेने की जानकारी दी।
कांग्रेस ने बनाई 9 सदस्यों की जांच कमेटी
27 दिसंबर को हुई हिंसा को लेकर कांग्रेस ने 9 सदस्यों की एक जांच कमेटी बनाई है। इसकी अध्यक्षता सीनियर नेता और पूर्व मंत्री धनेंद्र साहू करेंगे। कमेटी के दूसरे सदस्यों में शिवकुमार डहरिया, उमेश पटेल, विधायक लालजीत राठिया, विधायक इंद्रशाह मंडावी, विधायक उत्तरी जांगड़े, विधायक जनक ध्रुव, नागेंद्र नेगी और शाखा यादव शामिल हैं। यह कमेटी प्रभावित इलाके का दौरा करेगी और अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष दीपक बैज आज रायगढ़ पहुंचे। उन्होंने कहा कि आज हम लोग तमनार जा रहे हैं। हमारे साथ जांच दल के सदस्य भी हैं। बैज ने कहा कि कोई भी आंदोलन हो शांतिपूर्वक होना चाहिए। आंदोलन को हिंसा का रूप किसने दिया, कौन उकसाया और गिरफ्तारियां क्यों की गई। जिससे ग्रामीण आक्रोशित हुए इस मसले की जांच होनी चाहिए।
शनिवार को धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों को हटाने गई पुलिस पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया था। महिलाओं ने तमनार थाना की थाना प्रभारी कमला पुषाम को लात मारी। हमले में TI घायल हो गईं। वह बेहोश होकर जमीन पर गिर गईं थीं।
SDOP अनिल विश्वकर्मा समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। कुछ घायलों को स्थानीय हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जबकि कुछ को रायगढ़ रेफर किया गया। हमले के बाद हालात इतने बिगड़े कि पुलिस की गाड़ियां और एम्बुलेंस तक जला दी गईं।
हिंसा की तस्वीरें…
प्रदर्शनकारियों ने तीन वाहनों में आग लगा दी।
महिला थाना प्रभारी को महिलाओं ने मारी लात। जमीन पर गिर गईं अधिकारी।
महिला थाना प्रभारी जख्मी हो गईं, जिसे पानी पिलाया जा रहा।
रविवार को भी आंदोलन जारी है। ग्रामीणों ने पेड़ काट कर सड़क पर रख दिया है।
शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने वाहनों में आग लगा दी थी। वाहनों से अभी भी धुआं उठता हुआ दिख रहा है।
पीसीसी चीफ दीपक बैज और कांग्रेस जांच दल के सदस्य रायगढ़ पहुंचे।
प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने की कोशिश
रायगढ़ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने बताया कि सभी ग्रामीण धरना स्थल पर शांति पूर्वक बैठे थे। इसी बीच शनिवार दोपहर ढाई बजे के आसपास कुछ लोगों ने प्रदर्शनकारियों को भड़का दिया। इसके बाद लोगों ने पथराव कर दिया। पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं।
उन्होंने बताया कि सुरक्षाकर्मी अपनी जान बचाकर मौके से भागे। इसके बाद जिला प्रशासन और पुलिस की टीम दोबारा ग्रामीणों से बातचीत करने के लिए गई, लेकिन भीड़ उग्र थी। भीड़ ने फिर से पथराव कर दिया। प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने की कोशिश हो रही है। घायलों का इलाज रायगढ़ में चल रहा है।
सुरक्षा के मद्देनजर इलाका छावनी में तब्दील। एक्स्ट्रा फोर्स तैनात की गई है।
कोरबा। जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में कलेक्टर ने लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों को संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) उनका क्रॉस वेरिफिकेशन करें। उन्होंने निर्देश दिए कि मार्च 2028 तक सभी लंबित कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं में नल से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, उन्हीं कार्यों का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समितियों की नियमित बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए। पाली के वनांचल क्षेत्र में योजना की दुर्गति कोरबा जिले के पाली ब्लाक के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के कार्यों की दुर्गति है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड कोरबा के कार्यपालन अभियंता रमन उरांव को जानकारी देने के बाद भी साल भर से निरीक्षण करने का समय तक नहीं मिला। क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों ने केन्द्र की इस महत्वाकांक्षी योजना का बंटाधार कर दिया है और यदि सही जांच कराई जाए तो करोड़ों का भ्रष्टाचार निकलेगा। जल जीवन मिशन में कार्य करने वाले ठेकेदार करोड़पति बन गए और इनके तथा अधिकारियों की मिलीभगत से जहां योजना का लाभ अधिकांश एवं गांवों को नहीं मिल पा रहा है, वहीं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों से योजना प्रारंभ होने से पहले ही दम तोड़ रही है और ठेकेदार भी कार्यवाही के अभाव में मदमस्त हैं।
मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत पर प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश कोरबा। समय सीमा की बैठक में मंगलवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत के तेवर सख्त दिखे। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा में विभाग की लापरवाही देखी। शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण एवं स्कूलवार स्कैनिंग कार्य की समीक्षा की। मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी संबंधी प्राप्त शिकायतों के निराकरण में प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने तथा जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकासखंड कोरबा एवं पोड़ी-उपरोड़ा में स्कैनिंग की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 31 जुलाई तक सभी विकासखंडों में शत-प्रतिशत स्कैनिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने वेंडर से समन्वय कर सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत बालिकाओं को शीघ्र साइकिल वितरण सुनिश्चित करने तथा स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश का दूसरा सेट उपलब्ध कराने के लिए उच्च अधिकारियों से समन्वय करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पीएम पोषण गार्डन के लिए विद्यालयों की जानकारी 31 जुलाई तक उपलब्ध कराने, अहाताविहीन विद्यालयों की सूची तैयार करने तथा संबंधित जनपद पंचायतों के सीईओ को सरपंच एवं सचिव के माध्यम से उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के लिए 1 अगस्त से 31 अगस्त तक विशेष शिविर आयोजित कर अपार आईडी बनाने तथा आधार एवं यू-डाइस से संबंधित त्रुटियों का निराकरण करने के निर्देश दिए। छात्र सुरक्षा बीमा की राशि समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत के मामले में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के संबंधित शाखा प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राचार्य को हटाने बच्चों ने विधायक पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन के काफिले का कर दिया था घेराव
गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सहायक आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल!
एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन सहायक आयुक्त को निरीक्षण करने का समय ही नहीं मिला। महीनों से बच्चों को दूषित भोजन दिया जा रहा, लेकिन सहायक आयुक्त को कुछ पता ही नहीं।