बिलासपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में अलग-अलग चार सड़क हादसों में आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि छह लोग घायल हैं। पहली घटना कोरबा की है, जहां तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में NSUI के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक और ऑटोमोबाइल एजेंसी मालिक की मौत हो गई, जबकि कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष समेत दो युवक गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
दूसरी घटना रायपुर की है। सीएम हाउस के पास तेज रफ्तार सरकारी वाहन ने स्कूल जा रहे EV स्कूटर सवार भाई-बहन को टक्कर मार दी। हादसे में भाई की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पीछे बैठी बहन गंभीर रूप से घायल हो गई।
तीसरी घटना बिलासपुर की है, जहां पिकअप की टक्कर से बाइक सवार पति-पत्नी और उनकी बेटी की मौत हो गई। तीनों बेलपान मेला देखकर लौट रहे थे। ग्राम तेंदुआ मोड़ के पास सामने से आ रही पिकअप ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।
वहीं चौथी घटना कांकेर की है। जन्मदिन मनाने के लिए कार से माकड़ी ढाबा जा रहे दो नाबालिगों की मौत हो गई। तेज रफ्तार कार सड़क किनारे अनियंत्रित होकर पलटते हुए पेड़ से टकरा गई। कार में छह दोस्त सवार थे, जिनमें से चार घायलों का इलाज जारी है।
कोरबा एक्सीडेंट की तस्वीरें –
कार गड्ढे में गिरकर तीन बार पलटी मारते हुए सड़क से दूर जा गिरी, जिससे कार के परखच्चे उड़ गए।
पीछे आ रहे दोस्तों ने पुलिस को इस हादसे की जानकारी दिए बिना ही घायलों को अपोलो अस्पताल पहुंचाया।
राहुल राय एनएसयूआई के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक रह चुके हैं।
केस-1युवा कांग्रेस नेता और कारोबारी की मौत
पहली घटना कोरबा के उरगा थाना क्षेत्र की है। थाना प्रभारी राजेश तिवारी के मुताबिक, बिलासपुर के एनएसयूआई के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक और वर्तमान युवा कांग्रेस नेता राहुल राय अपनी कार (सीजी 10 बीएफ 9922) में सवार होकर गुरुवार की रात बालको में अपने परिचित की शादी में शामिल होने जा रहे थे।
उनके साथ जोंधरा निवासी ऑटोमोबाइल एजेंसी के मालिक ढालू अग्रवाल, मस्तूरी कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष भोला साहू और एक अन्य युवक राहुल सवार थे। चारों रात करीब 9.30 बजे बिलासपुर के ढेका से निकलकर उरगा पहुंचे थे। इस दौरान कोरबा शहर में प्रवेश करते समय वो रास्ता भटक गए थे।
एनएसयूआई के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक और वर्तमान युवा कांग्रेस नेता राहुल राय की फाइल फोटो।
स्पीड में थी कार, निर्माणाधीन लेन में उतरी
भारतमाला नेशनल हाईवे अभी निर्माणाधीन है। लिहाजा, उनकी तेज रफ्तार कार हाईवे के आखिर में खाईनुमा निर्माणाधीन लेन में उतर गई। कार से ड्राइवर ने नियंत्रण खो दिया। इस दौरान अनियंत्रित कार गड्ढे में गिरकर तीन बार पलटी मारते हुए सड़क से दूर जा गिरी, जिससे कार के परखच्चे उड़ गए।
हादसे में राहुल राय और ढालू अग्रवाल के सिर और सीने में गंभीर चोट आई, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं भोला साहू और राहुल गंभीर रूप से घायल हो गए। पीछे आ रहे दोस्तों ने पुलिस को इस हादसे की जानकारी दिए बिना ही घायलों को अपोलो अस्पताल पहुंचाया। जहां उनका इलाज जारी है।
शादी अटेंड कर बालको के लिए हुए थे रवाना
बाद में मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतकों के शव को केजीएन अस्पताल में रखवा दिया है। बताया जा रहा है कि इस हादसे से महज 40 मिनट पहले चारों युवक बिलासपुर के छाबड़ा पैलेस में शादी समारोह में शामिल होने गए थे, जहां उन्होंने अन्य कांग्रेसी नेताओं से मुलाकात की।
यहां पार्टी में शामिल होने के बाद वो बालको के लिए रवाना हुए थे। फिलहाल, पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है और आगे की जांच पड़ताल में जुट गई है।
इसी कार में सभी सवार होकर बारात के लिए निकले थे।
केस-2रायपुर में सरकारी वाहन की टक्कर से छात्र की मौत
दूसरी घटना रायपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र की है। छत्तीसगढ़ क्लब के सामने शुक्रवार सुबह स्कूल जा रहे EV स्कूटर भाई-बहन को सरकारी वाहन ने पीछे से टक्कर मार दी। इस हादसे में भाई की मौके पर मौत हो गई। जबकि बहन गंभीर रूप से घायल हो गई।
जानकारी के मुताबिक, हादसा सुबह 7.50 बजे सीएम हाउस के पास हुआ है। मृतक की पहचान अंश आठवानी (14) के रूप में हुई है। जो कि स्कूटर चला रहा था। हादसे के बाद ड्राइवर सरकारी वाहन छोड़कर फरार हो गया है।
रायपुर में सरकारी गाड़ी ने पीछे से स्कूटर को टक्कर मारी।
हादसे में अंश आठवानी (14) की मौत हो गई। (फाइल फोटो)
आरोपी ड्राइवर की तलाश में पुलिस
इस हादसे में घायल नमिसा को अंबेडकर अस्पताल में भर्ती किया गया है। मामले में सिविल लाइन एसीपी रमाकांत साहू ने बताया कि पुलिस वाहन तेज रफ्तार में था। उन्होंने कहा कि आरोपी चालक की तलाश की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
लोडर वाहन के ड्राइवर ने बच्चों को कुचला।
केस-3
बिलासपुर में पति-पत्नी, बेटी की मौत
बिलासपुर में पिकअप की टक्कर से बाइक सवार पति-पत्नी और बेटी की मौत हो गई। तीनों बेलपान मेला देखकर लौट रहे थे। ग्राम तेंदुआ मोड़ के पास सामने से आ रही पिकअप ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।
हादसे के बाद जमनेश यादव (40), उनकी पत्नी संतोषी यादव (39) और बेटी अनीषा यादव (13) सड़क पर गिर गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों ने 112 की मदद से उन्हें कोटा स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। कोटा पुलिस ने मर्ग कायम कर केस डायरी जूनापारा चौकी को भेज दी है।
हादसे में पति-पत्नी और 13 साल की बेटी की भी जान चली गई
केस-4
कांकेर में बर्थ-डे सेलिब्रेट करने जा रहे 2 दोस्तों की मौत
कांकेर में तेज रफ्तार कार के पेड़ से टकराने से 2 नाबालिगों की मौत हो गई। 6 दोस्त माकड़ी ढाबा में बर्थडे सेलिब्रेशन करने जा रहे थे। तभी NH-30 पर गोविंदपुर स्थित रामदेव टाइल्स के सामने कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। हादसे में चार अन्य घायलों का इलाज जारी है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। टक्कर से कार के परखच्चे उड़ गए।
बेकाबू कार सड़क से नीचे उतकर पेड़ से टकरा गई, कार के परखच्चे उड़ गए।
कोरबा। जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में कलेक्टर ने लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों को संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) उनका क्रॉस वेरिफिकेशन करें। उन्होंने निर्देश दिए कि मार्च 2028 तक सभी लंबित कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं में नल से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, उन्हीं कार्यों का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समितियों की नियमित बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए। पाली के वनांचल क्षेत्र में योजना की दुर्गति कोरबा जिले के पाली ब्लाक के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के कार्यों की दुर्गति है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड कोरबा के कार्यपालन अभियंता रमन उरांव को जानकारी देने के बाद भी साल भर से निरीक्षण करने का समय तक नहीं मिला। क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों ने केन्द्र की इस महत्वाकांक्षी योजना का बंटाधार कर दिया है और यदि सही जांच कराई जाए तो करोड़ों का भ्रष्टाचार निकलेगा। जल जीवन मिशन में कार्य करने वाले ठेकेदार करोड़पति बन गए और इनके तथा अधिकारियों की मिलीभगत से जहां योजना का लाभ अधिकांश एवं गांवों को नहीं मिल पा रहा है, वहीं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों से योजना प्रारंभ होने से पहले ही दम तोड़ रही है और ठेकेदार भी कार्यवाही के अभाव में मदमस्त हैं।
मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत पर प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश कोरबा। समय सीमा की बैठक में मंगलवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत के तेवर सख्त दिखे। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा में विभाग की लापरवाही देखी। शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण एवं स्कूलवार स्कैनिंग कार्य की समीक्षा की। मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी संबंधी प्राप्त शिकायतों के निराकरण में प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने तथा जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकासखंड कोरबा एवं पोड़ी-उपरोड़ा में स्कैनिंग की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 31 जुलाई तक सभी विकासखंडों में शत-प्रतिशत स्कैनिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने वेंडर से समन्वय कर सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत बालिकाओं को शीघ्र साइकिल वितरण सुनिश्चित करने तथा स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश का दूसरा सेट उपलब्ध कराने के लिए उच्च अधिकारियों से समन्वय करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पीएम पोषण गार्डन के लिए विद्यालयों की जानकारी 31 जुलाई तक उपलब्ध कराने, अहाताविहीन विद्यालयों की सूची तैयार करने तथा संबंधित जनपद पंचायतों के सीईओ को सरपंच एवं सचिव के माध्यम से उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के लिए 1 अगस्त से 31 अगस्त तक विशेष शिविर आयोजित कर अपार आईडी बनाने तथा आधार एवं यू-डाइस से संबंधित त्रुटियों का निराकरण करने के निर्देश दिए। छात्र सुरक्षा बीमा की राशि समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत के मामले में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के संबंधित शाखा प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राचार्य को हटाने बच्चों ने विधायक पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन के काफिले का कर दिया था घेराव
गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सहायक आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल!
एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन सहायक आयुक्त को निरीक्षण करने का समय ही नहीं मिला। महीनों से बच्चों को दूषित भोजन दिया जा रहा, लेकिन सहायक आयुक्त को कुछ पता ही नहीं।