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विदेश

अमेरिकी सांसद बोले- कुत्तों-मुसलमानों में से एक को चुनना आसान:फिलिस्तीनी एक्टिविस्ट ने लिखा था- न्यूयॉर्क इस्लाम की ओर बढ़ रहा, कुत्ते घर में नहीं रखें

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वॉशिंगटन डीसी,एजेंसी। अमेरिकी सांसद रैंडी फाइन के एक सोशल मीडिया पोस्ट से बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने मंगलवार को X पर लिखा कि अगर कुत्तों और मुसलमानों में से एक को चुनना पड़े तो यह मुश्किल फैसला नहीं है।

दरअसल, रैंडी फाइन ने यह टिप्पणी न्यूयॉर्क में एक फिलिस्तीनी-अमेरिकी एक्टिविस्ट नरदीन किसवानी की पोस्ट के जवाब में की थी। किसवानी ने लिखा था कि कुत्ते अपवित्र हैं। ऐसे समय में जब न्यूयॉर्क इस्लाम की ओर बढ़ रहा है, कुत्तों को घर के अंदर नहीं रखना चाहिए। इन्हें बैन करना चाहिए।

इस पर फाइन ने कहा कि दुनिया में 57 ऐसे देश हैं, जहां शरिया कानून लागू है। अगर आप ऐसा चाहते हैं तो वहीं चले जाइए। अमेरिका 58वां मुस्लिम देश नहीं बनेगा।

बाद में किसवानी ने कहा कि वह बस मजाक कर रही थीं। यह न्यूयॉर्क में सार्वजनिक जगहों पर कुत्तों की गंदगी को लेकर चल रही बहस से जुड़ा था। ऐसा उन लोगों के लिए कहा गया था, जो राजनीति में मुस्लिमों के बढ़ते प्रभाव को खतरा मानते हैं।

फाइन पर मुसलमानों को अमानवीय दिखाने का आरोप

किसवानी ने होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम के पुराने बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने अपने फार्म पर एक कुत्ते को गोली मारने की बात कही थी।

किसवानी ने लिखा, ‘क्रिस्टी नोएम ने अपने ही कुत्ते को गोली मारने की बात कही और ज्यादातर लोगों ने ध्यान नहीं दिया। न्यूयॉर्क में एक मुस्लिम कह दे कि शहर पालतू जानवरों के लिए सही जगह नहीं है तो उसे मौत की धमकियां मिलने लगती हैं।’

किसवानी ने फाइन पर फिलिस्तीनियों और मुसलमानों को अमानवीय दिखाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों की ओर से आ रही मुस्लिम विरोधी भाषा पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं होती।

फाइन के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज

रैंडी फाइन के इस बयान पर वॉशिंगटन में भारी विरोध हुआ है। डेमोक्रेट्स, सिविल राइट्स ग्रुप्स और कई नेताओं ने इसे इस्लामोफोबिया और घृणा फैलाने वाला बताया।

अमेरिकन-इस्लामिक रिलेशंस काउंसिल (CAIR) ने फाइन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और कहा कि उनके इस्तीफे की मांग पहले से चल रही है।

यास्मीन अंसारी ने हाउस स्पीकर से तुरंत निंदा करने को कहा। कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसम ने फाइन को नस्लवादी कहकर इस्तीफा देने को कहा। ब्रिटिश पत्रकार पीयर्स मॉर्गन ने भी उन्हें कड़ी फटकार लगाई।

फाइन बोले- कुत्ते हमारे परिवार के सदस्य, इन्हें नहीं छोड़ेंगे

फाइन ने विरोध पर पलटवार किया और कहा कि असली समस्या किसवानी का बयान है, जो लिखित रूप में था। फाइन ने न्यूजमैक्स को दिए इंटरव्यू में कहा कि उनका पोस्ट किसवानी के बयान के जवाब में था, जो शरिया लॉ (इस्लामी कानून) थोपने की कोशिश है।

उन्होंने कहा, ‘अमेरिका में कुत्ते परिवार के सदस्य हैं, और हम यूरोप की तरह शर्मिंदा होकर हार नहीं मानेंगे।’ उन्होंने कुत्तों की तस्वीरें शेयर कीं, जिन पर ‘डोंट ट्रेड ऑन मी’ (ऐतिहासिक गैड्सडेन फ्लैग का स्लोगन) लिखा था।

इस पोस्ट को 42 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिले, हजारों लाइक्स, रीपोस्ट्स और कमेंट्स। फाइन ने क्रिटिक्स को जवाब दिया कि किसवानी का बयान लिखित था और लाखों ने देखा। पोस्ट के तुरंत बाद वॉशिंगटन और पूरे अमेरिका में हंगामा मच गया। इसे इस्लामोफोबिया, कट्टरता और अमानवीयकरण कहा गया।

फाइन पहले भी गाजा से जुड़े बयानों पर आलोचना झेल चुके हैं। 2025 में उन्होंने गाजा पर कहा था कि गाजावासियों को भूखा मरने दो जब तक इजराइली बंधक रिहा न हों। उन्होंने गाजा का हाल हिरोशिमा और नागासाकी जैसा करने की बात भी की थी।

डोंट ट्रेड ऑन मी ड्सडेन फ्लैग का प्रसिद्ध स्लोगन है। रैंडी फाइन ने अपने पोस्ट में कुत्तों की तस्वीरों पर पीले बैकग्राउंड के साथ यह स्लोगन लिखवाकर शेयर किया था। इसका मतलब है मुझे दबाने की कोशिश मत करो। यह एक चेतावनी है। अगर तुम मुझे दबाओगे या हमला करोगे, तो मैं जवाब दूंगा।

डोंट ट्रेड ऑन मी ड्सडेन फ्लैग का प्रसिद्ध स्लोगन है। रैंडी फाइन ने अपने पोस्ट में कुत्तों की तस्वीरों पर पीले बैकग्राउंड के साथ यह स्लोगन लिखवाकर शेयर किया था। इसका मतलब है मुझे दबाने की कोशिश मत करो। यह एक चेतावनी है। अगर तुम मुझे दबाओगे या हमला करोगे, तो मैं जवाब दूंगा।

फाइन बोले- यूरोप की तरह कमजोरी नहीं दिखाएंगे

फाइन का कहना है कि यूरोप के लोग मुसलमानों के सामने शर्मिंदा होकर या दबाव में आकर अपनी संस्कृति, परंपराओं और आजादी को खो चुके हैं। वे नहीं चाहते कि अमेरिका में भी ऐसा हो। उनका कहना है कि अमेरिका, यूरोप जैसी कमजोरी नहीं दिखाएंगे।

फाइन और उनके जैसे कई राइट-विंग ट्रम्प समर्थक अक्सर यह दावा करते हैं कि यूरोप में इस्लामिक टेकओवर हो रहा है। उनके अनुसार बड़े पैमाने पर मुस्लिम इमिग्रेशन से नो-गो जोन्स बन गए हैं, जहां स्थानीय कानून कमजोर पड़ गए हैं।

यूरोपीय सरकारें पॉलिटिकल करेक्टनेस या मल्टीकल्चरलिज्म के नाम पर मुसलमानों की मांगों के आगे झुक रही हैं, जैसे कुत्तों पर प्रतिबंध या महिलाओं के अधिकारों में बदलाव। इसका नतीजा यह हो रहा है की यूरोप अपनी मूल संस्कृति और वैल्यूज खो रहा है और लोग शर्मिंदा होकर विरोध नहीं कर पा रहे।

फाइन ने खुद कई बार कहा है कि शरिया अमेरिका में नहीं आएगी। अमेरिका इस्लामिक देश नहीं बनेगा। उन्होंने नो शरिया जैसा बिल भी पेश किया है।

इजराइल के कट्टर समर्थक माने जाते हैं फाइन

रैंडी फाइन एक अमेरिकी राजनेता हैं, जो रिपब्लिकन पार्टी से जुड़े हैं। उनका जन्म 20 अप्रैल 1974 को एरिजोना के ट्यूसन शहर में हुआ था। उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से 1996 में बीए डिग्री और 1998 में एमबीए पूरा किया।

पेशे से वे बिजनेस एक्जीक्यूटिव हैं और पहले जुआ इंडस्ट्री में काम कर चुके हैं। राजनीति में उन्होंने फ्लोरिडा स्टेट हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में 2016 से 2024 तक सेवा की, फिर फ्लोरिडा संसद में 2024-2025 तक रहे।

अप्रैल 2025 में एक स्पेशल इलेक्शन में वे फ्लोरिडा के 6वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से यूएस हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए चुने गए। वे इजराइल के कट्टर समर्थक हैं और अक्सर फिलिस्तीन-इजरायल संघर्ष पर विवादास्पद बयान देते हैं।

न्यूयॉर्क मेयर पद पर जोहरान ममदानी मुस्लिम समुदाय से हैं

न्यूयॉर्क इस्लाम की ओर बढ़ रहा है, नरदीन किसवानी के इस बयान को न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी से जोड़ कर देखा जा रहा है। दरअसल, ममदानी इस पद पर आने वाले पहले मुस्लिम हैं। हालांकि, किसवानी ने ममदानी का जिक्र नहीं किया।

इन्होंने 2025 में मेयर चुनाव जीतकर इतिहास रचा था। वे शहर के पहले मुस्लिम और 100 साल से अधिक समय में सबसे युवा गवर्नर बने। उनका कार्यकाल 1 जनवरी 2026 से शुरू हुआ, जिसमें वे किराए पर रोक, निःशुल्क बस सेवा, किफायती आवास और शहर को अधिक सस्ता बनाने पर जोर दे रहे हैं।

जोहरान ममदानी एक प्रमुख अमेरिकी राजनीतिज्ञ हैं। उनका जन्म 18 अक्टूबर 1991 को युगांडा की राजधानी कंपाला में हुआ था। वे प्रसिद्ध भारतीय-अमेरिकी फिल्म निर्देशक मीरा नायर के बेटे हैं।

सात साल की उम्र में वे न्यूयॉर्क शहर आए थे और यहीं बड़े हुए। वे डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट्स ऑफ अमेरिका के सदस्य हैं और प्रगतिशील विचारधारा के समर्थक हैं।

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विदेश

तारिक रहमान बांग्लादेश के प्रधानमंत्री बने:संसद भवन में शपथ हुई, 1 हिंदू समेत 49 मंत्री बने, इनमें 25 कैबिनेट, 24 राज्य मंत्री

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ढाका,एजेंसी। बांग्लादेश में BNP अध्यक्ष तारिक रहमान नए प्रधानमंत्री बन गए हैं। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने संसद भवन में तारिक को पीएम पद की शपथ दिलाई। इसके साथ ही 18 महीने से चल रही अंतरिम सरकार का कार्यकाल खत्म हो गया।

तारिक रहमान पहली बार प्रधानमंत्री बने हैं। इससे पहले आज दोपहर में BNP के सांसदों ने उन्हें संसदीय दल का नेता चुना था। वह पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया और पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान के बेटे हैं। 17 साल तक लंदन में रहने के बाद वह दो महीने पहले ही बांग्लादेश लौटे थे।

रहमान के अलावा 25 कैबिनेट मंत्रियों और 24 राज्य मंत्रियों को भी पद की शपथ दिलाई है। इनमें एक हिंदू मंत्री निताई रॉय चौधरी भी शामिल है। वह कैबिनेट मंत्री बने। 25 कैबिनेट मंत्रियों में से 17 नए चेहरे हैं। सभी 24 राज्य मंत्री नए हैं।

पिछले गुरुवार को हुए आम चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने 299 में से 209 सीटें जीतकर बहुमत के लिए जरूरी 150 के आंकड़े को पार कर लिया था। इसके अलावा 3 सीटों पर उसकी सहयोगी पार्टियों ने जीत हासिल की।

राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने तारिक रहमान को प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ दिलाई। बाद में दोनों ने हाथ मिलाया।

राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने तारिक रहमान को प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ दिलाई। बाद में दोनों ने हाथ मिलाया।

तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद हस्ताक्षर किए।

तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद हस्ताक्षर किए।

निताई रॉय चौधरी 30,878 वोटों से चुनाव जीतें।

निताई रॉय चौधरी 30,878 वोटों से चुनाव जीतें।

राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने मंत्रिमंडल के सदस्यों को शपथ दिलाई।

राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने मंत्रिमंडल के सदस्यों को शपथ दिलाई।

शपथ ग्रहण समारोह देखने के लिए हजारों लोग संसद भवन के पास पहुंचे।

शपथ ग्रहण समारोह देखने के लिए हजारों लोग संसद भवन के पास पहुंचे।

संविधान बदलाव को लेकर सियासी टकराव तेज

इस बीच संविधान में बदलाव को लेकर सियासी टकराव तेज हो गया है। दरअसल, 12 फरवरी को संसद चुनाव के साथ ‘जुलाई चार्टर’ पर जनमत संग्रह भी हुआ था। इसमें 62% लोगों ने ‘हां’ में वोट दिया। जुलाई चार्टर के मुताबिक नई संसद 180 दिनों के लिए संविधान सभा की तरह काम करेगी। इस अवधि के दौरान संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं में बदलाव किए जाते।

जुलाई चार्टर का मकसद देश में ताकत का एकाधिकार खत्म करना और संतुलन बनाना है। इससे प्रधानमंत्री की ताकत घट जाती और राष्ट्रपति को अधिकार दिए जाते। BNP ने जुलाई चार्टर पर हस्ताक्षर तो किए थे, लेकिन उसके नेता कई प्रावधानों पर आपत्ति जता रहे हैं। पार्टी का कहना है कि चार्टर तैयार करते समय उनसे सलाह नहीं ली गई थी।

BNP बोली- संविधान में ऐसी किसी परिषद का प्रावधान नहीं

BNP के स्टैंडिंग कमिटी सदस्य और सांसद सलाहुद्दीन अहमद ने बताया कि पार्टी के कोई भी सांसद इस परिषद के सदस्य के रूप में शपथ नहीं लेंगे।

वर्तमान संविधान में ऐसी किसी परिषद का कोई प्रावधान नहीं है और न ही कोई अलग शपथ का फॉर्मेट मौजूद है। उनका कहना है कि संसद सदस्य केवल संसद के लिए चुने गए हैं, संवैधानिक सुधार परिषद के लिए नहीं।

इस परिषद को वैध बनाने के लिए पहले संविधान में संशोधन करके इसे शामिल करना होगा, फिर संसद में इसे अपनाना होगा और उसके बाद ही शपथ का कोई कानूनी आधार बनेगा। यह परिषद जुलाई चार्टर के तहत संवैधानिक सुधारों को लागू करने के लिए बनाई गई है।

योजना थी कि नए संसद सदस्य के साथ-साथ इस परिषद के सदस्य भी बनें और दोनों के लिए शपथ लें, लेकिन BNP ने इसे असंवैधानिक बताते हुए केवल संसद सदस्य की शपथ ली है।

जुलाई चार्टर से कोई नेता अधिकतम 10 साल ही पीएम रह सकेगा

जुलाई चार्टर के तहत PM के लिए जीवनभर कुल 10 साल (या अधिकतम दो टर्म) की सख्त टर्म लिमिट लगाई गई है, ताकि कोई लंबे समय तक सत्ता में न रह सके।

PM पार्टी चीफ के पद के साथ नहीं रह सकता, इमरजेंसी घोषणा के लिए कैबिनेट और विपक्षी लीडर की लिखित सहमति जरूरी होगी। प्रेसिडेंट की भूमिका मजबूत होगी, जैसे कई स्वतंत्र संस्थाओं के प्रमुखों की नियुक्ति में प्रेसिडेंट को ज्यादा स्वतंत्र अधिकार मिलेंगे, जो पहले PM के प्रभाव में थे।

बाइकैमरल संसद (ऊपरी सदन) बनने से PM-केंद्रित निचले सदन के फैसलों पर कंट्रोल लगेगा और कई संस्थाओं के लिए अलग सेलेक्शन कमिटी बनेंगी, जिससे PM का एकतरफा नियंत्रण कम होगा।

नेशनल पार्लियामेंट में नवनिर्वाचित सांसदों ने शपथ ली

बांग्लादेश की 13वीं नेशनल पार्लियामेंट के नवनिर्वाचित सदस्यों ने मंगलवार को नेशनल पार्लियामेंट के साउथ प्लाजा में शपथ ली। सुबह करीब 10:42 बजे (स्थानीय समयानुसार) मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन ने सांसदों को शपथ दिलाई।

बांग्लादेशी मीडिया प्रथोम ओलो के मुताबिक, यह शपथ ग्रहण समारोह कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित हुआ, जिसमें 1,000 से ज्यादा स्थानीय और विदेशी मेहमान शामिल हुए। शपथ ग्रहण समारोह से पहले कुरान पढ़ी गई।

मुख्य समारोह शाम 4 बजे शुरू होगा। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन निर्वाचित प्रधानमंत्री तारिक रहमान और उनके शुरुआती मंत्रिमंडल को पद की शपथ दिलाएंगे।

शपथ ग्रहण समारोह के लिए 13 देशों को आधिकारिक न्योता भेजा गया है, जिनमें भारत, चीन, पाकिस्तान जैसे बड़े नाम शामिल हैं। भारत की ओर से लोकसभा स्पीकर ओम बिरला बांग्लादेश पहुंचे हैं। उनके साथ विदेश सचिव विक्रम मिश्री भी शामिल होंगे।

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला आज तारिक रहमान के शपथ समारोह में शामिल होने के लिए बांग्लादेश पहुंचे हैं।

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला आज तारिक रहमान के शपथ समारोह में शामिल होने के लिए बांग्लादेश पहुंचे हैं।

कई देशों और क्षेत्रीय संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए

व्यक्तिदेश/संगठन
ओम बिरलालोकसभा स्पीकर, भारत
शेरिंग तोबगेभूटान के प्रधानमंत्री
अहसान इकबालप्लानिंग मिनिस्टर, पाकिस्तान
बाला नंदा शर्माविदेश मंत्री, नेपाल
अब्दुल्ला खलीलविदेश मंत्री, मालदीव
नलिंदा जयतिस्सास्वास्थ्य मंत्री, श्रीलंका
सीमा मल्होत्रायूके इंडो-पैसिफिक अंडर सेक्रेट्ररी

मंत्रियों के चयन का प्रोसेस जानिए

पार्टी सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट की अंतिम संरचना का फैसला BNP की स्थायी समिति और अध्यक्ष तारिक रहमान करेंगे। प्रधानमंत्री के रूप में वे अंतिम सूची में कभी भी बदलाव कर सकते हैं।

आज सांसदों के शपथ लेने के बाद सत्तारूढ़ दल और विपक्ष अलग-अलग बैठक कर अपने संसदीय नेता का चुनाव करेंगे। बहुमत दल का नेता इसके बाद बंगभवन जाकर राष्ट्रपति मोहम्मद शाहाबुद्दीन से मुलाकात करेगा।

राष्ट्रपति औपचारिक रूप से उसे सरकार बनाने का निमंत्रण देंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री पद के दावेदार मंत्रियों, राज्य मंत्रियों और उपमंत्रियों की सूची राष्ट्रपति को सौंपेंगे।

राष्ट्रपति सूची कैबिनेट डिवीजन को भेजेंगे, जो शपथ समारोह की तैयारी पूरी करेगा। कैबिनेट सचिव नामित मंत्रियों को व्यक्तिगत रूप से फोन कर शपथ समारोह में शामिल होने का निमंत्रण देंगे और उनके घरों पर आधिकारिक वाहन भेजे जाएंगे।

तारिक रहमान ने दो जीती सीटों में से एक छोड़ा

BNP के चेयरमैन तारिक रहमान ने ढाका-17 सीट को अपने पास रखने और बोगरा-6 सीट को खाली करने का फैसला किया है। 13वीं संसदीय चुनाव में तारिक रहमान ने दोनों सीटों से भारी बहुमत से जीत हासिल की थी।

ढाका-17 से उन्होंने लगभग 72,699 वोट प्राप्त किए, जबकि बोगरा-6 से उन्होंने 216,284 वोट हासिल कर जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवार को बड़े अंतर से हराया था।

अब तारिक रहमान ने बांग्लादेश निर्वाचन आयोग (ईसी) को एक लिखित पत्र भेजकर बोगरा-6 सीट छोड़ने की औपचारिक घोषणा की है। ईसी के वरिष्ठ सचिव अख्तर अहमद ने इसकी पुष्टि की है।

बांग्लादेश के नियमों (आरपीओ) के अनुसार, जब कोई सांसद दो सीटों से जीतता है और एक सीट छोड़ता है, तो उस खाली सीट पर उपचुनाव कराना होता है। इसलिए बोगरा-6 सीट पर अब उपचुनाव होगा, जिसे ईसी को 90 दिनों के अंदर आयोजित करना होगा।

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खेल

ऑस्ट्रेलिया टी-20 वर्ल्डकप से बाहर, जिम्बाब्वे सुपर–8 में:जिम्बाब्वे–आयरलैंड मैच बारिश से रद्द, कंगारू दूसरी बार ग्रुप स्टेज से बाहर

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कैंडी/नई दिल्ली,एजेंसी। 2021 की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के लीग राउंड से ही बाहर हो गई है। मंगलवार को जिम्बाब्वे और आयरलैंड के बीच मैच बारिश के कारण रद्द हो गया। कैंडी के पल्लेकेले स्टेडियम में मैच का टॉस भी नहीं हो सका। इसी के साथ जिम्बाब्वे सुपर-8 में पहुंच गई है।

एक दिन पहले कंगारू श्रीलंका के खिलाफ 8 विकेट से हार गए थे। उन्हें 13 फरवरी को जिम्बाब्वे ने 23 रन से हराया था। अब ऑस्ट्रेलिया को 20 फरवरी को ओमान से खेलना है। इसे जीतकर भी मिचेल मार्श की टीम अगले दौर में नहीं पहुंच सकेगी।

ऑस्ट्रेलियन टीम इस टूर्नामेंट के इतिहास में दूसरी बार ग्रुप स्टेज से बाहर हुई है। इससे पहले 2009 में टीम रिकी पोंटिंग की कप्तानी में लीग राउंड से बाहर हो गई थी।

पल्लेकेले में बारिश के कारण मैच रद्द कर दिया गया है।

पल्लेकेले में बारिश के कारण मैच रद्द कर दिया गया है।

इस वर्ल्डकप में पहला मैच रद्द हुआ

मौजूदा वर्ल्डकप में पहला मैच रद्द हुआ है। वहीं, टूर्नामेंट के इतिहास में अब तक 8 मैच रद्द हुए हैं। 2016 के एडीशन में 2 मैच रद्द हुए थे। 2007, 2010, 2012, 2022 और 2024 में भी एक-एक मैच रद्द हुए।

जिम्बाब्वे अगले टी-20 वर्ल्डकप के लिए क्वालिफाई

सुपर-8 में पहुंचने के साथ ही जिम्बाब्वे ने 2028 टी-20 वर्ल्ड कप के लिए भी क्वालिफाई कर लिया है। उसे अब क्वालिफायर नहीं खेलना होगा। नियमों के मुताबिक टॉप-8 टीमें और मेजबान देश (जिस देश में वर्ल्ड कप हो रहा है) वर्ल्ड कप में सीधे खेलते हैं। जबकि, बाकी टीमों को टूर्नामेंट में एंट्री के लिए क्वालिफायर खेलना होता है।

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देश

मोदी बोले- भारत एवरेस्ट तक उड़ने वाला हेलिकॉप्टर बनाएगा:फ्रांस को स्पेशल पार्टनर बताया, मैक्रों बोले- भारत पर भरोसा इसलिए टेक्नोलॉजी शेयर करते हैं

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मुंबई,एजेंसी। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मंगलवार को भारत पहुंचे हैं। इस दौरान मुंबई में उन्होंने पीएम मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने मिलकर H-125 हेलिकॉप्टरों की असेंबली लाइन का ऑनलाइन उद्घाटन किया।

मुंबई में जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस मिलकर भारत में ऐसे हेलिकॉप्टर का निर्माण करेंगे, जो माउंट एवरेस्ट जैसी ऊंचाइयों तक उड़ान भरेगा।

मोदी ने फ्रांस को भारत का स्पेशल पार्टनर बताया और कहा कि दोनों देशों ने अपने रिश्तों को ‘स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ लेवल तक अपग्रेड करने का फैसला किया है।

‘स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का मतलब है कि दोनों देश सिर्फ व्यापार या हथियारों की खरीद-फरोख्त तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि सुरक्षा, तकनीक, अंतरिक्ष, समुद्री इलाकों की सुरक्षा और बड़े वैश्विक मुद्दों पर साथ मिलकर काम करेंगे।

मैक्रों ने कहा कि भारत एक भरोसेमंद साझेदार है और फ्रांस भारत के साथ तकनीक साझा करने में भरोसा रखता है।

फ्रांसीसी राष्ट्रपति के भारत दौरे से जुड़ी तस्वीरें…

मोदी और मैक्रों ने कर्नाटक के वेमगल में टाटा-एयरबस की H125 लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर की लास्ट असेंबली लाइन का ऑनलाइन उद्घाटन किया।

मोदी और मैक्रों ने कर्नाटक के वेमगल में टाटा-एयरबस की H125 लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर की लास्ट असेंबली लाइन का ऑनलाइन उद्घाटन किया।

पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुंबई के लोक भवन में मुलाकात की।

पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुंबई के लोक भवन में मुलाकात की।

इमैनुएल मैक्रों ने मुंबई में अनिल कपूर और मनोज बाजपेयी समेत कई बॉलीवुड सेलिब्रिटीज से मुलाकात भी की।

इमैनुएल मैक्रों ने मुंबई में अनिल कपूर और मनोज बाजपेयी समेत कई बॉलीवुड सेलिब्रिटीज से मुलाकात भी की।

फ्रांसीसी राष्ट्रपति बॉलीवुड एक्टर अनिल कपूर से बात करते हुए।

फ्रांसीसी राष्ट्रपति बॉलीवुड एक्टर अनिल कपूर से बात करते हुए।

फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैंक्रों अपनी पत्नी के साथ पीएम मोदी के न्योते पर तीन दिन के भारत दौरे पर आए हैं।

फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैंक्रों अपनी पत्नी के साथ पीएम मोदी के न्योते पर तीन दिन के भारत दौरे पर आए हैं।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने मैक्रों का मुंबई एयरपोर्ट पर स्वागत किया।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने मैक्रों का मुंबई एयरपोर्ट पर स्वागत किया।

राष्ट्रपति बनने के बाद चौथी बार भारत पहुंचे मैक्रों

राष्ट्रपति बनने के बाद मैक्रों का यह चौथा भारत दौरा है। इससे पहले वे मार्च 2018 में पहली बार भारत आए थे। इसके बाद वे सितंबर 2023 में G20 समिट के लिए और जनवरी 2024 में गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनकर आए थे।

भारत और फ्रांस के बीच 1998 से रणनीतिक साझेदारी है और दोनों देश रक्षा, तकनीक, अंतरिक्ष और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में साथ काम करते हैं। यह दौरा भी इसी सहयोग को आगे बढ़ाने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

मोदी बोले- भारत-फ्रांस आतंकवाद खत्म करने के लिए साथ हैं

पीएम मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस दोनों लोकतंत्र, कानून का पालन और ऐसी दुनिया में भरोसा रखते हैं जहां कई ताकतें मिलकर संतुलन बनाए रखें। उन्होंने कहा कि दोनों देशों का मानना है कि वैश्विक संस्थाओं में सुधार जरूरी है, तभी दुनिया की बड़ी समस्याओं का हल निकल पाएगा।

उन्होंने कहा कि यूक्रेन हो, पश्चिम एशिया हो या इंडो-पैसिफिक क्षेत्र, हर जगह शांति के प्रयासों का भारत और फ्रांस समर्थन करते रहेंगे। दोनों देश हर तरह के आतंकवाद को खत्म करने के लिए भी साथ हैं।

मैक्रों बोले- भारत-फ्रांस के रिश्ते खास और अनोखे

मैक्रों ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच द्विपक्षीय संबंध सच में खास और अनोखे हैं। यह रिश्ता भरोसे, खुलेपन और महत्वाकांक्षा पर आधारित है। मैक्रों ने कहा कि आज हमने दोनों देशों की इस साझेदारी को एक नए स्तर पर ले जाने का फैसला किया है। अब इसे ‘स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा दिया जाएगा।

मोदी-मैक्रों ने टाटा-एयरबस हेलिकॉप्टर असेंबली लाइन का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कर्नाटक के वेमगल में टाटा एयरबस की H125 लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर की लास्ट असेंबली लाइन का ऑनलाइन उद्घाटन किया।

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने इस परियोजना को भारत-फ्रांस साझेदारी का उदाहरण बताते हुए कहा कि यह कदम दोनों देशों के तकनीकी सहयोग और रक्षा उद्योग में आपसी सहयोग को आगे बढ़ाएगा।

मोदी-मैक्रों टाटा-एयरबस की H125 लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर की लास्ट असेंबली लाइन का उद्घाटन करते हुए।

मोदी-मैक्रों टाटा-एयरबस की H125 लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर की लास्ट असेंबली लाइन का उद्घाटन करते हुए।

भारत-फ्रांस साझेदारी वैश्विक स्थिरता के लिए मजबूत ताकत

पीएम मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस अब अहम खनिजों, बायोटेक्नोलॉजी और नई तरह की एडवांस्ड मैटेरियल्स के सेक्टर में मिलकर काम को और आगे बढ़ा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि हेल्थ सेक्टर में AI के लिए एक भारत-फ्रांस सेंटर शुरू किया जा रहा है। इसके अलावा डिजिटल साइंस और टेक्नोलॉजी के लिए भी एक संयुक्त सेंटर बनेगा और एविएशन स्किल डेवलपमेंट के लिए राष्ट्रीय गठबंधन केंद्र की शुरुआत की जा रही है।

मोदी ने कहा कि दुनिया इस समय अनिश्चित दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में भारत-फ्रांस की साझेदारी वैश्विक स्थिरता के लिए मजबूत ताकत बन सकती है। उन्होंने कहा कि फ्रांस की विशेषज्ञता और भारत की बड़ी क्षमता को मिलाकर भरोसेमंद तकनीक विकसित की जा रही है।

मोदी बोले- दोनों देश अपनी इंडस्ट्री को आपस मे जोड़ेंगे

पीएम मोदी ने कहा कि अब चाहे रक्षा का क्षेत्र हो, स्वच्छ ऊर्जा हो या अंतरिक्ष, हर जगह दोनों देश अपने उद्योगों को आपस में जोड़ेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जॉइंट इनोवेशन के लिए नए सेंटर बनाए जाएंगे। साथ ही क्रिटिकल मिनरल्स और बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी दोनों देश अपना सहयोग और मजबूत कर रहे हैं।

मैक्रों बोले- भारत पर भरोसा, इसलिए टेक्नोलॉजी शेयर करते हैं

फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि भारत का एक भरोसेमंद साझेदार है। फ्रांस भारत के साथ तकनीक साझा करने में विश्वास रखता है।

मैक्रों ने यह भी कहा कि फ्रांस रणनीतिक स्वायत्तता यानी अपने फैसले खुद लेने और स्वतंत्र नीति पर चलने में भरोसा रखता है।

मोदी बोले- भारत-फ्रांस साझेदारी आम लोगों की पार्टनरशिप में बदली

पीएम मोदी ने कहा कि भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर की शुरुआत के साथ दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी अब आम लोगों की साझेदारी में बदल रही है। इनोवेशन अकेले संभव नहीं है, इसके लिए साथ मिलकर काम करना जरूरी है।

उन्होंने बताया कि इस इनोवेशन ईयर के दौरान दोनों देशों का लक्ष्य लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत करना है। चाहे रक्षा का क्षेत्र हो, स्वच्छ ऊर्जा, अंतरिक्ष या नई तकनीकें, हर क्षेत्र में दोनों देश अपने उद्योगों और इनोवेटर्स को एक-दूसरे से जोड़ेंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप और छोटे व मध्यम उद्योगों के बीच मजबूत नेटवर्क बनाया जाएगा। साथ ही छात्रों और शोधकर्ताओं के बीच आदान-प्रदान आसान किया जाएगा और जॉइंट इनोवेशन के लिए नए सेंटर भी खोले जाएंगे।

मैक्रों बोले- भारत से साझेदारी को स्पेशल स्ट्रैटेजिक साझेदारी में बदलेंगे

मैक्रों ने कहा कि मेरे चौथे भारत दौरे पर स्वागत करने के लिए पीएम मोदी का धन्यवाद। हमने ये भी फैसला किया है कि इस साझेदारी को स्पेशल स्ट्रैटेजिक साझेदारी में बदलेंगे। हम पिछले 8 सालों से यही कर रहे हैं।

स्पेशल स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप का मतलब है दो देशों के बीच ऐसी खास और मजबूत साझेदारी, जिसमें वे लंबे समय तक महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मिलकर काम करते हैं। इसमें दोनों पक्ष रक्षा, व्यापार, तकनीक या सुरक्षा जैसे जरूरी मामलों में एक-दूसरे की मदद करते हैं।

बॉलीवुड सेलिब्रिटीज से मिले फ्रांसीसी राष्ट्रपति

फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने आज मुंबई में कई बॉलीवुड सेलिब्रिटीज से मुलाकात की। इनमें मनोज बाजपेयी, अनिल कपूर, शबाना आजमी, जोया अख्तर और ऋचा चढ्ढा जैसे एक्टर शामिल हैं।

मोदी बोले- मैक्रों को मुंबई बहुत पसंद आया

PM मोदी ने ट्वीट कर कहा कि मुंबई में अपने मित्र, फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से मिलकर उन्हें खुशी हुई।

प्रधानमंत्री ने बताया कि राष्ट्रपति मैक्रों ने उनसे कहा कि उन्हें मुंबई बहुत पसंद आया। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने दिन में पहले यहां दौड़ का आनंद लिया।

पीएम मोदी फ्रांसीसी राष्ट्रपति से मिलने महाराष्ट्र पहुंचे

पीएम मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ बैठक के लिए महाराष्ट्र लोक भवन पहुंच गए हैं। समाचार एजेंसी ANI के अनुसार, महाराष्ट्र और गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने मुंबई के महाराष्ट्र लोक भवन में प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया।

भारत को 24 सुपर राफेल फाइटर जेट मिलेंगे

भारत फ्रांस के बीच राफेल डील की सबसे खास बात ये है कि इनमें से 24 विमान ‘सुपर राफेल’ होंगे। इन एडवांस्ड जेट को F-5 वर्जन कहा जा रहा है, जिन्हें फ्रांस की कंपनी दसॉ एविएशन बना रही है।

अभी इंडियन एयरफोर्स के पास जो राफेल हैं, वे F-3 वेरिएंट हैं और 4.5 जेनरेशन फाइटर माने जाते हैं। इनमें स्टेल्थ फीचर्स और न्यूक्लियर वेपन कैरी करने की क्षमता भी है। नई डील में मिलने वाले ज्यादातर जेट F-4 वर्जन के होंगे, जो ज्यादा एडवांस सिस्टम और अपग्रेड टेक्नोलॉजी के साथ आएंगे।

बताया जा रहा है कि यूरोपियन स्टैंडर्ड के हिसाब से F-5 राफेल को और ज्यादा एडवांस कैटेगरी में रखा जा रहा है। ये अभी डेवलपमेंट फेज में हैं। प्लान के मुताबिक F-4 जेट की डिलीवरी 2028–29 से शुरू होगी, जबकि 2030 के बाद मिलने वाले जेट F-5 यानी सुपर राफेल होंगे।

इस डील के बाद फ्रांस के अलावा भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा, जिनके पास इतनी एडवांस कैपेबिलिटी वाले राफेल फाइटर जेट होंगे। डील एयरफोर्स की स्ट्रेंथ और टेक्नोलॉजी लेवल में बड़ा बूस्ट मानी जा रही है।

भारत में बनेंगे 96 राफेल फाइटर जेट

फ्रांस की कंपनी दसॉ एविएशन से होने वाली इस डील में की अहम बात यह है कि 114 में से 96 विमान भारत में ही बनाए जाएंगे।

सिर्फ 18 जेट उड़ान के लिए तैयार हालत (फ्लाई-अवे कंडीशन) में सीधे फ्रांस से मिलेंगे। बाकी विमानों का प्रोडक्शन भारत में होगा और उनमें करीब 60% तक स्वदेशी पार्ट्स इस्तेमाल किए जाएंगे।

राफेल जेट का निर्माण मेक इन इंडिया प्रोग्राम के तहत होगा। दसॉ एविएशन एक भारतीय कंपनी के साथ मिलकर प्रोडक्शन करेगी।

हाल ही में दसॉ ने अपने जॉइंट वेंचर दसॉ रिलायंस एयरोस्पेस लिमिटेड (DRAL) में हिस्सेदारी 49% से बढ़ाकर 51% कर ली है। इस साझेदारी में अनिल अंबानी की रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर भी शामिल है।

डील के तहत सभी 114 जेट में भारतीय हथियार, मिसाइल और गोला-बारूद इंटीग्रेट किए जाएंगे और सुरक्षित डेटा लिंक सिस्टम भी दिया जाएगा, जिससे ये विमान भारतीय रडार और सेंसर नेटवर्क से सीधे जुड़ सकें।

दसॉ एयरफ्रेम बनाने की टेक्नोलॉजी ट्रांसफर भी देगा, जबकि इंजन कंपनी साफ्रान और एवियोनिक्स कंपनी थेल्स इस प्रोजेक्ट में सहयोग करेंगी।

टेक्नोलॉजी ट्रांसफर पूरा होने के बाद विमानों में स्वदेशी हिस्सेदारी 55-60% तक पहुंचने की उम्मीद है। (फाइल फुटेज-राफेल)

टेक्नोलॉजी ट्रांसफर पूरा होने के बाद विमानों में स्वदेशी हिस्सेदारी 55-60% तक पहुंचने की उम्मीद है। (फाइल फुटेज-राफेल)

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