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टैरिफ रद्द होने का भारत पर क्या असर:ट्रम्प बोले- ट्रेड डील में कोई बदलाव नहीं, अमेरिकी अधिकारी ने कहा- 10% टैरिफ ही लगेगा

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वॉशिंगटन डीसी/नई दिल्ली,एजेंसी। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दुनियाभर के देशों पर लगाए गए टैरिफ को रद्द कर दिया है। इसके कुछ घंटे बाद ही ट्रम्प ने फिर से 10% टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया।

ऐसे में भारत पर लगे टैरिफ को लेकर यह भी सवाल उठ रहा है कि भारत को 18% टैरिफ देना होगा या 10%। इसकी दो वजहें हैं-

  • राष्ट्रपति ट्रम्प ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि भारत के साथ ट्रेड डील पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यह पहले की तरह आगे बढ़ेगी।
  • BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया ब्रिटेन, भारत और यूरोपीय संघ सहित अमेरिका के साथ व्यापार समझौते करने वाले देशों को अब धारा 122 के तहत 10% वैश्विक टैरिफ का ही सामना करना पड़ेगा, न कि उस टैरिफ दर का जिस पर उन्होंने पहले बातचीत की थी।

BBC की रिपोर्ट सही मानें तो भारत पर कुल टैरिफ 18% घटकर 10% रह जाएगा, जबकि ट्रम्प का बयान 18% टैरिफ की ओर इशारा कर रहा है।

भारत सरकार बोली- मामले को ध्यान से देख रहे

टैरिफ पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले और ट्रम्प की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद भारत सरकार ने कहा है कि वह पूरे मामले को ध्यान से देख रही है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि अमेरिकी प्रशासन ने जो भी नए कदम उठाए हैं, उनके भारत पर क्या असर पड़ सकते हैं, इसका आकलन किया जा रहा है।

मंत्रालय के अनुसार, शुक्रवार को आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले और ट्रम्प की प्रेस कॉन्फ्रेंस को नोट किया गया है। अमेरिका की ओर से कुछ फैसलों की घोषणा भी की गई है।

सरकार इन सभी घटनाक्रमों को समझ रही है, ताकि यह तय किया जा सके कि इनका भारत और दोनों देशों के व्यापार पर क्या प्रभाव पड़ सकता है।

ट्रेड डील फरवरी के अंत तक फाइनल होगी

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले शुक्रवार मीडिया से बात की थी। तब उन्होंने बताया था कि अमेरिका के साथ ‘अंतरिम व्यापार समझौता’ फरवरी के अंत तक फाइनल हो जाएगा। मार्च में इस पर हस्ताक्षर होंगे, वहीं अप्रैल से ये समझौता पूरी तरह लागू हो जाएगा।

इसके साथ ही आने वाले कुछ महीनों में भारत दुनिया के बड़े देशों साथ व्यापारिक समझौतों पर अंतिम मुहर लगाएगा। अप्रैल में ब्रिटेन और ओमान के साथ भी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट शुरू होने की उम्मीद है।

23 फरवरी को फाइनल होगा कानूनी ड्राफ्ट

23 फरवरी से भारत और अमेरिका के अधिकारी अमेरिका में तीन दिनों की अहम बैठक करेंगे। इस बैठक का मकसद 7 फरवरी को जारी ‘जॉइंट स्टेटमेंट’ के आधार पर कानूनी ड्राफ्ट तैयार करना है। वाणिज्य मंत्रालय के चीफ नेगोशिएटर दर्पण जैन भारतीय डेलिगेशन का नेतृत्व करेंगे।

उम्मीद है कि टैक्स में 25% से 18% की कमी का आधिकारिक आदेश इसी हफ्ते या अगले हफ्ते तक आ जाएगा। इससे भारत के कपड़ा, चमड़ा और जेम्स-ज्वैलरी जैसे सेक्टर को सीधा फायदा होगा।

7 फरवरी को ट्रेड डील का ऐलान हुआ था

कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने 7 फरवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिका के साथ ट्रेड डील की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि भारतीय कृषि उत्पाद अमेरिका में जीरो टैरिफ पर निर्यात किए जाएंगे, जबकि अमेरिका के कृषि उत्पादों को भारत में कोई टैरिफ छूट नहीं दी गई है।

पीयूष गोयल ने साफ किया कि इस समझौते में जेनेटिकली मॉडिफाइड (GM) फूड को भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली है। उन्होंने कहा- यह समझौता भारतीय निर्यातकों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 27.18 लाख करोड़ रुपए) के बाजार को खोलेगा।

अमेरिका से 50 हजार करोड़ डॉलर के उत्पाद खरीदेगा भारत

इसके अलावा भारत ने अगले 5 साल में अमेरिका से 50 हजार करोड़ डॉलर (45 लाख 30 हजार करोड़ रुपए) के उत्पाद खरीदने पर सहमति जताई है। भारत और अमेरिका ने शुक्रवार को अंतरिम व्यापार समझौते (ITA ) का फ्रेमवर्क जारी किया है।

इसके तहत भारतीय सामान पर अमेरिका का टैक्स 50% घटाकर 18% कर दिया गया है। रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर लगाया गया 25% अतिरिक्त टैक्स भी हटा लिया गया है।

नॉन-टैरिफ बाधाओं को दूर करेंगे दोनों देश

पीयूष गोयल ने बताया कि दोनों देशों ने फैसला किया है कि वे इसके कुछ नियम तय करेंगे, ताकि इस समझौते का लाभ मुख्य रूप से अमेरिका और भारत को ही मिले, न कि किसी तीसरे देश को।

भारत और अमेरिका का इस व्यापार समझौते में नॉन-टैरिफ बैरियर्स को दूर करने पर खास फोकस है। ये बाधाएं टैरिफ नहीं होतीं, लेकिन व्यापार को मुश्किल बनाती हैं। अमेरिकी मेडिकल डिवाइसेस कंपनियों को भारत में कीमत तय करने के नियम, रजिस्ट्रेशन में देरी जैसी रुकावटों का सामना करना पड़ा रहा था।

अप्रैल में ब्रिटेन और ओमान के साथ हुई डील लागू होगी

भारत-ब्रिटेन पिछले साल जुलाई में हुए FTA के बाद अब इसे अप्रैल से लागू किया जा सकता है। इससे भारत के 99% उत्पादों को ब्रिटेन में ‘जीरो ड्यूटी’ पर एंट्री मिलेगी। बदले में भारत ब्रिटेन से आने वाली कारों और स्कॉच व्हिस्की पर टैक्स कम करेगा।

ओमान के साथ भी अप्रैल में डील लागू होने की उम्मीद है, जिससे खाड़ी देशों में भारतीय सामान की पहुंच आसान होगी। ओमान ने भारत के 98% से ज्यादा उत्पादों पर जीरो ड्यूटी की पेशकश की है।

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कोरबा

बचपन की टिकट:अशोक वाटिका में 10,000 से अधिक महिलाएं बचपन की यादों में खोईं

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भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री सरोज पाण्डेय की अनुपम और अनोखी पहल से खेलों के माध्यम से महिलाओं को गुदगुदाया, घंटों तक रोमांच की दुनिया का कराया सफर
सरोज पाण्डेय ने कहा-धन्यवाद कोरबा, अपेक्षा से अधिक कार्यक्रम को बनाया सफल

कोरबा। 12 अप्रैल का दिन कोरबा के लिए एक ऐतिहासिक दिन था। भाजपा के दो धु्रवों के बीच एक तरह से शक्ति प्रदर्शन था। एक तरफ मंत्री लखनलाल देवांगन के जन्मदिन पर जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित था, तो दूसरी ओर कोरबा लोकसभा की भाजपा प्रत्याशी, भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय का अशोक वाटिका में बपचन की टिकट का अद्भूत कार्यक्रम आयोजित था।

बचपन की टिकट कोरबा की महिलाओं के लिए एक अद्भूत अनुभव साबित हुआ। कोरबा के लिए ऐसा प्रथम बार कार्यक्रम महिलाओं के लिए आयोजित था, जिसमें 10,000 से अधिक महिलाओं ने अपनी भागीदारी निभाई।
सबसे अद्भूत और रोमांच का दृश्य उस समय देखने को मिला जब कोरबा की महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत और उनकी टीम वर्सेस बिलासपुर की महापौर श्रीमती पूजा विधानी और उनकी टीम के बीच कबड्डी खेली गई। रोमांच चरम पर था और तालियों की गड़गड़ाहट और हौसला के बीच कोरबा महापौर बिलासपुर की टीम को समेटने के लिए मैदान में उतरीं और कबड्डी…कबड्डी बोलते-बोलते बिलासपुर टीम के पाले में गई, लेकिन खुद पटकनी खा गईं।
बिलासपुर महापौर जब मैदान में कुदीं तो वे बैरंग लौट गईं। महिला पार्षदों ने दमखम दिखाया और दोनों टीम अपनी खेल प्रतिभा से एक-दूसरे पर भारी दिख रहे थे, लेकिन बाद में जजों ने दोनों को संयुक्त विजेता घोषित कर दिया, लेकिन बिलासपुर महापौर और उनकी टीम ने रोमांचक हंगामा किया और कहा-जीत हमारी हुई।
उपविजेता के रूप में नितेश कुमार मेमोरियल लायंस पब्लिक स्कूल खरहरकुड़ा की टीम रही।

छत्तीसगढ़ी खेलों ने गुदगुदाया:बचपन की यादों में खोईं महिलाएं

सुश्री सरोज पाण्डेय की इस अद्भूत पहल से संध्या 5.00 बजे से रात्रि 8.30 बजे तक अशोक वाटिका महिलाओं की भीड़ से आबाद रहा। ऐसा दृश्य कोरबा में पहली बार देखने को मिला। अलग-अलग खेलों के लिए जोन में बांटा गया था, जहां कबड्डी, खो-खो, जलेबी दौड़, फूगड़ी, बोरा दौड़, हौजी, सुआ नृत्य, रस्सी खींच, कुर्सी दौड़, गोटा, बिल्लस सहित कई रोमांचित छत्तीसगढ़ी खेलों में महिलाएं व्यस्त रहीं और अपनी प्रतिभाओं का प्रदर्शन कर रही थीं। चारों तरफ उल्लास और उमंग का माहौल था। घर की जिम्मेदारियां, महिलाओं की व्यस्तता के बीच तीन घंटे सुकून के पल अशोक वाटिका में महिलाओं सहित युवतियां खेलों के माध्यम से बिताया और महिलाओं ने इसे रोमांच का अद्भूत उदाहरण बताया और सुश्री सरोज पाण्डेय को इस तरह के आयोजन के लिए हृदय से धन्यवाद दिया।

कई हस्तियां पहुंची थीं

कोरबा के लिए इस ऐतिहासिक और अनोखा कार्यक्रम -बपचन की टिकट को अनुभव करने, खेलने छत्तीसगढ़ की कई प्रतिभाएं यहां मौजूद थीं। सुश्री सरोज पाण्डेय के अलावा कोरबा महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, बिलासपुर महापौर श्रीमती पूजा विधानी, महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती हर्षिता पाण्डेय सहित कई महिला प्रतिभाएं यहां रोमांच का अनुभव लिया और खुद बचपन में खो गईं।

पूजा विधानी ने कहा-महिलाओं के लिए सराहनीय कार्यक्रम

बिलासपुर महापौर ने कबड्डी में अपनी और टीम की प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरोज दीदी की सोच काफी प्रशंसनीय रहती है। बचपन की टिकट-कार्यक्रम का अनुभव वाकई में रोमांच पैदा कर गया। ऐसा आयोजन महिलाओं के लिए होते रहना चाहिए।

महिलाओं के बीच महिलाओं का प्रदर्शन नया अनुभव दे गया- कोरबा महापौर संजूदेवी राजपूत

कोरबा महापौर संजूदेवी राजपूत ने कबड्डी में टीम के साथ अपनी प्रतिभाएं दिखाईं। उन्होंने पत्रकारों से रू ब रू होकर कहा कि महिलाओं के बीच महिलाओं का खेल प्रदर्शन अद्भूत और अनोखा अनुभव दे गया। हमारी भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज दीदी का यह कार्यक्रम कोरबा के लिए ऐतिहासिक अनुभव दे गया। महिलाओं की अपार भीड़ के बीच खेलों ने हमें गुदगुदाया और सुकून दे गया। ऐसा कार्यक्रम महिलाओं के लिए होते रहना चाहिए। यह अनुभव महिलाओं के लिए खास रहा और घंटों तक हमारी महिलाएं जीवन की आपाधापी से दूर कुछ पल अपनों के साथ बीताया, बचपन की यादों में खोई रहीं।

अपेक्षा से कहीं अधिक सफल रहा कार्यक्रम, धन्यवाद कोरबा-सुश्री सरोज पाण्डेय

कार्यक्रम की संयोजिका सुश्री सरोज पाण्डेय ने बचपन की टिकट-कार्यक्रम में महिलाओं की इतनी बड़ी भागीदारी से काफी रोमांचित हुईं और मंच पर कहा- धन्यवाद कोरबा! इस कार्यक्रम को आपकी उपस्थिति ने अपेक्षा से अधिक सफल बनाया, हम कृतार्थ हैं।

बचपन की टिकट-एक कार्यक्रम ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, छत्तीसगढ़ी खेलों के प्रति पुनर्जागरण का संदेश था, महिलाओं के जीवन में आपाधापी के बीच सुकून के पल बिताने का अवसर था।
घर से निकलकर अपने लिए महिलाओं को जीने का सुअवसर प्रदान करना कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था, जिसमें हम सफल हुए। कोरबा ने बता दिया कि हम इस तरह के कार्यक्रम को और आगे बढ़ाते रहें। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने वाले सहयोगियों के प्रति भी आभार व्यक्त किया। सखी-सहेली महिला समूह छत्तीसगढ़ के बैनर तले सरोज पाण्डेय के इस कार्यक्रम को सभी ने सराहा…।

टीम के सदस्यों से रू ब रू होते सरोज पाण्डेय

टीम के सदस्यों से रू ब रू होते भाजपा नेता

मशाल जलाकर प्रतियोगिता का शुभारंभ

खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ मशाल जलाकर किया गया और मशाल रैली में मंत्री लखनलाल देवांगन, सुश्री सरोज पाण्डेय, भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी, व्यापारी प्रकोष्ठ के पूर्व जिला संयोजक विकास अग्रवाल, कोरबा महापौर संजूदेवी राजपूत, बिलासपुर महापौर पूजा विधानी, महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष हर्षिता पाण्डेय, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष प्रीति स्वर्णकार सहित कई हस्तियां शामिल हुईं।

पुरूस्कारों से विजेता टीमों के खिले चेहरे

इस अनुपम और अनोखी खेल प्रतियोगिता के समापन के बाद अतिथियों ने सभी विजेता टीम, खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया। विजेताओं के चेहरों पर मुस्कान बिखर रही थी। एक ओर बचपन की यादें और दूसरी ओर जीत की खुशी चेहरों पर झलक रही थीं।

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कोरबा

नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक पहल – सरोज पांडेय

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संसद के तीन दिवसीय 16, 17, 18 अप्रैल के विशेष सत्र में पेश होगा महिला आरक्षण बिल
विधानसभाओं एवं संसद में बढ़ेगा महिलाओं का दबदबा

कोरबा। महिला आरक्षण बिल लोकसभा में पेश करने के लिए नरेन्द्र मोदी सरकार ने 16, 17 एवं 18 अप्रैल को तीन दिवसीय विशेष संसद सत्र बुलाया है, जिसमें महिला आरक्षण बिल पास हो जाएगा और प्रधानमंत्री मोदी ने जो कहा-वह मुमकिन हो जाएगा। विशेष सत्र बुलाने के बाद भारत की नारी का सम्मान बढ़ेगा, मातृत्व का सम्मान बढ़ेगा और लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव में नारी शक्ति लाभार्थी ही नहीं बल्कि नीति निर्माता भी बनेगी।
महिला आरक्षण बिल पास होने के बाद मोदी सरकार का यह नारी शक्ति वंदन होगा और सशक्त नारी… सशक्त भारत की कहावत चरितार्थ होगी।
उक्ताशय का उद्गार आज प्रेस कांफ्रेंस में भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय के हैं। उन्होंने होटल गणेशइन के सभागार में पत्रकारों को सम्बोधित कर रहे थे। 16 अप्रैल को लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पेश होने से पहले वे मोदी सरकार का जमकर महिमा मंडन किया और कहा कि मोदी सरकार ने जो कहा, उसे निभाया। मोदी सरकार के वादों में महिला आरक्षण बिल पास कराना भी सबसे अहम वादों में एक है। इस बिल के पास होने के बाद देश में और राज्यों में राजनीति में महिलाओं का 33 प्रतिशत स्थान सुनिश्चित हो सकेगा और राजनीति तथा देश एवं राज्य के नीति निर्धारक भी बनेंगे। इस अवसर पर भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष प्रीति स्वर्णकार, पूर्व जिला अध्यक्ष मीना शर्मा मंचस्थ थीं। भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी, पूर्व अध्यक्ष डॉ. राजीव सिंह, संजय शर्मा, नवदीप नंदा सहित बड़ी संख्या में भाजपा एवं महिला मोर्चा के सदस्य उपस्थित थे।

भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री सरोज पांडेय ने “नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023” को देश के लोकतांत्रिक इतिहास का क्रांतिकारी मोड़ बताते हुए कहा कि अब मातृशक्ति के भाग्य और भविष्य को नई दिशा देने का निर्णायक समय आ गया है। होटल गणेश इन में आयोजित एक प्रभावशाली पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वर्षों तक महिलाओं को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया गया, लेकिन उन्हें वास्तविक अधिकार देने का साहस किसी भी सरकार ने नहीं दिखाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह ऐतिहासिक कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में संभव हो पाया है, जिन्होंने महिलाओं को नीति-निर्माण में समान भागीदारी दिलाने का मार्ग प्रशस्त किया है।

“नारी शक्ति वंदन” बना बदलाव की आधारशिला – सरोज पांडेय

सरोज पाण्डेय ने कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023” केवल एक कानून नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी को सशक्त बनाने का सशक्त माध्यम है, जो आने वाले समय में राजनीति और समाज दोनों में बड़ा परिवर्तन लाएगा। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मीना शर्मा तथा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष प्रीति स्वर्णकार की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस पत्रकार वार्ता में स्पष्ट संदेश दिया गया कि अब देश की मातृशक्ति केवल दर्शक नहीं, बल्कि निर्णय लेने वाली शक्ति बनेगी।

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” से बदली तस्वीर

सरोज पांडेय ने यह भी कहा कि इससे पहले सरकार ने “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” जैसे अभियान चलाकर समाज में जागरूकता बढ़ाने का काम किया। एक समय था जब बेटियों के जन्म पर उन्हें मार दिया जाता था, जिससे लिंगानुपात में भारी गिरावट आई थी। लेकिन इन अभियानों के कारण आज स्थिति में सुधार देखने को मिल रहा है और महिलाओं की भागीदारी समाज में बढ़ी है। अंत में सरोज पांडेय ने इस ऐतिहासिक पहल के लिए माननीय प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कदम देश में महिला सशक्तिकरण को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

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आशा भोसले ने भारतीय संगीत पर अमिट छाप छोड़ी: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन

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नई दिल्ली,एजेंसी। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने रविवार को प्रख्यात गायिका आशा भोसले के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी बहुमुखी प्रतिभा ने उन्हें विभिन्न शैलियों में सहजता से गाने की क्षमता प्रदान की। भोसले का 92 वर्ष की उम्र में रविवार को मुंबई में निधन हो गया। उन्हें सीने में संक्रमण और कमजोरी के कारण शनिवार को ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

उपराष्ट्रपति ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”आशा जी की आवाज में विविधता ने उन्हें विभिन्न शैलियों में सहजता से गाने की क्षमता प्रदान की, जिससे उन्होंने भावपूर्ण गजलों और पारंपरिक भजनों में महारत हासिल की।” राधाकृष्णन ने कहा कि आशा भोसले ने भारतीय संगीत पर एक अमिट छाप छोड़ी है। उपराष्ट्रपति ने कहा, ”उनकी कालजयी आवाज और संगीत की विरासत लाखों लोगों के दिलों में गूंजती रहेगी और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।” 

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