नई दिल्ली,एजेंसी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लोकसभा में ‘नक्सल मुक्त भारत’ मुद्दे पर चर्चा के दौरान सरकार की तरफ से जवाब दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सालों से भोले-भाले आदिवासियों को अंधेरे में रखा गया।
शाह ने कहा- मैं कांग्रेस से पूछना चाहता हूं कि आजादी के बाद 75 साल में 60 साल तो आपने राज किया। फिर आदिवासी विकास से क्यों बच गए। आपने 60 साल के दौरान आदिवासियों तक घर, स्कूल, मोबाइल टॉवर नहीं पहुंचने दिया और अब हिसाब मांग रहे हो। अपने गिरेबान में झांककर देखिए।
शाह ने कहा- 1970 से 2026 तक चले नक्सलवाद के घटनाक्रम की आज संसद में चर्चा हो रही है। जो लोग नक्सलवाद की वकालात करते हैं, उनसे पूछना चाहता हूं ये सब 1970 से अब तक क्यों नहीं हुआ था।
संसद में आज नक्सलवाद पर चर्चा सरकार की तरफ से दी गई डेडलाइन खत्म होने से एक दिन पहले हो रही है। शाह कई बार 31 मार्च, 2026 तक देश से नक्सलवाद पूरी तरह से खत्म करने की घोषणा कर चुके हैं।
शाह ने कहा- आदिवासियों के जरिए सत्ता हासिल करना नक्सल विचारधारा का मकसद
शाह ने कहा- ये जो बड़ी घटना देश में आकार लेने जा रही है उसका श्रेय CAPF खासकर कोबरा, CRPF के जवान और छत्तीसगढ़ पुलिस और वहां के स्थानीय आदिवासी बाशिंदों को जाता है। यहां पर वामपंथी उग्रवाद समाप्ता होने जा रहा है। इसमें वहां की जनता का भी बहुत बड़ा हाथ है। जो हजारों युवा मारे गए, जो जवान शहीद हो गए उन्हें श्रद्धांजलि देता हूं।
गृह मंत्री ने कहा- नक्सलियों की विचारधारा का विकास से कोई लेना-देना नहीं है। जब हम आजाद हुए हमने कहा ‘सत्यमेव जयते’। सत्य की हमेशा विजय हो। इनका ध्रुव वाक्य है- सत्ता बंदूक की नली से निकलती है। यहां सत्ता शब्द का संबंध अपनी विचारधारा की विजय के लिए है। विचारधारा को आदिवासियों में फैलाकर सत्ता हासिल करने के लिए है। यहां विकास की कोई बात नहीं है।
गृह मंत्री बोले- 12 साल में देश के मूल्यों से न जुड़ी हुई पॉलिसी को दरकिनार किया
गृह मंत्री ने कहा- 2014 में बदलाव हुआ। धारा 370 हटी, 35A हटा, राम मंदिर बना, CAA का कानून आ गया है, विधायी मंडलों में महिलाओं को 33% आरक्षण मिल गया है। ये सारे काम नरेंद्र मोदी के 12 साल के कार्यकाल में हुए।
शाह ने कहा- पिछले 12 साल में देश को गरीबी से मुक्ति दिलाने के लिए, युवाओं के लिए नई शिक्षा पद्धति लाने के लिए, आंतरिक-बाहरी सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए, देश के मूल्यों से न जुड़ी हुई पॉलिसी को दरकिनार करने के लिए बहुत कुछ हुआ।
गृह मंत्री ने कहा- अगर कोई पॉलिटिकल साइंस का छात्र इसकी रेटिंग करेगा कि सारी चीजों से सबसे ज्यादा फायदा किस फैसले से हुआ है तो वो छात्र नक्सलमुक्त भारत को पहले नंबर पर रखेगा।
शाह बोले- नक्सलवाद का मूल कारण विकास नहीं, एक विचारधारा है
शाह ने कहा- सरकार ने ढेर सारी योजनाएं बनाईं लेकिन आपने (कांग्रेस) उन्हें इम्प्लीमेंट नहीं करने दिया। 12 राज्यों में रेड कॉरिडोर था। वहां कानून का शासन नहीं था। 12 करोड़ लोग गरीबी में जी रहे थे। किसी ने चिंता नहीं की। हजारों युवाओं की मौत हुई। एक NGO के मुताबिक, 20 हजार युवा मारे गए। लोग दिव्यांग हो गए। उन तक विकास नहीं पहुंचा।
शाह ने कहा- इन सबके लिए कौन जिम्मेदार है। नक्सलवाद का मूल कारण विकास की डिमांड नहीं, एक विचारधारा है। राष्ट्रपति पद का चुनाव जीतने के लिए 1970 से इंदिरा गांधी ने स्वीकार कर लिया कि वामपंथी विचारधारा के कारण नक्सलवाद फैला। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने स्वीकारा था कि जम्मू-कश्मीर और नॉर्थ ईस्ट की तुलना में देश की आंतरिक सुरक्षा में सबसे बड़ी समस्या माओवादी है।
शाह बोले- आदिवासियों को 60 साल तक घर-स्कूल और मोबाइल टॉवर क्यों नहीं मिला
अमित शाह ने कहा- मैं कांग्रेस से पूछना चाहता हूं कि 75 साल में 60 साल तो राज आपने किया तो आदिवासी विकास से क्यों बच गए। 60 साल तक घर, स्कूल, मोबाइल टॉवर नहीं पहुंचने दिया और अब हिसाब मांग रहे हो। अपने गिरेबान में झांककर देखिए।
लोकसभा में इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (संशोधन) बिल पास
लोकसभा में आज इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (संशोधन) बिल, 2025 को पारित करा लिया गया है। वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्टसी कोड (IBC) देश के बैंकिंग क्षेत्र की स्थिति में सुधार लाने में प्रमुख और अत्यंत महत्वपूर्ण फैक्टर रही है, जिसमें नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स की वसूली भी शामिल है।
लोकसभा में IBC में संशोधन करने वाले विधेयक को पेश करते हुए मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इन्सॉल्वेंसी रिजोल्यूशन प्रोसेस से बाहर आने के बाद कंपनियों का प्रदर्शन अच्छा रहा है और उनकी कॉर्पोरेट गवर्नेंस प्रैक्सिट में भी सुधार हुआ है।
2025 में सुरक्षा बलों ने 270 नक्सल उग्रवादियों को मुठभेड़ में मार गिराया, 680 नक्सलियों को गिरफ्तार किया और करीब 1225 नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने के लिए बाध्य किया।
अनुराग ठाकुर बोले- शाह आज अपना रिपोर्ट कार्ड लेकर आए हैं
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा- भारत माता के सबसे दर्दनाक घावों में एक नक्सलवाद है। देश को यह घाव कांग्रेस ने दिया। हमारे नेता ने संकल्प लिया था कि नकस्लवाद को 31 मार्च, 2026 तक खत्म कर देंगे और वे आज अपना रिपोर्टकार्ड लेकर आए हैं। इसके कहते हैं- संकल्प से सिद्धि तक की यात्रा।
महुआ बोलीं- हमने वेलफेयर पर जोर देकर पश्चिम बंगाल को नक्सल मुक्त बनाया
महुआ मोइत्रा ने नक्सलवाद पर चर्चा के दौरान कहा कि आज देश राइटविंग आतंकवाद से त्रस्त है। एनर्जी क्राइसिस से निपटने के लिए किसी रोडमैप की कोई बात नहीं हो रही है। आज आपने अचानक नक्सलवाद पर चर्चा शुरू करा दी। कितने महान हैं अमित शाह जी, सबको ठोक कर ठंडा कर दिया। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद 1969 में सिलीगुड़ी के पास नक्सलबाड़ी से शुरू हुआ और बाकी जगह फैला। लेफ्ट विंग एक्स्ट्रीमिज्म कानून-व्यवस्था की परेशानी नहीं थी। आज बीजेपी दावा कर रही है कि हमने इस समस्या का समाधान कर दिया। मनरेगा, फॉरेस्ट राइट्स एक्ट जैसे कदमों का इसमें बड़ा योगदान रहा। 2019 से 2025 के बीच किलिंग बढ़ी, गिरफ्तारियां कम हुईं। सिक्योरिटी रिलेटेड फंड्स 44 परसेंट खर्च नहीं हुए इस वित्तीय वर्ष में। महुआ मोइत्रा ने 2011 से 2017 के बीच नक्सलियों के सरेंडर के आंकड़े बताए और कहा कि हमने मिलिट्री पावर यूज नहीं की। हमने वेलफेयर पर जोर देकर पश्चिम बंगाल को नक्सल मुक्त बनाया।
वित्त मंत्री बोलीं- IBC बिल से दिवाला प्रक्रिया मजबूत होगी
लोकसभा में इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) बिल पर जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इसपर 40 सदस्यों ने अपनी बात रखी है। हम यह बिल भारत में दिवाला प्रक्रिया के ढांचे को मजबूत करने के लिए ला रहे हैं। 2016 से अब तक के अनुभवों को इस बिल में शामिल किया गया है।
केंद्रीय उड्डयन मंत्री बोले- इमरजेंसी लैंडिंग में सुरक्षा सर्वोपरि, ATF का 60 दिन का स्टॉक
केंद्रीय उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने राज्यसबा में कहा कि इमरजेंसी या प्रेफर्ड लैंडिंग का फैसला पूरी तरह सुरक्षा के आधार पर लिया जाता है। लैंडिंग से पहले सुरक्षा नियमों का पालन जरूरी होता है। यह विमान के प्रकार, मौसम और एयरस्पेस में अन्य विमानों की स्थिति पर निर्भर करता है।
ATF (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) को लेकर उन्होंने कहा कि फिलहाल पर्याप्त आपूर्ति मौजूद है।“सामान्य तौर पर ATF प्रोडक्शन का आधा हिस्सा घरेलू खपत के लिए होता है और बाकी निर्यात किया जाता है। हमारे पास अगले 60 दिनों का स्टॉक है। प्रोडक्शन को लेकर कोई समस्या नहीं दिख रही है।
नई दिल्ली, एजेंसी। अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की कई तस्वीरें वायरल हैं। ये तस्वीरे इसलिए अहम मानी जा रही हैं, क्योंकि पुरी लगातार कहते रहे हैं वे एपस्टीन से केवल प्रतिनिधिमंडल के साथ मिले, अलग से कभी मुलाकात नहीं हुई।
तस्वीरें सामने आने के बाद कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा- जब पुरी ने कहा था कि वे एपस्टीन से कभी अकेले नहीं मिले, तो इन तस्वीरों के क्या मायने हैं?
TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा- पुरी कहते थे कि वे एपस्टीन से तीन-चार बार डेलिगेशन के साथ मिले थे, दोनों तस्वीरों में बाकी सदस्य कहां थे।
इन तस्वीरों को जस्टिस डिपार्टमेंट की तरफ जारी जारी दस्तावेजों के नौवें सेट में रखा गया था। इस सेट में कम से कम 11 तस्वीरें हैं। मंगलवार को यह तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा में आई।
इन तस्वीरों में दोनों लगभग एक ही स्थिति में बैठे दिखाई देते हैं। तस्वीरों के कोण में मामूली अंतर है।
इस साल फरवरी में हरदीप सिंह पुरी ने लोकसभा में राहुल गांधी की ओर से एपस्टीन फाइलों को लेकर लगाए गए आरोपों को खारिज किया था।
पुरी ने बताया था कि वह संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत का पद छोड़ने के बाद और 2017 में केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने से पहले एपस्टीन से मिले थे। उन्होंने इन मुलाकातों को पूरी तरह पेशेवर बताया था और कहा था कि उनका एपस्टीन के खिलाफ लगे आपराधिक आरोपों से कोई संबंध नहीं था।
पुरी ने फरवरी में एक इंटरव्यू में कहा था कि वह इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूशन (IPI) से जुड़े एक डेलिगेशन के रूप में गए थे। उसी दौरान एपस्टीन से मिले। वे सार्वजनिक जीवन में कई तरह के लोगों से मिलते हैं, जिनमें से कुछ का आपराधिक रिकॉर्ड भी हो सकता है। पुरी के मुताबिक IPI में उनके बॉस टेर्जे रोड-लार्सन एपस्टीन को जानते थे।
पुरी ने कहा-
पहली बार मुलाकात के दौरान मुझे नहीं पता था कि एपस्टीन कौन हैं। हमने उनके बारे में गूगल पर सर्च किया। फिर हमने आपस में भी चर्चा की कि हमें उनसे मिलना चाहिए या नहीं?
नवंबर 2025 में पहली बार सामने आया नाम
निगरानी समिति की ईमेल में जिक्र: हरदीप सिंह पुरी और जेफ्री एपस्टीन के संपर्क का मामला पहली बार नवंबर 2025 में सार्वजनिक चर्चा में आया था। उस समय हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की निगरानी समिति की ओर से जारी एक ईमेल में एपस्टीन और पुरी के बीच की बातचीत का जिक्र हुआ था।
ईमेल कब के हैं: इसके बाद अमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) ने 30 जनवरी को एपस्टीन से जुड़े लाखों पन्नों के दस्तावेज जारी किए थे। इनमें जून 2014 से जून 2017 के बीच के ईमेल शामिल हैं।
तीन मुलाकातों का जिक्र: ईमेल के मुताबिक पुरी 4 फरवरी 2015, 6 जनवरी 2016 और 19 मई 2017 को न्यूयॉर्क में एपस्टीन के घर गए थे।
एपस्टीन यौन अपराधी साबित हो चुका था: 2008 में एपस्टीन यौन अपराध के मामले में दोषी ठहराया जा चुका था। यानी पुरी की बताई गई मुलाकातें उस समय हुईं, जब एपस्टीन का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद था।
‘एक्जॉटिक आइलैंड’ का जिक्र: एक ईमेल में पुरी ने एपस्टीन के ‘एक्जॉटिक आइलैंड’ यानी अनोखे द्वीप का जिक्र किया और उसे ‘हैव फन’ कहा, जिसका मतलब है ‘मौज करो’। पुरी ने बाद में कहा कि ‘हैव फन’ उनके बोलने का आम तरीका है।
हरदीप सिंह पुरी और एपस्टीन से जुड़ा ईमेल
यह ईमेल हरदीप सिंह पुरी ने 24 दिसंबर 2014 को जेफ्री एपस्टीन को भेजा था।
इसमें लिखा है-प्रिय जेफ, त्योहारों की शुभकामनाएं। जब आप अपने द्वीप से वापस आएं, तो मुझे जरूर बताइएगा।मैं आपसे बातचीत करने के लिए मिलना चाहूंगा। साथ ही, भारत में रुचि जगाने के लिए आपको कुछ किताबें भी देना चाहूंगा।
करोड़पति फाइनेंसर था यौन अपराधी एपस्टीन
जेफ्री एपस्टीन न्यूयॉर्क का करोड़पति फाइनेंसर था। उसकी बड़े नेताओं और सेलिब्रिटीज से दोस्ती थी।
उस पर 2005 में नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा। 2008 में उसे नाबालिग से सेक्स की मांग करने का दोषी ठहराया गया।
उसे 13 महीने की जेल हुई। 2019 में जेफ्री को सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया गया। लेकिन मुकदमे से पहले ही उसने जेल में आत्महत्या कर ली।
उसकी पार्टनर घिसलीन मैक्सवेल को 2021 में उसकी मदद करने के आरोपों में दोषी करार दिया गया। वह 20 साल की सजा काट रही है।
कोरबा। सनातन संस्कृति और अगाध आस्था का केंद्र माँ श्री सर्वमंगला का पावन धाम महाअष्टमी-नवमी के पावन अवसर पर भक्ति के अनुपम रस में सराबोर हो उठा। शारदीय नवरात्रि के पूर्णाहूति के शुभ अवसर पर मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और महाहवन के पश्चात 501 कन्याओं के महापूजन एवं भव्य कन्या भोज का आयोजन किया गया। इस दौरान पूरा परिसर ‘जय माता दीÓ के जयकारों से गुंजायमान रहा। इस पावन प्रसंग की मुख्य झलकियां
साक्षात देवी स्वरूप में पूजी गईं कन्याएं
सनातन परंपरा का निर्वहन करते हुए आयोजन में पधारीं सभी 501 बालिकाओं को साक्षात माता रानी का दिव्य स्वरूप माना गया। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारियों एवं माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर प्रबंधन ने अत्यंत श्रद्धा भाव से सभी कन्याओं के चरण पखारे, उन्हें कुमकुम-अक्षत का तिलक लगाया और विधि-विधान से आरती उतारकर महाप्रसाद ग्रहण कराया। सनातन संस्कारों का जीवंत दर्शन
विहिप के जिला अध्यक्ष अमरजीत सिंह सहित अन्य वरिष्ठ जनों ने इस अवसर पर कहा कि सनातन संस्कृति में नारी शक्ति और कन्याओं को पूजनीय माना गया है। नवरात्रि के समापन पर यह आयोजन न केवल हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत करता है, बल्कि भावी पीढ़ी में संस्कारों का बीजारोपण भी करता है। कन्याभोज से शक्ति उपासना का मिलता है फल-नमन पाण्डेय
विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल एवं माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर प्रबंधन के संयुक्तावधान में आयोजित 501 कन्याओं का महापूजन एवं कन्याभोज सम्पन्न होने के बाद मंदिर के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने कहा कि कन्या का पूजन एवं कन्याभोज से आदिशक्ति की उपासना का फल मिलता है। आज 501 कन्याओं का पूजन और कन्याभोज से परिसर और भी पावन हो गया। यह मातारानी की ही कृपा है कि परिसर में यह दिव्य आयोजन हुआ।
श्रद्धालुओं और सेवादारों का अनुकरणीय समर्पण
इस महाआयोजन को गरिमामयी ढंग से संपन्न कराने में नन्हा महाराज, मयंक पांडेय, राणा मुखर्जी, कान्हा अग्रवाल, राजू, साईं शर्मा, सूरज कलवानी सहित बजरंग दल के समर्पित कार्यकर्ताओं ने अपनी मुख्य भूमिका निभाई। सभी कार्यकर्ताओं ने पंक्तिबद्ध बैठीं नन्हीं देवियों की सेवा की और उनसे सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया।
आयोजकों के अनुसार, मां सर्वमंगला के आशीर्वाद से हर वर्ष इस आयोजन का स्वरूप और भव्य होता जा रहा है, जिसमें संपूर्ण कोरबा अंचल के श्रद्धालुओं का अपार सहयोग मिल रहा है। उपहार पा कर खुश हुईं मासूम देवियां
501 कन्याओं का श्रृंगार, पगपखारने, पूजन-आरती करने के बाद अमरजीत, राणा मुखर्जी, नमन पाण्डेय, मयंक पाण्डेय सहित कार्यकर्ताओं ने नन्ही मातारानियों को भोग परोसा और उसके बाद सभी उपस्थित कन्याओं को मंदिर प्रबंधन की ओर से पाण्डेय परिवार की मुखिया श्रीमती गीता देवी पाण्डेय ने सभी कन्याओं को 101 रूपए, अमरजीत-राणा मुखर्जी की ओर से 101 रूपए एवं नन्हा महराज ने सपत्नीक 101 रूपए उपहार में दे कर मातारानियों का पांव छू कर आशीर्वाद लिया। विहिप और बजरंग दल ने उपहार के रूप में सभी कन्याओं को कापी-पेंसिल, पानी बॉटल सहित अन्य लेखन सामाग्री सप्रेमभेंट कर आशीर्वाद लिया। देवी स्वरूपा कन्याओं की संख्या अधिक होने के कारण पालियों में कन्याभोज कराया गया।
जब एक साथ 181 नारीशक्ति के सिर पर जवारा कलश रखकर जवारा कलश यात्रा नदी की ओर प्रस्थान किया तब दिखा अद्भूत नजारा देश-दुनिया में पहुंचे शुभता का संदेश: सभी का शुभ हो, कल्याण हो और सुख-शांति का वास हो प्रबंधक एवं राजपुरोहित नन्हा महराज की अगुवाई में स्थापित जवारा कलशों की पूजा-अर्चना के बाद किया गया हसदेव घाट में विसर्जन पाण्डेय परिवार ने की जवारा कलश में शामिल नारी शक्ति की पूजा, मांगा कोरबा के लिए शुभ आशीर्वाद कोरबा। आज क्वांर शुक्ल नवमी विक्रम संवत् 2083 सोमवार 19 अक्टूबर की गोधूली बेला आते ही माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय (नन्हा महराज) माँ श्री सर्वमंगला के श्रीचरणों में नतमस्तक हुए और 09 दिन तक सेवा में जो भी कमी हो, अज्ञानी समझकर माफ करना और कोरबा की समृद्धि, खुशहाली एवं सुख-शांति बनाए रखना, का आशीर्वाद लिया और जवारा कलश विसर्जन के लिए माँ से अनुमति मांगी और पूजा-अर्चना के बाद जवारा कलश स्थापना कक्ष पहुंचकर स्थापित 181 जवारा कलशों की पूजा-अर्चना की और उसके बाद नारी शक्तियों के सिर पर जवारा कलश रखा गया और सभी नारी शक्ति पाण्डेय परिवार के निज निवास के सामने पहुंचीं, जहां पाण्डेय परिवार की मुखिया एवं नमन पाण्डेय की माताश्री श्रीमती गीता देवी पाण्डेय के सानिध्य में नारी शक्ति की पूजा की और बैगाओं को शांत किया। चुनरी की सुरक्षा दीवार के बीच मांदर की थाप, कर्मा नृत्य संग आतिशबाजी के बीच नारी शक्ति का समूह गंगा जैसी पवित्र हसदेव नदी की ओर प्रस्थान किया। जब एक साथ 181 नारी शक्ति सर पर जवारा कलश रखकर कतारबद्ध नदी की ओर प्रस्थान किया तो अंधेरे में ज्योति कलशों का प्रकाशपूंज शुभता का संदेश दे रहे थे- असतो मा सद्गमय… तमसो मा ज्योतिर्गमय…। दिव्य मंत्रोच्चार के साथ नदी में कलश विसर्जित
हसदेव घाट पहुंचने पर पुन: सभी जवारा ज्योति कलशों की पूजा-अर्चना नमन पाण्डेय ने की और बैगाओं ने विधि विधान पूरा किया और नारी शक्ति के सर से एक-एक कलश उतारा गया और नदी में विसर्जित कर आशीर्वाद मांगा-हे माँ! सभी का कल्याण करना, विश्व में शांति का वास हो, ऐसा आशीर्वाद देना, घर-घर समृद्धि बनकर वास करना और समाज में सत्व का प्रकाश फैलाना। काली माँ को देखकर जब बैगा चिल्लाने लगा
माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर में जवारा कलश विसर्जन के दौरान कई रोमांचकारी दृश्य भी देखने को मिला। खप्पर रखे बैगा को देवी माँ चढ़ी थी और जवारा कलश विसर्जन यात्रा जब परिसर में स्थित काली मंदिर पहुंची तो बैगा काली माँ को देखकर जोर-जोर से चिल्लाने लगा और माँ के शरण में पहुंच गया। यहां के पुजारी ने बैगा को शांत किया और फिर विसर्जन यात्रा आगे बढ़ी। जसगीत के बीच विसर्जन यात्रा आगे बढ़ी। सड़क पर आतिशबाजी की गई और आकाश सतरंगी छटाओं से निखर गया। कलश यात्रा विसर्जन के दौरान कोई हनुमान के रूप में माँ का स्वागत कर रहे थे तो कोई शेर-भालू बीच में आकर दर्शकों के मन में उल्लास भर रहे थे। कई नारी शक्ति को देवी माँ चढ़ी थीं और वे माँ की भक्ति में ऐसे डूब गए थे जैसे वे आदिशक्ति की उपासना में आत्मसात हो गए हों। जवारा कलश विसर्जन यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल
जवारा कलश विसर्जन यात्रा के दौरान मंदिर परिसर में माँ सिद्धिदात्रि की पूजा करने पहुंचे हजारों श्रद्धालु भी ज्योति कलशों का प्रकाशपूंजों को निहार रहे थे और अद्भूत आनंद का एहसास कर रहे थे। शुभता का संदेश- सार्वभौम में शांति का वास हो, सभी का कल्याण हो-नमन पाण्डेय
क्वांर शुक्ल में आयोजित 09 दिन तक शारदीय नवरात्रि के सफलता पूर्वक सम्पन्न होने के बाद मंदिर के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने माँ के दरबार में मत्था टेका और कहा- हे माता रानी! हम सभी पर आपका उपकार सदा बना रहे, कोरबा सहित पूरे छत्तीसगढ़, देश-दुनिया में सभी जीवों का कल्याण करना, सभी का जीवन सरल और सुलभ हो। विश्व में शांति की स्थापना हो और सभी का कल्याण हो।
नमन पाण्डेय ने नौ दिवसीय शारदीय नवरात्रि सम्पन्न होने पर सभी भक्तों की अनुशासनप्रियता के लिए आभार जताया। 12 हजार ज्योति कलश प्रज्ज्वलित कराने वाले भक्तों सहित जिला प्रशासन, नगर निगम प्रशासन एवं शांति व्यवस्था के लिए 24 घंटें उपलब्ध रहने वाले पुलिस जवानों का भी आभार जताया और कहा कि पुलिस सुरक्षा के बीच 09 दिवसीय शारदीय नवरात्रि सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। उन्होंने धार्मिक आयोजनों को सम्पन्न कराने वाले विद्वान आचार्यों, पंडितों का भी आभार जताया। व्यवस्था में लगे सेवकों, मंदिर के सेवादारों एवं प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से सेवा करने वाले सभी भक्तों का भी आभार जताया और कहा कि सभी के सहयोग से शारदीय नवरात्रि सम्पन्न हुई। माँ! सभी का कल्याण करे।