जांजगीर-चांपा। जांजगीर चांपा जिले में अवैध जुआ और सट्टे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में शिवरीनारायण थाना पुलिस ने मोबाइल के जरिए ऑनलाइन सट्टा खिलाने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस ने आरोपी मुकुंद केशवानी (29) को वार्ड क्रमांक 10, भोगहापारा, शिवरीनारायण से पकड़ा। मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने छापा मारा और आरोपी को मोबाइल पर सट्टा खिलाते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
ऑनलाइन सट्टा चलता था आरोपी
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से सट्टे में इस्तेमाल किए गए 13,000 रुपये नकद और लगभग 10,000 रुपये कीमत का रियलमी कंपनी का मोबाइल फोन जब्त किया। पूछताछ में आरोपी ने मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन सट्टा चलाने की बात स्वीकार की।
इसके बाद आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 06 और 07 के तहत मामला दर्ज किया गया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक निवेदिता पाल (IPS) के निर्देश पर की गई, जो जिले में अवैध जुआ, सट्टा और अन्य अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार सख्त कदम उठा रही हैं।
बालोद, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बालोद-दल्लीराजहरा मार्ग पर जमही टोल प्लाजा में शुल्क वसूली शुरू होते ही विवाद बढ़ गया है। टोल प्लाजा से युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रत्याशी प्रशांत बोकड़े का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में प्रशांत बोकड़े और टोल प्लाजा मैनेजर के बीच बहस होती नजर आ रही है। इस दौरान प्रशांत बोकड़े मैनेजर से कहते हैं कि तुम कलेक्टर नहीं हो, खड़े हो कर बात करो।
प्रशांत आगे कहते हैं कि 72 घंटे के भीतर स्थानीय लोगों को टोल में छूट नहीं दी गई तो टोल प्लाजा पर तोड़फोड़ की जाएगी। इसके लिए भले ही उन्हें दिवाली जेल में मनानी पड़े।
जमही टोल प्लाजा पर रविवार, 25 अक्टूबर से शुल्क वसूली शुरू की गई है। बोकड़े का कहना है कि टोल के आसपास बसे गांवों के लोगों और बालोद-दल्लीराजहरा के बीच रोजाना आने-जाने वालों को भी छूट नहीं मिल रही है। 500 मीटर जाने के लिए भी टोल देना पड़ रहा है। नियमों के अनुसार 20 किमी के दायरे में रहने वाले लोगों को छूट दी जाती है।
बोकड़े ने कहा कि इससे स्थानीय लोगों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि झलमला से महाराष्ट्र बॉर्डर तक राष्ट्रीय राजमार्ग-930 का काम पूरा नहीं हुआ है। जब सड़क का काम ही पूरा नहीं हुआ तो टोल वसूली कैसे शुरू कर दी गई।
टोल प्लाजा पर शुल्क वसूली शुरू होने के बाद स्थानीय लोगों को राहत देने की मांग।
टोल प्लाजा पर युवा कांग्रेस नेता प्रशांत बोकड़े और मैनेजर के बीच बहस।
मैनेजर से बोले- आप IAS-IPS नहीं, खड़े होकर बात कीजिए
टोल प्लाजा पर मैनेजर के साथ बातचीत के दौरान प्रशांत बोकड़े नाराज हो गए। मैनेजर के कुर्सी पर बैठकर बात करने पर उन्होंने आपत्ति जताई। बोकड़े ने कहा, ‘तुम IAS-IPS नहीं हो, जो जनप्रतिनिधियों के सामने कुर्सी पर बैठकर बात कर रहे हो। खड़े होकर बात कीजिए। आप अधिकारी हैं, हम जनप्रतिनिधि हैं। क्या आपके पास इतनी तवज्जो नहीं है? यहां के कलेक्टर हो क्या?’
उन्होंने कहा कि पहले सड़क निर्माण का काम पूरा किया जाना चाहिए, उसके बाद शुल्क वसूली की जानी चाहिए।
मैनेजर से कहा- IAS- IPS नहीं हो खड़े हो कर बात करो।
हाईवे इंजीनियर को बुलाने की मांग, अधिकारियों पर लगाए आरोप
टोल मैनेजर से बातचीत के दौरान बोकड़े ने नेशनल हाईवे के इंजीनियर वसीम शेख को मौके पर बुलाने की मांग की। इस दौरान उन्होंने अधिकारी पर भ्रष्टाचार और कमीशन लेने के आरोप लगाए। बोकड़े ने कहा कि कहां है आपका नेशनल हाईवे का इंजीनियर वसीम? आपके वसीम साहब कहां हैं? भ्रष्ट अधिकारी कहां है, बुलाओ।
नेशनल हाईवे के इंजीनियर वसीम शेख को मौके पर बुलाने की मांग की गई।
500 मीटर जाने के लिए भी टोल देना पड़ रहा- बोकड़े
बोकड़े ने कहा कि टोल प्लाजा के दोनों ओर गांव बसे हुए हैं। ऐसे में एक गांव के व्यक्ति को दूसरे गांव में सामान खरीदने जाने के लिए भी टोल देना पड़ रहा है। उन्होंने सवाल किया कि क्या स्थानीय लोगों को एक किलोमीटर या 5-10 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए भी शुल्क देना होगा?
उन्होंने कहा कि आसपास के गांवों और जिले के लोगों को टोल से राहत मिलनी चाहिए। स्थानीय जरूरतों के लिए बार-बार इस मार्ग से गुजरने वालों पर शुल्क का बोझ डालना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने व्यवस्था में तत्काल सुधार करने की मांग की।
बालोद-दल्लीराजहरा मार्ग पर जमही टोल प्लाजा में शुल्क वसूली शुरू हो गई है।
कांग्रेस नेता बोले- स्थानीय लोगों पर आर्थिक बोझ डालना गलत
दल्लीराजहरा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रतिराम कोसमा ने कहा कि बालोद और दल्लीराजहरा के बीच रोजाना सैकड़ों लोग बीएसपी माइंस में काम करने के लिए आते-जाते हैं। आसपास के गांवों के ग्रामीणों को भी दिन में कई बार इस मार्ग से गुजरना पड़ता है। ऐसे में हर बार टोल शुल्क देना उनके लिए आर्थिक नुकसान है।
कोसमा ने कहा कि यह आदिवासी क्षेत्र है। महंगाई के दौर में आर्थिक रूप से कमजोर किसानों और ग्रामीणों पर अतिरिक्त बोझ डालना उचित नहीं है। उनके मुताबिक, टोल शुरू करने से पहले एनएचएआई और स्थानीय प्रशासन को आसपास के लोगों के लिए छूट की व्यवस्था करनी चाहिए थी।
NHAI अधिकारी बोले- नियमानुसार होगी कार्रवाई
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के छत्तीसगढ़ प्रोजेक्ट ऑफिसर दिग्विजय सिंह ने कहा कि वे अभी नए आए हैं और मामले की पूरी जानकारी लेने के बाद ही कुछ कह सकेंगे। उन्होंने बताया कि नियमानुसार टोल प्लाजा के 18 से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय लोगों को छूट मिलती है। इस मामले में सभी तथ्यों की जानकारी लेने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
360 रुपए में मासिक पास बनवा सकेंगे स्थानीय लोग
जिला मुख्यालय से करीब 16 किमी दूर ग्राम जमही के पास बने टोल प्लाजा पर 25 अक्टूबर से शुल्क वसूली शुरू हो चुकी है। इसके तहत कार, जीप और वैन से एक तरफ गुजरने पर 35 रुपए और 24 घंटे के भीतर आने-जाने पर कुल 55 रुपए देने होंगे।
वहीं, टोल प्लाजा से 20 किमी के दायरे में रहने वाले स्थानीय गैर-व्यावसायिक वाहन मालिक 360 रुपए में मासिक पास बनवा सकेंगे।
युवा कांग्रेस नेता प्रशांत बोकड़े के बारे में जानिए
प्रशांत बोकड़े बालोद जिले के दल्लीराजहरा के रहने वाले है। युवा कांग्रेस के प्रमुख नेता हैं। वे बालोद जिले के युवा कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वर्तमान में छत्तीसगढ़ प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष पद के दावेदारों में से एक हैं।
रायपुर, एजेंसी। रायपुर के तूता धरना स्थल पर मंगलवार को किसानों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। मंत्रालय का घेराव करने निकले सैकड़ों किसानों को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इसके बाद किसानों ने ज्ञापन सौंपा और वापस लौट गए। किसानों ने खदानों का भी विरोध किया। उनकी 10 मांगों में केमिकल खाद की जगह गौवर्धन खाद को बढ़ावा देना भी शामिल है।
किसान धान बोनस, समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी, बकाया भुगतान और सिंचाई परियोजनाओं से जुड़ी मांगों को लेकर जुटे थे। किसानों ने साल 2022-23 की धान खरीदी का बकाया 1700 करोड़ रुपए तत्काल देने की मांग की है।
कोरबा। कोरबा तहसील कार्यालय के अंदर अलमारी के पीछे कोबरा सांप मिला। सांप की फुंकार सुनकर कर्मचारी घबरा गए और वहां से भागने लगे। कार्यालय में रोज बड़ी संख्या में लोग राजस्व संबंधी कामों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में विषैले कोबरा की मौजूदगी से किसी अप्रिय घटना की आशंका बन गई थी।
सूचना मिलने पर वन विभाग और RCRS (Reptile Care and Rescuer Society) की टीम मौके पर पहुंची और सावधानीपूर्वक सांप का रेस्क्यू किया।
अलमारी के पीछे दुबका था कोबरा
कोबरा दिखाई देने के बाद तत्काल वन विभाग और RCRS कोरबा को सूचना दी गई। इसके बाद RCRS अध्यक्ष अविनाश यादव टीम के सदस्य मानस के साथ तहसील कार्यालय पहुंचे। कोबरा अलमारी के पीछे छिपा हुआ था, जिससे उसे सुरक्षित बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण था।
टीम ने सावधानी बरतते हुए रेस्क्यू अभियान चलाया। इस दौरान कर्मचारियों और वहां मौजूद लोगों की सुरक्षा के साथ सांप को बिना नुकसान पहुंचाए बाहर निकालने पर विशेष ध्यान दिया गया।
रेस्क्यू के बाद जंगल में छोड़ा
सुरक्षित रेस्क्यू के बाद उप वनमंडलाधिकारी मणिकांत वर्मा के मार्गदर्शन में कोबरा को उसके प्राकृतिक आवास के अनुकूल जंगल में छोड़ दिया गया। वन विभाग और RCRS की तत्परता से संभावित अप्रिय घटना टल गई।
सांप दिखने पर खुद पकड़ने की कोशिश न करें
वन विभाग और RCRS की टीम ने लोगों से अपील की है कि घर, कार्यालय, दुकान, स्कूल या किसी सार्वजनिक स्थान पर सांप दिखाई देने पर घबराएं नहीं। उसे मारने या खुद पकड़ने की कोशिश न करें। विशेषकर कोबरा जैसे विषैले सांप से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और तत्काल वन विभाग या प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम को सूचना दें।
सांप पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। वे चूहों सहित कई जीवों की आबादी को नियंत्रित करने में भूमिका निभाते हैं। ऐसे में मानव और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए समय पर सूचना देना और प्रशिक्षित टीम की मदद लेना जरूरी है।