सुकमा। नक्सलवाद के प्रभाव से उबरकर नए विश्वास और विकास की राह पर अग्रसर बस्तर क्षेत्र में आज एक महत्वपूर्ण पड़ाव जुड़ गया, जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुकमा जिले को 308 करोड़ रुपए से अधिक के 228 विकास कार्यों की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने 159 कार्यों का शिलान्यास और 69 कार्यों का लोकार्पण करते हुए क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति प्रदान की।
मिनी स्टेडियम सुकमा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 40 वर्षों से नक्सलवाद के कारण पिछड़े रहे क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में बस्तर में शांति स्थापित हुई है और अब यहां विकास की गंगा बह रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जिन गांवों में कभी हिंसा और भय का माहौल था, वहां आज स्कूलों की घंटियां गूंज रही हैं और लोग लोकतंत्र पर भरोसा जताते हुए मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि 3 हजार से अधिक माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं और उन्हें पुनर्वास केंद्रों के माध्यम से नई जिंदगी की शुरुआत के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
स्वस्थ बस्तर की दिशा में बड़ा कदम
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं भी स्वास्थ्य परीक्षण कराया और “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान” के तहत स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को घर-घर तक सुनिश्चित करने के प्रयासों की सराहना की। इस अभियान के तहत 7 जिलों में 1100 टीमें घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच करेंगी।
कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री श्री साय ने मिनी स्टेडियम में लगाए गए विभिन्न विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया और आम नागरिकों एवं हितग्राहियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने मौके पर ही विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता सामग्री और प्रमाण पत्र वितरित कर शासन की संवेदनशीलता का परिचय दिया। स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल में मुख्यमंत्री ने 7 टीबी मुक्त पंचायतों को प्रमाण पत्र प्रदान किए और जानकारी ली कि जिले में अब तक 28 पंचायतें टीबी मुक्त हो चुकी हैं। उन्होंने 3 टीबी मरीजों से संवाद कर उन्हें फूड बास्केट वितरित किया।
मोतियाबिंद ऑपरेशन कराए मरीजों को मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से चश्मा पहनाकर उनके स्वास्थ्य लाभ की कामना की। साथ ही दवा और आई ड्रॉप भी वितरित किए गए। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए मूर्तोंडा, पेंटा और कांकेरलंका उपस्वास्थ्य केंद्रों को एनक्वास सर्टिफिकेट प्रदान किया गया। समाज कल्याण विभाग के स्टॉल में मुख्यमंत्री श्री साय ने आईईडी ब्लास्ट में पैर गंवा चुके 5 हितग्राहियों को कृत्रिम पैर प्रदान किए। इसके अलावा 4 व्हीलचेयर और 3 ट्राइसिकल भी वितरित किए गए तथा 6 दिव्यांगजनों को पहचान पत्र देकर उन्हें योजनाओं से जोड़ने की पहल की गई। एनआरएलएम स्टॉल में स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें “लखपति दीदी से करोड़पति दीदी” बनने के लिए प्रेरित किया और सरकार की ओर से हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।
आवास, अधिकार और आजीविका—हर क्षेत्र में सशक्तिकरण
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के स्टॉल में हितग्राहियों से बातचीत कर निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। आदिवासी विकास विभाग के माध्यम से 15 वनाधिकार पत्र वितरित किए गए, जिससे आदिवासी परिवारों को उनके अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई। वन विभाग के स्टॉल में तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़े हितग्राहियों को सहायता प्रदान की गई। सहकारी समिति तोंगपाल को 4.27 लाख रुपए का सांकेतिक चेक दिया गया तथा एक हितग्राही को संग्रहण कार्ड वितरित किया गया। इसके साथ ही पुनर्वासित स्व-सहायता समूह की महिलाओं को 2 ई-रिक्शा प्रदान कर स्वरोजगार को बढ़ावा दिया गया और एक हितग्राही को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किया गया।
नियद नेल्लानार 2.0 और 8 बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि नियद नेल्लानार योजना के तहत अब तक 500 से अधिक गांवों में 17 विभागों की 45 योजनाओं के माध्यम से विकास कार्य किए गए हैं। इस योजना के अगले चरण ‘नियद नेल्लानार 2.0’ में अब 10 जिलों को शामिल किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए 8 महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं, जिनमें सड़क निर्माण, पुलिया निर्माण, बस स्टैंड, सामुदायिक भवन और मंदिर जीर्णोद्धार जैसे कार्य शामिल हैं।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल, सांसद महेश कश्यप, मुख्य सचिव विकास शील, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल सहित वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
रायपुर/कोरबा। CG Forest Department Pramotion: छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग (Forest and Climate Change Department) ने 18 वन क्षेत्रपालों को प्रमोशन दिया है।
जारी आदेश के अनुसार 18 अधिकारियों की पदोन्नति (CG Forest Department Pramotion) की गई है। इनमें विभिन्न वन मंडलों में तैनात वन क्षेत्रपाल शामिल हैं। प्रमोशन के बाद इन्हें सहायक वन संरक्षक (CG Forest Department Pramotion) के पद पर नियुक्त किया जाएगा।
किन अधिकारियों को मिली पदोन्नति
पदोन्नति पाने वालों में राममूर्ति घघेल, मृत्युंजय शर्मा, जोगेश्वर भट, राजेंद्र कुमार रावत, कुंवर बहादुर सिंह, अभिषेक कुमार दुबे, देव सिंह ठाकुर, निखिल सक्सेना, पुष्पेंद्र चंद्र गोस्वामी, प्रतीक वर्मा, मनीष सिंह, अनुराग वर्मा, ज्योति गुप्ता, तीरथराज साहू, किशोर कुमार साहू, धीरेंद्र साहू, सौरभ रजक और ऋषि माधुरी सिंह शामिल हैं।
कोरबा 08 सितंबर 2026। कोरबा जिले में एक जून से आज तक कुल 1028.3 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। अधीक्षक भू-अभिलेख से मिली जानकारी के अनुसार उक्त अवधि में जिले की तहसील अजगरबहार में 918.1, कोरबा 1384.1 मिलीमीटर, भैंसमा, 1148.2, करतला 1132.9, बरपाली 895.6, कटघोरा 1001.2, दीपका 1090.6, दर्री 1119.6, पाली 1017.3, हरदीबाजार 797.8, पोंड़ी उपरोड़ा 976.8, और पसान तहसील में 856.8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसी तरह पिछले 24 घंटे में जिले में 1.7 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है।
ध्यानचंद चौक से बजरंग चौक एवं रिसदा से रिसदी चौक तक सड़क निर्माण का कलेक्टर-एसपी ने किया निरीक्षण
ढेंगुरनाला-बेलगिरी पुल का भी लिया जायजा, डायवर्सन और सड़क निर्माण को लेकर दिए आवश्यक निर्देश कोरबा, 08 सितम्बर 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत एवं पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने आज ध्यानचंद चौक से रूमगरा होते हुए बालको के बजरंग चौक तथा रिसदा चौक से रिसदी चौक तक निर्माणाधीन सड़क का पैदल निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति एवं सड़क की वर्तमान स्थिति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा शीघ्रता से कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य के दौरान आम नागरिकों एवं अन्य वाहनों के सुचारू आवागमन के लिए उचित डायवर्सन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री दुदावत ने सड़क पर उतरकर निर्माण कार्य का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने हाल ही में हुई बारिश के कारण सड़क के प्रभावित हिस्सों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लोक निर्माण विभाग तथा विद्युत एवं यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि सड़क निर्माण कार्य पूर्ण होने तक आम नागरिकों की सुविधा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाए। सड़क की स्थिति का नियमित निरीक्षण करते हुए जहां आवश्यक हो, तत्काल मरम्मत कराई जाए, ताकि आवागमन सुचारू बना रहे और नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ध्यानचंद चौक से रिसदी चौक तक लगभग 5.74 किलोमीटर लंबी निर्माणाधीन टू-लेन सीसी सड़क का निर्माण निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्माण कार्य में तेजी लाते हुए निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण सड़क तैयार करने के निर्देश दिए। कलेक्टर एवं एसपी ने निरीक्षण के दौरान ढेंगुरनाला-बेलगिरी पुल का भी अवलोकन किया। कलेक्टर ने पुल पर सड़क की स्थिति तथा आवश्यक मरम्मत कार्यों की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक मरम्मत शीघ्र कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सेतु लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को रिसदा-बेलगिरी पुल पर आवागमन को सुचारू बनाने तथा पुल के आसपास बने गड्ढों की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। इसी तरह बजरंग चौक परसाभाठा क्षेत्र में भी आवागमन सुचारू रखने के लिए सड़क निर्माण के दौरान बेहतर डायवर्सन व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उल्लेखनीय है कि ध्यानचंद चौक से बालको के बजरंग चौक तथा रिसदा से रिसदी चौक तक कुल 5.74 किलोमीटर सड़क को टू-लेन सीसी सड़क के रूप में विकसित करने के लिए जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से लगभग 29 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। सड़क निर्माण कार्य वर्तमान में प्रगति पर है। वहीं ढेंगुरनाला एवं बेलगिरी पुल के मरम्मत कार्य के लिए भी कार्यादेश जारी किया जा चुका है तथा शीघ्र ही मरम्मत कार्य प्रारंभ किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता जी.आर. जांगड़े, परिवहन अधिकारी अतुल कुमार असैय्या, एसडीओ राकेश द्विवेदी सहित नगर निगम, सेतु लोक निर्माण विभाग एवं बालको के अधिकारी उपस्थित रहे।