Connect with us

देश

सरकार के फैसले को चुनौती के बाद कैम्बे ब्लॉक का नियंत्रण हस्तांतरण टला

Published

on

नई दिल्ली, एजेंसी। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) को गुजरात के कैम्बे बेसिन के ब्लॉक सीबी-ओएस-02 का परिचालन नियंत्रण अभी तक नहीं मिल पाया है क्योंकि वेदांता ने इस ब्लॉक की अनुबंध अवधि बढ़ाने से इनकार करने के सरकार के फैसले को अदालत में चुनौती दी है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 19 सितंबर 2025 के निर्देश के माध्यम से इस ब्लॉक के अनुबंध को बढ़ाने से इनकार कर दिया था। इस ब्लॉक में ओएनजीसी की 50 प्रतिशत, वेदांता की 40 प्रतिशत और इनवेनीर पेट्रोडाइन लिमिटेड की 10 प्रतिशत हिस्सेदारी है। 

सरकार के इस फैसले के बाद ओएनजीसी ने कहा कि उसे तुरंत ब्लॉक का संचालन संभालने का निर्देश दिया गया और उसने 20 सितंबर 2025 से गुजरात के सुवाली में अपना परिचालन दल तैनात कर दिया था। हालांकि, कंपनी ने कहा कि वेदांता ने अब तक संचालन का हस्तांतरण नहीं किया है। ओएनजीसी ने अपने वित्त वर्ष 2025-26 के परिणामों की जानकारी देते हुए कहा, ”भारत सरकार के निर्देश के अनुपालन में ओएनजीसी ने वेदांता से तत्काल संचालन हस्तांतरण का अनुरोध किया और 20 सितंबर 2025 से सुवाली (गुजरात) में अपने दल को तैनात कर दिया। हालांकि, वेदांता ने अभी तक संचालन नहीं सौंपा है।” 

ओएनजीसी के अनुसार, वेदांता ने 22 सितंबर 2025 को दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर अनुबंध अवधि बढ़ाने से इनकार किए जाने के फैसले को चुनौती दी। कंपनी ने कहा, ” अदालत ने प्रतिवादियों को जवाब दाखिल करने को कहा और मामले में यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया। 18 मई 2026 को सभी सुनवाई पूरी हो गई थीं और अदालत ने आदेश सुरक्षित रख लिया है।” ओएनजीसी ने कहा, ”कार्यवाही के परिणाम आने तक वेदांता ही ब्लॉक का परिचालक बना हुआ है। कंपनी भारत सरकार के निर्देश मिलने पर संचालन संभालने के लिए तैयार है।” 

वेदांता के प्रवक्ता ने कहा, ”अदालत ने पक्षों को यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है। मामला न्यायालय में लंबित है, इसलिए इससे अधिक टिप्पणी नहीं की जा सकती।” पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 19 सितंबर 2025 के पत्र में भागीदारों को सूचित किया था कि उत्पादन साझेदारी अनुबंध (पीएससी) को बढ़ाने का आवेदन स्वीकार नहीं किया गया है। हालांकि, इस फैसले के कारणों का उल्लेख नहीं किया गया लेकिन ओएनजीसी को अंतरिम अवधि में संचालन संभालने के लिए कहा गया। पीएससी सरकार और संसाधन निष्कर्षण करने वाली कंपनी के बीच एक समझौता होता है। इसके तहत कंपनी को निश्चित अवधि के लिए संसाधनों की खोज, विकास एवं उत्पादन का अधिकार मिलता है और लागत वसूली के बाद उत्पादित संसाधनों में से तय हिस्सेदारी सरकार को दी जाती है। 

सीबी-ओएस-02 ब्लॉक में लक्ष्मी और गौरी क्षेत्र शामिल हैं, जहां प्रतिदिन लगभग 3,400 बैरल तेल और 3.4 लाख मानक घन मीटर गैस का उत्पादन होता है। यह उन तीन संपत्तियों में से एक था, जिन्हें 2011 में उद्योगपति अनिल अग्रवाल के समूह ने 8.67 अरब अमेरिकी डॉलर में केयरन इंडिया के अधिग्रहण के समय हासिल किया था। केयरन इंडिया की अन्य संपत्तियों में राजस्थान के बाड़मेर तेल क्षेत्र और आंध्र प्रदेश तट के कृष्णा-गोदावरी बेसिन में स्थित राववा तेल एवं गैस क्षेत्र शामिल थे। केयरन इंडिया का 2017 में वेदांता लिमिटेड में विलय कर दिया गया।

Continue Reading

देश

नेपाल में भारतीय करंसी पर नए नियम लागू, जानिए कौन-से नोट होंगे मान्य और कितना ले सकेंगे कैश

Published

on

नेपाल में भारतीय करंसी पर नए नियम लागू, जानिए कौन-से नोट होंगे मान्य और कितना ले सकेंगे कैश

काठमांडू,

भारत और नेपाल के बीच यात्रा और व्यापार करने वालों के लिए अच्छी खबर है। नेपाल सरकार ने भारतीय और नेपाली नागरिकों को 9 नवंबर 2016 के बाद जारी रू.200 और रू.500 के भारतीय नोट अधिकतम रू.25,000 तक नेपाल लाने और ले जाने की अनुमति दे दी है। नेपाल राष्ट्र बैंक (NRB) ने नई अधिसूचना जारी कर इस संबंध में नियम स्पष्ट किए हैं। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि 8 नवंबर 2016 से पहले जारी रू.500 और रू.1,000 के भारतीय नोट पहले की तरह प्रतिबंधित रहेंगे। इन पुराने नोटों को नेपाल में लाने या ले जाने की अनुमति नहीं होगी।

नेपाली नागरिकों के लिए विशेष नियम
नई अधिसूचना के अनुसार, नेपाली नागरिक भारतीय मुद्रा केवल भारत से नेपाल ला सकेंगे। उन्हें भारतीय करेंसी नेपाल से किसी तीसरे देश में ले जाने की अनुमति नहीं होगी। नेपाल राष्ट्र बैंक के प्रवक्ता गुरु प्रसाद पौडेल ने कहा कि नए नियम से नेपाल आने वाले भारतीय पर्यटकों और भारत के साथ व्यापार करने वाले नेपाली नागरिकों को काफी सुविधा मिलेगी। इससे सीमा पार नकदी लेन-देन की प्रक्रिया भी सरल होगी। नई अधिसूचना के अनुसार, नेपाली नागरिक और विदेशी यात्री 5,000 अमेरिकी डॉलर या उसके बराबर विदेशी मुद्रा बिना कस्टम घोषणा के नेपाल ला सकते हैं। यदि इससे अधिक राशि लाई जाती है तो कस्टम अधिकारियों के समक्ष इसकी घोषणा करना अनिवार्य होगा। एजेंसी।

Continue Reading

देश

दिल्ली-एनसीआर में खुदरा स्थलों का पट्टा जनवरी-जून में 78% बढ़ा: रिपोर्ट

Published

on

दिल्ली-एनसीआर में खुदरा स्थलों का पट्टा जनवरी-जून में 78% बढ़ा: रिपोर्ट

नई दिल्ली,

दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में इस वर्ष जनवरी-जून के दौरान शॉपिंग मॉल और खुदरा बाजारों में खुदरा दुकानों की पट्टा गतिविधि 78 प्रतिशत बढ़कर 13 लाख वर्ग फुट हो गई। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। कुशमैन एंड वेकफील्ड की रिपोर्ट कहती है कि यह वृद्धि मुख्य रूप से फैशन दुकानों, खाद्य एवं पेय (एफएंडबी) कंपनियों और डिपार्टमेंटल स्टोर के विस्तार से हुई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 की पहली छमाही में शॉपिंग मॉल में पट्टा गतिविधि मजबूत रही और इसमें सालाना आधार पर दोगुनी वृद्धि दर्ज की गई, जबकि मुख्य सड़कों पर पट्टे में चार प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। कुल पट्टा गतिविधियों में फैशन खंड की हिस्सेदारी 28 प्रतिशत रही, जबकि एफएंडबी का 16 प्रतिशत और डिपार्टमेंटल स्टोर का 12 प्रतिशत योगदान रहा।

कंपनी के अनुसार, बेहतर लोकेशन वाले मॉल और बाजार परिसरों के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ने से रिक्तता घटी है और किराया बढ़ा है। रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर बुनियादी ढांचे, आवासीय विस्तार और उपभोक्ता मांग में वृद्धि के कारण एनसीआर देश के प्रमुख संगठित खुदरा बाजारों में तेजी से उभर रहा है। एजेंसी।

Continue Reading

देश

विदेशी निवेशकों का बदला मूड, ताइवान-कोरिया से पैसा निकाल भारत-चीन में कर रहे निवेश

Published

on

विदेशी निवेशकों का बदला मूड, ताइवान-कोरिया से पैसा निकाल भारत-चीन में कर रहे निवेश

मुंबई,

वैश्विक निवेशकों की रणनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर शेयरों से पैसा निकालकर विदेशी फंड अब भारत, चीन और दक्षिण-पूर्व एशियाई बाजारों के बैंकिंग, आईटी और अन्य अपेक्षाकृत स्थिर सेक्टरों में निवेश बढ़ा रहे हैं। AI निवेश से मिलने वाले रिटर्न को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच यह बदलाव एशियाई बाजारों का निवेश परिदृश्य बदलता दिख रहा है।

ब्‍लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, फिडेलिटी इंटरनेशनल, BNP Paribas और M&G Investments जैसे निवेशकों ने दक्षिण कोरिया और ताइवान के AI एवं सेमीकंडक्टर शेयरों में अपनी हिस्सेदारी कम करना शुरू किया है। विश्लेषकों का कहना है कि AI पर हो रहे भारी निवेश से मिलने वाले वास्तविक रिटर्न को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है। ऐसे में फंड मैनेजर बैंकिंग, आईटी, ई-कॉमर्स और अन्य अपेक्षाकृत कम जोखिम वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रहे हैं। विदेशी बिकवाली का असर दक्षिण कोरिया और ताइवान के शेयर बाजारों पर भी दिखा है। निवेशकों की निकासी से दोनों बाजारों में दबाव बना हुआ है और अस्थिरता बढ़ी है।

भारत और चीन विदेशी निवेशकों का केंद्र

दूसरी ओर, भारत और चीन विदेशी निवेशकों के लिए फिर आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। जुलाई के दौरान भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेश बढ़ा है, जिससे आईटी सहित कई प्रमुख सेक्टरों को समर्थन मिला। वहीं, चीन में इंटरनेट कंपनियों और बैंकिंग शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। इसके अलावा इंडोनेशिया और थाईलैंड के बाजारों में भी मजबूत तेजी देखने को मिल रही है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक निवेशक फिलहाल तेज जोखिम वाले AI शेयरों की तुलना में बेहतर मूल्यांकन और स्थिर रिटर्न वाले बाजारों में निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं।

एजेंसी।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677