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Share Market Shoot up: शेयर बाजार में धमाकेदार तेजी, सेंसेक्स 1,695 अंक उछला, निफ्टी 23,622 पर बंद

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मुंबई, एजेंसी। वैश्विक बाजारों में आई तेजी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच शुक्रवार (12 जून) को शेयर बाजार में धमाकेदार तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स -निफ्टी हरे निशान पर बंद हुए। सेंसेक्स 1,695.40 अंक की तेजी के साथ 75,527.95 पर आ गया। निफ्टी में भी 461.30 अंकों की तेजी रही, ये 23,622.90 के स्तर पर बंद हुआ। आज के कारोबार में रियल्टी, प्राइवेट बैंक, सरकारी बैंक और फाइनेंशियल सर्विसेज शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी है।

तेजी के 5 बड़े कारण

अमेरिका-ईरान के बीच सुलह 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस वीकेंड तक ईरान के साथ शांति समझौता होने की बात कही जिससे होर्मुज स्ट्रेट फिर से खुल सकता है। इससे दुनिया भर के बाजारों में रौनक लौटी।

कच्चे तेल की गिरावट

अमेरिका-ईरान समझौते की उम्मीदों पर वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड फिसलकर प्रति बैरल $89 के नीचे आ गया। फिलहाल यह 2% की गिरावट के साथ प्रति बैरल $88.77 पर है।

रुपए की मजबूती

आज रुपए में मजबूती आई। शुरुआती कारोबार में एक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 39 पैसे की मजबूती के साथ रू.95.37 पर खुला।

एशियाई बाजारों में रौनक

जियोपॉलिटिकल टेंशन में नरमी की उम्मीद पर दक्षिण कोरिया का कोस्पी 8% तो जापान का निक्केई करीब 4% मजबूत हो गया। साथ ही वैश्विक मार्केट की रौनक में ताइवान का ताइवान वेटेड भी करीब ढाई फीसदी, हॉन्ग कॉन्ग का हैंग सैंग में 2%, चीन का शंघाई कंपोजिट 1% से अधिक मजबूत हुआ है। ओवरनाइट अमेरिकी मार्केट में नास्डाक ढाई फीसदी से अधिक तो एसएंडपी 500 डेढ़ फीसदी से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुआ था तो यूरोपीय मार्केट में भी रौनक रही।

सरकारी बैंकों से मजबूत सपोर्ट

शुरुआती कारोबार में सभी सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स ग्रीन थे लेकिन मुनाफावसूली के चलते फिलहाल निफ्टी आईटी में मामूली कमजोरी दिखने लगी। हालांकि निफ्टी पीएसयू बैंक में डेढ़ फीसदी से अधिक और निफ्टी प्राइवेट बैंक में 1% की बढ़त ने मार्केट संभाला हुआ है। निफ्टी रियल्टी में भी डेढ़ फीसदी की तेजी है तो फार्मा, मेटल और एफएमसीजी के निफ्टी इंडेक्स में भी आधे-आधे फीसदी की बढ़त है।

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कोरबा

वेदांता एल्युमिनियम का मुनाफा 205 प्रतिशत बढ़कर रू.6,597 करोड़, एबिटडा 134% बढ़कर रू.10,499 करोड़

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मुंबई, 30 जुलाई 2026 । भारत की सबसे बड़ी एल्युमिनियम उत्पादक कंपनी वेदांता एल्युमिनियम मेटल लिमिटेड (बीएसई: 544780 और एनएसई: वीएएमएल) ने 30 जून 2026 को समाप्त तिमाही के अपने वित्तीय नतीजों की घोषणा की। एक स्वतंत्र कंपनी के रूप में अपनी पहली तिमाही में कंपनी ने शानदार प्रदर्शन किया। कंपनी के बोर्ड ने रू.8 प्रति शेयर के पहले अंतरिम लाभांश को भी मंजूरी दी है।

कंपनी की आय बढ़कर अब तक के सबसे अधिक रू.21,105 करोड़ हो गई, जो पिछली तिमाही की तुलना में 13 प्रतिशत और पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 45 प्रतिशत अधिक है। यह बढ़ोतरी बिक्री की मात्रा और बेहतर कीमत मिलने के कारण हुई। कंपनी का एबिटडा बढ़कर रिकॉर्ड रू.10,499 करोड़ हो गया, जो पिछली तिमाही की तुलना में 24 प्रतिशत और पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 134 प्रतिशत अधिक है। लागत पर बेहतर नियंत्रण के कारण कंपनी का एबिटडा मार्जिन भी बढ़कर अब तक के सबसे अधिक 50 प्रतिशत पर पहुंच गया।

कंपनी का मुनाफा रू.6,597 करोड़ रहा, जो पिछली तिमाही की तुलना में 33 प्रतिशत और पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 205 प्रतिशत अधिक है। यह कंपनी के मजबूत परिचालन प्रदर्शन को दर्शाता है। कंपनी ने कर्ज कम करके अपनी वित्तीय स्थिति को और मजबूत किया है। नेट डेट-टू-एबिटडा अनुपात वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के 1.3 गुना से सुधरकर 0.9 गुना हो गया। लगातार अच्छे प्रदर्शन को देखते हुए, क्रिसिल और आईसीआरए दोनों ने वेदांता एल्युमिनियम की क्रेडिट रेटिंग बढ़ाकर एए प्लस (स्टेबल) कर दी है।

कंपनी का एल्युमिनियम उत्पादन बढ़कर अब तक के सबसे अधिक 632 किलो टन रहा, जो पिछली तिमाही की तुलना में 3 प्रतिशत और पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 5 प्रतिशत अधिक है। वहीं, वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स (वीएपी) का उत्पादन भी बढ़कर अब तक के सबसे अधिक 389 किलो टन हो गया, जो पिछली तिमाही की तुलना में 4 प्रतिशत और पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 14 प्रतिशत अधिक है। कंपनी का एल्युमिना उत्पादन 826 किलो टन रहा, जो रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाने और संयंत्रों के बेहतर उपयोग के कारण पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 41 प्रतिशत अधिक है।

भारत की सबसे बड़ी एल्युमिनियम उत्पादक कंपनी के रूप में, वेदांता एल्युमिनियम दुनिया के सबसे मजबूत और प्रतिस्पर्धी, पूरी तरह से एकीकृत एल्युमिनियम कारोबारों में से एक बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए कंपनी कच्चे माल की नियमित और सुरक्षित उपलब्धता को लगातार मजबूत कर रही है।

कंपनी के पहली तिमाही के प्रदर्शन पर बात करते हुए, वेदांता एल्युमिनियम के पूर्णकालिक निदेशक और सीईओ राजेश कुमार ने कहा, “एक स्वतंत्र कंपनी के रूप में हमने इस तिमाही में मजबूत परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन के साथ अपनी नई शुरुआत की है। यह हमारे मजबूत कामकाज, योजनाओं को सही तरीके से लागू करने और भविष्य की सोच का परिणाम है। बदलते वैश्विक माहौल में कच्चे माल की सुरक्षित उपलब्धता, कामकाज को बेहतर बनाने और अधिक मूल्य वाले उत्पादों पर हमारा ध्यान हमारी प्रतिस्पर्धी स्थिति को मजबूत कर रहा है। इससे हमें लगातार और लंबे समय तक विकास करने में भी मदद मिल रही है। इन प्रयासों के जरिए हम भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार एक मजबूत कंपनी बना रहे हैं। साथ ही, हम अपने सभी हितधारकों के लिए लंबे समय तक बेहतर मूल्य बनाने, लागत को कम रखने और वैश्विक स्तर पर एक मजबूत एल्युमिनियम कारोबार तैयार करने की दिशा में काम कर रहे हैं।”

वेदांता एल्युमिनियम के मुख्य वित्त अधिकारी अनुप अग्रवाल ने कहा, “एक स्वतंत्र कंपनी के रूप में हमारी पहली तिमाही की शुरुआत मजबूत रही। कंपनी ने रू.21,105 करोड़ की रिकॉर्ड आय, रू.10,499 करोड़ का एबिटडा और रू.6,597 करोड़ का पीएटी दर्ज किया। हम मजबूत वित्तीय स्थिति, बेहतर बैलेंस शीट और बेहतर क्रेडिट रेटिंग के साथ इस नए चरण में आगे बढ़ रहे हैं। इससे हमें अपनी रणनीतिक विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए अधिक लचीलापन मिलेगा। दुनिया की प्रमुख एल्युमिनियम उत्पादक कंपनियों में से एक के रूप में, हम अपनी एकीकृत उत्पादन श्रृंखला और लगातार बढ़ते वैल्यू-एडेड उत्पादों के माध्यम से भारत और वैश्विक बाजारों में ऊर्जा बदलाव, बुनियादी ढांचे, परिवहन, पैकेजिंग और उन्नत विनिर्माण क्षेत्रों में तेजी से बढ़ती मांग को पूरा करने का लक्ष्य रखते हैं।”

वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में ईएसजी की प्रमुख उपलब्धियां

• समुदायों का विकास | सामाजिक पहल: वेदांता एल्युमिनियम ने जरूरत के अनुसार किए गए सीएसआर कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 4 लाख लोगों तक मदद पहुंचाई। कौशल विकास पहलों के जरिए 72,000 लोगों को सशक्त बनाया और विभिन्न सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों के माध्यम से 27 लाख महिलाओं और बच्चों को सहयोग दिया।

• पर्यावरण के लिए पहल | प्रमुख उपलब्धियां:

o स्वच्छ ऊर्जा: वेदांता एल्युमिनियम द्वारा इस्तेमाल की गई नवीकरणीय ऊर्जा पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 38 प्रतिशत बढ़कर 70.1 करोड़ यूनिट हो गई। इससे कार्बन उत्सर्जन कम करने के प्रयासों को मदद मिली। नवीकरणीय ऊर्जा के बढ़ते उपयोग और ऊर्जा बचाने के उपायों से कंपनी के ग्रीनहाउस गैस (जीएचजी) उत्सर्जन में पिछले साल की तुलना में लगभग 3 प्रतिशत की कमी आई। यह वित्त वर्ष 2021 की तुलना में 11.6 प्रतिशत कम है।

o जल संरक्षण: कंपनी ने लगभग 49 लाख घन मीटर पानी का दोबारा उपयोग किया। साथ ही, पानी को फिर से इस्तेमाल करने, उसे दोबारा उपयोग में लाने और अन्य जल स्रोतों का उपयोग करके ताजे पानी की खपत कम की।

o कचरे से उपयोगी संसाधन: कंपनी ने 120 प्रतिशत फ्लाई ऐश का उपयोग किया, जिसमें पहले से जमा फ्लाई ऐश भी शामिल है। साथ ही, रेड-टू-ग्रीन पहल के तहत रेड मड का दोबारा उपयोग बढ़ाया।

o जैव विविधता संरक्षण: कंपनी ने स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाने और खदान क्षेत्रों को फिर से बेहतर बनाने पर ध्यान देते हुए जैव विविधता से जुड़ी अपनी पहलें आगे बढ़ाईं। अब तक कंपनी ने कुल 29 लाख पेड़ लगाए हैं।

• कार्यस्थल को बेहतर बनाना | कर्मचारियों से जुड़ी प्रमुख उपलब्धियां: वेदांता एल्युमिनियम ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के दौरान कार्यस्थल पर सुरक्षा को और मजबूत किया। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही की तुलना में कंपनी के सुरक्षा प्रदर्शन में सुधार हुआ। इस दौरान काम के दौरान होने वाली ऐसी चोटों की संख्या में कमी आई, जिनके कारण कर्मचारियों को काम से छुट्टी लेनी पड़ी। साथ ही, ऐसी चोटों की दर में भी सुधार हुआ।

कंपनी ने वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यस्थलों पर अधिक दौरे, नियमित सुरक्षा चर्चा, महत्वपूर्ण जोखिमों के प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्था और हर कार्यस्थल की जरूरत के अनुसार किए गए उपायों के माध्यम से कार्यस्थल की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया। कंपनी ने कार्यस्थल पर सभी के लिए बेहतर अवसर बढ़ाने के लिए 21 प्रतिशत लैंगिक विविधता बनाए रखी और एलजीबीटीक्यू प्लस कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर 35 से अधिक की। इससे कार्यस्थल को अधिक समावेशी और भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार बनाने में मदद मिली।

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कोरबा

डिमर्जर के बाद वेदांता एल्युमिनियम ने दिखाया दम, पहले ही Q1 में मुनाफा 34% बढ़ा, शेयर प्राइस में 5% से ज़्यादा की तेज़ी

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मुंबई। वेदांता एल्युमिनियम ने बताया कि पहली तिमाही के दौरान उसका नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 34 प्रतिशत बढ़कर 5,629 करोड़ रुपये हो गया. कंपनी के रेवेन्यू में भी 12 प्रतिशत की तेज़ी देखने को मिली. रिजल्ट पेश करते ही कंपनी के शेयर प्राइस में तेज़ी देखने को मिली.

वेदांता लिमिटेड से अलग होकर बनी नई कंपनी Vedanta Aluminium Metal ने डिमर्जर के बाद पहली बार अपना क्वार्टर रिजल्ट अलग पेश किया. गुरुवार को रिजल्ट पेश करने से पहले तक कंपनी का शेयर लाल निशान पर ट्रेड कर रहा था, लेकिन रिजल्ट आते ही कंपनी के स्टॉक ने तेज़ी पकड़ ली. कंपनी को रेवेन्यू और प्रॉफिट दोनों के फ्रंट पर कामयाबी हासिल हुई, जिससे शेयर प्राइस में 5 प्रतिशत से ज़्यादा की तेज़ी देखने को मिली.

Vedanta Aluminium का Q1 रिजल्ट

वेदांता एल्युमिनियम मेटल ने जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया. पिछली तिमाही की तुलना में कंपनी का नेट प्रॉफिट 33.8% बढ़कर 4,207 करोड़ रुपये से 5,629 करोड़ रुपये हो गया. कंपनी के रेवेन्यू में भी 11.9% की ग्रोथ दर्ज की गई, जो 19,124 करोड़ रुपये से बढ़कर 21,393 करोड़ रुपये हो गया.

ऑपरेटिंग परफॉरमेंस रहा शानदार

वेदांता एल्युमिनियम मेटल के ऑपरेटिंग परफॉरमेंस में भी इस तिमाही में सुधार हुआ है. इसका EBITDA पिछली तिमाही के मुकाबले 23.3% बढ़कर 8,352 करोड़ रुपये से 10,299 करोड़ रुपये हो गया. साथ ही, EBITDA मार्जिन 43.68% से बढ़कर 48.14% हो गया, जिसका मतलब है कि कंपनी ने पिछली तिमाही की तुलना में रेवेन्यू के प्रत्येक 100 रुपये पर अधिक ऑपरेटिंग मुनाफा कमाया है. इससे पता चलता है कि बिजनेस अधिक लाभदायक और अधिक कुशल हो गया है.

एल्युमिनियम का प्रोडक्शन

कंपनी द्वारा जारी एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, वेदांता एल्युमिनियम मेटल ने जून तिमाही में रिकॉर्ड प्रोडक्शन हासिल किया. इसने 632 किलोटन एल्युमिनियम का अब तक का सबसे अधिक प्रोडक्शन किया, जो पिछली तिमाही से 3% और पिछले वर्ष की तुलना में 5% अधिक है. कंपनी ने वैल्यू एडिड एल्युमिनियम प्रोडक्ट का भी अब तक का सबसे अधिक प्रोडक्शन 389 KT दर्ज किया, जिसमें पिछली तिमाही की तुलना में 4% और पिछले वर्ष की तुलना में 14% की ग्रोथ हुई. इसके अलावा, एल्युमिना का प्रोडक्शन पिछले वर्ष की तुलना में 41% बढ़कर 826 KT हो गया.

स्थिति मजबूत कर रही कंपनी

कंपनी ने कहा कि वह पूरी तरह से इंटीग्रेटिड एल्युमीनियम कारोबार स्थापित करके भारत की सबसे बड़ी एल्युमीनियम प्रोडक्शन कंपनी के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर रही है. सरल शब्दों में कहें तो, इसका मतलब है कि वेदांता कच्चे माल की खरीद से लेकर अंतिम प्रोडक्ट बनाने तक, एल्युमीनियम प्रोडक्शन के हर प्रमुख फैज़ को खुद संभालने का प्रयास कर रही है. इससे कंपनी को सप्लायर्स पर निर्भरता कम करने, ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने, लागत को कंट्रोल करने और कच्चे माल की निरंतर सप्लाई सुनिश्चित करने में मदद मिलती है.

कंपनी के सीईओ ने क्या कहा?

परिणामों पर टिप्पणी करते हुए, वेदांता एल्युमिनियम के होल टाइम डायरेक्टर और सीईओ राजेश कुमार ने कहा कि कंपनी ने मजबूत वित्तीय और ऑपरेशन परफॉरमेंस के साथ एक स्वतंत्र बिजनेस के रूप में अपनी यात्रा शुरू की है. उन्होंने आगे कहा कि कंपनी कच्चे माल की निरंतर सप्लाई सुनिश्चित करने, अपने ऑपरेशन को अधिक कुशल बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है.

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देश

सुप्रीम कोर्ट बोला-पैलेट गन से घायल प्रदर्शनकारियों का इलाज कराएं:दिल्ली सरकार को आदेश, केंद्र जंतर-मंतर प्रोटेस्ट में इस्तेमाल हथियारों का रिकॉर्ड रखे

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नई दिल्ली, एजेंसी। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली सरकार को आदेश दिया कि 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च में बैलेट गन से घायल प्रदर्शनकारियों का इलाज कराया जाए।

वहीं कोर्ट ने केंद्र से कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान तैनात RAF के हथियारों और गोला-बारूद के इस्तेमाल का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए।

सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहन की बेंच ने पैलेट गन के इस्तेमाल पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि पुलिस विशेष स्थितियों में इसका इस्तेमाल कर सकती है।

कोर्ट ने कहा कि जब तक पैलेट गन के इस्तेमाल की परमिशन देने वाले पुलिस नियमों को चुनौती नहीं दी जाती, तब तक इस पर रोक लगाने का आदेश देना मुश्किल है। कोर्ट ने इसके इस्तेमाल से जुड़ी गाइडलाइन पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।

पूर्व आईपीएस अधिकारी यशोवर्धन आजाद, प्रशांत कुमार सिंह और शेख इरशाद मंसूरी (दोनों पीड़ित) ने याचिका में पैलेट गन पर बैन लगाने की मांग की थी। उन्होंने दावा किया था कि संसद मार्च में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने छात्रों पर पैलेट गन चलाई थी।

संसद मार्च में 100 से ज्यादा प्रदर्शनकारी घायल हुए

  • कॉकरोच जनता पार्टी ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकाला था। सुबह 8 से शाम 5 बजे तक प्रदर्शन में कई बार प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी।
  • कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़े, संसद की ओर मार्च किया। ये लोग जंतर-मंतर से संसद मार्ग, जनपथ चौराहा, वॉर मेमोरियल, कर्तव्य पथ, विजय चौक से संसद के करीब पहुंच गए थे।।
  • इन लोगों ने संसद में घुसने की कोशिश की थी। इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े थे। दावा किया गया कि छात्रों पर पैलेट गन भी चलाई गई। देर शाम को पथराव की तस्वीरें भी सामने आईं।

राहुल गांधी का आरोप- पैलेट गन से छात्र की आंख की रोशनी गई

  1. राहुल गांधी ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि अमित शाह ने छात्रों पर फायरिंग और पैलेट गन चलाने का आदेश दिया। एक छात्र की आंख की रोशनी चली गई।
  2. राहुल गांधी ने 24 जुलाई को अपने आवास 10 जनपथ पर संसद मार्च में घायल स्टूडेंट के हाथ, पीठ और छाती में लगे घाव दिखाए। उन्होंने कहा, ‘मैं यह बताना चाहता हूं कि यहां खड़ा मेरा भाई उस समय पैलेट गन से घायल हो गया था, जब वह तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध-प्रदर्शन कर रहा था।’

भाजपा ने आरोप खारिज किए

वहीं राहुल गांधी के आरोपों को भाजपा ने संसद में और प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खारिज किया। सरकार ने कहा कि संसद मार्च में गोली नहीं चली। मंत्री फायरिंग का आदेश नहीं दे सकता। यह अधिकार मजिस्ट्रेट का होता है।

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