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छत्तीसगढ़

कांकेर : योग से शारीरिक व मानसिक विकास होता है, इसे जीवन में अपनाएं – मंत्री लखनलाल देवांगन

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सभी वर्ग के लोगों के किया सामूहिक योगाभ्यास

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस
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कांकेर। 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज जिला स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में नगरवासियों से एक साथ योगाभ्यास किया। न्यू कम्युनिटी हॉल कांकेर के परिसर में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर सामूहिक योग में हिस्सा लिए तथा विभिन्न योग मुद्राओं का अभ्यास किया। इस दौरान विधायक कांकेर आशा राम नेताम, नगर पालिका कांकेर अध्यक्ष अरूण कौशिक, पूर्व सांसद मोहन मण्डावी, भारतीय खाद निगम के सदस्य हलधर साहू, प्रभारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ हरेश मण्डावी, डीएफओ रौनक गोयल सहित जनप्रतिनिधियों, जिला स्तरीय अधिकारियों, कर्मचारियों व नागरिकों, छात्र-छात्राओं, भूतपूर्व सैनिको, एनसीसी व एनएसएस के कैडेटों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर योगासन एवं प्राणायाम की विभिन्न मुद्राओं का एक साथ सामूहिक अभ्यास किया।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस
     सामुहिक योगाभ्यास के पश्चात मुख्य अतिथि मंत्री लखन लाल देवांगन ने संबोधित करते हुए कहा कि योग एवं अध्यात्म भारत की प्राचीन परम्परा को सम्पूर्ण विश्व ने अपनाया है। इसे वैश्विक स्तर पर अधिमान्य दिलाने का श्रेय देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जाता है जिनके सद्प्रयासों से यह संभव हो सका। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का प्रयास है कि राज्य के लिए लोग स्वस्थ्य एवं खुशहाल रहे। उन्होंने कहा कि योग से शारीरिक व मानसिक विकास होता है इससे विभिन्न प्रकार के विकार दूर होते हैं, स्वस्थ जीवन के लिए योग बहुत आवश्यक है। वर्तमान परिवेश में व्यस्तता और समयाभाव के चलते लोगों की जीवन शैली विकृत हो चुकी है, जिससे वे विभिन्न बीमारियों का शिकार हो जाते हैं। योग से स्वस्थ तन और मन का सकारात्मक विकास होता है। जिस तरह प्राचीन समय में ऋषि-मुनि अपनी आत्मशक्ति को जागृत कर अलौकिक ऊर्जा को प्राप्त करते थे, उसी तरह हम सबको उनका अनुसरण करने की आवश्यकता है। इस दौरान मंत्री श्री देवांगन ने योग को जीवन का हिस्सा बनाने तथा नशा मुक्त भारत का निर्माण करने का संकल्प भी दिलाया।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विधायक श्री आशाराम नेताम ने लोगों को योग के महत्व के बारे में बताते हुए नियमित रूप से योग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि योग हमारे जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और प्रत्येक व्यक्ति को इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। विधायक श्री नेताम ने कहा कि योग के नियमित अभ्यास से शारीरिक एवं मानसिक विकास होता है तथा व्यक्ति स्वस्थ और निरोग जीवन जी सकता है। उन्होंने सभी नागरिकों से प्रतिदिन योग करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में स्वस्थ जीवनशैली बनाए रखने के लिए योग सबसे प्रभावी माध्यम है। योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा भी प्रदान करता है। कार्यक्रम को महेश जैने ने भी संबोधित किया तथा लोगों को योग को अपने दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की।
यू कम्युनिटी हॉल कांकेर के परिसर में आज सुबह सात बजे सभी उपस्थित अतिथियों के साथ योग प्रशिक्षक मोहन सेनापति, उपेश्वर ठाकुर एवं कुश साहू के द्वारा विभिन्न योग क्रिया जैसे- अर्द्धचक्रासन, ताड़ासन, भुजंगासन, शवासन, वज्रासन, त्रिकोणासन, उत्तानपाद आसन, कटिचक्रासन, अर्धकटिचक्रासन, उष्ट्रासन, दण्डासन, भद्रासन, उत्तानमण्डूकासन, सेतु दण्डासन, पवन मुक्तासन, मक्रासन, प्राणायाम, नाड़ीसोधन सहित विभिन्न योग मुद्रा का अभ्यास कराया गया, साथ ही कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी जैसे विभिन्न प्राणायामों का सामूहिक अभ्यास कराया गया। इसी तरह जिले की सभी जनपद पंचायतों, नगरीय निकायों, विद्यालयों तथा संस्थाओं में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सामूहिक योगाभ्यास का प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर पार्षद श्रीमती उगेश्वरी उईके एवं सकंुतला जैन, दिलीप जायसवाल, राजा देवनानी, पप्पू मोटवानी, राजा पाण्डे, संजय सिन्हा, संजू गोपाल साहू, दिनेश रजक, विजय लक्ष्मी कौशिक, एसडीएम कांकेर अरूण वर्मा सहित वरिष्ठ नागरिकगण तथा काफी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी व छात्र-छात्राएं मौजूद थे।

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कोरबा

Breaking:कटघोरा डीएफओ कुमार निशांत का मरवाही ट्रांसफर

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निशांत का भ्रष्टाचार और तानाशाही से रहा नाता

कोरबा/कटघोरा। करीब 02 साल से अधिक समय तक कटघोरा वनमंडल में पदस्थ रहे आईएफएस कुमार निशांत का स्थानांतरण मरवाही डीएफओ के रूप में हो गया है।
उनके स्थान पर शासन ने आईएफएस जितेन्द्र कुमार उपाध्याय को पोस्टिंग दी है। श्री उपाध्याय इसके पूर्व धरमजयगढ़ में डीएफओ थे।
निशांत का भ्रष्टाचार और तानाशाही से रहा नाता
कटघोरा में पदस्थ कुमार निशांत का कटघोरा डीएफओ बनते ही तानाशाही और भ्रष्टाचार से नाता रहा। कटघोरा डीएफओ रहते कैम्पा मद में भारी गड़बड़ी की शिकायत रही और विधानसभा तक इसकी गूंज रही। एक विधायक के सवाल के जवाब में छत्तीसगढ़ के उन आईएफएस अधिकारियों का नाम वनमंत्री केदार कश्यप ने बताया, जिनके खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत और जांच चल रही है, जिनमें कटघोरा डीएफओ कुमार निशांत का नाम शामिल है। भ्रष्टाचार की शिकायत और जांच चलने के बाद भी कुमार निशांत को सालों तक अभयदान मिलता रहा और काफी समय कटघोरा डीएफओ के रूप में बिताने के बाद 08 अगस्त को उनका स्थानांतरण मरवाही वनमंडल में डीएफओ के रूप में हुआ है। भ्रष्टाचार में जहां वे चर्चा में रहे, वहीं वे तानाशाही के लिए भी चर्चित रहे।
जब जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा-कटघोरा डीएफओ कार्यालय में जा कर लेंगे बैठक
उनकी हिटलरशाही आम जनता के लिए तो चर्चा का विषय रहा ही, वे जनप्रतिनिधियों के निर्देशों की भी अवहेलना करने में भी चर्चित रहे। त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव को एक साल से अधिक हो गए। एक साल में जिला पंचायत की सामान्य सभा जितनी बार हुई, उसमें एक बार भी कटघोरा डीएफओ कुमार निशांत नहीं पहुंचे। जिला पंचायत सीईओ एवं अध्यक्ष डॉ. पवन के निर्देशों को भी वे हवा में उड़ा देते रहे और अपने अधीनस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों के बीच कहते-फिरते रहे कि उनका कोई कुछ बिगाड़ नहीं सकता। हुआ भी यही, वे राजा की तरह दम्भ के साथ कटघोरा में अपना पूरा कार्यकाल बिताया और अब 08 अगस्त को शासन स्तर पर हुए तबादला आदेश में वे मरवाही जा रहे हैं।

एक साल की एक भी सामान्य सभा में डीएफओ कुमार निशांत की उपस्थिति न होने पर कई बार कटघोरा डीएफओ को नोटिस दिया गया, लेकिन कोई प्रभाव नहीं पड़ा, इससे खिन्न हो कर जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह ने कहा कि अबकी बार कटघोरा डीएफओ उपस्थित नहीं होते, तो वे सभी सदस्यों के साथ कटघोरा वनमंडल कार्यालय में डीएफओ की बैठक लेंगे, लेकिन ऐसा नहीं कर सके।
सीएम तक हुई शिकायत, लेकिन नौकरशाही हावी रही
डॉ. पवन सिंह सहित जिला पंचायत सदस्यों, भाजपा नेताओं ने कटघोरा डीएफओ कुमार निशांत की तानाशाही एवं भ्रष्टाचार की शिकायत लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के पास पहुंचे, लेकिन महीनों-महीनों बीत गए, लेकिन उन पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। जिला पंचायत सीईओ के आदेश को मानने के लिए वे अपने आपको बाध्य नहीं मानते थे, क्योंकि वे फ्रेश आईएफएस हैं, जबकि जिला पंचायत सीईओ प्रमोटिव एडीएम/जिला पंचायत सीईओ थे।

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छत्तीसगढ़

सरकारी स्कूल में शिक्षकों की शराब और चिकन पार्टी:सक्ती में छलकाए जाम, ग्रामीणों ने पकड़ा तो हाथ जोड़कर मांगी माफी

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सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से सरकारी स्कूल में शराब और चिकन पार्टी का वीडियो सामने आया है। वीडियो में 5 शिक्षक और 1 स्वीपर स्कूल कैंपस में शराब और चिकन पार्टी करते नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों ने इसका वीडियो बनाया था, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

वीडियो वायरल होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी कुमुदिनी द्विवेदी ने नरेंद्र कुमार लहरें (लेक्चरर), राजू कुमार साहू (लेक्चरर), राजेश धीरी (लेक्चरर), दिनेश चक्रधारी (लेक्चरर), रात्रे (स्वीपर) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

डीईओ ने कहा कि कर्मचारियों से जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामला मालखरौदा ब्लॉक के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल किरारी का है।

छुट्टी के बाद स्कूल में कर रहे थे पार्टी

बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो करीब एक सप्ताह पुराना है। स्कूल की छुट्टी के बाद कुछ शिक्षक और स्वीपर परिसर में शराब और नॉनवेज के साथ पार्टी कर रहे थे। इसी दौरान कुछ ग्रामीण वहां पहुंच गए और उन्होंने पूरी घटना का वीडियो बना लिया।

वायरल वीडियो में टेबल पर शराब की बोतल और प्लेट में नॉनवेज साफ नजर आ रहा है। वहीं, गिलास में शराब का पैक भी दिखाई दे रहा है। वीडियो में कुछ शिक्षक टेबल के आसपास बैठे हुए नजर आ रहे हैं।

ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर किया वायरल

ग्रामीणों ने स्कूल परिसर में पार्टी का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। इसके बाद वीडियो तेजी से वायरल हो गया। ग्रामीणों का दावा है कि इससे पहले भी शिक्षक स्कूल कैंपस में इस तरह की पार्टी कर चुके हैं।

5 शिक्षकों और स्वीपर को नोटिस

जिला शिक्षा अधिकारी कुमुदिनी द्विवेदी ने मामले में एक्शन लेते हुए वीडियो में नजर आ रहे पांच शिक्षकों और एक स्वीपर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सभी को तीन दिन के भीतर अपना जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।

शिक्षा विभाग ने संबंधित कर्मचारियों से घटना को लेकर अपना पक्ष मांगा है। जवाब मिलने के बाद मामले की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

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छत्तीसगढ़ में 24 IFS अधिकारियों का ट्रांसफर:गणवीर धम्मशील बने वन विभाग के विशेष सचिव, कई जिलों के DCF और CCF बदले

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ वन विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। शासन ने 24 IFS अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापनाओं के आदेश जारी किए हैं। अधिकारियों को अलग-अलग वनमंडलों और विभागीय संस्थानों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

जारी आदेश के मुताबिक, गणवीर धम्मशील को वन और जलवायु परिवर्तन विभाग का विशेष सचिव बनाया गया है। जबकि उत्तम कुमार गुप्ता को इंद्रावती टाइगर रिजर्व का प्रभारी मुख्य वन संरक्षक (CCF) बनाया गया है।

दुलेश्वर प्रसाद साहू को मनेन्द्रगढ़ वनमंडल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पंकज राजपूत को रायपुर का नया वन उप संरक्षक (DCF) बनाया गया है। प्रभाकर खलखो को सरगुजा कार्य आयोजना वनमंडल का प्रभारी वन संरक्षक बनाया गया है।

वन विकास निगम में 3 अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति

संजय यादव, गीष्मी चांद और ऋषभ जैन को छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम में प्रतिनियुक्ति दी गई है। वहीं, पंकज कुमार कमल को वन विकास निगम से वापस लेते हुए बलौदाबाजार वन उप संरक्षक बनाया गया है।

लघु वनोपज संघ और PCCF कार्यालय में भी बदलाव

अभिषेक जोगावत को छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ में उप महाप्रबंधक की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं रौनक गोयल को PCCF कार्यालय में वन उप संरक्षक बनाया गया है।

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