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बैटरी कारोबारी ने पत्नी-3 बच्चों को जहर देकर फांसी लगाई:बदबू आने पर पता चला, कमरे में कीटनाशक मिला, कर्ज-EMI के दबाव में था

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रायपुर, एजेंसी। रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र के संजय नगर में शुक्रवार रात बैटरी कारोबारी सय्यद शाहिद उर्फ सज्जू (45) ने अपनी पत्नी और तीन बच्चों को खाने में जहर दे दिया। इसके बाद उसने खुद फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली।

घटना में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस, फोरेंसिक टीम और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। शुरुआती जांच में मृतकों के मुंह से झाग निकलता मिला है। कमरे से खाने-पीने का सामान और एक कीटनाशक का डिब्बा भी बरामद हुआ है। पुलिस ने देर रात तक घटनास्थल की जांच कर साक्ष्य जुटाए और इसके बाद मकान को सील कर दिया।

पुलिस की शुरुआती जांच और परिजनों से पूछताछ में सामने आया है कि बैटरी कारोबारी साजिद पर करीब 20 लाख रुपए का कर्ज था। वह मौदहापारा इलाके में बैटरी रिपेयरिंग का काम करता था और लंबे समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। शनिवार को फोरेंसिक टीम की दोबारा घर पहुंची। टीम ने घटनास्थल से सबूत जुटाए हैं।

कारोबारी का शव किचन में लटका हुआ मिला।

कारोबारी का शव किचन में लटका हुआ मिला।

कारोबारी की पत्नी-बच्चों का शव जमीन में पड़ा हुआ मिला।

कारोबारी की पत्नी-बच्चों का शव जमीन में पड़ा हुआ मिला।

कारोबारी की पत्नी-बच्चों का शव जमीन में पड़ा हुआ मिला।

कारोबारी की पत्नी-बच्चों का शव जमीन में पड़ा हुआ मिला।

सय्यद शाहिद उर्फ सज्जू (45) ने अपनी पत्नी और तीन बच्चों को खाने में जहर दे दिया। खुद भी फांसी लगा ली।

सय्यद शाहिद उर्फ सज्जू (45) ने अपनी पत्नी और तीन बच्चों को खाने में जहर दे दिया। खुद भी फांसी लगा ली।

उधारी और EMI के दबाव में था कारोबारी

साजिद मौदहापारा इलाके में बैटरी रिपेयरिंग का काम करता था और लंबे समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। बैंक की ईएमआई के साथ निजी उधारी का दबाव भी लगातार बढ़ता जा रहा था।

परिजनों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, कर्ज की वसूली के लिए लोग अक्सर उसके घर पहुंचते थे, जिससे परिवार में तनाव और विवाद की स्थिति बनी रहती थी। पुलिस इस आर्थिक दबाव को घटना की एक प्रमुख वजह मानकर जांच कर रही है।

क्या है पूरा मामला

पुलिस के मुताबिक, संजय नगर निवासी सय्यद उमेर अली के मकान में सय्यद शाहिद उर्फ सज्जू (45) पिछले आठ महीने से किराए पर रह रहा था। उसके साथ पत्नी राबिया, बेटा इरशाद अली (19), बेटी शाहिदा (17) और इरशाबा बेगम (16) भी रहती थीं।

शाहिद पुरानी बैटरियों की खरीद-बिक्री का कारोबार करता था, जबकि उसका बेटा एक निजी कंपनी में नौकरी करता था।

पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर जांच करते हुए।

पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर जांच करते हुए।

घर के अंदर से सड़न की बदबू आ रही थी

गुरुवार शाम के बाद परिवार के किसी सदस्य को किसी ने नहीं देखा। शुक्रवार को पूरे दिन घर का दरवाजा बंद रहा। घर में रहने वाले दूसरे किराएदारों के यहां भी परिवार का कोई सदस्य नहीं गया। शाहिद के घर का गेट नहीं खुलने पर पड़ोसियों ने आवाज लगाई, तो कोई हलचल नहीं मिली।

पड़ोसी घर के बाहर पहुंचे, तो अंदर से सड़न की बदबू आ रही थी। पड़ोसियों ने रात करीब 10 बजे पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर टिकरापारा पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर घर के भीतर दाखिल हुई।

परिवार 8 महीने पहले किराए के मकान में रहने आया था।

परिवार 8 महीने पहले किराए के मकान में रहने आया था।

पत्नी, बेटा-बेटी के शव जमीन पर पड़े थे

अंदर का दृश्य देखकर पुलिसकर्मी भी सन्न रह गए। कारोबारी शाहिद का शव कमरे में फंदे से लटका हुआ था, जबकि उसकी पत्नी, बेटा और दोनों बेटियों के शव जमीन पर पड़े थे। उनके मुंह से झाग निकला हुआ था। पुलिस का अनुमान है कि यह घटना गुरुवार देर रात हुई है। पांचों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं।

खाने में जहर देने की आशंका

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि मृतकों के मुंह से झाग निकल रहा था। कमरे में खाने-पीने का सामान और एक कीटनाशक का डिब्बा भी मिला है। इससे आशंका जताई जा रही है कि शाहिद ने पहले खाने में जहर मिलाकर पत्नी और बच्चों को खिलाया, जिससे उनकी मौत हो गई।

इसके बाद उसने खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि पुलिस का कहना है कि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

घटना की जानकारी होने पर मोहल्ले के लोग बडी संख्या में इकट्‌ठा हो गए।

घटना की जानकारी होने पर मोहल्ले के लोग बडी संख्या में इकट्‌ठा हो गए।

भाई ने की शवों की पहचान

शाहिद के भाई जहीर अली रायपुर के कुकरीपारा इलाके में रहता है। उसी ने पांचों शवों की पहचान की। पुलिस मकान मालिक सय्यद उमेर अली से भी पूछताछ कर रही है। उमेर पूर्व महापौर एजाज ढेबर के निजी सचिव रह चुके हैं।

शव को पीएम के लिए लेकर जाते हुए पुलिसकर्मी-मेडिकल स्टॉफ।

शव को पीएम के लिए लेकर जाते हुए पुलिसकर्मी-मेडिकल स्टॉफ।

बेटियों के नहीं दिखने पर बढ़ा शक

मोहल्ले के लोगों ने बताया कि मकान की पहली मंजिल पर रहने वाले दूसरे किरायेदार के घर शाहिद की दोनों बेटियां अक्सर आती-जाती थीं। गुरुवार रात के बाद वे दिखाई नहीं दीं। शुक्रवार को भी जब बच्चियां नजर नहीं आईं तो पड़ोसियों को संदेह हुआ।

उन्होंने कई बार दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद मकान मालिक को बुलाया गया और पुलिस को सूचना दी गई।

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छत्तीसगढ़

सक्ती में खुलेगा कृषि विज्ञान केंद्र:छत्तीसगढ़ के लिए 3.65 लाख नए पीएम आवास मंजूर, 2 लाख परिवारों का एकसाथ गृह प्रवेश

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सक्ती। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण आवास योजना को बड़ा विस्तार मिला है। केंद्र सरकार ने प्रदेश के लिए ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण’ (पीएमएवाय-जी) के तहत 3.65 लाख अतिरिक्त आवासों की मंजूरी दी है। सक्ती जिले में आयोजित ‘प्रधानमंत्री आवास गृह प्रवेश’ और ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह घोषणा की और स्वीकृति पत्र मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को सौंपा।

इस अवसर पर प्रदेश भर में नवनिर्मित 2 लाख आवासों में हितग्राहियों का एक साथ गृह प्रवेश कराया गया और उन्हें चाबियां सौंपी गईं। चौहान ने सक्ती जिले में कृषि विज्ञान केंद्र खोलने तथा बस्तर संभाग में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के सर्वे की समय-सीमा 31 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाने की घोषणा भी की।

चौहान ने कहा कि प्रदेश में प्रतिदिन 1,600 से अधिक पीएम आवास बनकर तैयार हो रहेहैं। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से ग्रामीण क्षेत्रों में आवास के साथ सड़क, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़ी सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है।

गरीब का पक्का घर सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि गरीब परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। राज्य सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति देकर अपनी प्राथमिकता स्पष्ट कर दी थी। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 11.50 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए जा चुके हैं।

कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे: शर्मा

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है। गांवों में शिक्षा, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत बनाने की दिशा में भी तेजी से कार्य हो रहा है।

कका और कांग्रेस ने राज्य को तबाह किया: चौहान

केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस और ‘कक्का’(कका) ने मिलकर छत्तीसगढ़ को तबाह कर दिया। उन्होंने सक्ती जिले में शामिल होने से पहले रायपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा के दौरान यह बात कही।

चौहान ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा गरीबों के आवास के लिए भेजी गई राशि को कांग्रेस सरकार ने दबाकर रखा और प्रदेश के जरूरतमंदों को पक्के मकानों से वंचित किया। उन्होंने याद दिलाया कि गरीबों के हक के लिए भाजपा ने ‘मोर आवास मोर अधिकार’ आंदोलन चलाया था, जिसमें कार्यकर्ताओं ने लाठियां तक खाईं।

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छत्तीसगढ़

CGPSC केस, भूपेश के OSD रहे एडिशनल कलेक्टर गिरफ्तार:दावा- उत्कर्ष चंद्राकर के साथ वॉट्सऐप चैट मिली, ED को 6 दिन की रिमांड

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित CGPSC घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने चेतन बोरघारिया को 6 दिन की ED रिमांड पर भेज दिया है।

ED ने कोर्ट में CGPSC घोटाले के आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर के साथ चेतन बोरघारिया की वॉट्सऐप चैट मिलने की जानकारी दी। इसी आधार पर कोर्ट ने पूछताछ के लिए ED को उनकी 6 दिन की रिमांड दी है। अब ED उनसे CGPSC गड़बड़ी मामले में पूछताछ करेगी। चेतन बोरघरिया पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के OSD के रूप में काम कर चुके हैं।

बता दें कि 6 दिन पहले ED ने घोटाले में आरोपी कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर को कोर्ट में पेश किया था। ED ने आरोपी उत्कर्ष की रिमांड बढ़ाने के लिए आवेदन नहीं दिया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी उत्कर्ष को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

ED ने बलरामपुर-रामानुजगंज के एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया को गिरफ्तार किया।

ED ने बलरामपुर-रामानुजगंज के एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया को गिरफ्तार किया।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 10 दिन पहले ही धमतरी और बलरामपुर में कार्रवाई की थी। धमतरी में एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघरिया के अमलतास पुरम स्थित घर पर टीम ने छापा मारा गया, जबकि बलरामपुर में भी उनसे पूछताछ की गई थी।

इधर, CGPSC घोटाले की जांच में कैंडिडेट्स को परीक्षा के पेपर उपलब्ध कराने के नाम पर लाखों रुपए लेने की बात सामने आई है। ED के वकील सौरभ पांडेय के मुताबिक, मामले में गिरफ्तार उत्कर्ष चंद्राकर की भूमिका अभ्यर्थियों तक प्रीलिम्स और मेन्स के पेपर पहुंचाने से जुड़ी थी।

10 दिन पहले ईडी ने एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया के ठिकानों पर रेड मारी थी।

10 दिन पहले ईडी ने एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया के ठिकानों पर रेड मारी थी।

नौकरी दिलाने का दावा, 3 करोड़ से ज्यादा वसूली

जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर ने मेडिकल ऑफिसर डॉ. विकास चंद्राकर के साथ मिलकर अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी दिलाने का कथित नेटवर्क तैयार किया था।

अभ्यर्थियों को परीक्षा के अलग-अलग चरणों में मदद और प्री परीक्षा से इंटरव्यू तक सफलता की गारंटी देने का दावा किए जाने की बात सामने आई है। इसके बदले कैंडिडेट्स से 3 करोड़ रुपए से अधिक रकम वसूले जाने का दावा किया गया है।

ED ने इससे पहले कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर को अरेस्ट किया गया था।

ED ने इससे पहले कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर को अरेस्ट किया गया था।

पूर्व CM के PA और OSD के नाम का इस्तेमाल

जांच एजेंसी का दावा है कि, उत्कर्ष चंद्राकर ने कैंडिडेट्स से पैसे जुटाने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री के निजी सहायक (PA) और अपने मामा के.के. चंद्रवंशी के नाम, पद और प्रभाव का इस्तेमाल किया। इसके साथ ही तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय में पदस्थ रहे OSD के नाम और प्रभाव का भी इस्तेमाल कर अभ्यर्थियों को प्रभावित करने की बात सामने आई है।

जानिए क्या है CGPSC घोटाला

यह मामला 2020 से 2022 के बीच हुई भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ा है। आरोप है कि आयोग की परीक्षाओं और इंटरव्यू में पारदर्शिता को दरकिनार कर राजनीतिक और प्रशासनिक रसूख वाले परिवारों के उम्मीदवारों को उच्च पदों पर चयनित किया गया।

इस दौरान योग्य अभ्यर्थियों की अनदेखी कर डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी और अन्य राजपत्रित पदों पर अपने नजदीकी लोगों को पद दिलवाने का खेल हुआ। प्रदेश सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी। जांच एजेंसी ने छापेमारी में कई दस्तावेज और आपत्तिजनक साक्ष्य बरामद किए हैं।

इस घोटाले में सीबीआई ने तत्कालीन सीजीपीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, उप परीक्षा नियंत्रक, चार चयनित अभ्यर्थियों और एक निजी व्यक्ति को पहले ही गिरफ्तार किया था। वहीं प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी इस मामले की जांच में जुटी है।

एजेंसी ने कथित कैश सिंडिकेट की पड़ताल के लिए करीब 30 लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया था। इनमें विवादित अभ्यर्थियों के साथ एनजीओ, एक बड़ी कंपनी और रिसार्ट संचालकों से जुड़े लोग भी शामिल हैं। ईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर अभ्यर्थियों से वसूली गई रकम कहां से आई और किन लोगों तक पहुंचाई गई।

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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के 3 नेताओं को दिल्ली बुलाया गया:राष्ट्रीय सचिव की रेस में कोको पाढ़ी, नरेश ठाकुर और दीपक मिश्रा, तीनों का हुआ इंटरव्यू

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के 3 नेता कोको पाढ़ी, नरेश ठाकुर और दीपक मिश्रा को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) में राष्ट्रीय सचिव पद के चयन की प्रक्रिया के तहत दिल्ली बुलाया गया है। तीनों नेताओं के इंटरव्यू राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से लिए जा रहे हैं।

दिल्ली बुलाए जाने के बाद अब नजर इस बात पर है कि इनमें से किसे राष्ट्रीय संगठन में जिम्मेदारी मिलती है। हालांकि अभी किसी नेता की नियुक्ति तय नहीं हुई है। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।

राहुल-प्रियंका समेत राष्ट्रीय नेतृत्व ले रहा इंटरव्यू

जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय सचिवों के चयन की प्रक्रिया में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की भूमिका है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल समेत राष्ट्रीय नेतृत्व इस प्रक्रिया से जुड़ा है।

छत्तीसगढ़ से 3 नेताओं को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाना इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे प्रदेश के नेताओं की राष्ट्रीय संगठन में भूमिका बढ़ने की संभावना बनी है।

कोको पाढ़ी, नरेश ठाकुर और दीपक मिश्रा को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) में राष्ट्रीय सचिव पद के चयन की प्रक्रिया के तहत दिल्ली बुलाया गया है।

कोको पाढ़ी, नरेश ठाकुर और दीपक मिश्रा को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) में राष्ट्रीय सचिव पद के चयन की प्रक्रिया के तहत दिल्ली बुलाया गया है।

चयन हुआ तो प्रदेश से राष्ट्रीय संगठन में बढ़ेगी हिस्सेदारी

तीनों नेताओं के पास युवा कांग्रेस, प्रदेश कांग्रेस और राष्ट्रीय संगठन में काम करने का अनुभव है। ऐसे में राष्ट्रीय सचिव के लिए इंटरव्यू तक पहुंचना ही प्रदेश कांग्रेस के भीतर महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

अगर इनमें से किसी नेता का चयन होता है तो छत्तीसगढ़ कांग्रेस को राष्ट्रीय संगठन में नई जिम्मेदारी मिलने के साथ प्रदेश के युवा नेताओं की राष्ट्रीय स्तर पर भूमिका भी बढ़ सकती है। फिलहाल सभी की नजर दिल्ली में चल रही चयन प्रक्रिया और उसके नतीजे पर है।

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